logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से वापस लौट रहे एक पत्रकार पर जानलेवा हमला हुआ है। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

2 hrs ago
user_Shivaji Sonkar
Shivaji Sonkar
Social Media Manager हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago
87d45dde-6118-4b1c-aa08-36980894072c

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से वापस लौट रहे एक पत्रकार पर जानलेवा हमला हुआ है। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • अयोध्या के जिला अस्पताल में नशे में धुत एक वार्ड बॉय पर दो सफाई कर्मियों को जातिसूचक गालियां देने, उनके साथ मारपीट करने और सुरक्षा गार्डों से भी मारपीट करने का आरोप लगा है। इस मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने आरोपी वार्ड बॉय का शांति भंग में चालान किया है। शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड ड्यूटी रूम में आउटसोर्स पर कार्यरत सफाई कर्मी रामपलट और गोविंद यादव सफाई कर रहे थे। तभी वार्ड बॉय सत्यम सिंह अपने पांच-छह साथियों के साथ वहां पहुंचा और सफाई कर्मियों को देखते ही जातिसूचक गालियां देते हुए लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया। बीच-बचाव होने पर आरोपी धमकी देते हुए भाग निकले। यह पूरी घटना अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। वारदात के बाद सफाई कर्मियों ने रात में ही पुलिस को शिकायत दी और सुबह कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए, जिसे अस्पताल के अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त किया गया। पुलिस को शिकायत पत्र देने वालों में नीलम, मीना, धनदेई, रामचरण, इन्दुमती, रीता और ममता शामिल रहे। इसके अलावा, आरोपी वार्ड बॉय पर इमरजेंसी ओपीडी में भी हंगामा करने का आरोप है। वहां जब अस्पताल की सुरक्षा में तैनात गार्डों ने उसे समझाने का प्रयास किया, तो आरोपी ने उनके साथ भी मारपीट की, जिसमें मकसूद नाम के गार्ड के साथ मारपीट की गई।
    2
    अयोध्या के जिला अस्पताल में नशे में धुत एक वार्ड बॉय पर दो सफाई कर्मियों को जातिसूचक गालियां देने, उनके साथ मारपीट करने और सुरक्षा गार्डों से भी मारपीट करने का आरोप लगा है। इस मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने आरोपी वार्ड बॉय का शांति भंग में चालान किया है।

शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड ड्यूटी रूम में आउटसोर्स पर कार्यरत सफाई कर्मी रामपलट और गोविंद यादव सफाई कर रहे थे। तभी वार्ड बॉय सत्यम सिंह अपने पांच-छह साथियों के साथ वहां पहुंचा और सफाई कर्मियों को देखते ही जातिसूचक गालियां देते हुए लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया। बीच-बचाव होने पर आरोपी धमकी देते हुए भाग निकले। यह पूरी घटना अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। वारदात के बाद सफाई कर्मियों ने रात में ही पुलिस को शिकायत दी और सुबह कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए, जिसे अस्पताल के अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त किया गया। पुलिस को शिकायत पत्र देने वालों में नीलम, मीना, धनदेई, रामचरण, इन्दुमती, रीता और ममता शामिल रहे।

