मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस का भोपाल में जंगी प्रदर्शन, निर्वाचन आयोग जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने वाटर केनन चलाकर खदेड़ा,कई कांग्रेसी घायल वोट चोरी के आरोपों के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने आज निर्वाचन आयोग का घेराव किया। पीसीसी दफ्तर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रदेशभर के सैकडो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और निर्वाचन आयोग की तरफ कूच किया।उसी दौरान पुलिस ने व्यापम चौराहे के पास लिंक रोड पर बैरिकेडिंग कर रोक लिया। आगे बढ़ने की जद्दो जहद में पुलिस से प्रदर्शनकारियों की झूमा-झटकी हुई। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तीतर बितर करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर खदेड़ दिया। वाटर केनन के प्रयोग के कारण कई कांग्रेसी घायल हो गए,उसके बाद पीसीसी चीफ जीतू पटवारी समेत दर्जनों प्रदर्शनकारियों पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।उससे पहले हुई सभा में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि यह कांग्रेस की लड़ाई नहीं है, यह लड़ाई देश, मध्य प्रदेश और संविधान को बचाने की लड़ाई है। चुनाव आयोग की नियुक्ति और उसकी जवाबदेही से जुड़ी संवैधानिक व्यवस्थाओं में बदलाव को लेकर गंभीर सवाल हैं। राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया और आंकड़ों को लेकर देश के सामने सवाल रखे हैं। मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल हैं। ERO की कानूनी भूमिका और SIR की प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का जवाब संविधान और कानून के आधार पर दिया जाना चाहिए। आज जरूरत है कि देश व्यक्ति या सत्ता के आधार पर नहीं, बल्कि संविधान, कानून और लोकतांत्रिक संस्थाओं के आधार पर चले। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि लोकतंत्र की नींव जनता के वोट और उसके भरोसे पर टिकी है। चुनाव में जीत-हार होती रहती है, लेकिन चुनावी प्रक्रिया पर जनता का विश्वास बना रहना सबसे जरूरी है। कांग्रेस ने 2014 और 2019 के जनादेश को स्वीकार किया, लेकिन 2024 के चुनाव को लेकर राहुल गांधी ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाए हैं। इन सवालों का जवाब तथ्यों और पारदर्शिता के साथ मिलना चाहिए। जीतू ने कहा कि मैंने अपने बूथ का उदाहरण भी दिया है, जहां भाजपा का कोई कार्यकर्ता नजर नहीं आ रहा था, फिर भी भाजपा को करीब 300 वोट मिले। यह मेरा व्यक्तिगत अनुभव है, लेकिन ऐसे सवालों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। आज देश में महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की परेशानी और युवाओं में नशे जैसे गंभीर मुद्दे हैं। सरकार को इन सवालों पर जवाब देना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह लड़ाई किसी पार्टी की सत्ता की नहीं, बल्कि आम आदमी के वोट, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है। अगर किसी के वोट पर सवाल उठता है तो कांग्रेस जनता के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि युवा रोजगार मांग रहा है, किसान समर्थन मूल्य मांग रहा है, महिलाएं सुरक्षा चाहती हैं और दलित-आदिवासी जल-जंगल-जमीन के अधिकार की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों से ध्यान भटका रही है। परीक्षाओं और मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सिंघार ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता, ईवीएम और मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमें गांव के उस आम व्यक्ति के लिए लड़ना है जो लोकतंत्र से उम्मीद लगाए बैठा है। संविधान, लोकतंत्र और डॉ. आंबेडकर के सपनों की रक्षा के लिए जनता की आवाज को बूथ तक पहुंचाना होगा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस का भोपाल में जंगी प्रदर्शन, निर्वाचन आयोग जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने वाटर केनन चलाकर खदेड़ा,कई कांग्रेसी घायल वोट चोरी के आरोपों के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने आज निर्वाचन आयोग का घेराव किया। पीसीसी दफ्तर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रदेशभर के सैकडो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और निर्वाचन आयोग की तरफ कूच किया।