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अमेठी में लखनऊ-सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है। इस घटना में एक महिंद्रा एसयूवी ने पीछे से एक सीएनजी डीसीएम को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एसयूवी अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे पलट गई और उसमें भीषण आग लग गई। हालांकि, मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए वाहन में फंसे एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
Rakesh Rawat
अमेठी में लखनऊ-सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है। इस घटना में एक महिंद्रा एसयूवी ने पीछे से एक सीएनजी डीसीएम को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एसयूवी अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे पलट गई और उसमें भीषण आग लग गई। हालांकि, मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए वाहन में फंसे एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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- अमेठी में अधिकमास के दूसरे बड़े मंगलवार को सेवा और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला, जहाँ भीषण गर्मी के बीच राहगीरों और श्रद्धालुओं को शीतल पेय और प्रसाद वितरित किया गया, जिससे उन्हें काफी राहत मिली। इस दौरान, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि ने शिव मंदिर रायपुर फुलवारी में हनुमान जी के चित्र पर माल्यार्पण, पूजन और आरती कर शरबत व रोटी प्रसाद का वितरण किया, जिसे पाकर राहगीरों और श्रद्धालुओं के चेहरे खिल उठे। इसी क्रम में, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, एसीएमओ डॉ. पीके उपाध्याय और सीएचसी अमेठी के अधीक्षक डॉ. सौरभ सिंह सहित स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सीएचसी परिसर में हनुमान जी की पूजा-अर्चना की। इसके बाद, अस्पताल में आए मरीजों, उनके तीमारदारों और अन्य आने-जाने वाले लोगों को शरबत और प्रसाद वितरित किया गया, जिससे धूप से बेहाल लोगों को विशेष राहत मिली। एसीएमओ डॉ. पीके उपाध्याय ने इस अवसर पर कहा कि बड़े मंगल पर सेवा करना पुण्य का काम है, और गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए शरबत तथा ओआरएस अत्यंत आवश्यक हैं। इस सेवा कार्य में जितेंद्र सिंह कमलेश, डॉ. देवेश, राजेश यादव, डॉ. आलोक तिवारी, नर्सिंग स्टाफ और आशा कार्यकर्ताएं भी मौजूद रहीं।3
- लखनऊ के व्यस्ततम अलीगंज इलाके में पूरनिया से सीतापुर रोड पर आज यात्रियों को भीषण ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा, जिससे तपती धूप और चिलचिलाती गर्मी में वाहन चालकों और राहगीरों के पसीने छूट गए। लोग घंटों तक अपनी गाड़ियों में फंसे रहे। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने आरोप लगाया कि जाम की शुरुआत में मौके पर कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी या स्थानीय पुलिस बल मौजूद नहीं था, जिसके कारण अव्यवस्था और भी बढ़ गई और देखते ही देखते वाहनों की किलोमीटरों लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, जाम की सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस की टीम ने सक्रियता दिखाते हुए मौके पर मोर्चा संभाला। पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद यातायात को धीरे-धीरे सुचारु किया, जिससे इस मार्ग पर लगा जाम पूरी तरह से खुल गया और वाहनों की आवाजाही सामान्य हो गई। इस कवायद से तपती गर्मी में फंसे लोगों ने राहत की सांस ली। यह जानकारी पत्रकार मोहम्मद सलीम ने दी।1
- अमेठी में अपराध व अपराधियों के धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन चक्रव्यूह” के तहत थाना मोहनगंज पुलिस ने दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों अभियुक्त एक बलेनो कार में सवार थे और मोहनगंज थाने में मु0अ0सं0 165/26 के तहत धारा 191(2), 191(3), 190, 109, 352, 351(3), 127(2), 140(1) बी0एन0एस0 में वांछित थे। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान स्वप्निल सिंह (उम्र करीब 28 वर्ष) पुत्र धुन्नी सिंह और नितिन सिंह उर्फ राकेश सिंह उर्फ पुट्टी सिंह (उम्र करीब 24 वर्ष) के रूप में हुई है, दोनों ही रायबरेली के थाना चन्दापुर के समरहदा के निवासी हैं। पूछताछ में इन दोनों ने बताया कि उन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर 31.05.2026 को पुरानी रंजिश के चलते रायबरेली के समरहदा निवासी श्याम बिहारी मौर्या पुत्र राम बहादुर को इसी बलेनो कार में बिठाकर ले गए थे और उनके साथ मारपीट की थी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बरामद डंडे हमेशा बलेनो कार की डिग्गी में रखे रहते थे और उन्हीं से श्याम बिहारी से मारपीट की गई थी। पुलिस ने आरोपियों की तलाशी के दौरान कार की डिग्गी से दो बांस के डंडे बरामद किए, जो घटना में प्रयुक्त हुए थे। इसके अतिरिक्त, घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट वाली बलेनो कार को भी जब्त किया गया है। थाना मोहनगंज पुलिस इस गिरफ्तारी और बरामदगी के संबंध में विधिक कार्यवाही कर रही है। अभियुक्त स्वप्निल सिंह का एक आपराधिक इतिहास भी है, जिसमें रायबरेली के लालगंज थाने में मु0अ0सं0 441/24 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत एक मामला दर्ज है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह, उपनिरीक्षक जगतपाल सिंह, कांस्टेबल शिवम सिंह राठौर, अरुण यादव, प्रमोद यादव और रिक्रूट कांस्टेबल आकाश कुमार गौड़ शामिल थे।1
