भ्रष्टाचार और साजिश का खुलासा: भाजपा नेता राहुल कोठारी और अधिकारियों पर आरोप, भ्रष्टाचार और साजिश का खुलासा: भाजपा नेता राहुल कोठारी और अधिकारियों पर आरोप, करोड़ों की जमीन हड़पने की कोशिश भोपाल – मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भाजपा नेता राहुल कोठारी और कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर अयोध्या बायपास स्थित एक भूमि को हड़पने की साजिश रची। यह भूमि अनिल ठाकुर के नाम पर दर्ज है, जो 30-35 वर्षों से यहां खेती का कार्य कर रहे हैं। अनिल ठाकुर के पिता ने यह भूमि खरीदी थी और उनके निधन के बाद यह भूमि अनिल ठाकुर और उनकी मां, अवंती बाई ठाकुर के नाम पर दर्ज हो गई। अनिल ठाकुर ने इस भूमि का वटान करने के लिए तहसील में आवेदन किया था, जिसके बदले में पटवारी और आर आई ने ₹300,000 की घूस की मांग की। जब अनिल ठाकुर ने यह घूस नहीं दी, तो उनका वटान अनुमोदन नहीं किया गया। इसके बाद, तहसीलदार, एसडीएम और भाजपा नेता राहुल कोठारी ने मिलकर उनकी भूमि के पड़ोसी कृषक के द्वारा उनकी भूमि को अपना बताकर वटान कर दिया, जो कि शासकीय रोड में विलीन हो चुका था। इसके बाद, सिविल न्यायालय का स्टे होने के बावजूद भाजपा नेता के नाम पर भूमि की रजिस्ट्री कर दी गई और तहसील में नामांतरण भी कर लिया गया। अनिल ठाकुर को इस गलत वटान की भनक तक नहीं लगने दी गई। जब अनिल ठाकुर ने इस मामले का विरोध किया, तो उन्होंने न्यायालय का रुख किया और राजस्व न्यायालय तथा जिला न्यायालय में अपील की, लेकिन अधिकारियों और भाजपा नेता ने न्यायालय के आदेश की भी अनदेखी की। अनिल ठाकुर का कहना है, "यह जमीन मेरे पिताजी ने खरीदी थी, और उनकी मृत्यु के बाद यह मेरे और मेरी मां के नाम पर दर्ज हुई 30 सालों से इस जमीन पर मैं फसल करता आ रहा हूं। और उन्होंने कहा कि अब मुझे बार-बार भाजपा नेता राहुल कोठारी और उनके साथियों से धमकियाँ मिल रही हैं, कि अगर मैंने जमीन नहीं छोड़ी तो मुझ पर अन्याय होगा। मुझे इस मामले में मुख्यमंत्री से मदद की उम्मीद है।" अनिल ठाकुर के अनुसार, भाजपा नेता राहुल कोठारी और अन्य अधिकारी उन्हें धमका रहे हैं और दबाव बना रहे हैं कि वह अपनी जमीन छोड़ दें। उनका कहना है कि इस भ्रष्टाचार और साजिश के जिम्मेदार भाजपा नेता राहुल कोठारी, पटवारी, आर आई, तहसीलदार और एसडीएम हैं। और उन्होंने आशंका जताई की मुझे जमीन से बेदखल करने के लिए गुपचुप तरीके से मुझे बगैर सूचना के अंदरूनी करवाई चल रही है उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव जी से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और उनकी जमीन को भाजपा नेता राहुल कोठारी से बचाने में मदद करें। अनिल ठाकुर का कहना है, "मुख्यमंत्री का आदेश है कि प्रदेश में किसी का भी नामांतरण और वटान पेंडिंग नहीं रहना चाहिए, लेकिन अधिकारी और भाजपा नेता मिलकर आम जनता की जमीन हड़पने की साजिश रच रहे हैं।" इस मामले में प्रशासन और न्यायालय के फैसले का इंतजार किया जा रहा है, जबकि अनिल ठाकुर जमीन पर काबिज हैं और उनके पास सभी कानूनी दस्तावेज़ उनके पक्ष में हैं प्रेस वार्ता में परिवर्तन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेन्द्र सिंह रावत ने सरकार से मांग की पूरे मामले में निपक्ष जांच की जाए और दोषियों को सजा दी जाए एवं राहुल कोठारी को भी दायित्व से हटाया जाए
