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भरतपुर में हुए जाट आंदोलन में भारी संख्या में लोग शामिल हुए, इतनी बड़ी तादाद में लोगों के जुटने को महाराज विश्वेंद्र सिंह की अपील के बावजूद हनुमान बेनीवाल की एक बड़ी जीत बताया जा रहा है। आंदोलनकारियों ने सरकार से इस मुद्दे पर विचार करने की मांग उठाई है, क्योंकि उनके अनुसार राजस्थान के बाकी जाटों को आरक्षण मिल रहा है, लेकिन भरतपुर और धौलपुर के जाटों को यह नहीं मिल रहा है। इसे लोगों के साथ भेदभाव करार दिया गया है। इस आंदोलन में आए सभी लोगों का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया गया है।

8 hrs ago
user_Prem Godara
Prem Godara
सिकराय, दौसा, राजस्थान•
8 hrs ago

भरतपुर में हुए जाट आंदोलन में भारी संख्या में लोग शामिल हुए, इतनी बड़ी तादाद में लोगों के जुटने को महाराज विश्वेंद्र सिंह की अपील के बावजूद हनुमान बेनीवाल की एक बड़ी जीत बताया जा रहा है। आंदोलनकारियों ने सरकार से इस मुद्दे पर विचार करने की मांग उठाई है, क्योंकि उनके अनुसार राजस्थान के बाकी जाटों को आरक्षण मिल रहा है, लेकिन भरतपुर और धौलपुर के जाटों को यह नहीं मिल रहा है। इसे लोगों के साथ भेदभाव करार दिया गया है। इस आंदोलन में आए सभी लोगों का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया गया है।

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  • करौली जिले में पांचना पानी के मुद्दे पर 28 स्या मीणा समाज के प्रवक्ता देवीसिंह पटेल ने गुर्जरों और राज्य सरकार को एक बड़ा और अंतिम अल्टीमेटम दिया है। देवीसिंह पटेल ने स्पष्ट किया है कि अब अपनी ताकत दिखाने का समय आ गया है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि मीणा समाज के लोग अपना हक लेकर रहेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें मरना या मिटना क्यों न पड़े।
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    करौली जिले में पांचना पानी के मुद्दे पर 28 स्या मीणा समाज के प्रवक्ता देवीसिंह पटेल ने गुर्जरों और राज्य सरकार को एक बड़ा और अंतिम अल्टीमेटम दिया है। देवीसिंह पटेल ने स्पष्ट किया है कि अब अपनी ताकत दिखाने का समय आ गया है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि मीणा समाज के लोग अपना हक लेकर रहेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें मरना या मिटना क्यों न पड़े।
    user_मनोज तिवाड़ी
    मनोज तिवाड़ी
    Court reporter Hindaun, Karauli•
    8 hrs ago
  • कालाडेरा थाना क्षेत्र की बिछवालियों की ढाणी स्थित रिको एरिया में जमीन की नपती (नक्शा दुरुस्ती) को लेकर चल रहा विवाद अब गंभीर रूप ले चुका है। पीड़ित पक्ष ने इस मामले में जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हनुमान सहाय मीणा को एक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच, आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बिछवालियों की ढाणी निवासी जितेंद्र यादव ने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि उनकी भूमि से संबंधित नपती का मामला अभी विचाराधीन है, इसके बावजूद 2 जून 2026 की सुबह करीब चार बजे कुछ लोग उनकी जमीन पर घुस आए। उन्होंने खेत की तारबंदी के पोल, तार और जाल उखाड़ दिए तथा खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलाकर उसे नष्ट कर दिया। पीड़ित का कहना है कि घटना की सूचना मिलने पर जब वे अपनी मां संतोष देवी और पत्नी रजना यादव के साथ मौके पर पहुंचे, तो आरोपितों ने उनके साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। जितेंद्र यादव ने यह भी आरोप लगाया है कि इस घटना के बाद से लगातार दबाव बनाकर उनके मन में भय का माहौल पैदा करने की कोशिश की जा रही है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कालाडेरा औद्योगिक क्षेत्र की ओर जाने वाला एक वर्षों पुराना रास्ता, जिसका ग्रामीण लंबे समय से उपयोग करते आ रहे थे, उसे करीब एक माह पहले पड़ोसी पक्ष द्वारा तारबंदी कर बंद कर दिया गया है। रास्ते को खुलवाने की मांग को लेकर आए दिन विवाद और झड़पें हो रही हैं, जिससे किसानों के आवागमन और कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने विरोधी पक्ष पर विभिन्न विभागों में बार-बार झूठी शिकायतें करके मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप भी लगाया है। पीड़ित पक्ष ने अपने ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करने, रास्ता अवरुद्ध करने के प्रकरण की जांच करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, पुलिस ने पुष्टि की है कि प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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    कालाडेरा थाना क्षेत्र की बिछवालियों की ढाणी स्थित रिको एरिया में जमीन की नपती (नक्शा दुरुस्ती) को लेकर चल रहा विवाद अब गंभीर रूप ले चुका है। पीड़ित पक्ष ने इस मामले में जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हनुमान सहाय मीणा को एक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच, आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बिछवालियों की ढाणी निवासी जितेंद्र यादव ने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि उनकी भूमि से संबंधित नपती का मामला अभी विचाराधीन है, इसके बावजूद 2 जून 2026 की सुबह करीब चार बजे कुछ लोग उनकी जमीन पर घुस आए। उन्होंने खेत की तारबंदी के पोल, तार और जाल उखाड़ दिए तथा खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलाकर उसे नष्ट कर दिया।