इसके अलावा, आरोपी वार्ड बॉय पर इमरजेंसी ओपीडी में भी हंगामा करने का आरोप है। वहां जब अस्पताल की सुरक्षा में तैनात गार्डों ने उसे समझाने का प्रयास किया, तो आरोपी ने उनके साथ भी मारपीट की, जिसमें मकसूद नाम के गार्ड के साथ मारपीट की गई।
    user_Varun kumar
    Varun kumar
    Local News Reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    34 min ago
  • अम्बेडकर नगर में 11 जुलाई की शाम को हुई तेज बारिश के कारण दिन भर बिजली की लाइन नहीं आई। बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप रहने की वजह से क्षेत्र की आम जनता को भारी समस्या का सामना करना पड़ा।
    1
    अम्बेडकर नगर में 11 जुलाई की शाम को हुई तेज बारिश के कारण दिन भर बिजली की लाइन नहीं आई। बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप रहने की वजह से क्षेत्र की आम जनता को भारी समस्या का सामना करना पड़ा।
    user_Vinod Vindia
    Vinod Vindia
    टांडा, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • अयोध्या के प्रेस क्लब में भारतीय स्वर्ण समाज पार्टी की एक चिंतन-मंथन बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन का विस्तार करना और बूथ स्तर तक जाकर कार्यकर्ताओं को मजबूत बनाना है। बैठक में मौजूद पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं है, बल्कि वे स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, महंगाई और बेरोजगारी जैसे जनहित के गंभीर मुद्दों को मजबूती से उठाना चाहते हैं। इसके साथ ही, सभी समाजों को एक सूत्र में पिरोकर एक सशक्त संगठन तैयार करने पर भी विशेष बल दिया गया।
    1
    अयोध्या के प्रेस क्लब में भारतीय स्वर्ण समाज पार्टी की एक चिंतन-मंथन बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन का विस्तार करना और बूथ स्तर तक जाकर कार्यकर्ताओं को मजबूत बनाना है। बैठक में मौजूद पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं है, बल्कि वे स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, महंगाई और बेरोजगारी जैसे जनहित के गंभीर मुद्दों को मजबूती से उठाना चाहते हैं। इसके साथ ही, सभी समाजों को एक सूत्र में पिरोकर एक सशक्त संगठन तैयार करने पर भी विशेष बल दिया गया।
    user_Arvind Kumar yadav
    Arvind Kumar yadav
    Media company फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में आज बाराबंकी सदर के सपा नेता विधायक सुरेश यादव जी के नेतृत्व में 'गौ रक्षा धर्म यात्रा' निकाली जा रही है। इस यात्रा में साधु और सन्यासी भी भाग ले रहे हैं। यह आयोजन बाराबंकी के बड़ेल में शांति पैलेस नहर के पास हो रहा है, जिसमें शामिल होने के लिए लोगों को सादर आमंत्रित किया गया है।
    1
    उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में आज बाराबंकी सदर के सपा नेता विधायक सुरेश यादव जी के नेतृत्व में 'गौ रक्षा धर्म यात्रा' निकाली जा रही है। इस यात्रा में साधु और सन्यासी भी भाग ले रहे हैं। यह आयोजन बाराबंकी के बड़ेल में शांति पैलेस नहर के पास हो रहा है, जिसमें शामिल होने के लिए लोगों को सादर आमंत्रित किया गया है।
    user_Aaj Subah Times
    Aaj Subah Times
    पत्रकार Ayodhya, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • अयोध्या के फैजाबाद में पत्रकारों के तीखे सवालों के बीच विपक्ष के कनेक्शन को लेकर घिरे लोग कोई भी ठोस सबूत पेश नहीं कर पाए हैं। पत्रकारों द्वारा पूछे गए तीखे सवालों के सामने जब विपक्ष के कनेक्शन का मुद्दा उठा, तो वे पूरी तरह घिर गए और इस संबंध में कोई भी ठोस प्रमाण देने में पूरी तरह असमर्थ रहे।
    1
    अयोध्या के फैजाबाद में पत्रकारों के तीखे सवालों के बीच विपक्ष के कनेक्शन को लेकर घिरे लोग कोई भी ठोस सबूत पेश नहीं कर पाए हैं। पत्रकारों द्वारा पूछे गए तीखे सवालों के सामने जब विपक्ष के कनेक्शन का मुद्दा उठा, तो वे पूरी तरह घिर गए और इस संबंध में कोई भी ठोस प्रमाण देने में पूरी तरह असमर्थ रहे।
    user_आपकी ताकत अयोध्या
    आपकी ताकत अयोध्या
    Local News Reporter Faizabad, Ayodhya•
    3 hrs ago
  • बस्ती के कप्तानगंज रेंज के अंतर्गत कचौलिया और रैकवार मार्ग पर वन विभाग की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता का एक बड़ा मामला सामने आया है। बीती 11 जुलाई की रात को आई तेज आंधी-पानी के कारण कचौलिया फार्म के समीप एक विशालकाय पेड़ गिर गया, जो आज भी आधी सड़क को घेरे हुए है। 12 जुलाई का दिन ढलने को आ गया है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की नींद अब तक नहीं टूटी है, जिससे यह मार्ग राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। इस व्यस्त मार्ग से हर पल लोगों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन सड़क पर गिरी पेड़ की टहनियां और झाड़ियां अंधेरे में दिखाई नहीं देतीं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ गया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग को इस संबंध में सूचना दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे विभाग के अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी या हादसे का इंतजार कर रहे हैं। वन विभाग की इस उदासीनता से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने तीखे शब्दों में मांग की है कि युद्धस्तर पर कार्रवाई करते हुए अविलंब इस पेड़ को सड़क से हटाकर यातायात को सुचारू किया जाए। इसके साथ ही, इतने घंटों तक सड़क को बाधित छोड़ने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कब जागता है या फिर जनता को खुद अपनी जान जोखिम में डालकर कोई कदम उठाना पड़ेगा।
    1
    बस्ती के कप्तानगंज रेंज के अंतर्गत कचौलिया और रैकवार मार्ग पर वन विभाग की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता का एक बड़ा मामला सामने आया है। बीती 11 जुलाई की रात को आई तेज आंधी-पानी के कारण कचौलिया फार्म के समीप एक विशालकाय पेड़ गिर गया, जो आज भी आधी सड़क को घेरे हुए है। 12 जुलाई का दिन ढलने को आ गया है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की नींद अब तक नहीं टूटी है, जिससे यह मार्ग राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है।

इस व्यस्त मार्ग से हर पल लोगों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन सड़क पर गिरी पेड़ की टहनियां और झाड़ियां अंधेरे में दिखाई नहीं देतीं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ गया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग को इस संबंध में सूचना दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे विभाग के अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी या हादसे का इंतजार कर रहे हैं।

