पाकुड़ पुलिस को लिट्टीपाड़ा के सिमलोंग ओपी थाना क्षेत्र में हुई एक हत्या के मामले में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर इस मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर भी बरामद कर लिया है। एसपी अनुदीप सिंह ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी कि 28 मई, 2026 को सिमलौंग ओपी थाना क्षेत्र के बड़ा चटकम स्थित एक जंगल से एक शव मिला था। इस संबंध में ओपी थाना में कांड संख्या 27/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए, एसपी ने पाकुड़ एसडीपीओ कुमार गौरव के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया, जिसमें लिट्टीपाड़ा प्रभाग के इंस्पेक्टर बाबूराम भगत, ओपी प्रभारी बलवंत दुबे, पुलिस अवर निरीक्षक दिलीप बास्की, मुत्रा प्रसाद और सहायक अवर निरीक्षक मृत्युंजय कुमार पाठक शामिल थे। जांच के दौरान, मृतक की पहचान गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र के राजभीठा निवासी सुनील पहाड़िया के रूप में हुई। मानवीय खुफिया जानकारी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए, टीम ने 48 घंटे के भीतर बड़ा चटकम निवासी जलीय पहाड़िया और धर्मा पहाड़िया नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि मृतक सुनील पहाड़िया शराब के नशे में एक महिला के बारे में आपत्तिजनक बातें कर रहा था, जिससे वे नाराज़ हो गए और उन्होंने पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने उनके पास से अपराध में इस्तेमाल किया गया पत्थर भी बरामद कर लिया है। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पाकुड़ पुलिस को लिट्टीपाड़ा के सिमलोंग ओपी थाना क्षेत्र में हुई एक हत्या के मामले में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर इस मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर भी बरामद कर लिया है। एसपी अनुदीप सिंह ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी कि 28 मई, 2026 को सिमलौंग ओपी थाना क्षेत्र के बड़ा चटकम स्थित एक जंगल से एक शव मिला था। इस संबंध में ओपी थाना में कांड संख्या 27/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए, एसपी ने पाकुड़ एसडीपीओ कुमार गौरव के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया, जिसमें लिट्टीपाड़ा प्रभाग के इंस्पेक्टर बाबूराम भगत, ओपी प्रभारी बलवंत दुबे, पुलिस अवर निरीक्षक दिलीप बास्की, मुत्रा प्रसाद और सहायक अवर निरीक्षक मृत्युंजय कुमार पाठक शामिल थे। जांच के दौरान, मृतक की पहचान गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र के राजभीठा निवासी सुनील पहाड़िया के रूप में हुई। मानवीय खुफिया जानकारी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए, टीम ने 48 घंटे के भीतर बड़ा चटकम निवासी जलीय पहाड़िया और धर्मा पहाड़िया नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि मृतक सुनील पहाड़िया शराब के नशे में एक महिला के बारे में आपत्तिजनक बातें कर रहा था, जिससे वे नाराज़ हो गए और उन्होंने पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने उनके पास से अपराध में इस्तेमाल किया गया पत्थर भी बरामद कर लिया है। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- दो बच्चों की मां ने अपने प्रेमी के लिए अपना सब कुछ छोड़ दिया है। इस कदम के बाद अब उनके सामने एक नई और अप्रत्याशित मुश्किल खड़ी हो गई है।1
- गोड्डा जिले के सनौर गाँव के समीप गेरूवा नदी में कल एक विशालकाय मगरमच्छ देखा गया था। हालांकि, यह मगरमच्छ अब कहाँ चला गया है, इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। इस विशालकाय मगरमच्छ की एक झलक पाने की उम्मीद में दूर-दूर से लोग गेरूवा नदी के किनारे पहुँच रहे हैं। मगरमच्छ के दिखाई न देने के कारण लोगों को केवल नदी का पानी देखकर ही मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है।1
