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लोकेशन बोकारो से नेशनल हेड एवं लीगल एडवाइजर अधिवक्ता राजेश कुमार की विशेष रिपोर्ट। एंकर बोकारो में पुलिस की नाकामी का शर्मनाक सिलसिला: हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 28 पुलिसकर्मी सस्पेंड, लेकिन क्या आम आदमी की बेटी सुरक्षित है? बोकारो, झारखंड के बोकारो जिले में एक बार फिर पुलिस व्यवस्था की लोकेशन बोकारो से नेशनल हेड एवं लीगल एडवाइजर अधिवक्ता राजेश कुमार की विशेष रिपोर्ट। एंकर बोकारो में पुलिस की नाकामी का शर्मनाक सिलसिला: हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 28 पुलिसकर्मी सस्पेंड, लेकिन क्या आम आदमी की बेटी सुरक्षित है? बोकारो, झारखंड के बोकारो जिले में एक बार फिर पुलिस व्यवस्था की गंभीर लापरवाही और कथित मिलीभगत उजागर हुई है। 18 वर्षीय पुष्पा कुमारी महतो (पुष्पा कुमारी) की गुमशुदगी के नौ महीने बाद उनके कंकाल के अवशेष मिलने के बाद बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने पिंडराजोरा थाने के पूरे 28 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। यह कार्रवाई झारखंड हाईकोर्ट के कड़े हस्तक्षेप के बाद हुई, जब पीड़ित परिवार की शिकायत पर कोर्ट ने पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए पुष्पा कुमारी 21 जुलाई 2025 को चास कॉलेज में आवेदन जमा करने गई थीं और उसके बाद लापता हो गईं। उनकी मां रेखा देवी ने उसी दिन पिंडराजोरा थाने में अपहरण की शिकायत दी, लेकिन FIR 10 दिन बाद 4 अगस्त को दर्ज हुई। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया, आरोपी दिनेश कुमार महतो (26 वर्षीय, पुष्पा के प्रेमी) के साथ मिलीभगत की, रिश्वत ली और यहां तक कि आरोपी के साथ पार्टी भी की। आरोपी ने कबूल किया कि उसने शादी का दबाव पड़ने पर पुष्पा को चाकू से मारकर जंगल में फेंक दिया। शव के अवशेष (19 हड्डियां, बाल, कपड़े और चाकू) चास कॉलेज के पास मधुतांड जंगल से बरामद हुए। एसपी हरविंदर सिंह ने तुरंत कार्रवाई करते हुए थाने के प्रभारी अभिषेक रंजन, जांच अधिकारी अनिकेत कुमार समेत सभी 28 कर्मचारियों (10 सब-इंस्पेक्टर, 5 एएसआई और 13 कांस्टेबल) को सस्पेंड कर दिया। एसपी ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने जांच को भटकाया, गोपनीयता भंग की और आरोपी को बचाने की कोशिश की। यह कदम सराहनीय है, लेकिन सवाल उठता है – क्या यह पर्याप्त है? झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने एसपी हरविंदर सिंह की भी सस्पेंशन की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि एसपी ने निचले स्तर के कर्मचारियों पर सारा दोष डालकर खुद को बचाने की कोशिश की है। एसोसिएशन अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू ने कहा कि यह घटना पूरे पुलिस तंत्र की विफलता है। आम आदमी की बेटी बोकारो में सुरक्षित नहीं? यह मामला अकेला नहीं है। बोकारो पुलिस की व्यवहार जनता से अलग-थलग है – संवाद नहीं, अनुसंधान में लापरवाही, अभद्र भाषा और महिलाओं/बच्चों के मामलों में उदासीनता आम है। हाल ही में चास