मुज़फ्फरपुर के जिला स्कूल हॉल में सोमवार, 22 जून 2026 को "चक धूम धूम" समर कैम्प का समापन समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया, जहाँ बच्चों के हुनर को एक नई उड़ान मिली। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुजीत कुमार दास (सर्व शिक्षा अभियान) और अमित कुमार (मध्यान भोजन) के साथ इंद्र कुमार कर्ण (स्थापना), जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सुष्मिता झा, जिला स्कूल प्राचार्य जीबू झा, तथा डाइट रामबाग़ प्राचार्य अनामिका कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि किलकारी की इस दुनिया में हम बच्चों को जितना देते हैं, बच्चे अपनी प्रतिभा से उसे और सुंदर बना देते हैं। किलकारी, बिहार बाल भवन, मुज़फ्फरपुर की प्रमण्डल कार्यक्रम समन्वयक पूनम कुमारी ने बताया कि 21 दिवसीय इस समर कैम्प में 35 तरह की कलाओं का प्रशिक्षण विषय विशेषज्ञों द्वारा दिया गया। किलकारी में पूर्व से कला, संस्कृति, विज्ञान एवं खेल से संबंधित संचालित गतिविधियों के अतिरिक्त बांधनी कला, टेक्सटाइल पेंटिंग, सुजनी आर्ट, मंडाला पेंटिंग, स्केटिंग, फोटोग्राफी, कत्थक, तबला वादन, वॉली बॉल, सॉफ्ट बॉल, मास्क मेकिंग, सृजनात्मक लेखन, मूर्तिकला, ग़ज़ल, पोट्रेट पेंटिंग, गरबा, नाटक, पीपल के पत्ते पर चित्रकारी, गीतापाठ और बैडमिंटन का प्रशिक्षण दिया गया। सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी रश्मि आनंद ने जानकारी दी कि 8 से 16 आयुवर्ग के बच्चों ने इस "चक धूम धूम" समर कैम्प में निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त किया। बिहार बाल भवन 'किलकारी', शिक्षा विभाग, बिहार सरकार द्वारा स्थापित एक ऐसी संस्था है जो बच्चों के सृजनात्मक विकास के लिए लगातार कार्यरत है और नियमित रूप से कला प्रशिक्षण का कार्य करती रहती है। समापन समारोह के अवसर पर किलकारी, बिहार बाल भवन के बच्चों द्वारा कई मुख्य प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें भरतनाट्यम, ट्रैक सॉन्ग पर नृत्य "चंदा चमके चम चम", गरबा सॉन्ग मिक्स, शास्त्रीय गायन राग भैरव, कत्थक नृत्य (शिव वंदना अर्धनारीश्वर, तत्कार, सलामी और तोरा), भक्ति रस भजन "कान्हा के चरणों में", मॉडर्न टैलेंट (बीटबॉक्सिंग एवं कराटे), नाटक मयंक और स्वधा, लोकगीत "पिया परदेशिया अहिये न", बधैया सॉन्ग (सोहर), ग़ज़ल "चिट्ठी आई है", भाव नृत्य राधा कृष्ण "भरी-भरी मटकी", भक्ति रस सामूहिक "हनुमान चालीसा" पाठ, छठ पूजा महापर्व दृश्य नृत्य नाटिका और रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखित कहानी "तोते की शिक्षा" की नाट्य प्रस्तुति शामिल थी। इस दौरान मिथिला चित्रकला की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस अवसर पर चित्रांश खेल एवं संस्कृति संस्थान से राजीव जी और गोपाल फलक सहित बिहार बाल भवन के प्रशिक्षक कायनात आफरीन, सीमा कुमारी, गौरीशंकर मिश्रा, अरुनीमा, अमन राज, सोनू कुमार, सौरभ कुमार, सुजाता कुमारी, रूपा पाठक, राजू सहनी, आशीष राज, बब्लू कुमार, राजीव कुमार, अर्पिता कुमारी, कृष्णनंदन कुमार और प्रियंका चौधरी प्रमुख रूप से उपस्थित थे। मंच संचालन का कार्य समर कैम्प में प्रशिक्षित बच्चों की टीम - श्रेया, वाणी, शुभम, आंनन्या, आदित्य, स्तुति, मयंक, स्वधा, नंदनी, सादिया, फिरजा, कर्ण - द्वारा किया गया। मंच निर्देशन इंद्रजीत कुमार ने किया और धन्यवाद ज्ञापन सीआरपी कमीशनरी रिसोर्स पर्सन पूर्णिमा बाला द्वारा दिया गया।
मुज़फ्फरपुर के जिला स्कूल हॉल में सोमवार, 22 जून 2026 को "चक धूम धूम" समर कैम्प का समापन समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया, जहाँ बच्चों के हुनर को एक नई उड़ान मिली। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुजीत कुमार दास (सर्व शिक्षा अभियान) और अमित कुमार (मध्यान भोजन) के साथ इंद्र कुमार कर्ण (स्थापना), जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सुष्मिता झा, जिला स्कूल प्राचार्य जीबू झा, तथा डाइट रामबाग़ प्राचार्य अनामिका कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि किलकारी की इस दुनिया में हम बच्चों को जितना देते हैं, बच्चे अपनी प्रतिभा से उसे और सुंदर बना देते हैं। किलकारी, बिहार बाल भवन, मुज़फ्फरपुर की प्रमण्डल कार्यक्रम समन्वयक पूनम कुमारी ने बताया कि 21 दिवसीय इस समर कैम्प में 35 तरह की कलाओं का प्रशिक्षण विषय विशेषज्ञों द्वारा दिया गया। किलकारी में