वन विभाग की इस उदासीनता से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने तीखे शब्दों में मांग की है कि युद्धस्तर पर कार्रवाई करते हुए अविलंब इस पेड़ को सड़क से हटाकर यातायात को सुचारू किया जाए। इसके साथ ही, इतने घंटों तक सड़क को बाधित छोड़ने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कब जागता है या फिर जनता को खुद अपनी जान जोखिम में डालकर कोई कदम उठाना पड़ेगा।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • गाजियाबाद के एक स्पा सेंटर में हुई छापेमारी और उसके बाद पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई ने कानून और समानता के दावों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस स्पा सेंटर से पुलिस ने कथित तौर पर 'सेक्स रैकेट' चलाने के आरोप में 23 लड़कियों और 5 लड़कों को हिरासत में लिया था। लेकिन असली खेल थाने के भीतर देखने को मिला, जहां पुलिस ने इस मामले में बेहद ही पक्षपातपूर्ण और दोहरा रवैया अपनाया। हिरासत में लिए जाने के बाद, पुलिस ने लड़कियों को सिर्फ पूछताछ करके और चेतावनी देकर घर भेज दिया, जबकि हिरासत में लिए गए लड़कों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनका चालान काट दिया गया। इस सिलेक्टिव कार्रवाई पर तीखे सवाल उठाते हुए अजीत मिश्रा (खोजी) ने पूछा है कि अगर कानून सबके लिए समान है, तो यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है? क्या अपराध की परिभाषा जेंडर यानी लिंग के आधार पर बदल जाती है? अगर यह वास्तव में एक रैकेट था, तो इसमें शामिल हर व्यक्ति—चाहे वह लड़का हो या लड़की—बराबर का गुनहगार क्यों नहीं है? पुलिस की इस कार्रवाई को 'पितृसत्तात्मक' सोच का चश्मा बताते हुए यह सवाल उठाया गया है कि क्या लड़कियां हमेशा सिर्फ 'विक्टिम' ही होती हैं? महिलाओं के प्रति इस तरह का नरम रुख अपनाकर पुलिस असल में उन महिलाओं के साथ न्याय नहीं कर रही है जो शायद अपनी मर्जी से इस काम में थीं, बल्कि वह कानूनी प्रक्रिया का मजाक उड़ा रही है। कानून का काम निष्पक्ष होना है, न कि किसी की दया पर फैसला सुनाना। इस तरह का दोहरा रवैया न्याय व्यवस्था से भरोसा कम करता है और साबित करता है कि समानता सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। न्याय का तराजू संतुलित होना चाहिए, जो किसी के जेंडर या प्रभाव के बोझ से न झुके।
    1
    गाजियाबाद के एक स्पा सेंटर में हुई छापेमारी और उसके बाद पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई ने कानून और समानता के दावों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस स्पा सेंटर से पुलिस ने कथित तौर पर 'सेक्स रैकेट' चलाने के आरोप में 23 लड़कियों और 5 लड़कों को हिरासत में लिया था। लेकिन असली खेल थाने के भीतर देखने को मिला, जहां पुलिस ने इस मामले में बेहद ही पक्षपातपूर्ण और दोहरा रवैया अपनाया।

हिरासत में लिए जाने के बाद, पुलिस ने लड़कियों को सिर्फ पूछताछ करके और चेतावनी देकर घर भेज दिया, जबकि हिरासत में लिए गए लड़कों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनका चालान काट दिया गया। इस सिलेक्टिव कार्रवाई पर तीखे सवाल उठाते हुए अजीत मिश्रा (खोजी) ने पूछा है कि अगर कानून सबके लिए समान है, तो यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है? क्या अपराध की परिभाषा जेंडर यानी लिंग के आधार पर बदल जाती है? अगर यह वास्तव में एक रैकेट था, तो इसमें शामिल हर व्यक्ति—चाहे वह लड़का हो या लड़की—बराबर का गुनहगार क्यों नहीं है?

पुलिस की इस कार्रवाई को 'पितृसत्तात्मक' सोच का चश्मा बताते हुए यह सवाल उठाया गया है कि क्या लड़कियां हमेशा सिर्फ 'विक्टिम' ही होती हैं? महिलाओं के प्रति इस तरह का नरम रुख अपनाकर पुलिस असल में उन महिलाओं के साथ न्याय नहीं कर रही है जो शायद अपनी मर्जी से इस काम में थीं, बल्कि वह कानूनी प्रक्रिया का मजाक उड़ा रही है। कानून का काम निष्पक्ष होना है, न कि किसी की दया पर फैसला सुनाना। इस तरह का दोहरा रवैया न्याय व्यवस्था से भरोसा कम करता है और साबित करता है कि समानता सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। न्याय का तराजू संतुलित होना चाहिए, जो किसी के जेंडर या प्रभाव के बोझ से न झुके।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.