पीड़ित का कहना है कि घटना की सूचना मिलने पर जब वे अपनी मां संतोष देवी और पत्नी रजना यादव के साथ मौके पर पहुंचे, तो आरोपितों ने उनके साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। जितेंद्र यादव ने यह भी आरोप लगाया है कि इस घटना के बाद से लगातार दबाव बनाकर उनके मन में भय का माहौल पैदा करने की कोशिश की जा रही है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कालाडेरा औद्योगिक क्षेत्र की ओर जाने वाला एक वर्षों पुराना रास्ता, जिसका ग्रामीण लंबे समय से उपयोग करते आ रहे थे, उसे करीब एक माह पहले पड़ोसी पक्ष द्वारा तारबंदी कर बंद कर दिया गया है। रास्ते को खुलवाने की मांग को लेकर आए दिन विवाद और झड़पें हो रही हैं, जिससे किसानों के आवागमन और कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने विरोधी पक्ष पर विभिन्न विभागों में बार-बार झूठी शिकायतें करके मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप भी लगाया है।

पीड़ित पक्ष ने अपने ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करने, रास्ता अवरुद्ध करने के प्रकरण की जांच करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, पुलिस ने पुष्टि की है कि प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
    user_RIVENDRA KUMAR SHARMA
    RIVENDRA KUMAR SHARMA
    Local News Reporter बेजुपाड़ा, दौसा, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • तालुका विधिक सेवा समिति राजगढ़ की सचिव भाग्यश्री मीणा ने जानकारी दी कि माननीय अध्यक्ष, तालुका विधिक सेवा समिति एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, राजगढ़ (अलवर) के निर्देशानुसार, 22 जून 2026 को एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर राजगढ़ मुख्यालय स्थित धमरेड़ चुण्डशद बाबा का स्थान पर चल रहे मनरेगा कार्य स्थल पर मोबाइल वैन के माध्यम से आयोजित हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन को विधिक रूप से जागरूक करना था। इस शिविर में पीएलवी श्री सुबेन्द्र कुमार सैनी ने उपस्थित श्रमिकों को नालसा (आपदा से पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं) योजना 2010 और नालसा (वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सेवाएं) योजना 2016 के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, बाल विवाह उन्मूलन, बाल विवाह की रोकथाम से संबंधित विषयों और बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। उन्होंने NALSA योजना के अंतर्गत निःशुल्क विधिक सहायता, बाल विवाह पर प्रतिबंध, विवाह की कानूनी आयु, बाल विवाह के प्रतिकूल सामाजिक परिणाम, बच्चों के अधिकार और उपलब्ध कानूनी उपायों के संबंध में भी महत्वपूर्ण विधिक जानकारी प्रदान की। शिविर के दौरान NALSA हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में भी लोगों को अवगत कराया गया।
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    तालुका विधिक सेवा समिति राजगढ़ की सचिव भाग्यश्री मीणा ने जानकारी दी कि माननीय अध्यक्ष, तालुका विधिक सेवा समिति एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, राजगढ़ (अलवर) के निर्देशानुसार, 22 जून 2026 को एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर राजगढ़ मुख्यालय स्थित धमरेड़ चुण्डशद बाबा का स्थान पर चल रहे मनरेगा कार्य स्थल पर मोबाइल वैन के माध्यम से आयोजित हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन को विधिक रूप से जागरूक करना था।