उसी दौरान पुलिस ने व्यापम चौराहे के पास लिंक रोड पर बैरिकेडिंग कर रोक लिया। आगे बढ़ने की जद्दो जहद में पुलिस से प्रदर्शनकारियों की झूमा-झटकी हुई। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तीतर बितर करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर खदेड़ दिया। वाटर केनन के प्रयोग के कारण कई कांग्रेसी घायल हो गए,उसके बाद पीसीसी चीफ जीतू पटवारी समेत दर्जनों प्रदर्शनकारियों पुलिस ने गिरफ्तार कर
लिया।उससे पहले हुई सभा में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि यह कांग्रेस की लड़ाई नहीं है, यह लड़ाई देश, मध्य प्रदेश और संविधान को बचाने की लड़ाई है। चुनाव आयोग की नियुक्ति और उसकी जवाबदेही से जुड़ी संवैधानिक व्यवस्थाओं में बदलाव को लेकर गंभीर सवाल हैं। राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया और आंकड़ों को लेकर देश के सामने सवाल रखे हैं। मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल हैं। ERO की कानूनी भूमिका और SIR की प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का जवाब संविधान और कानून के आधार पर दिया जाना चाहिए। आज जरूरत है कि देश व्यक्ति या सत्ता के आधार पर नहीं, बल्कि संविधान, कानून और लोकतांत्रिक संस्थाओं के आधार पर चले। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि लोकतंत्र की नींव जनता के वोट और उसके भरोसे पर टिकी है। चुनाव में जीत-हार होती
रहती है, लेकिन चुनावी प्रक्रिया पर जनता का विश्वास बना रहना सबसे जरूरी है। कांग्रेस ने 2014 और 2019 के जनादेश को स्वीकार किया, लेकिन 2024 के चुनाव को लेकर राहुल गांधी ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाए हैं। इन सवालों का जवाब तथ्यों और पारदर्शिता के साथ मिलना चाहिए। जीतू ने कहा कि मैंने अपने बूथ का उदाहरण भी दिया है, जहां भाजपा का कोई कार्यकर्ता नजर नहीं आ रहा था, फिर भी भाजपा को करीब 300 वोट मिले। यह मेरा व्यक्तिगत अनुभव है, लेकिन ऐसे सवालों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। आज देश में महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की परेशानी और युवाओं में नशे जैसे गंभीर मुद्दे हैं। सरकार को इन सवालों पर जवाब देना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह लड़ाई किसी पार्टी की सत्ता की नहीं, बल्कि आम आदमी के वोट, संविधान और लोकतंत्र
की रक्षा की लड़ाई है। अगर किसी के वोट पर सवाल उठता है तो कांग्रेस जनता के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि युवा रोजगार मांग रहा है, किसान समर्थन मूल्य मांग रहा है, महिलाएं सुरक्षा चाहती हैं और दलित-आदिवासी जल-जंगल-जमीन के अधिकार की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों से ध्यान भटका रही है। परीक्षाओं और मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सिंघार ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता, ईवीएम और मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमें गांव के उस आम व्यक्ति के लिए लड़ना है जो लोकतंत्र से उम्मीद लगाए बैठा है। संविधान, लोकतंत्र और डॉ. आंबेडकर के सपनों की रक्षा के लिए जनता की आवाज को बूथ तक पहुंचाना होगा।
- शादी का झांसा देकर डेढ़ साल तक किया शोषण, शादी का दबाव बनाया तो वादे से मुकरा आरोपी, एफआईआर के बाद पीड़िता को दी जा रही धमकियां,पुलिस कमिश्नर से लगाई सुरक्षा की गुहार भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र में एक युवती ने एक व्यक्ति पर शादी का झांसा देकर करीब डेढ़ साल तक उसका शोषण करने और बाद में शादी से इनकार करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने शुरुआत में खुद को अविवाहित बताया था और शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाए। बाद में जब उसे आरोपी के पहले से शादीशुदा होने की जानकारी मिली तो उसने