पुलिस का डंडा गरीब पर, संरक्षण अपराधी को मुन्नीलाल पर बस्ती पुलिस का अत्याचार। हरैया थाने की मनमानी निर्दोष मजदूर मुन्नीलाल पर बेरहमी से मारपीट, चोरों को छोड़ गरीबों पर डंडे का कहर। बस्ती हरैया थाने की पुलिस ने निर्दोष मजदूर मुन्नीलाल चौधरी को शनिवार को मंदिर से मुकुट चोरी के झूठे मामले में थाने ले जाकर बेरहमी से पीटा गया। नाक से खून बहने लगी, हालत गंभीर हो गई, फिर भी रात भर थाने में बंद रखा। न पानी दिया,न भोजन कराया। परिजनों के अनुसार, पुलिस ने बरी तरह पीट दिया, जिससे मुन्नीलाल बेहोश हो गए। परिजनों ने हरैया अस्पताल में इलाज कराया, जहां रात भर उल्टी होती रही। मजदूर मुन्नीलाल चौधरी अब इतने कमजोर हैं कि मजदूरी करने लायक नहीं बचे। परिवार का पेट कैसे पालेगा? इलाज का खर्च कौन वहन करेगा? गरीब परिवार के सामने अब लाले पड़े हैं। पत्नी और बेटी परेशान हैं कि आगे क्या होगा। चोरों को संरक्षण, निर्दोषों पर अत्याचार। मुकुट चोरी के मामले में पुलिस असली अपराधियों तक नहीं पहुंच पाई, बल्कि निर्दोष मजदूर को निशाना बनाया। दर्जनों शिकायतों के बावजूद चोरों पर कोई कार्रवाई नहीं। इसके उलट, झूठे प्रार्थना पत्रों पर गरीबों को पकड़कर पीटने का सिलसिला चल रहा है। आईजीआरएस शिकायतें डिफॉल्ट होने पर भी थाना अध्यक्ष तहसीलदार सिंह पर कोई एक्शन नहीं। कई सालों से इसी थाने पर जमे होने के कारण उनकी मनमानी बढ़ती जा रही है। दिनभर अनैतिक कार्यों में व्यस्त रहने का आरोप लग रहा है। परिजनों का कहना है कि यह मानवाधिकार का घोर उल्लंघन है। थाना अध्यक्ष तहसीलदार सिंह पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखा जाएगा। मुख्यमंत्री को भी शिकायत भेजी जाएगी। बस्ती पुलिस कब सुधरेगी? गरीबों की आस कब पूरी होगी? आमजन परेशान है, न्याय की उम्मीद टूट रही है। पुलिस की लापरवाही पर सवाल। रुपये लेकर गरीबों को उठाने और अपराधियों को बचाने का आरोप लग रहा है। थाने की यह कार्यशैली आमजन को परेशान कर रही है। जिम्मेदार अधिकारी चुप हैं, जबकि निर्दोष परिवार बर्बाद हो रहा है।
पुलिस का डंडा गरीब पर, संरक्षण अपराधी को मुन्नीलाल पर बस्ती पुलिस का अत्याचार। हरैया थाने की मनमानी निर्दोष मजदूर मुन्नीलाल पर बेरहमी से मारपीट, चोरों को छोड़ गरीबों पर डंडे का कहर। बस्ती हरैया थाने की पुलिस ने निर्दोष मजदूर मुन्नीलाल चौधरी को शनिवार को मंदिर से मुकुट चोरी के झूठे मामले में थाने ले जाकर बेरहमी से पीटा गया। नाक से खून बहने लगी, हालत गंभीर हो गई, फिर भी रात भर थाने में बंद रखा। न पानी दिया,न भोजन कराया। परिजनों के अनुसार, पुलिस ने बरी तरह पीट दिया, जिससे मुन्नीलाल बेहोश हो गए। परिजनों ने हरैया अस्पताल में इलाज कराया, जहां रात भर उल्टी होती रही। मजदूर मुन्नीलाल चौधरी अब इतने कमजोर हैं कि मजदूरी करने लायक नहीं बचे। परिवार का पेट कैसे पालेगा? इलाज का खर्च कौन वहन करेगा? गरीब परिवार के सामने अब लाले पड़े हैं। पत्नी और बेटी परेशान हैं कि आगे क्या होगा। चोरों को संरक्षण, निर्दोषों पर अत्याचार। मुकुट चोरी के मामले में पुलिस असली अपराधियों तक नहीं पहुंच पाई, बल्कि