इस शिविर में पीएलवी श्री सुबेन्द्र कुमार सैनी ने उपस्थित श्रमिकों को नालसा (आपदा से पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं) योजना 2010 और नालसा (वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सेवाएं) योजना 2016 के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, बाल विवाह उन्मूलन, बाल विवाह की रोकथाम से संबंधित विषयों और बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। उन्होंने NALSA योजना के अंतर्गत निःशुल्क विधिक सहायता, बाल विवाह पर प्रतिबंध, विवाह की कानूनी आयु, बाल विवाह के प्रतिकूल सामाजिक परिणाम, बच्चों के अधिकार और उपलब्ध कानूनी उपायों के संबंध में भी महत्वपूर्ण विधिक जानकारी प्रदान की। शिविर के दौरान NALSA हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में भी लोगों को अवगत कराया गया।
    user_Neeraj Maheshwari
    Neeraj Maheshwari
    Reporters राजगढ़, अलवर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • Post by Ganesh Yogi
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    Post by Ganesh Yogi
    user_Ganesh Yogi
    Ganesh Yogi
    Local News Reporter दौसा, दौसा, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • बामनवास में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और विभिन्न जनहित सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित शहरी सेवा शिविर में अपेक्षित जनभागीदारी देखने को नहीं मिली। शिविर स्थल पर लगाए गए विभिन्न विभागों के काउंटरों पर अधिकांश समय कुर्सियां खाली नजर आईं और लोगों की आवाजाही भी काफी कम रही, जिससे शिविर स्थल तस्वीरों और वीडियो में भी लगभग सूना दिखाई दिया। नगर पालिका और सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा समस्याओं के निस्तारण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। कई काउंटरों पर कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहे, लेकिन फरियादियों की संख्या बेहद कम थी। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस कम उपस्थिति का प्रमुख कारण शिविर के प्रचार-प्रसार में कमी तथा पूर्व में समस्याओं के समाधान को लेकर लोगों के नकारात्मक अनुभव रहे हैं। कुछ लोगों ने शिविर के समय निर्धारण और सूचना व्यवस्था को भी कम भागीदारी का एक मुख्य कारण बताया। यह भी गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था, पट्टा वितरण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन निर्माण स्वीकृति सहित विभिन्न जनहित सेवाओं के लिए नियमित रूप से शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसके बावजूद बामनवास में हुए इस शहरी सेवा शिविर में आमजन की कम भागीदारी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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    बामनवास में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और विभिन्न जनहित सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित शहरी सेवा शिविर में अपेक्षित जनभागीदारी देखने को नहीं मिली। शिविर स्थल पर लगाए गए विभिन्न विभागों के काउंटरों पर अधिकांश समय कुर्सियां खाली नजर आईं और लोगों की आवाजाही भी काफी कम रही, जिससे शिविर स्थल तस्वीरों और वीडियो में भी लगभग सूना दिखाई दिया।