महिला थाने की प्रभारी ने भी विवादास्पद कार्रवाई की, जिस पर सिर्फ ट्रांसफर हुआ, सस्पेंशन नहीं। उपयोगकर्ता की बात सही है – हर व्यक्ति हाईकोर्ट नहीं जा सकता। गरीब मां-बाप जब गुमशुदा बेटी की रिपोर्ट पिंडराजोरा या अन्य थाने में देते हैं तो उन्हें अपमान सहना पड़ता है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) 2023 के आंकड़े चौंकाने वाले हैं: पूरे देश में बच्चों के खिलाफ अपराध के 1,77,335 मामले दर्ज हुए, जो 2022 से 9.2% अधिक हैं। POCSO एक्ट के तहत 67,694 मामले (38.2%), जिसमें 3 से 13 वर्ष की लड़कियों पर यौन शोषण प्रमुख है। अपहरण और अपहरण के 79,884 मामले (45%) झारखंड में स्थिति और गंभीर है। राज्य देश में नाबालिग लड़कियों के बलात्कार के मामलों में तीसरे स्थान पर है। 2020 से जून 2024 तक 7,431 बलात्कार मामले दर्ज हुए – औसतन रोज 4.5 मामले। बोकारो जैसे औद्योगिक जिलों में यह आंकड़ा दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। सिर्फ सस्पेंशन से समस्या हल नहीं होगी 28 पुलिसकर्मियों का सस्पेंशन एक सख्त कदम है, लेकिन यह जड़ तक नहीं पहुंचता। बोकारो पुलिस में जनता से संवाद की कमी, जांच की लापरवाही और अभद्र व्यवहार आम है। अगर पुलिस वाले खुद सोचें कि “हमारे घर में भी बेटी-बहू है”, तो शायद स्थिति बदलती। लेकिन वास्तविकता अलग है। परिवार की मांग है कि पूरे मामले की CBI जांच हो, ताकि कोई बड़ा नेता या प्रभावशाली व्यक्ति शामिल हो तो उसका पर्दाफाश हो। पिंडराजोरा निवासी पुष्पा कुमारी के परिवार को इंसाफ मिलना चाहिए। बोकारो एसपी को अब बड़े सुधार करने होंगे – पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षण, थानों में महिला/बाल सुरक्षा डेस्क को मजबूत करना, FIR तुरंत दर्ज करने की व्यवस्था और जनता से सीधा संवाद। अन्यथा हाईकोर्ट के आदेश और सस्पेंशन सिर्फ अस्थायी राहत बनकर रह जाएंगे। पुष्पा कुमारी की आत्मा को शांति मिले। बोकारो पुलिस को चेतावनी: आम आदमी की बेटी अब हाईकोर्ट का इंतजार नहीं करेगी। इंसाफ समय पर मिलना चाहिए, वरना विश्वास पूरी तरह टूट जाएगा। इतना ही नहीं यह लड़ाई खत्म नहीं होनी चाहिए दिनेश महतो तो एक मोहर हो सकता है इसके आगे भी और कहानी हो सकती है पुलिस को इसके अंदर तक अनुसंधान करना चाहिए और इसके पीछे जो भी लोग हो उसको जल्द से जल्द जेल के चार दीवारों के अंदर कीजिए और बोकारो के लोग सिर्फ यह न सोचे की भी है बहुत हो गया अभी और सभी बोकरवासी को मिलकर इस बेटी के लिए आवाज उठाना होगा और बोकारो के सभी मीडिया जो देश के चौथे स्तंभ होते हैं उनका यह फर्ज बनता है कि इस घटना को लगातार समय-समय पूछ ले ताकि और भी इसके अंदर जो भी नकाबपोश लोग छुपे हैं वह बाहर आए इस पर एक आर्टिकल अच्छा सेलिखकर भेजें

21 hrs ago
user_Rajesh Kumar
Rajesh Kumar
Lawyer Chas, Bokaro•
21 hrs ago