पूर्व से कला, संस्कृति, विज्ञान एवं खेल से संबंधित संचालित गतिविधियों के अतिरिक्त बांधनी कला, टेक्सटाइल पेंटिंग, सुजनी आर्ट, मंडाला पेंटिंग, स्केटिंग, फोटोग्राफी, कत्थक, तबला वादन, वॉली बॉल, सॉफ्ट बॉल, मास्क मेकिंग, सृजनात्मक लेखन, मूर्तिकला, ग़ज़ल, पोट्रेट पेंटिंग, गरबा, नाटक, पीपल के पत्ते पर चित्रकारी, गीतापाठ और बैडमिंटन का प्रशिक्षण दिया गया। सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी रश्मि आनंद ने जानकारी दी कि 8 से 16 आयुवर्ग के बच्चों ने इस "चक धूम धूम" समर कैम्प में निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त किया। बिहार बाल भवन 'किलकारी', शिक्षा विभाग, बिहार सरकार द्वारा स्थापित एक ऐसी
संस्था है जो बच्चों के सृजनात्मक विकास के लिए लगातार कार्यरत है और नियमित रूप से कला प्रशिक्षण का कार्य करती रहती है। समापन समारोह के अवसर पर किलकारी, बिहार बाल भवन के बच्चों द्वारा कई मुख्य प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें भरतनाट्यम, ट्रैक सॉन्ग पर नृत्य "चंदा चमके चम चम", गरबा सॉन्ग मिक्स, शास्त्रीय गायन राग भैरव, कत्थक नृत्य (शिव वंदना अर्धनारीश्वर, तत्कार, सलामी और तोरा), भक्ति रस भजन "कान्हा के चरणों में", मॉडर्न टैलेंट (बीटबॉक्सिंग एवं कराटे), नाटक मयंक और स्वधा, लोकगीत "पिया परदेशिया अहिये न", बधैया सॉन्ग (सोहर), ग़ज़ल "चिट्ठी आई है", भाव नृत्य राधा कृष्ण "भरी-भरी मटकी", भक्ति रस सामूहिक "हनुमान चालीसा" पाठ, छठ पूजा महापर्व दृश्य नृत्य नाटिका और रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखित कहानी "तोते की शिक्षा" की नाट्य प्रस्तुति शामिल थी। इस दौरान मिथिला चित्रकला की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस अवसर पर चित्रांश खेल एवं संस्कृति संस्थान से राजीव जी और गोपाल फलक सहित बिहार बाल भवन के प्रशिक्षक कायनात आफरीन, सीमा कुमारी, गौरीशंकर मिश्रा, अरुनीमा, अमन राज, सोनू कुमार, सौरभ कुमार, सुजाता कुमारी, रूपा पाठक, राजू सहनी, आशीष राज, बब्लू कुमार, राजीव कुमार, अर्पिता कुमारी, कृष्णनंदन कुमार और प्रियंका चौधरी प्रमुख रूप से उपस्थित थे। मंच संचालन का कार्य समर कैम्प में प्रशिक्षित बच्चों की टीम - श्रेया, वाणी, शुभम, आंनन्या, आदित्य, स्तुति, मयंक, स्वधा, नंदनी, सादिया, फिरजा, कर्ण - द्वारा किया गया। मंच निर्देशन इंद्रजीत कुमार ने किया और धन्यवाद ज्ञापन सीआरपी कमीशनरी रिसोर्स पर्सन पूर्णिमा बाला द्वारा दिया गया।
- मुख्यमंत्री के खानपुर आगमन के अवसर पर, भाकपा-माले के नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने उनसे 11 सवाल पूछे।1
- ज्योति सिंह ने हाल ही में भरत तिवारी के आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद, अब भरत तिवारी के लिए एक स्मारक बनाए जाने की प्रबल मांग उठ रही है। इसके साथ ही, इस मामले में न्याय की मांग भी जोर पकड़ रही है, जो बिहार की राजनीति और खबरों में प्रमुखता से बनी हुई है।1
- मुजफ्फरपुर के कुढ़नी विधायक और बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने अपने गोबरसही स्थित निजी आवास पर एक 'जनता दरबार' आयोजित किया। इस दौरान क्षेत्र के सैकड़ों आम लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को मंत्री के समक्ष रखा और उनके त्वरित समाधान की गुहार लगाई। जनता दरबार में मुख्य रूप से सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाओं, राशन कार्ड से जुड़ी शिकायतों के साथ-साथ स्थानीय विकास से संबंधित मामले सामने आए। मंत्री गुप्ता ने सभी फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से फोन पर बात कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा, "जनता की सेवा ही हमारी पहली प्राथमिकता है। क्षेत्र के किसी भी व्यक्ति को परेशान होने की जरूरत नहीं है, हर जायज समस्या का समय पर समाधान किया जाएगा।" उनके इस कदम से ग्रामीण काफी संतुष्ट नजर आए, जिन्होंने महसूस किया कि ऐसे आयोजनों से आम जनता और सरकार के बीच की दूरी कम होती है और समस्याओं का निष्पादन तेजी से संभव हो पाता है।1
- IIT दिल्ली के वैज्ञानिक राहुल मेहता ने एक गंभीर खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया है कि हिंदू धर्म खतरे में है और इस स्थिति में 'सब मारे जाएंगे'।1
- वैशाली जिले के महनार थाना क्षेत्र में मुहर्रम पर्व के दौरान पुलिस टीम पर हुए हमले के मामले में वैशाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय, वैशाली द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई। प्राप्त विवरण के अनुसार, 23 जून 2026 की रात महनार बाजार में डीजे सत्यापन अभियान चला रही पुलिस टीम पर डीजे संचालक और उसके सहयोगियों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए भीड़ इकट्ठा की और पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की की। इस घटना में एक पुलिस पदाधिकारी को हल्की चोटें आईं, जो अब स्वस्थ हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, महनार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने महज एक घंटे के भीतर त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि वीडियो फुटेज के आधार पर घटना से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में विधि-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और शांति व सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।1
- मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मेडिकल के पास एक एटीएम से धोखाधड़ी कर ₹40,000 उड़ा लिए गए। इस एटीएम फ्रॉड के शिकार हुए पीड़ित व्यक्ति ने इस संबंध में पुलिस थाने में एक आवेदन दिया है।1
- मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड में नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण कटरा पीपा पुल पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। लगातार हो रही बारिश और नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन पुल पर वाहनों और आम लोगों की आवाजाही रोक दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जलस्तर बढ़ने से पीपा पुल के आसपास पानी का दबाव काफी बढ़ गया है, जिससे पुल की सुरक्षा को लेकर खतरा उत्पन्न हो गया है। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है और बताया है कि जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।1
- समस्तीपुर ज़िले के पूसा थाना क्षेत्र में एक चचेरे भाई-बहन ने प्रेम प्रसंग के चलते भागकर शादी कर ली, जिसके बाद परिवार और गांव समाज के लोगों ने उन्हें अमानवीय सज़ा दी। ग्रामीणों ने पंचायत के 'तालिबानी फरमान' के तहत दोनों को जमकर पीटा, उनके सिर मुंडवा दिए और फिर सिर में कालिख व चूना लगा कर गांव से निकाल दिया। पीड़ित प्रेमी युगल दर्द से कराहते हुए सदर अस्पताल पहुंचे जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन भीड़ जुटने पर वे अस्पताल से खिसक गए। लड़का, जिसका बदला हुआ नाम कमलेश है, ने बताया कि उसे अपनी चाचा की बेटी आंचल (बदला हुआ नाम) से प्यार हो गया था। करीब आठ महीने पहले दोनों रांची भाग गए थे और वहीं शादी कर ली थी। परिवार को इसकी जानकारी होने पर उन्हें 22 तारीख की रात घर वापस बुलाया गया। परिवार वालों ने समझाने और संबंध खत्म करने की काफी कोशिश की, लेकिन दोनों अपनी बात पर अड़े रहे कि वे 'साथ जिएंगे और साथ ही मरेंगे'। आज सुबह गांव में बुलाई गई पंचायत में लड़का-लड़की दोनों के परिवार वाले शामिल थे, जहां दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने की इच्छा दोहराई। दोनों नाबालिग बताए गए हैं और इनकी उम्र लगभग 16-17 साल है। आंचल ने पंचायत में हुए बर्ताव की जानकारी देते हुए बताया कि उससे पूछा गया था कि वह माता-पिता के साथ रहेगी या लड़के के साथ, जिस पर उसने कमलेश के साथ रहने की बात कही। इसके बाद माता-पिता और अन्य रिश्तेदारों ने मिलकर उसे बेरहमी से पीटा, बाल काट दिए और सिर में चूना लगाकर धक्के मारकर गांव से बाहर निकाल दिया। दोनों परिवारों के एक ही आंगन में रहने और बचपन से साथ रहने के कारण उनकी नजदीकियां प्यार में बदल गई थीं। करीब आठ महीने पहले ही दोनों के प्यार के बारे में तब पता चला जब उन्हें घर के ही कमरे में आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया था। परिवार के समझाने पर भी वे नहीं माने और घर से भाग गए थे। इस मामले को लेकर पूसा थानाध्यक्ष रमेश कुमार ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। पुलिस पदाधिकारी को गांव भेजा गया था, लेकिन किसी ने भी कुछ नहीं बताया। इसके बाद पुलिस टीम को सदर अस्पताल भेजा गया है जहां प्रेमी युगल की तलाश की जा रही है। थानाध्यक्ष ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और पीड़ित का बयान मिलते ही प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। हालांकि, युगल ने अभी तक पुलिस को कोई सूचना नहीं दी है।3