निर्दोष मजदूर को निशाना बनाया। दर्जनों शिकायतों के बावजूद चोरों पर कोई कार्रवाई नहीं। इसके उलट, झूठे प्रार्थना पत्रों पर गरीबों को पकड़कर पीटने का सिलसिला चल रहा है। आईजीआरएस शिकायतें डिफॉल्ट होने पर भी थाना अध्यक्ष तहसीलदार सिंह पर कोई एक्शन नहीं। कई सालों से इसी थाने पर जमे होने के कारण उनकी मनमानी बढ़ती जा रही है। दिनभर अनैतिक कार्यों में व्यस्त रहने का आरोप लग रहा है। परिजनों का कहना है कि यह मानवाधिकार का घोर उल्लंघन है। थाना अध्यक्ष तहसीलदार सिंह पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखा जाएगा। मुख्यमंत्री को भी शिकायत भेजी जाएगी। बस्ती पुलिस कब सुधरेगी? गरीबों की आस कब पूरी होगी? आमजन परेशान है, न्याय की उम्मीद टूट रही है। पुलिस की लापरवाही पर सवाल। रुपये लेकर गरीबों को उठाने और अपराधियों को बचाने का आरोप लग रहा है। थाने की यह कार्यशैली आमजन को परेशान कर रही है। जिम्मेदार अधिकारी चुप हैं, जबकि निर्दोष परिवार बर्बाद हो रहा है।
- लखनऊ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, "ये समाजवादी पार्टी का जो दोहरा चरित्र है। आज प्रदेश की जनता ने सदन के सदस्यों के मुंह से स्वयं सुना की किस ढंग से बहन कुमारी मायावती पर समाजवादी पार्टी के गुंडो ने सरकार के संरक्षण में अत्याचार किया था। आज प्रदेश की जनता इसे अच्छे से समझती है। ये केवल PDA का बहाना करते हैं... इनका कोई लेना-देना गरीबों, पिछड़ों या दलितों से नहीं है। ये(समाजवादी पार्टी) केवल सत्ता के भूखे लोगों का एक समूह है।"1
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- “सच्चाई छुप नहीं सकती बनावट के उसूलों से, खुशबू आ नहीं सकती कभी कागज के फूलों से…”—ये पंक्तियां इन दिनों उस वायरल वीडियो पर बिल्कुल सटीक बैठती नजर आ रही हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के काफिले के गुजरने से ठीक पहले अफरा-तफरी का माहौल दिखाई देता है। करीब 39 सेकंड के इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि काफिले के आने से पहले एक सांड (नंदी) सड़क पर दौड़ता हुआ नजर आता है, जिसे हटाने के लिए नगर निगम के कर्मचारी और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भागते-दौड़ते दिखते हैं। इस दौरान मौके पर मौजूद टीम हालात को नियंत्रित करने की कोशिश करती है, लेकिन वीडियो ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह घटना उस समय की है जब राज्यपाल का काफिला निर्धारित मार्ग से गुजरने वाला था। ऐसे में सवाल उठता है कि वीआईपी मूवमेंट से पहले सुरक्षा और मार्ग की उचित जांच क्यों नहीं की गई? अगर समय रहते सांड को नहीं हटाया जाता, तो यह एक बड़ा सुरक्षा खतरा बन सकता था। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद नगर निगम की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं। शहर में आवारा पशुओं की समस्या पहले से ही चर्चा में रही है, लेकिन वीआईपी मूवमेंट के दौरान ऐसी लापरवाही ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है। फिलहाल इस मामले को लेकर अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- Post by Neha awasthi1
- मिर्जापुर से बड़ी खबर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में पुलिस चौकी के अंदर ही दबंगों ने दरोगा और पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। मामूली विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। 👉 बताया जा रहा है कि ई-रिक्शा और ट्रैक्टर की टक्कर के बाद मामला बढ़ा, जिसके बाद 40-50 लोगों की भीड़ चौकी में घुस गई। 👉 दरोगा की वर्दी फाड़ दी गई, वायरलेस सेट तोड़ दिया गया और जमकर मारपीट की गई। 👉 हमलावरों ने जान से मारने की धमकी भी दी। 📹 घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 👮♂️ पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। ⚠️ सवाल उठता है — क्या अब पुलिस भी सुरक्षित नहीं? 📢 आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं #BreakingNews #Mirzapur #UPPolice #ViralVideo #CrimeNews #uppostnews Up post NEWS1
- बस्ती में पुलिस के कर शैली से परेशान नाम जल्द मानस पुलिस इतना भ्रष्ट हो चुकी है कि युवक के पिता को थाने पर बैठ कर ₹50000 की मांग की शिकायत पर कार्रवाई न करके उल्टा उसके पिता को चौकी पर बैठाया रखा पुलिस की कर शैली पर उठ रहे सवाल एक दिन पूर्व गायब हुए युवक नहीं लिखी गई एफ आई आर पुलिस की लापरवाही से बड़ी घटना घट गई गया प्रसाद नाम कीगायब युवक की जली हुई लाश मिलने से फैली सनसनी।परिजनों का आरोप विक्रमजोत चौकी प्रभारी ने नहीं दर्ज किया FIR। जिससे उसकी हत्या हो गई पुलिस खाना पूर्ति कर रही है वृद्ध पिता का इकलौता वारिस दुनिया से चला गया पुलिस अपनी जेब भरती रही करवाई किया होता तो नहीं घटती बड़ी घटना कैसे जनता को न्याय मिलेगा भ्रष्ट पुलिस के आगे गरीबों की नहीं होती हैसुनवाई उल्टा पिता को चौकी पर बैठाकर 50 हजार की मांग का गंभीर आरोप। युवक गया प्रसाद वर्मा संदिग्ध हालात में एक दिन पूर्व हुआ था लापता।अयोध्या रिंग रोड किनारे रमहटिया गांव के पास जली हुई मिली लाश।शरीर पर ज्वलनशील पदार्थ से जलाने के झलक रहे साफ निशान।आखिरी बार एक बरात बुकिंग के लिए निकला था मृतक युवक।रात में चौकी प्रभारी की दबिश, घर पर न मिलने पर पिता को उठाया।दिनभर चौकी पर बैठाने के बाद छोड़ा गया पिता, उठे बड़े सवाल।शव मिलने के बाद भड़के ग्रामीण, चौकी प्रभारी के खिलाफ नारेबाजी।विक्रमजोत CHC पर सर्किल के कई थानों की फोर्स, हालात तनावपूर्ण।विक्रमजोत चौकी प्रभारी शशि शेखर सिंह पर लापरवाही वसूली के आरोप।चौकी प्रभारी विक्रमजोत और घघौवा तैनाती से ही बने हुए चर्चा का विषय। विजुअल। परिजन और युवक के पिता व्हाइट ।पुलिस कप्तान डॉक्टर यशवीर1
- तेज तूफान और खराब मौसम के बीच एक महिला अपने पालतू जानवर को बचाने के लिए जान जोखिम में डालकर बाहर दौड़ पड़ी। इसी दौरान तेज हवाओं से एक बड़ा पेड़ गिर गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग महिला की हिम्मत और अपने पशु के प्रति उसके लगाव की सराहना कर रहे हैं। यह घटना इंसान और जानवर के बीच गहरे रिश्ते और जिम्मेदारी को दर्शाती है।1
- main Neha Awasthi janhit mein jari1