लोकेशन बोकारो से नेशनल हेड एवं लीगल एडवाइजर अधिवक्ता राजेश कुमार की विशेष रिपोर्ट। एंकर बोकारो में पुलिस की नाकामी का शर्मनाक सिलसिला: हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 28 पुलिसकर्मी सस्पेंड, लेकिन क्या आम आदमी की बेटी सुरक्षित है? बोकारो, झारखंड के बोकारो जिले में एक बार फिर पुलिस व्यवस्था की लोकेशन बोकारो से नेशनल हेड एवं लीगल एडवाइजर अधिवक्ता राजेश कुमार की विशेष रिपोर्ट। एंकर बोकारो में पुलिस की नाकामी का शर्मनाक सिलसिला: हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 28 पुलिसकर्मी सस्पेंड, लेकिन क्या आम आदमी की बेटी सुरक्षित है? बोकारो, झारखंड के बोकारो जिले में एक बार फिर पुलिस व्यवस्था की गंभीर लापरवाही और कथित मिलीभगत उजागर हुई है। 18 वर्षीय पुष्पा कुमारी महतो (पुष्पा कुमारी) की गुमशुदगी के नौ महीने बाद उनके कंकाल के अवशेष मिलने के बाद बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने पिंडराजोरा थाने के पूरे 28 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। यह कार्रवाई झारखंड हाईकोर्ट के कड़े हस्तक्षेप के बाद हुई, जब पीड़ित परिवार की शिकायत पर कोर्ट ने पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए पुष्पा कुमारी 21 जुलाई 2025 को चास कॉलेज में आवेदन जमा करने गई थीं और उसके बाद लापता हो गईं। उनकी मां रेखा देवी ने उसी दिन पिंडराजोरा थाने में अपहरण की शिकायत दी, लेकिन FIR 10 दिन बाद 4 अगस्त को दर्ज हुई। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया, आरोपी दिनेश कुमार महतो (26 वर्षीय, पुष्पा के प्रेमी) के साथ मिलीभगत की, रिश्वत ली और यहां तक कि आरोपी के साथ पार्टी भी की। आरोपी ने कबूल किया कि उसने शादी का दबाव पड़ने पर पुष्पा को चाकू से मारकर जंगल में फेंक दिया। शव के अवशेष (19 हड्डियां, बाल, कपड़े और चाकू) चास कॉलेज के पास मधुतांड जंगल से बरामद हुए। एसपी हरविंदर सिंह ने तुरंत कार्रवाई करते हुए थाने के प्रभारी अभिषेक रंजन, जांच अधिकारी अनिकेत कुमार समेत सभी 28 कर्मचारियों (10 सब-इंस्पेक्टर, 5 एएसआई और 13 कांस्टेबल) को सस्पेंड कर दिया। एसपी ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने जांच को भटकाया, गोपनीयता भंग की और आरोपी को बचाने की कोशिश की। यह कदम सराहनीय है, लेकिन सवाल उठता है – क्या यह पर्याप्त है? झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने एसपी हरविंदर सिंह की भी सस्पेंशन की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि एसपी ने निचले स्तर के कर्मचारियों पर सारा दोष डालकर खुद को बचाने की कोशिश की है। एसोसिएशन अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू ने कहा कि यह घटना पूरे पुलिस तंत्र की विफलता है। आम आदमी की बेटी बोकारो में सुरक्षित नहीं? यह मामला अकेला नहीं है। बोकारो पुलिस की व्यवहार जनता से अलग-थलग है – संवाद नहीं, अनुसंधान में लापरवाही, अभद्र भाषा और महिलाओं/बच्चों के मामलों में उदासीनता आम है। हाल ही में चास महिला थाने की प्रभारी ने भी विवादास्पद कार्रवाई की, जिस पर सिर्फ ट्रांसफर हुआ, सस्पेंशन नहीं। उपयोगकर्ता की बात सही है – हर व्यक्ति हाईकोर्ट नहीं जा सकता। गरीब मां-बाप जब गुमशुदा बेटी की रिपोर्ट पिंडराजोरा या अन्य थाने में देते हैं तो उन्हें अपमान सहना पड़ता