विरोध किया, लेकिन आरोपी ने दोबारा शादी करने का आश्वासन दिया। आरोप है कि बाद में उसने शादी से साफ इनकार कर दिया। मामले में युवती की शिकायत पर पुलिस आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच कर रही है। अब पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से मुलाकात कर निष्पक्ष कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। युवती का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद उस पर मामला वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है और आरोपी पक्ष की ओर से जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं। बातचीत से शुरू हुई पहचान, फिर शादी का दिया भरोसा पीड़िता के मुताबिक करीब डेढ़ साल पहले उसकी पहचान राजकुमार पाटीदार से हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच बातचीत हुई और धीरे-धीरे यह पहचान दोस्ती में बदल गई। युवती का दावा है कि कुछ समय बाद राजकुमार ने उसके सामने प्रेम का इजहार किया और शादी करने की बात कही। युवती ने कहा कि राजकुमार ने खुद को अविवाहित बताते हुए उससे शादी का वादा किया। इसके बाद करीब डेढ़ साल तक दोनों के बीच संबंध रहे। पीड़िता के मुताबिक आरोपी हर बार जल्द शादी करने की बात कहकर उसे भरोसा दिलाता रहा। बाद में युवती को पता चला कि राजकुमार पहले से शादीशुदा है। उसने इस बात का विरोध किया तो आरोपी ने दोबारा शादी करने का भरोसा दिलाया, लेकिन बाद में शादी करने से इंकार कर दिया। इसके बाद युवती ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। एफआईआर के बाद धमकी देने का आरोप पीड़िता का कहना है कि पुलिस में शिकायत और एफआईआर दर्ज होने के बाद अब उसे केस वापस लेने के लिए धमकाया जा रहा है। इसी को लेकर वह पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंची और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के साथ अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। मामले में पैसों और मकान की मांग किए जाने के आरोपों पर युवती ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसने आरोपी को ब्लैकमेल नहीं किया। उसके मुताबिक, आरोपी की ओर से समझौते के नाम पर 25 लाख रुपये देने का प्रस्ताव रखा गया था, जबकि वह पैसे लेकर मामला खत्म करने के बजाय आरोपी से शादी करना चाहती थी। युवती का दावा है कि उसने तब आरोपी से कहा था कि वह उसे अगर खरीदना चाहता है तो रहने के लिए मकान और 50 लाख रुपए दे जिसको आरोपी ने ठुकरा दिया था। इस बात जिक्र एफआईआर में भी किया गया था। पीड़िता ने बताया कि उसने मदद के लिए कुछ हिंदू संगठनों से भी संपर्क किया, लेकिन उसे अपेक्षित सहायता नहीं मिली। अगर आरोपी वर्ग विशेष से होता तो सब साथ खड़े होते लेकिन वह हिंदू धर्म से है तो कोई भी साथ नहीं दे रहा है।लगातार मिल रही धमकियों के चलते अब उसे घर से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है।4
- भोपाल के चुना भट्टी चौराहे पर डंपर ड्राइवर और मालिकों ने किया चक्का जाम देखिए शब्द लाइन समाचार की एक बड़ी खबर भोपाल 28 सितंबर 2026 कर डंपर ड्राइवर ने किया चक्का जाम1
- hum bewafa hargiz Na The kar Ham Wafa Kar Na sake welcome to Mohabbat Ras Na Aayi Shayar Gangadhar Malajpure1
- भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षक संघ द्वारा अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया1
- *उज्जैन* संभाग आयुक्त आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन के साथ क्षेत्र में तैनात हर मामले पर पैनी नजर गोपाल मंदिर ओर छत्री चौक के बाजार बंद है।1
- भोपाल में शादी का झांसा देकर शोषण का आरोप, FIR के बाद आरोपी द्वारा जान से मारने की धमकी देने का आरोप—पीड़िता ने हिंदू संगठनों और पाटीदार2
- डीबी मॉल के सामने स्ट्रीट लाइट का खंबा नगर निगम के अधीन है नगर निगम भोपाल के लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही होनी चाहिए।।। दिन भर से जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं।1
- भोपाल की निजी होटल में 58 साहित्यकारों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया4