सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ लोहे की एक छड़ काटने जैसे मामूली विवाद में एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। 'अडिग छत्तीसगढ़िया न्यूज (ACCG NEWS)' के अनुसार, दरिमा पुलिस ने इस हत्याकांड में त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में हत्यारे को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। यह सनसनीखेज वारदात दरिमा थाने के अंतर्गत आने वाले ग्राम पम्पापुर खुटन पारा की है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक मौसम दास पिछले 3-4 सालों से अपने ससुराल में 'घरजमाई' के रूप में रह रहा था। 20 जून की सुबह करीब 11:30 बजे, वह घर के पास एक लोहे की छड़ काट रहा था, तभी पड़ोस में रहने वाले आरोपी लिलाम सिंह (31 वर्ष) ने इसका विरोध किया। बात इतनी बढ़ी कि गुस्से में आगबबूला होकर लिलाम सिंह ने पास ही रखे लकड़ी के भारी 'हरीशे' को उठाया और मौसम दास के सिर पर पीछे से जानलेवा वार कर दिया। इस घातक प्रहार से मौसम दास मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ा और अंबिकापुर जिला अस्पताल ले जाते समय उसकी दर्दनाक मौत हो गई। दिनदहाड़े हुई इस हत्या की सूचना मिलते ही सरगुजा डीआईजी एवं एसएसपी श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) ने तत्काल और सख्त एक्शन के निर्देश दिए। दरिमा थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश खलखो के नेतृत्व में एसआई सत्येंद्र सिंह और अन्य पुलिस जवानों की टीम ने बिना समय गंवाए घटनास्थल की घेराबंदी की। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी लिलाम सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया लकड़ी का हरीशा भी जब्त कर लिया है और आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया गया है। दरिमा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की गई है, जिसने कातिल को भागने का मौका नहीं दिया। 'ACCG NEWS' के चीफ एडिटर एवं मीडिया एक्टिविस्ट शुभम पाठक ने इस घटना पर अपना स्टैंड स्पष्ट करते हुए कहा कि आज के दौर में इंसान का गुस्सा उसकी इंसानियत पर इस कदर हावी हो चुका है कि रिश्तों और पड़ोस की अहमियत खत्म होती जा रही है। महज़ एक छड़ काटने जैसी बात पर किसी की जान ले लेना यह दर्शाता है कि समाज में सहनशीलता खत्म हो चुकी है और बढ़ता अपराध समाज के लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने समाज से इस दिशा में सोचने का आग्रह किया, और दोहराया कि 'ACCG NEWS' डरता नहीं बल्कि अपने अधिकारों और स्वाभिमान के लिए लड़ता है।
सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ लोहे की एक छड़ काटने जैसे मामूली विवाद में एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। 'अडिग छत्तीसगढ़िया न्यूज (ACCG NEWS)' के अनुसार, दरिमा पुलिस ने इस हत्याकांड में त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में हत्यारे को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। यह सनसनीखेज वारदात दरिमा थाने के अंतर्गत आने वाले ग्राम पम्पापुर खुटन पारा की है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक मौसम दास पिछले 3-4 सालों से अपने ससुराल में 'घरजमाई' के रूप में रह रहा था। 20 जून की सुबह करीब 11:30 बजे, वह घर के पास एक लोहे की छड़ काट रहा था, तभी पड़ोस में रहने वाले आरोपी लिलाम सिंह (31 वर्ष) ने इसका विरोध किया। बात इतनी बढ़ी कि गुस्से में आगबबूला होकर लिलाम सिंह ने पास ही रखे लकड़ी के भारी 'हरीशे' को उठाया और मौसम दास के सिर पर पीछे से जानलेवा वार कर दिया। इस घातक प्रहार से मौसम दास मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ा और अंबिकापुर जिला अस्पताल ले जाते समय उसकी दर्दनाक मौत हो गई। दिनदहाड़े हुई इस हत्या की सूचना मिलते ही सरगुजा डीआईजी एवं एसएसपी श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) ने तत्काल और सख्त एक्शन के निर्देश दिए। दरिमा थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश खलखो के नेतृत्व में एसआई सत्येंद्र सिंह और अन्य पुलिस जवानों की टीम ने बिना समय गंवाए घटनास्थल की घेराबंदी की। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी लिलाम सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया लकड़ी का हरीशा भी जब्त कर लिया है और आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया गया है। दरिमा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की गई है, जिसने कातिल को भागने का मौका नहीं दिया। 'ACCG NEWS' के चीफ एडिटर एवं मीडिया एक्टिविस्ट शुभम पाठक ने इस घटना पर अपना स्टैंड स्पष्ट करते हुए कहा कि आज के दौर में इंसान का गुस्सा उसकी इंसानियत पर इस कदर हावी हो चुका है कि रिश्तों और पड़ोस की अहमियत खत्म होती जा रही है। महज़ एक छड़ काटने जैसी बात पर किसी की जान ले लेना यह दर्शाता है कि समाज में सहनशीलता खत्म हो चुकी है और बढ़ता अपराध समाज के लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने समाज से इस दिशा में सोचने का आग्रह किया, और दोहराया कि 'ACCG NEWS' डरता नहीं बल्कि अपने अधिकारों और स्वाभिमान के लिए लड़ता है।
- सरगुजा जिले के लखनपुर इलाके में रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पुरानी रंजिश और गुस्से में अंधे एक सगे भाई ने अपने ही भाई को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। 'अडिग छत्तीसगढ़िया न्यूज (ACCG NEWS)' के अनुसार, यह मामला समाज में बढ़ते क्रोध और गिरते संस्कारों पर सोचने पर मजबूर करता है। यह नृशंस वारदात 20 जून की दोपहर, लखनपुर थाने के अंतर्गत ग्राम अलगा बेन्दोपानी (बेलदगी) में घटी। 32 वर्षीय पांडे कोरवा का अपने ही सगे भाई, 25 वर्षीय श्रवण कोरवा, और एक नाबालिग (विधि से संघर्षरत बालक) के साथ पुरानी रंजिश और आपसी विवाद को लेकर भयंकर झगड़ा हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि श्रवण कोरवा ने पांडे कोरवा की नाक दाँतों से काट ली और फिर नाबालिग के साथ मिलकर ईंट-पत्थरों से उसके सिर और कान के पास इतने गंभीर वार किए कि पांडे कोरवा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही, सरगुजा के डीआईजी एवं एसएसपी श्री राजेश अग्रवाल के सख्त निर्देश पर लखनपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संपत पोटाई के नेतृत्व में पुलिस और FSL की टीम ने मौके का मुआयना किया और घटना स्थल से खून से सने ईंट के टुकड़े व पत्थर बरामद किए। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर हत्या के आरोपी भाई श्रवण कोरवा और नाबालिग को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने खून से सने कपड़े भी ज़ब्त कर लिए। बालिग आरोपी को न्यायालय और नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया है। ACCG NEWS और चीफ एडिटर शुभम पाठक ने इस घटना को सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के माथे पर एक कलंक बताया है, और समाज में बढ़ते क्रोध तथा गिरते संस्कारों पर चिंता व्यक्त की है। रिपोर्ट में लखनपुर पुलिस (एसआई संपत पोटाई, प्रधान आरक्षक सतीश कुमार सिंह और पूरी टीम) की त्वरित एवं मुस्तैद कार्रवाई की सराहना की गई है, लेकिन साथ ही यह भी अपील की गई है कि आपसी विवादों को खून-खराबे की बजाय बातचीत और समझदारी से सुलझाने की पहल होनी चाहिए।1
- सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते दो छोटे भाइयों ने मिलकर अपने बड़े भाई पांडे कोरवा की ईंट-पत्थर से ताबड़तोड़ प्रहार कर हत्या कर दी। यह घटना 20 जून की दोपहर को उनके घर में हुई थी, जिसके बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे। लखनपुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रविवार को दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें एक आरोपी नाबालिग है। मृतक पांडे कोरवा (32 वर्ष), पिता रामधन कोरवा, ग्राम अलगा के बेंदोपानी निवासी था। उसके 25 वर्षीय छोटे भाई सरवन कोरवा और एक नाबालिग भाई उससे पुरानी रंजिश रखते थे। 20 जून की दोपहर उनके बीच फिर किसी बात को लेकर विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर सरवन कोरवा और नाबालिग भाई ने पांडे कोरवा को पहले पीटा, फिर ईंट-पत्थर से उसके सिर और कनपटी पर लगातार हमला किया, जिससे गंभीर चोट लगने के कारण वह लहूलुहान होकर मौके पर ही दम तोड़ गया। हत्या के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए, जिसकी सूचना परिजनों ने लखनपुर पुलिस को दी। हत्या की सूचना मिलने पर लखनपुर पुलिस और एफएसएल की टीम घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद, पुलिस ने मुखबिर की जानकारी पर दोनों आरोपियों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों भाइयों ने अपने बड़े भाई से पुरानी रंजिश के कारण हत्या करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 103 (1) और 3 (5) बीएनएस के तहत कार्रवाई की है। सरवन कोरवा को जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग आरोपी को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी लखनपुर एसआई संपत पोटाई, प्रधान आरक्षक सतीश कुमार सिंह, पीतांबर सिंह, आरक्षक सुरेश गुप्ता, रामकुमार यादव, आशीष चौहान और सोहन राजवाड़े शामिल थे।1
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर पहुँचकर राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि पूरा देश जानता है कि राहुल गांधी जहाँ-जहाँ जाते हैं, वहाँ क्या हश्र होता है, और तंज कसते हुए यह भी जोड़ा कि उनके आने से किसी का कोई भला नहीं होने वाला है। इसी दौरान, योग दिवस पर लगाए गए डोम को लेकर हो रहे फर्जीवाड़े के आरोपों पर मुख्यमंत्री साय ने पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग आरोप लगा रहे हैं, उन्हें पहले अपने गिरेबान में झाँकना चाहिए। सीएम ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा, आरोप लगाते हुए कहा कि बीते पाँच सालों में प्रदेश को लूटने और जमकर घोटाले करने का काम किया गया है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस भ्रष्टाचार के चलते कुछ लोग आज जेल में हैं, कुछ बेल पर हैं, और बाकी जेल जाने की तैयारी में हैं।1
- भारत भूषण तिवारी का एक लाइव एनकाउंटर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्पष्ट रूप से कई गोलियां चलती दिख रही हैं। वीडियो के माध्यम से दर्शाया गया है कि कैसे एक अकेले इंसान पर कई गोलियां चलाई गईं और उसे "फील्डिंग लगाकर" घेरा गया। वायरल वीडियो के साथ यह संदेश दिया जा रहा है कि यदि किसी व्यक्ति को यह ज्ञात हो जाए कि उसे पागलखाने भेजकर सच में पागल करने की साजिश रची जा रही है, तो उसके पास केवल एक ही विकल्प बचता है। ऐसे में, उस व्यक्ति ने सचमुच पागल बनने की बजाय एक क्रांतिकारी बनकर सीने में गोली लेना बेहतर समझा। इस घटना के संदर्भ में, लोगों से अपनी राय मांगी गई है कि क्या यह कदम सही था।1
- योग दिवस के अवसर पर बलरामपुर में एक जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित कई अधिकारियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया।1
- कोरिया कलेक्टर ने एक स्कूल का दौरा कर बच्चों को पढ़ाया। इस दौरान, उन्होंने वहां के शिक्षकों को भी फटकार लगाई। कलेक्टर ने कड़े शब्दों में कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।3
- कोरबा में 'हर घर जल' योजना की शुरुआत तो हुई और इसके तहत हर घर में नल भी लगाए गए। हालांकि, इस योजना के बावजूद इन नलों से पानी की एक बूंद भी नहीं आ रही है, जिसके चलते पूरा गांव प्यासा है।1
- अंबिकापुर में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का कार्यक्रम भव्यता के साथ मनाया गया। इस आयोजन में मुख्यमंत्री (सीएम) और कई मंत्रीगण भी उपस्थित रहे। यह उत्सव 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम पार्ट 2' के रूप में संपन्न हुआ।4