है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) 2023 के आंकड़े चौंकाने वाले हैं: पूरे देश में बच्चों के खिलाफ अपराध के 1,77,335 मामले दर्ज हुए, जो 2022 से 9.2% अधिक हैं। POCSO एक्ट के तहत 67,694 मामले (38.2%), जिसमें 3 से 13 वर्ष की लड़कियों पर यौन शोषण प्रमुख है। अपहरण और अपहरण के 79,884 मामले (45%) झारखंड में स्थिति और गंभीर है। राज्य देश में नाबालिग लड़कियों के बलात्कार के मामलों में तीसरे स्थान पर है। 2020 से जून 2024 तक 7,431 बलात्कार मामले दर्ज हुए – औसतन रोज 4.5 मामले। बोकारो जैसे औद्योगिक जिलों में यह आंकड़ा दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। सिर्फ सस्पेंशन से समस्या हल नहीं होगी 28 पुलिसकर्मियों का सस्पेंशन एक सख्त कदम है, लेकिन यह जड़ तक नहीं पहुंचता। बोकारो पुलिस में जनता से संवाद की कमी, जांच की लापरवाही और अभद्र व्यवहार आम है। अगर पुलिस वाले खुद सोचें कि “हमारे घर में भी बेटी-बहू है”, तो शायद स्थिति बदलती। लेकिन वास्तविकता अलग है। परिवार की मांग है कि पूरे मामले की CBI जांच हो, ताकि कोई बड़ा नेता या प्रभावशाली व्यक्ति शामिल हो तो उसका पर्दाफाश हो। पिंडराजोरा निवासी पुष्पा कुमारी के परिवार को इंसाफ मिलना चाहिए। बोकारो एसपी को अब बड़े सुधार करने होंगे – पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षण, थानों में महिला/बाल सुरक्षा डेस्क को मजबूत करना, FIR तुरंत दर्ज करने की व्यवस्था और जनता से सीधा संवाद। अन्यथा हाईकोर्ट के आदेश और सस्पेंशन सिर्फ अस्थायी राहत बनकर रह जाएंगे। पुष्पा कुमारी की आत्मा को शांति मिले। बोकारो पुलिस को चेतावनी: आम आदमी की बेटी अब हाईकोर्ट का इंतजार नहीं करेगी। इंसाफ समय पर मिलना चाहिए, वरना विश्वास पूरी तरह टूट जाएगा। इतना ही नहीं यह लड़ाई खत्म नहीं होनी चाहिए दिनेश महतो तो एक मोहर हो सकता है इसके आगे भी और कहानी हो सकती है पुलिस को इसके अंदर तक अनुसंधान करना चाहिए और इसके पीछे जो भी लोग हो उसको जल्द से जल्द जेल के चार दीवारों के अंदर कीजिए और बोकारो के लोग सिर्फ यह न सोचे की भी है बहुत हो गया अभी और सभी बोकरवासी को मिलकर इस बेटी के लिए आवाज उठाना होगा और बोकारो के सभी मीडिया जो देश के चौथे स्तंभ होते हैं उनका यह फर्ज बनता है कि इस घटना को लगातार समय-समय पूछ ले ताकि और भी इसके अंदर जो भी नकाबपोश लोग छुपे हैं वह बाहर आए इस पर एक आर्टिकल अच्छा सेलिखकर भेजें

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    SHASHVAT NEWS
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    4 hrs ago
  • Post by ARBIND KUMAR
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    Post by ARBIND KUMAR
    user_ARBIND KUMAR
    ARBIND KUMAR
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    7 hrs ago
  • देशभर के पत्रकारों का जमावड़ा 3 मई 2026 दिन रविवार को धनबाद रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे ऑडिटोरियम हॉल में राष्ट्रीय महाधिवेशन में पत्रकारों के हक अधिकार सुरक्षा को लेकर देशव्यापी आंदोलन का होगा शंखनाद ...