भ्रष्टाचार और साजिश का खुलासा: भाजपा नेता राहुल कोठारी और अधिकारियों पर आरोप, भ्रष्टाचार और साजिश का खुलासा: भाजपा नेता राहुल कोठारी और अधिकारियों पर आरोप, करोड़ों की जमीन हड़पने की कोशिश भोपाल – मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भाजपा नेता राहुल कोठारी और कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर अयोध्या बायपास स्थित एक भूमि को हड़पने की साजिश रची। यह भूमि अनिल ठाकुर के नाम पर दर्ज है, जो 30-35 वर्षों से यहां खेती का कार्य कर रहे हैं। अनिल ठाकुर के पिता ने यह भूमि खरीदी थी और उनके निधन के बाद यह भूमि अनिल ठाकुर और उनकी मां, अवंती बाई ठाकुर के नाम पर दर्ज हो गई। अनिल ठाकुर ने इस भूमि का वटान करने के लिए तहसील में आवेदन किया था, जिसके बदले में पटवारी और आर आई ने ₹300,000 की घूस की मांग की। जब अनिल ठाकुर ने यह घूस नहीं दी, तो उनका वटान अनुमोदन नहीं किया गया। इसके बाद, तहसीलदार, एसडीएम और भाजपा नेता राहुल कोठारी ने मिलकर उनकी भूमि के पड़ोसी कृषक के द्वारा उनकी भूमि को अपना बताकर वटान कर दिया, जो कि शासकीय रोड में विलीन हो चुका था। इसके बाद, सिविल न्यायालय का स्टे होने के बावजूद भाजपा नेता के नाम पर भूमि की रजिस्ट्री कर दी गई और तहसील में नामांतरण भी कर लिया गया। अनिल ठाकुर को इस गलत वटान की भनक तक नहीं लगने दी गई। जब अनिल ठाकुर ने इस मामले का विरोध किया, तो उन्होंने न्यायालय का रुख किया और राजस्व न्यायालय तथा जिला न्यायालय में अपील की, लेकिन अधिकारियों और भाजपा नेता ने न्यायालय के आदेश की भी अनदेखी की। अनिल ठाकुर का कहना है, "यह जमीन मेरे पिताजी ने खरीदी थी, और उनकी मृत्यु के बाद यह मेरे और मेरी मां के नाम पर दर्ज हुई 30 सालों से इस जमीन पर मैं फसल करता आ रहा हूं। और उन्होंने कहा कि अब मुझे बार-बार भाजपा नेता राहुल कोठारी और उनके साथियों से धमकियाँ मिल रही हैं, कि अगर मैंने जमीन नहीं छोड़ी तो मुझ पर अन्याय होगा। मुझे इस मामले में मुख्यमंत्री से मदद की उम्मीद है।" अनिल ठाकुर के अनुसार, भाजपा नेता राहुल कोठारी और अन्य अधिकारी उन्हें धमका रहे हैं और दबाव बना रहे हैं कि वह अपनी जमीन छोड़ दें। उनका कहना है कि इस भ्रष्टाचार और साजिश के जिम्मेदार भाजपा नेता राहुल कोठारी, पटवारी, आर आई, तहसीलदार और एसडीएम हैं। और उन्होंने आशंका जताई की मुझे जमीन से बेदखल करने के लिए गुपचुप तरीके से मुझे बगैर सूचना के अंदरूनी करवाई चल रही है उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव जी से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और उनकी जमीन को भाजपा नेता राहुल कोठारी से बचाने में मदद करें। अनिल ठाकुर का कहना है, "मुख्यमंत्री का आदेश है कि प्रदेश में किसी का भी नामांतरण और वटान पेंडिंग नहीं रहना चाहिए, लेकिन अधिकारी और भाजपा नेता मिलकर आम जनता की जमीन हड़पने की साजिश रच रहे हैं।" इस मामले में प्रशासन और न्यायालय के फैसले का इंतजार किया जा रहा है, जबकि अनिल ठाकुर जमीन पर काबिज हैं और उनके पास सभी कानूनी दस्तावेज़ उनके पक्ष में हैं प्रेस वार्ता में परिवर्तन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेन्द्र सिंह रावत ने सरकार से मांग की पूरे मामले में निपक्ष जांच की जाए और दोषियों को सजा दी जाए एवं राहुल कोठारी को भी दायित्व से हटाया जाए
