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मुंगेर में शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ अपना विरोध जताते हुए जमकर नारेबाजी की।
Gaurav Kumar Mishra
मुंगेर में शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ अपना विरोध जताते हुए जमकर नारेबाजी की।
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- मुंगेर के जमालपुर नगर स्थित जुबली वेल परिसर में गुरुवार को महागठबंधन के बैनर तले एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता इंडियन इन्क्लूसिव पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं जमालपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व महागठबंधन प्रत्याशी नरेंद्र कुमार तांती ने की, जबकि इसका संचालन वरीय राजद नेता मंटू यादव ने किया। धरना-प्रदर्शन के माध्यम से जमालपुर क्षेत्र की लंबे समय से लंबित विभिन्न जनोपयोगी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सरकार और प्रशासन से गंभीर पहल करने की मांग की गई। इसके साथ ही, नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन को भी महागठबंधन की ओर से पूर्ण समर्थन दिया गया। इस मौके पर मो. कौशर फैयाज, जितेंद्र कुशवाहा, अनिल भूषण, इंद्रदेव दास, अजय यादव, कांग्रेस नेता दीपक पासवान, निरंजन तिवारी और इंद्रदेव मंडल सहित कई अन्य नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- मुंगेर में नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों ने शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट मार्च निकाला। यह मार्च आर डी एन डी जे कॉलेज से शुरू होकर समाहरणालय तक पहुंचा। इस प्रदर्शन में भारी संख्या में छात्र उपस्थित रहे और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।1
- खगड़िया के पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह जी ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। इस संबंध में वे क्या जानकारी दे रहे हैं और क्या कह रहे हैं, उसे लेकर उन्होंने अपना वक्तव्य सामने रखा है, जिसे सीधे सुना जा सकता है।1
- खगड़िया के गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त होने के बाद गुरुवार को इलाज कराने के लिए मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इससे पहले बुधवार को डॉक्टरों की हड़ताल के कारण ओपीडी सेवा पूरी तरह बाधित रही थी, जिससे बड़ी संख्या में मरीज बिना इलाज कराए वापस लौटने को मजबूर हुए थे। हड़ताल खत्म होते ही गुरुवार सुबह से ही मरीज अस्पताल पहुंचने लगे और देखते ही देखते ओपीडी के बाहर लंबी कतारें लग गईं। दोपहर दो बजे तक ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं और परिसर में दिनभर चहल-पहल बनी रही। भीड़ को देखते हुए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने लगातार मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श और दवाइयां उपलब्ध कराईं। अस्पताल प्रशासन ने भी बढ़ी हुई भीड़ के बीच मरीजों को व्यवस्थित तरीके से इलाज उपलब्ध कराने का प्रयास किया, जिससे दिनभर अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही जारी रही।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर और पटना के डाकबंगला चौराहा पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को मुंगेर के जमालपुर में विशाल प्रोटेस्ट मार्च निकाला गया। विपक्षी दलों, सामाजिक, व्यावसायिक, महिला एवं छात्र संगठनों के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित इस मार्च में शहर के सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया और छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारी हाथों में तिरंगा झंडा, महापुरुषों की तस्वीरें और अपनी मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर शहर के व्यावसायिक केंद्र बराट चौक से जुलूस के रूप में निकले। यह मार्च स्टेशन मोड़, जुबली वेल, अवंतिका मोड़, शनि मंदिर, सदर फाड़ी, जनता मोड़ और भारत माता चौक होते हुए छह नंबर गेट पहुंचा, जहां डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के सामने इसका समापन किया गया। जुलूस में शामिल लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और निर्दोष छात्रों पर लाठीचार्ज बंद कर उनके हितों की रक्षा करने की मांग की। इस मार्च में कांग्रेस नगर अध्यक्ष साईं शंकर, राजद नगर अध्यक्ष बमबम यादव, आईआईपी युवा जिला अध्यक्ष मयंक राज उर्फ छोटू, कामरेड मुरारी प्रसाद, एसयूसीआई प्रखंड अध्यक्ष सकीचन मंडल, प्रमोद कुमार, डीवाईओ विकास कुमार, सपा प्रदेश महासचिव रविकांत झा, सपा मीडिया प्रभारी मनोज क्रांति, ऑल इंडिया अप्रेंटिस एसोसिएशन के अध्यक्ष चंदन पासवान, महिला संस्कृति संगठन की रेणु, अंजलि, राजेश्री कुमारी, विभा देवी, कुमारी शांभवी और केंद्रीय विसर्जन समिति के अध्यक्ष बबलू पासवान सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।1
- दिल्ली में छात्रों पर हुए बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज के विरोध में जमालपुर वासियों ने अनोखे अंदाज में अपना विरोध जताया है। दिल्ली की घटना का जवाब गांधीगीरी से देते हुए स्थानीय युवाओं और छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक दिया। इस प्रदर्शन के दौरान हाथों में तिरंगा झंडा और बाबा साहब की तस्वीर लिए लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी नाराजगी जाहिर की। इस विरोध प्रदर्शन की खास बात यह रही कि युवाओं और छात्रों के कदम से कदम मिलाकर महिलाओं ने भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जमालपुर के लोगों ने एकजुट होकर गांधीवादी रास्ते पर चलते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाई और छात्रों पर हुई बर्बरता का कड़ा जवाब दिया।1