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    7 hrs ago
  • केन्दुआडीह गैस रिसाव और भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने गुरुवार को प्रभावित इलाके का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सबसे पहले धनबाद-बोकारो मुख्य सड़क का अवलोकन किया, जो अग्नि और भू-धंसान से बुरी तरह प्रभावित है. इसके बाद गैस रिसाव स्थल का निरीक्षण कर स्थिति की गंभीरता को समझा गया. केन्दुआडीह थाना में बीसीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई. उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि प्रभावित क्षेत्र में रह रहे परिवारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि 535 परिवारों की पहचान की गई है और सभी को बेलगड़िया में बसाने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है. यहां लोगों को दो-दो फ्लैट, बिजली, पानी, सड़क, स्कूल, हेल्थ सेंटर, परिवहन और कौशल विकास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भूमिगत आग के कारण गैस रिसाव रुकने वाला नहीं है, बल्कि आने वाले समय में इसका दायरा और बढ़ सकता है. आईआईटी (आईएसएम), डीजीएमएस और सिंफर जैसे संस्थानों ने भी इस पूरे इलाके को डेंजर जोन घोषित किया है. ऐसे में यहां रहना जानलेवा साबित हो सकता है. उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और तुरंत बेलगड़िया में शिफ्ट हो जाएं. वहीं धनबाद-बोकारो सड़क के क्षतिग्रस्त होने के कारण आम लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने को कहा गया है. नई सड़क के निर्माण को लेकर एनएचएआई और आरसीडी आकलन कर रहे हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केन्दुआडीह थाना को भी स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है. सोमवार तक थाना को केंदुआ स्थित पुराने बीएसएनएल भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा. प्रशासन ने साफ किया है कि लोगों की जान की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है और प्रभावित क्षेत्र को खाली कराना ही फिलहाल एकमात्र सुरक्षित विकल्प है.
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    केन्दुआडीह गैस रिसाव और भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने गुरुवार को प्रभावित इलाके का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया.
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सबसे पहले धनबाद-बोकारो मुख्य सड़क का अवलोकन किया, जो अग्नि और भू-धंसान से बुरी तरह प्रभावित है. इसके बाद गैस रिसाव स्थल का निरीक्षण कर स्थिति की गंभीरता को समझा गया. केन्दुआडीह थाना में बीसीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई.
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि प्रभावित क्षेत्र में रह रहे परिवारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि 535 परिवारों की पहचान की गई है और सभी को बेलगड़िया में बसाने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है. यहां लोगों को दो-दो फ्लैट, बिजली, पानी, सड़क, स्कूल, हेल्थ सेंटर, परिवहन और कौशल विकास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भूमिगत आग के कारण गैस रिसाव रुकने वाला नहीं है, बल्कि आने वाले समय में इसका दायरा और बढ़ सकता है. आईआईटी (आईएसएम), डीजीएमएस और सिंफर जैसे संस्थानों ने भी इस पूरे इलाके को डेंजर जोन घोषित किया है. ऐसे में यहां रहना जानलेवा साबित हो सकता है.
उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और तुरंत बेलगड़िया में शिफ्ट हो जाएं. वहीं धनबाद-बोकारो सड़क के क्षतिग्रस्त होने के कारण आम लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने को कहा गया है. नई सड़क के निर्माण को लेकर एनएचएआई और आरसीडी आकलन कर रहे हैं.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केन्दुआडीह थाना को भी स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है. सोमवार तक थाना को केंदुआ स्थित पुराने बीएसएनएल भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा.