नगर पालिका और सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा समस्याओं के निस्तारण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। कई काउंटरों पर कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहे, लेकिन फरियादियों की संख्या बेहद कम थी। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस कम उपस्थिति का प्रमुख कारण शिविर के प्रचार-प्रसार में कमी तथा पूर्व में समस्याओं के समाधान को लेकर लोगों के नकारात्मक अनुभव रहे हैं। कुछ लोगों ने शिविर के समय निर्धारण और सूचना व्यवस्था को भी कम भागीदारी का एक मुख्य कारण बताया।

यह भी गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था, पट्टा वितरण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन निर्माण स्वीकृति सहित विभिन्न जनहित सेवाओं के लिए नियमित रूप से शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसके बावजूद बामनवास में हुए इस शहरी सेवा शिविर में आमजन की कम भागीदारी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
    user_Sudeep Kumar Gaur
    Sudeep Kumar Gaur
    Local News Reporter बामनवास, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • करौली जिले में कुट्टिन का बालाजी से दानालपुर तक हाल ही में निर्मित डाबर सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क बारिश के मौसम से पहले ही जगह-जगह से उखड़ने लगी है, जिससे इसमें गड्ढे बनने लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। ग्रामीणों ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की है कि यदि सड़क अभी से उखड़ने लगी है, तो बारिश के दिनों में सड़क से गिट्टियां पूरी तरह से गायब हो जाएंगी। उन्होंने उच्चाधिकारियों से इस सड़क की गुणवत्ता की शीघ्र जांच करने और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्यवाही करने की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र मीना ने भी इस मामले में त्वरित जांच और उचित कार्रवाई की मांग का समर्थन किया है।
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    करौली जिले में कुट्टिन का बालाजी से दानालपुर तक हाल ही में निर्मित डाबर सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क बारिश के मौसम से पहले ही जगह-जगह से उखड़ने लगी है, जिससे इसमें गड्ढे बनने लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।

ग्रामीणों ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की है कि यदि सड़क अभी से उखड़ने लगी है, तो बारिश के दिनों में सड़क से गिट्टियां पूरी तरह से गायब हो जाएंगी। उन्होंने उच्चाधिकारियों से इस सड़क की गुणवत्ता की शीघ्र जांच करने और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्यवाही करने की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र मीना ने भी इस मामले में त्वरित जांच और उचित कार्रवाई की मांग का समर्थन किया है।
    user_मनोज तिवाड़ी
    मनोज तिवाड़ी
    Court reporter Hindaun, Karauli•
    8 hrs ago
  • मेघराज मीणा नारौली डांग की कलम से लिखे अनुसार, खण्डीप और उसके आसपास के करीब 25 गांवों में एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिल रहा है। यहाँ माता-बहनें, बड़े-बुजुर्ग और छोटे-छोटे बच्चे आने-जाने वाले लोगों को हाथ जोड़कर ठंडा नींबू पानी, कोल्ड ड्रिंक और नाश्ते का वितरण कर रहे हैं। इस आयोजन को अश्वमेघ यज्ञ की आहुति के समान बताया जा रहा है, जो खण्डीप की धरा पर हो रहा है। इस विराट आयोजन में, कमेटी, कार्यकर्ता और हजारों सेवकों के पैरों में रोज़ धूप में घूमने से छाले पड़ चुके हैं, फिर भी उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिखती। लगभग 400-500 महिला-पुरुष बिना रुके, कई घंटों तक हाथों में बीजना लेकर आगंतुकों को हवा कर रहे हैं। यहाँ तक कि 70-80 साल के बुजुर्ग भी हाथ जोड़कर व्यवस्था संभाल रहे हैं, जिनमें कहीं कोई थकान या शिकन का भाव नहीं है। इस महापड़ाव में ना कोई राजनीति, ना कोई पार्टी, ना कोई क्षेत्र और ना ही कोई जाति की भावना है; बल्कि सभी किसान एक अविश्वसनीय एकता का प्रदर्शन कर रहे हैं। वक्ताओं द्वारा सहज और संविधान के दायरे में भाषण दिए जा रहे हैं। यहाँ हर व्यक्ति गांव के मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही खुद को जिम्मेदार मानता है, जिसके हाथ अभिवादन के लिए और सिर सम्मान के लिए झुके रहते हैं। इसे सर्व समाज का समुद्र मंथन बताया गया है, जो मात्र एक आंदोलन नहीं बल्कि संविधान पर चलने वालों के लिए एक चुनौतीपूर्ण परीक्षा है, जिसकी तैयारी अब तक जोरों पर चल रही है। जनसमूह की भावना अपने चरम पर है, और लेखक का मानना है कि यदि किसी ने इस 'अश्वमेघ यज्ञ की आहुति ज्वाला' के दर्शन नहीं किए हैं, तो वे जीवन के सबसे बेहतरीन और भावुक क्षणों से वंचित हो रहे हैं। लेखक इस बात पर गर्व महसूस करने का आह्वान करते हैं कि उन्होंने एक सभ्य, संविधान को मानने वाली और समझदार कौम में जन्म लिया है।
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    मेघराज मीणा नारौली डांग की कलम से लिखे अनुसार, खण्डीप और उसके आसपास के करीब 25 गांवों में एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिल रहा है। यहाँ माता-बहनें, बड़े-बुजुर्ग और छोटे-छोटे बच्चे आने-जाने वाले लोगों को हाथ जोड़कर ठंडा नींबू पानी, कोल्ड ड्रिंक और नाश्ते का वितरण कर रहे हैं। इस आयोजन को अश्वमेघ यज्ञ की आहुति के समान बताया जा रहा है, जो खण्डीप की धरा पर हो रहा है।