- उत्तर प्रदेश के अमेठी में लखनऊ-सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। यहाँ एक सीएनजी डीसीएम और महिंद्रा एसयूवी के बीच भीषण टक्कर हुई, जिसके बाद एसयूवी में भयानक आग लग गई। देखते ही देखते पूरा वाहन आग का गोला बन गया। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है।1
- सुल्तानपुर गांव में सोमवार को सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची राजस्व और पुलिस टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इस कार्रवाई के दौरान कुछ ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की चर्चा है। हालाँकि, प्रशासन ने अभियान जारी रखा और करीब 15 बिस्वा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा दिया। नायब तहसीलदार सुधीर श्रीवास्तव और अजय सिंह के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंची थी। मुख्य मार्ग से सटी सरकारी भूमि पर लंबे समय से किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए जेसीबी मशीन का इस्तेमाल किया गया। जैसे ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई, कुछ ग्रामीणों ने विरोध जताना शुरू कर दिया, जिससे पुलिस और ग्रामीणों के बीच कहासुनी हुई और कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। अधिकारियों ने समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया और अभियान जारी रखा। प्रशासन के अनुसार, सरकारी अभिलेखों में दर्ज भूमि पर 12 लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया था, जिसमें कई स्थानों पर छप्पर और अस्थायी निर्माण भी शामिल थे। टीम ने सभी कब्जों को हटवाकर भूमि को खाली करा लिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई तकरार का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।1
- अमेठी जनपद में महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज कलेक्ट्रेट परिसर में ‘शक्ति रसोई कैंटीन’ का उद्घाटन किया गया। डूडा विभाग के दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डीएनयूएलएम) के तहत उजाला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित इस कैंटीन का शुभारंभ जिलाधिकारी संजय चौहान ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के अवसर पर जिलाधिकारी ने कैंटीन का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए इस बात पर जोर दिया कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने का एक प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिलाधिकारी ने कैंटीन परिसर में स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, जिसमें नियमित साफ-सफाई और कूड़ा निस्तारण के लिए पर्याप्त डस्टबिन रखने की बात कही गई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, शुद्धता एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने यह भी उल्लेख किया कि सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। महिला समूहों द्वारा संचालित इस प्रकार के उद्यम न केवल रोजगार के अवसर पैदा करते हैं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी को भी बढ़ावा देते हैं। इस महत्वपूर्ण अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योति सिंह, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अमृता सिंह, उपजिलाधिकारी गौरीगंज प्रीति तिवारी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी केलकर सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- अमेठी में नहरों में पानी न आने से परेशान किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। आज महिला किसान नेता रीता सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लाठी-डंडों से लैस महिला किसानों ने नहर विभाग के कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपकर नहरों में जल्द से जल्द पानी छोड़ने की मांग की। किसानों का कहना है कि खेतों में बेरन लगाने का समय निकल रहा है, लेकिन नहरें सूखी पड़ी हैं, जिससे उनके सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है। पानी के अभाव में धान की नर्सरी और बेरन लगाना मुश्किल हो रहा है। किसानों को निजी पंपिंग सेट से सिंचाई करने पर मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे खेती की लागत कई गुना बढ़ गई है। उनकी चेतावनी है कि यदि समय पर पानी नहीं मिला तो पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी। आक्रोशित महिला किसानों ने कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और नहर विभाग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने अधिशासी अभियंता शारदा सहायक खंड 49 को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल नहरों में पानी छोड़ने की मांग दोहराई। महिला किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया और पानी नहीं छोड़ा गया, तो वे एक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगी। वे आरोप लगा रही हैं कि हर साल समय पर पानी न मिलने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है, और विभाग को उनकी परेशानी समझते हुए तत्काल समाधान करना चाहिए।2