प्रशासन ने साफ किया है कि लोगों की जान की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है और प्रभावित क्षेत्र को खाली कराना ही फिलहाल एकमात्र सुरक्षित विकल्प है.
    user_Sheikh Nazim
    Sheikh Nazim
    बाघमारा-कम-कटरास, धनबाद, झारखंड•
    7 hrs ago
  • Post by Niraj Kumar
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    Post by Niraj Kumar
    user_Niraj Kumar
    Niraj Kumar
    Local News Reporter धनबाद-कम-केंदुआडीह-कम-जागता, धनबाद, झारखंड•
    18 hrs ago
  • #जोरापोखर थाना क्षेत्र के भुलन बरारी स्थित बीसीसीएल मैगजीन के पास हुए मोहम्मद शमीम अंसारी उर्फ गुड्डु सेठ हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर लिया है.# इस संबंध में जानकारी देते हुए धनबाद के सिटी एस पी ऋतिक श्रीवास्तव ने बताया कि हत्याकांड में मृतक के दुकान के स्टाफ मोहम्मद अलबक्श अंसारी उर्फ सिद्धू, शुभम सिंह और तीन नाबालिगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हथियार, क्षतिग्रस्त मोबाइल और मोटरसाइकिल भी बरामद कर लिया है. जांच में जानकारी मिली की मृतक की पत्नी के अन्य लोगों से संबंध थे, जिससे पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था. इसी दौरान स्टाफ अलबक्श अंसारी का भी मृतक की पत्नी से संबंध था. जब इस बात की जानकारी गुड्डु सेठ को हुई, तो उसने सिद्धू को मारने की योजना बनाई. इसकी भनक लगते ही सिद्धू ने अपने साथियों के साथ मिलकर उल्टा गुड्डु सेठ की हत्या की साजिश रच डाली. आरोपियों ने हथियार और गोली के लिए 50 हजार रुपये दिए। 12 अप्रैल की रात सिद्धू ने बहाने से गुड्डु सेठ को बाइक पर बैठाकर ओबी डंप के पास ले गया, जहां पहले से मौजूद साथियों के साथ मिलकर उसके सिर में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि हत्या में 7.65 एमएम का देसी पिस्तौल इस्तेमाल किया गया फिलहाल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर क़ानून सम्मत कार्रवाई की जा रही है.
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    #जोरापोखर थाना क्षेत्र के भुलन बरारी स्थित बीसीसीएल मैगजीन के पास हुए मोहम्मद शमीम अंसारी उर्फ गुड्डु सेठ हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर लिया है.#
इस संबंध में जानकारी देते हुए धनबाद के सिटी एस पी ऋतिक श्रीवास्तव ने बताया कि हत्याकांड में मृतक के दुकान के स्टाफ मोहम्मद अलबक्श अंसारी उर्फ सिद्धू, शुभम सिंह और तीन नाबालिगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हथियार, क्षतिग्रस्त मोबाइल और मोटरसाइकिल भी बरामद कर लिया है. 
जांच में जानकारी मिली की मृतक की पत्नी के अन्य लोगों से संबंध थे, जिससे पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था. इसी दौरान स्टाफ अलबक्श अंसारी का भी मृतक की पत्नी से संबंध था. जब इस बात की जानकारी गुड्डु सेठ को हुई, तो उसने सिद्धू को मारने की योजना बनाई.
इसकी भनक लगते ही सिद्धू ने अपने साथियों के साथ मिलकर उल्टा गुड्डु सेठ की हत्या की साजिश रच डाली. आरोपियों ने हथियार और गोली के लिए 50 हजार रुपये दिए। 12 अप्रैल की रात सिद्धू ने बहाने से गुड्डु सेठ को बाइक पर बैठाकर ओबी डंप के पास ले गया, जहां पहले से मौजूद साथियों के साथ मिलकर उसके सिर में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
पुलिस ने बताया कि हत्या में 7.65 एमएम का देसी पिस्तौल इस्तेमाल किया गया फिलहाल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर क़ानून सम्मत कार्रवाई की जा रही है.
    user_प्रेम कुमार *पत्रकार*
    प्रेम कुमार *पत्रकार*
    Local News Reporter बाघमारा-कम-कटरास, धनबाद, झारखंड•
    21 hrs ago
  • Post by SHASHVAT NEWS
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    Post by SHASHVAT NEWS
    user_SHASHVAT NEWS
    SHASHVAT NEWS
    Social worker चास, बोकारो, झारखंड•
    5 hrs ago
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