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उत्तर प्रदेश में सरकारी योजना का झांसा देकर मदरसों में जबरन अग्निशामक यंत्र लगवाकर वसूली करने वाले तीन जालसाजों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये आरोपी फर्जी दस्तावेज दिखाकर लोगों से पैसे ऐंठ रहे थे।
Rahul Ratna
उत्तर प्रदेश में सरकारी योजना का झांसा देकर मदरसों में जबरन अग्निशामक यंत्र लगवाकर वसूली करने वाले तीन जालसाजों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये आरोपी फर्जी दस्तावेज दिखाकर लोगों से पैसे ऐंठ रहे थे।
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- भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के तहत, श्रावस्ती की जिला मजिस्ट्रेट/जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने जनपद मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट स्थित ई-वी-एम- और वी-वी-पैट वेयर हाउस का मासिक निरीक्षण कर जायजा लिया। इस दौरान निरीक्षण में वेयर हाउस के भीतर गंदगी पाई गई। जिलाधिकारी ने तत्काल साफ-सफाई का निर्देश दिया और अपनी उपस्थिति में पूरे कमरे की साफ-सफाई करवाकर उसे फिर से सील करवाया। जिलाधिकारी ने वेयर हाउस में रखे बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वी-वी-पैट की लगातार निगरानी तथा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, सी-सी-टी-वी- कवरेज के डी-वी-आर- के निरंतर संचालन और उसकी रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। पूरे परिसर में कीटनाशक दवा का छिड़काव भी कराया गया। इस अवसर पर अपर जिला मजिस्ट्रेट ललित कुमार, तहसीलदार भिनगा जागृति सिंह, उप कृषि निदेशक राम आसरे यादव, साथ ही राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि जिनमें सपा से जिलाध्यक्ष सर्वजीत यादव, भाजपा से जिला उपाध्यक्ष विनोद साहू, कांग्रेस के यशोदानंदन शर्मा और बसपा से शिव प्रसाद गौतम उपस्थित थे। निर्वाचन कार्यालय के सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश चरण आर्य और अन्य कर्मचारीगण भी इस दौरान मौजूद रहे।1
- अंकुर गर्ग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गोण्डा जिले की सभी ताजातरीन, सत्य, निष्पक्ष और निर्भीक ब्रेकिंग खबरों को देखने के लिए शुरू ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी गई है।1
- गोण्डा के कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन से संबंधित अंतर्विभागीय समिति और आगामी पल्स पोलियो अभियान के सफल संचालन हेतु गठित जिला टास्क फोर्स की तैयारियों की समीक्षा करना था, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने एचपीवी वैक्सीन के महत्व पर विशेष बल दिया, यह बताते हुए कि यह टीका महिलाओं और बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में अत्यधिक प्रभावी है। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास सहित अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर एक व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसका लक्ष्य लक्षित आयु वर्ग की बालिकाओं तक वैक्सीन की पहुँच सुनिश्चित करना और अभिभावकों को इसके लाभों के बारे में जागरूक कर अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को इस अभियान से जोड़ना है। इसके उपरांत, जिलाधिकारी ने पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों की गहन समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान के दौरान कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सभी बूथों, ट्रांजिट प्वाइंटों और घर-घर जाकर दवा पिलाने वाली टीमों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने का आदेश दिया। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को माइक्रोप्लान के अनुसार कार्य करने और अभियान से जुड़े सभी कार्मिकों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने इस अभियान को पोलियो उन्मूलन और जनस्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण करार देते हुए सभी संबंधित विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए इसे सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने और जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं तथा स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लेकर अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एसीएमओ डॉक्टर सीके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, डॉक्टर पंकज तिवारी, डॉक्टर आरपी सिंह, समस्त सीएचसी अधीक्षक सहित स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।2
- उत्तर प्रदेश के बरेली में मुहर्रम के एक जुलूस से संबंधित एक वायरल वीडियो को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसमें 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाए जाने का आरोप था। इन आरोपों और वीडियो के सामने आने के बाद, पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। पुलिस जांच के परिणामस्वरूप, इस घटना के पीछे का एक 'चौंकाने वाला सच' सामने आया है।1