इस विराट आयोजन में, कमेटी, कार्यकर्ता और हजारों सेवकों के पैरों में रोज़ धूप में घूमने से छाले पड़ चुके हैं, फिर भी उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिखती। लगभग 400-500 महिला-पुरुष बिना रुके, कई घंटों तक हाथों में बीजना लेकर आगंतुकों को हवा कर रहे हैं। यहाँ तक कि 70-80 साल के बुजुर्ग भी हाथ जोड़कर व्यवस्था संभाल रहे हैं, जिनमें कहीं कोई थकान या शिकन का भाव नहीं है। इस महापड़ाव में ना कोई राजनीति, ना कोई पार्टी, ना कोई क्षेत्र और ना ही कोई जाति की भावना है; बल्कि सभी किसान एक अविश्वसनीय एकता का प्रदर्शन कर रहे हैं। वक्ताओं द्वारा सहज और संविधान के दायरे में भाषण दिए जा रहे हैं।

यहाँ हर व्यक्ति गांव के मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही खुद को जिम्मेदार मानता है, जिसके हाथ अभिवादन के लिए और सिर सम्मान के लिए झुके रहते हैं। इसे सर्व समाज का समुद्र मंथन बताया गया है, जो मात्र एक आंदोलन नहीं बल्कि संविधान पर चलने वालों के लिए एक चुनौतीपूर्ण परीक्षा है, जिसकी तैयारी अब तक जोरों पर चल रही है। जनसमूह की भावना अपने चरम पर है, और लेखक का मानना है कि यदि किसी ने इस 'अश्वमेघ यज्ञ की आहुति ज्वाला' के दर्शन नहीं किए हैं, तो वे जीवन के सबसे बेहतरीन और भावुक क्षणों से वंचित हो रहे हैं। लेखक इस बात पर गर्व महसूस करने का आह्वान करते हैं कि उन्होंने एक सभ्य, संविधान को मानने वाली और समझदार कौम में जन्म लिया है।
    user_Kanha sain Khandip
    Kanha sain Khandip
    श्रीमहावीर जी, करौली, राजस्थान•
    9 hrs ago
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