- कटिहार जिले के कोढ़ा प्रखंड में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पिता ने अपनी जीवित बेटी का प्रतीकात्मक दाह संस्कार कर दिया है। यह कदम बेटी द्वारा परिवार की इच्छा के विरुद्ध दूसरे धर्म के युवक से प्रेम विवाह करने के बाद उठाया गया, जिसने पूरे इलाके में गहरी चर्चा और बहस छेड़ दी है। मिली जानकारी के अनुसार, कोढ़ा प्रखंड की रहने वाली युवती ने घर से भागकर दूसरे धर्म के युवक से शादी कर ली थी। बेटी के इस निर्णय से क्रोधित परिजनों ने उसे परिवार और समाज से कटा हुआ मानकर सभी रिश्ते खत्म करने की घोषणा कर दी। इसी क्रम में युवती के पिता ने गाँव वालों की उपस्थिति में अपनी जीवित बेटी का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार और श्राद्ध कर्म आयोजित किया। परिजनों का दावा है कि बेटी ने परिवार की मान-मर्यादा और सामाजिक परंपराओं का अनादर किया है, जिसके चलते वे उसे अब अपने लिए मृत मानते हैं। इस घटना की खबर फैलते ही आसपास के गाँवों में तीव्र प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ ग्रामीणों ने पिता के इस कृत्य को सामाजिक और पारिवारिक मर्यादाओं को बनाए रखने का प्रयास बताया, जबकि कई अन्य लोगों ने इसे अत्यधिक भावनात्मक प्रतिक्रिया करार दिया। हालांकि, इस मामले में किसी भी तरह के कानूनी विवाद या प्रशासनिक हस्तक्षेप की कोई सूचना नहीं मिली है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अंतरधार्मिक विवाहों को लेकर समाज में आज भी विभिन्न विचार मौजूद हैं, और ऐसे हालात अक्सर परिवारों तथा युवाओं के बीच टकराव का कारण बनते हैं। फिलहाल, यह विचित्र घटना कोढ़ा क्षेत्र में बातचीत का मुख्य विषय बनी हुई है।1
- भागलपुर जिले में आंधी के कारण गिरे एक भागवत पंडाल को ग्रामीणों ने अपनी श्रद्धा और एकता का परिचय देते हुए रातोंरात फिर से तैयार कर दिया। यह घटना ग्रामीणों की आपसी एकजुटता और सामूहिक प्रयासों की एक अनोखी मिसाल बनी है।1
- झारखंड के बड़ा तालबोना गाँव से एक घटना सामने आई है जहाँ एक गाय ने लात मारकर सारा दूध गिरा दिया। इस घटना के बाद, लोगों से सतर्क और सावधान रहने की अपील की जा रही है।1
- एक अंडा-चाऊमीन विक्रेता के बेटे ने अग्निवीर योजना के तहत सफलता हासिल कर ली है। इस उपलब्धि से गांव भर में जश्न का माहौल है और लोग खुशी मना रहे हैं।1
- रोजी-रोटी कमाने परदेस गए एक युवक की ज़िंदगी घर की देहरी तक पहुंचने से पहले ही थम गई। बीमारी से जूझ रहा यह युवक बेहतर इलाज की उम्मीद में अपने घर लौट रहा था, लेकिन रास्ते में ही मौत ने उसे अपना शिकार बना लिया। अवध-असम एक्सप्रेस ट्रेन में युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि दो मासूम बच्चे 'पापा-पापा' कहकर बिलख रहे हैं और माता-पिता भी गहरे सदमे में हैं। जानकारी के अनुसार, बारसोई रेलवे स्टेशन पर रेल पुलिस ने अवध-असम एक्सप्रेस ट्रेन से 32 वर्षीय युवक का शव उतारा। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी कुंदन पटेल के रूप में हुई। शव की पहचान के बाद परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद शनिवार को उनके स्वजन बारसोई पहुंचे। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक के भाई चंद्रशेखर पटेल ने बताया कि कुंदन लगभग एक माह पहले सिलचर स्थित बीएच बिल्ड मेक कंपनी में इलेक्ट्रिशियन के तौर पर काम करने गए थे। वहीं उन्हें जॉन्डिस हो गया था। इलाज से कोई लाभ नहीं मिलने के कारण वह घर लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। कुंदन अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।2