- भोपाल एंकर ... मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की किसान कल्याण की महत्वपूर्ण बैठक से पहले पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा है कि बैठक से कुछ निकलता है तो please tell me , दरअसल में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने किसानों को लेकर सरकार पर कई इल्जाम लगाए हैं और कहा है कि मध्य सरकार बोलती है कि कृषि को लाभ का धंधा बनाएंगे मगर ऐसा कुछ नहीं होता दिखाई दे रहा है... पटवारी ने कहा हम विपक्ष में केवल कमियां निकालें ये सही नहीं है मगर प्रदेश में किसानों के हालात पर हमें बात करना चाहिए। उन्होंने कहा 22 साल शिवराज सिंह चौहान एमपी के सीएम रहे हैं उन्होंने कृषि को फायदे का धंधा बनाने का दावा किया था मगर 20 साल की सरकार में प्रदेश के 90 फीसदी किसान कर्ज में दवे हुए हैं, सोयाबीन को 6 हजार रुपए में खरीदने का वादा किया था, धान 31 सौ रुपए में खरीदने का वादा किया था पर एक भी वादा पूरा नहीं किया गया। जीतू पटवारी ने कहा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खुद को पहलवान बोलते हैं पर अधिकारी उनको चीत कर देते हैं और वह कुछ समझ भी नहीं पाते । पटवारी ने कहा हम सरकार से 20 साल का नहीं बस पिछले साल का हिसाब मांग रहे हैं, मैंने पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है झूठी है तो मुझ पर मानहानि का दावा कर दे.. उन्होंने कहा प्रदेश में कृषि विभाग में कर्मचारियों की कमी है और सरकार कृषि कल्याण वर्ष मना रही है और कृषि बजट में 40 फीसदी राशि तो खर्च ही नहीं की गई है। पटवारी ने आगे कहा 2025-26 की स्थिति और चिंताजनक है..केंद्र सरकार ने केवल 21 फीसदी राशि एमपी में हिस्से की दी है और 24 हजार करोड़ का लगभग हिस्सा मिलना था पर अभी तक 9 हजार करोड़ का करीब ही पैसा दिया गया है... इसी के साथ जीतू पटवारी ने *ट्रेड डील* को लेकर कहा कि सरकार के खिलाफ एमपी कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन का फार्मूला तय कर लिया है और जनमत संवाद अभियान भी कांग्रेस चलाएगी और प्रदेश के सभी जिलों में जनमत संवाद किया जाएगा और ट्रेड डील के खिलाफ भी जनमत संवाद किया जाएगा। पटवारी ने कहा किसानों को भी जनमत संवाद के जरिए एकजुट किया जाएगा1
- भोपाल की बड़ी झील पर सियासत शहर के और तालाबों पर रसूखदारों के निर्माणों पर खामोशी क्यों1
- Post by Naved khan1
- Post by PS24NEWS1
- भोपाल थाना निशातपुरा पुलिस ने हत्या का किया खुलासा मामूली कटबाजी बनी मौत का कारण पुलिस ने चार आरोपी हिरासत में लिया1
- Post by शाहिद खान रिपोर्टर1
- ग्राम महावडिया कोलार रोड भोपाल मध्य प्रदेश यह काम से कम 2 वर्ष से यहां सड़क का निर्माण नहीं हुआ अतः जनता बहुत परेशान है जिसमें पंचायत कोई मदद नहीं मिल रही अर्थात आम जनता अपने जेब से पैसा लगाकर सड़क पर मिट्टी अर्थात मालवा डलवाने का काम कर रही है1
- कार्यालय संयुक्त जिला लोक शिक्षा भोपाल संभाग में पालक महासंघ द्वारा शिक्षा विभाग में चल रही मनमानी को लेकर ज्ञापन दिया गया और कहां गया जिला शिक्षा विभाग अधिकारी द्वारा मनमानी की जा रही है कलेक्टर के आदेश की भी आवेला की गई है जहां कलेक्टर साहब आदेश करते हैं और शिक्षा अधिकारी अपने मनमर्जी अनुसार नियम लागू कर उनके आदेश की अवहेलना कर देते हैं जिन किताबों को लेकर शिक्षा विभाग अधिकारी ने पूर्व में कहा था कि यह किताबें कई गुना महंगी ही किताबें लागू नहीं की जाएगी 3 दिन बाद खुद ही अपना आदेश चेंज कर उन आदेश को लागू कर देते हैं और पलक महासंघ के अध्यक्ष द्वारा भ्रष्टाचार एवं घूसखोरी के आरोप भी लगाए गए कहा गया कि जिला शिक्षा विभाग अधिकारी को बेशक कितना लिफाफा मिलता है जिसको लेकर अपने ही बात पर कायम नहीं रह पा रहे हैं जिला शिक्षा विभाग अधिकारी इसमें कई लोग शामिल हैं मध्य प्रदेश सरकार से मांग की है शिक्षा के साथ खिलवाड़ ना किया जाए निजी स्कूलों पर भी जो आदेश दिए जाते हैं उन पर लगाम काशी जाए ना के सिर्फ दिखलावे के लिए आदेश दे1