- बहराइच में जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर पर लाना था। इसके लिए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को व्यापक निर्देश दिए, जिसमें सड़कों की बनावट सुधारने, दुर्घटना बहुल्य क्षेत्रों और ब्लैक स्पॉट की पहचान करने, सड़कों के निर्माण, प्रकाश व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरे लगाने के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। डीएम ने सड़कों पर पेट्रोलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने और रात में चलने वाले ट्रकों के लिए साइनेज तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने मार्गों के दोनों ओर पेड़ों, माइल्ड स्टोन, विभिन्न बोर्डों और पोलों पर लाइटदार रिफ्लेक्टर लगाने को भी कहा। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) को दुर्घटना-संवेदनशील स्थानों पर समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने, आबादी क्षेत्रों में लाइनदार पट्टी विकसित करने और गन्ना, ईंट भट्टों व अन्य ट्रालियों पर रिफ्लेक्टर लगवाने के लिए निर्देशित किया गया। साथ ही, एआरटीओ को विद्यालयों में लगे वाहनों के फिटनेस और लाइसेंस की जांच करने तथा अनफिट पाए गए वाहनों को नियमानुसार सीज करने का आदेश दिया गया। ई-रिक्शा चालकों को भी अपने वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने हेतु जागरूक और प्रेरित करने को कहा गया। निकायों, लोक निर्माण और पुलिस विभाग को शहर के विभिन्न मार्गों पर पैदल गश्त करके सुगम यातायात में आने वाली समस्याओं को चिन्हित कर उनका निराकरण करने के निर्देश दिए गए। इस कार्य में नगरवासियों और टैक्सी स्टैंड संचालकों से भी सुझाव प्राप्त करने को कहा गया। बैठक में अपर जिलाधिकारी, अधि. अभि. लो.नि.वि., एआरटीओ, डीआईओएस, बीएसए सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।1
- मोहर्रम के मद्देनज़र, मटेरा पुलिस ने बहराइच के मटेरा बाजार सहित संवेदनशील क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने पैदल मार्च करते हुए आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाया और शांति-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। उन्होंने बाजार, मुख्य चौराहों और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों का बारीकी से निरीक्षण भी किया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने, अराजकता फैलाने या शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी बताया कि मोहर्रम के सभी कार्यक्रमों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य लोगों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना और आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने का संदेश देना है। मटेरा पुलिस की इस सक्रियता को क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- मेरठ के ब्रह्मपुरी मेट्रो स्टेशन के पास एक महिला को कथित तौर पर कार में जबरन ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिससे शहर में हड़कंप मच गया है। इस संदिग्ध घटना के सामने आने के बाद महिला के अपहरण की आशंका पर मेरठ पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई और मामले की पड़ताल शुरू कर दी। वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए, पुलिस ने जांच तेज कर दी है, जिसमें स्वाट टीम सहित कई टीमें लगाई गई हैं। मेरठ पुलिस घटना के सच का पता लगाने के लिए आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए, एसपी ने बताया है कि प्रथम दृष्टया यह अपहरण का मामला नहीं लग रहा है, हालांकि पुलिस अभी भी पूरे सच जानने में जुटी हुई है।1
- श्रावस्ती के इकौना थाना क्षेत्र से जुड़े एक वायरल वीडियो को लेकर पुलिस प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है, जिसमें मोहर्रम जुलूस के दौरान थाना परिसर में नारेबाजी किए जाने का गलत दावा किया गया था। क्षेत्राधिकारी इकौना आलोक कुमार सिंह ने इस वीडियो को भ्रामक बताते हुए कहा है कि जांच में यह दावा पूरी तरह असत्य पाया गया है। सीओ इकौना ने बताया कि जनपद में मोहर्रम, रामनवमी और होली जैसे विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के दौरान स्थानीय नागरिकों द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग देने और आयोजनों को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस एवं प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित करने की परंपरा रही है। इसी क्रम में, 23 जून 2026 को मोहर्रम की सातवीं के जुलूस के दौरान स्थानीय लोग थाना इकौना पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने पुलिस और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके बाद जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और जनपद के अन्य थाना क्षेत्रों में भी मोहर्रम का पर्व सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति ने थाना भवन या परिसर में प्रवेश नहीं किया और सोशल मीडिया पर नारेबाजी सहित लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार तथा भ्रामक हैं। मौके पर कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य रही और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट या भ्रामक सूचना को बिना सत्यापन के साझा न करें और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें।1
- सिटी मैजिस्ट्रेट/एसडीएम अंकुर गर्ग के नेतृत्व में एक प्रशासनिक टीम ने नगर के छह कोचिंग सेंटरों, एक हॉस्पिटल, एक मॉल और एक बैंक का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने सभी संबंधित संस्थानों को सख्त चेतावनी जारी की। निरीक्षण के बाद, ग्राउंड फ्लोर पर चलने वाली कोचिंग क्लासों को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है।3