जफराबाद जंक्शन पर यात्री सुविधाओं की अनदेखी और बंद निकासी गली को तुरंत खुलवाने की मांग को लेकर 'जज सिंह अन्ना' ने 17 जून को सुबह 10:00 बजे प्लेटफार्म नंबर 4 की साइड में, जहां दीवार बंद की गई है, वहीं अनिश्चितकालीन आमरण अनशन करने का ऐलान किया है। अन्ना ने इस समस्या को लेकर 5 जून को जिलाधिकारी जौनपुर को एक पत्रक सौंपा था, जिसके बाद उन्होंने 10 जून को डीआरएम से भी मुलाकात की थी, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। समस्या समाप्त न होने के कारण अन्ना अब 'करो या मरो' की राह पर उतर आए हैं। जिलाधिकारी ने इस मामले को संज्ञान में लिया है और अन्ना द्वारा दिखाया गया एक वीडियो भी देखा है, जिसमें हजारों रेलयात्री जफराबाद की दीवार फांद कर दूसरी तरफ से जौनपुर आ रहे हैं। इस स्थिति को देखकर जिलाधिकारी ने तुरंत डीआरएम को इस पर निर्णय लेने के लिए लिखा है। अन्ना ने जिलाधिकारी से 17 जून को अपने आमरण अनशन की अनुमति भी मांगी है। उनकी प्रमुख मांगों में जफराबाद जंक्शन पर यात्री सुविधा के लिए स्थायी एंट्री गेट और बंद पड़ी निकास गली को तत्काल खुलवाना शामिल है।
जफराबाद जंक्शन पर यात्री सुविधाओं की अनदेखी और बंद निकासी गली को तुरंत खुलवाने की मांग को लेकर 'जज सिंह अन्ना' ने 17 जून को सुबह 10:00 बजे प्लेटफार्म नंबर 4 की साइड में, जहां दीवार बंद की गई है, वहीं अनिश्चितकालीन आमरण अनशन करने का ऐलान किया है। अन्ना ने इस समस्या को लेकर 5 जून को जिलाधिकारी जौनपुर को एक पत्रक सौंपा
था, जिसके बाद उन्होंने 10 जून को डीआरएम से भी मुलाकात की थी, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। समस्या समाप्त न होने के कारण अन्ना अब 'करो या मरो' की राह पर उतर आए हैं। जिलाधिकारी ने इस मामले को संज्ञान में लिया है और अन्ना द्वारा दिखाया गया एक वीडियो भी देखा है, जिसमें हजारों रेलयात्री जफराबाद की दीवार फांद
कर दूसरी तरफ से जौनपुर आ रहे हैं। इस स्थिति को देखकर जिलाधिकारी ने तुरंत डीआरएम को इस पर निर्णय लेने के लिए लिखा है। अन्ना ने जिलाधिकारी से 17 जून को अपने आमरण अनशन की अनुमति भी मांगी है। उनकी प्रमुख मांगों में जफराबाद जंक्शन पर यात्री सुविधा के लिए स्थायी एंट्री गेट और बंद पड़ी निकास गली को तत्काल खुलवाना शामिल है।
- प्रथम विधायक ओम प्रकाश दुबे ने अपने विचारों को साझा करते हुए स्पष्ट किया है कि उनके लिए राजनीति कोई व्यवसाय नहीं है, बल्कि जनसेवा ही उनका मूल संकल्प है।1
- प्रतापगढ़ जिले के पट्टी कोतवाली क्षेत्र के रायपुर गांव निवासी राहुल सरोज ने अपनी पत्नी पर सोमवार को घर से 15,000 रुपये नकद और आभूषण लेकर तीन-चार अज्ञात व्यक्तियों के साथ फरार होने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। राहुल के अनुसार, यह घटना सोमवार को दोपहर करीब 11:30 बजे हुई जब वह अपनी मां को दवा दिलाने के लिए पट्टी बाजार गए हुए थे और घर पर कोई मौजूद नहीं था। जब राहुल घर लौटे तो उन्होंने पाया कि उनकी पत्नी गायब है। उन्होंने अपनी पत्नी के पास फोन लगाया, लेकिन शुरुआत में कोई जवाब नहीं मिला। लगभग दो-तीन घंटे बाद, उनकी पत्नी का फोन आया जिसमें उन्होंने राहुल को आगे कोई भी कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी। पट्टी पुलिस ने राहुल सरोज द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विधान भवन के प्रथम तल पर आग लगने की घटना सामने आई है। सूचना मिलते ही दमकल कर्मी तत्काल मौके पर पहुँचे। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए आग पर समय रहते पूरी तरह से काबू पा लिया, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।1
- ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा कस्बे में रविवार रात एक हंसते-खेलते परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जहाँ रात का खाना खाने के कुछ घंटों बाद एक महिला और उसके दो मासूम बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इस दर्दनाक घटना में इलाज के दौरान दोनों बच्चों की मौत हो गई, जबकि 35 वर्षीय माँ की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका अस्पताल में उपचार जारी है। मिली जानकारी के अनुसार, माँ ने रात में तबीयत ठीक न लगने के कारण फल खाए थे, जबकि उनकी 8 साल की बेटी दीपांशी और 5 साल के बेटे प्रिंस ने पास्ता खाया था। रविवार देर रात करीब 3 बजे माँ और दोनों बच्चों को अचानक उल्टियां होने लगीं, जिसके बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। घबराए परिजन उन्हें तुरंत ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने तीनों को बचाने का हर संभव प्रयास किया। हालांकि, इलाज के दौरान दीपांशी और प्रिंस की मौत हो गई और डॉक्टरों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, माँ की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उनका उपचार जारी है।1
- एक व्यक्ति ने अपने भतीजे के तिलक समारोह में हिस्सा लिया, जहाँ सभी उपस्थित लोगों ने नृत्य का खूब आनंद उठाया।1
- 4000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) जलाने वाली घटना हो या शिक्षा मंत्रालय में लगी आग, देश की जनता इन सभी घटनाओं को भली-भांति समझ रही है। यह आरोप लगाया गया है कि पूरा देश भाजपा की 'नागरिकखोर सरकार' के महाभ्रष्टाचार का एक बड़ा सुबूत बन चुका है। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि आखिर कितने सुबूत खत्म किए जाएंगे?1