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आज मुख्यमंत्री निवास पर युवा साथियों के साथ योगाभ्यास किया गया, जहाँ स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मकता के संदेश को आत्मसात किया गया। इस योगाभ्यास के माध्यम से यह दर्शाया गया कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला होते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि योग को एक जनआंदोलन बनाएं ताकि स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर राजस्थान के निर्माण में सभी सहभागी बन सकें। यह पहल #YogaForHealthyAgeing के संदेश को भी मजबूती प्रदान करती है।
जनहित आवाज न्यूज़
आज मुख्यमंत्री निवास पर युवा साथियों के साथ योगाभ्यास किया गया, जहाँ स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मकता के संदेश को आत्मसात किया गया। इस योगाभ्यास के माध्यम से यह दर्शाया गया कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला होते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि योग को एक जनआंदोलन बनाएं ताकि स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर राजस्थान के निर्माण में सभी सहभागी बन सकें। यह पहल #YogaForHealthyAgeing के संदेश को भी मजबूती प्रदान करती है।
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- सवाई माधोपुर जिले के खंडार में अनुभवी योग गुरु श्री हरि शंकर जांगिड़ निःशुल्क योग प्रशिक्षण शिविर चला रहे हैं। दुर्ग पर स्वयं उपस्थित रहकर, योग प्रशिक्षक जांगिड़ सभी प्रतिभागियों को योग की बारीकियां और तकनीकी ज्ञान सिखा रहे हैं। यह एक घंटे का प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे से 6:30 बजे तक दिया जा रहा है। शिविर के पहले दिन, प्रतिभागियों को सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन के साथ-साथ अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी प्राणायाम का गहन अभ्यास कराया गया। योग गुरु हरि शंकर जांगिड़ ने योग के महत्व को समझाते हुए बताया कि सूर्य नमस्कार से शरीर ऊर्जावान और लचीला बनता है, जबकि ताड़ासन और वृक्षासन एकाग्रता बढ़ाते हैं। उन्होंने प्राणायाम के लाभ भी बताए, जिससे फेफड़े और श्वसन तंत्र मजबूत होते हैं, तथा मानसिक शांति और तनाव से मुक्ति मिलती है। आयोजकों के अनुसार, यह तीन दिवसीय शिविर 18 जून को शुरू हुआ है और 20 जून तक चलेगा। दुर्ग के अलावा, इस अभियान का मुख्य केंद्र राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, खंडार है, जहाँ सुबह 5:45 बजे से सामूहिक योग शिविर का भव्य आयोजन किया जा रहा है। समिति ने क्षेत्र के सभी नागरिकों – बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं – से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस शिविर में भाग लेकर अपने स्वास्थ्य को सुदृढ़ करें और इस योग अभियान को सफल बनाएं।1
- सवाई माधोपुर में पुलिस ने एक साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी गौरव मीना को गिरफ्तार कर लिया है। गौरव मीना पुत्र हनुमान मीना, निवासी सुखानंदपुरा बटोदा, को लालसोट बस स्टैंड बजरिया सवाई माधोपुर से दबोचा गया। आरोपी पर 2 हजार रुपये का इनाम घोषित था। यह कार्रवाई सवाई माधोपुर के जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता के नेतृत्व में मानटाउन की विशेष पुलिस टीम द्वारा की गई। यह घटना लेखराज पुत्र रामजीलाल मीना, निवासी सांचोली, के साथ हुई थी, जब बोलेरो में सवार गौरव मीना सहित 7-8 आरोपियों ने हफ्ता वसूली का प्रयास करते हुए उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में लेखराज और किरोड़ी को गंभीर चोटें आई थीं। पुलिस टीम ने इस वारदात में शामिल 6 अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन गौरव मीना घटना के बाद से ही फरार चल रहा था।1
- पांचना बांध से सिंचाई के पानी को लेकर चल रहे गतिरोध को हल करने के उद्देश्य से गुरुवार, 18 जून को संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया की अध्यक्षता में प्रशासनिक अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस महानिरीक्षक भरतपुर रेंज कैलाश चन्द्र विश्नोई, सवाई माधोपुर के जिला कलक्टर काना राम, करौली के जिला कलक्टर अक्षय गोदारा, सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और सवाई माधोपुर कमांड क्षेत्र के किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सवाई माधोपुर के जिला कलक्टर काना राम ने बताया कि कमांड क्षेत्र के किसान प्रतिनिधियों ने उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करते हुए नहरों में सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने के संबंध में अपना पक्ष रखा, जिस पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। हालांकि, करौली जिले के कैचमेंट क्षेत्र के किसान प्रतिनिधि एक महापड़ाव के कारण इस बैठक में शामिल नहीं हो पाए। इस गतिरोध को दूर करने और सभी पक्षों को सुनने के लिए बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कैचमेंट क्षेत्र के किसान प्रतिनिधियों का पक्ष जानने हेतु शुक्रवार, 19 जून को संभागीय आयुक्त कार्यालय, भरतपुर में एक और बैठक आयोजित की जाएगी। दोनों पक्षों से विस्तृत चर्चा के उपरांत एक समग्र रिपोर्ट तैयार कर उसे अग्रिम कार्यवाही के लिए प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि पांचना बांध से जुड़े इस विवाद पर समाधान की दिशा में प्रगति हो सके।1
- सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा रेलवे स्टेशन पर एक यात्री के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और मारपीट का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, यात्री के पास यात्रा का वैध टिकट होने के बावजूद उसके साथ यह घटना हुई। इस घटना के बाद स्टेशन परिसर में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यात्री और रेलवे कर्मियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। पीड़ित यात्री ने आरोप लगाया है कि टिकट दिखाने के बाद भी उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसे चोटें आई हैं। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने भी नाराजगी व्यक्त की है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। घटना की शिकायत रेलवे प्रशासन को दे दी गई है, जिसके बाद अधिकारियों ने जांच कराने और रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इस घटना से यात्रियों में रोष व्याप्त है।1
- पूरा लो-फाई गीत "लाइंग लव (लो-फाई सैड वर्जन)" एक टूटे हुए दिल की कहानी कहता है, जिसमें प्रेमी अपनी भावनाओं को व्यक्त करता है कि उसने रातों में महबूब का नाम लिखा और आँसुओं से हर ख्वाब भिगो दिए, बावजूद इसके कि सामने वाला सच नहीं कह सका। दिल फिर भी उसी में उलझा रहा, क्योंकि उसकी बातों में भले ही झूठ था, पर प्यार तो उसकी साँसों में बसा था। इस धोखे के बावजूद, वह टूटकर भी मुस्कुराता रहा और बस अपने प्यार का इंतजार करता रहा। गीत का मुख्य हिस्सा बार-बार यही सवाल उठाता है, "व्हाई आर यू लाइंग, बेबी लाइंग?" और कहता है कि इस झूठ ने दिल को रोज रुलाया है। महबूब की यादों की बारिश में प्रेमी ने खुद को ही गँवा दिया है। वह पूछता है कि यह मोहब्बत थी या रुसवाई, और अब तन्हा रातें यह सवाल करती हैं कि क्या वह कभी प्रेमी की भलाई थी भी या नहीं। दर्द की यह गाथा जारी रहती है जहाँ प्रेमी के हाथ में महबूब की तस्वीर है, पर वह किसी और के साथ है। वह खामोशी से जी रहा है और यह दर्द उसके हर लफ्ज में है। गीत का अंत लो-फाई बीट्स पर रोते हुए दिल और यादों के अंतहीन सिलसिले के साथ होता है, जहाँ प्रेमी आज तक यह समझ नहीं पाया है कि वह महबूब एक झूठ था या उसकी दुआ। यह "लाइंग लव" गीत पूरी तरह से लो-फाई संगीत की विशेषता को दर्शाता है, जो अक्सर सॉफ्ट बीट्स, नॉस्टैल्जिक फील और भावुक मूड के लिए जाना जाता है। इस गीत के लिए "अरिजीत सिंह स्टाइल फील" वाला पोस्टर बनाने का भी प्रस्ताव है।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले की लुहाड़ पंचायत में कथित भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि फर्जी बिलों के ज़रिए और बिना किसी निर्माण कार्य के ही भुगतान निकाल लिया गया है। स्थानीय सूत्रों और शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इन आरोपों के संबंध में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को लगभग 10 दिन पहले लिखित शिकायत दी गई थी। इसके बावजूद, अब तक न तो कोई जांच दल गठित किया गया है और न ही संबंधित अधिकारियों या जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है। जनपद सीईओ की इस चुप्पी को लेकर अब चर्चाएं हो रही हैं।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में श्योपुर जिला जेल में 15 जून से एक विशेष योग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में जेल में बंद कैदी नियमित रूप से योग और प्राणायाम का अभ्यास कर रहे हैं।1
- सवाई माधोपुर के खंडार स्थित बाबा रामदेव मंदिर में 17 जून 2026 को बैरवा कर्मचारी जन कल्याण सेवा समिति के चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हुए। इन चुनावों में सोमपाल बैरवा को अध्यक्ष चुना गया है। चुनाव प्रक्रिया चुनाव पर्यवेक्षक परसराम बैरवा (व्याख्याता), चुनाव प्रभारी केशव बैरवा (नर्सिंग अधिकारी) और रमेश चंद्र बैरवा (कनिष्ठ सहायक) के निर्देशन में निष्पक्ष रूप से आयोजित की गई थी। सभा की अध्यक्षता घनश्याम बैरवा (वरिष्ठ अध्यापक, कानरदा) ने की, जिसमें खंडार परिक्षेत्र के कर्मचारियों और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। नव निर्वाचित पदाधिकारियों में सोमपाल बैरवा (अध्यापक, बांगड़दा कला) को अध्यक्ष, प्रहलाद बैरवा (व्याख्याता, सिगौर खुर्द) को महामंत्री और राजेश कुमार बैरवा (सहायक प्रशासनिक अधिकारी, चित्तौला) को कोषाध्यक्ष चुना गया है। नव निर्वाचित कार्यकारिणी ने शपथ ग्रहण करते हुए कर्मचारी हितों की रक्षा, सामाजिक विकास, शिक्षा को बढ़ावा देने, लाइब्रेरी स्थापना, असहाय लोगों की सहायता तथा संगठन की एकता एवं मजबूती को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष हरिमोहन बैरवा सहित गुलाबचंद बैरवा, लखनलाल बैरवा, डॉ. जुगराज बैरवा, रामभजन बैरवा, भीमराज बैरवा, प्रहलाद बैरवा, हरिप्रसाद बैरवा, जितेंद्र बैरवा, रमेश बागोरिया और अन्य साथियों ने अपने विचार व्यक्त किए। इस नई नेतृत्व टीम के साथ खंडार में बैरवा कर्मचारी संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया।1