*कशिश-आजम फरारी पर हिंदू संगठनों का हनुमान चालीसा सड़क जाम* उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सांगाठेड़ा गांव में कशिश नाम की हिंदू लड़की के मुस्लिम लड़के आजम के साथ भागने के बाद तनाव जारी है। हिंदूवादी संगठनों ने लगातार विरोध प्रदर्शन किए हैं, जिसमें पंचायत और सड़क जाम शामिल हैं। पुलिस और PAC की तैनाती के बावजूद स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। कशिश ने वीडियो जारी कर खुद को बालिग बताया और कहा कि वह अपनी मर्जी से आजम के साथ डेढ़ साल से रिलेशनशिप में है, साथ ही सुसाइड की धमकी देकर उसे भगाने का दावा किया। लड़की के परिजनों ने लव जिहाद का आरोप लगाते FIR दर्ज कराई, जबकि दोनों ने कानूनी कागजात तैयार कर पुलिस से सुरक्षा मांगी। गांव में पंचायत हुई, जहां हिंदू युवाओं ने आर-पार की लड़ाई की बात कही और प्रशासन को अल्टीमेटम दिया। आज दूसरे दिन सड़क जाम कर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। संगठनों की मांग है कि कशिश को बरामद किया जाए और आजम को सजा दी जाए। गांव में भारी पुलिस बल और PAC तैनात है ताकि शांति भंग न हो। दोनों की तलाश जारी है, लेकिन वीडियो वायरल होने से मामला जटिल हो गया।
*कशिश-आजम फरारी पर हिंदू संगठनों का हनुमान चालीसा सड़क जाम* उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सांगाठेड़ा गांव में कशिश नाम की हिंदू लड़की के मुस्लिम लड़के आजम के साथ भागने के बाद तनाव जारी है। हिंदूवादी संगठनों ने लगातार विरोध प्रदर्शन किए हैं, जिसमें पंचायत और सड़क जाम शामिल हैं। पुलिस और PAC की तैनाती के बावजूद स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। कशिश ने वीडियो जारी कर खुद को बालिग बताया और कहा कि वह अपनी मर्जी से आजम के साथ डेढ़ साल से रिलेशनशिप में है, साथ ही सुसाइड की धमकी देकर उसे भगाने का दावा किया। लड़की के परिजनों ने लव जिहाद का आरोप लगाते FIR दर्ज कराई, जबकि दोनों ने कानूनी कागजात तैयार कर पुलिस से सुरक्षा मांगी। गांव में पंचायत हुई, जहां हिंदू युवाओं ने आर-पार की लड़ाई की बात कही और प्रशासन को अल्टीमेटम दिया। आज दूसरे दिन सड़क जाम कर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। संगठनों की मांग है कि कशिश को बरामद किया जाए और आजम को सजा दी जाए। गांव में भारी पुलिस बल और PAC तैनात है ताकि शांति भंग न हो। दोनों की तलाश जारी है, लेकिन वीडियो वायरल होने से मामला जटिल हो गया।
- good morning1
- दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके से सामने आई इस चौंकाने वाली घटना में एक नौकरानी ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपने ही मालिक के घर को लूटने की योजना बनाई। फिल्मी अंदाज में तीन नकली 'ईडी' अधिकारी, पुलिस की वर्दी पहनकर घर में घुसे और बुजुर्ग कारोबारी को धमकाकर 10-12 लाख रुपये की मांग की। लेकिन जब घर की महिला सदस्य ने चुपके से अपने वकील पोते को फोन किया, तो यह साजिश खुल गई। नकली अधिकारियों ने 3 से 4 लाख रुपये लूटे और फरार हो गए, लेकिन पुलिस ने तफ्तीश शुरू की और 350 से ज्यादा CCTV कैमरों की जांच करते हुए गाजियाबाद तक पहुंची। पुलिस ने साजिश की सूत्रधार, घर की मेड रेखा देवी और उसकी ननद पूजा राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से आईटीबीपी डिप्टी कमांडेंट की वर्दी, फर्जी आईडी कार्ड, वायरलेस सेट और लूटी गई ज्वेलरी बरामद की गई। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की जांच जारी है।1
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- गाजियाबाद के कैला भट्टा इलाके में हिंदू वीर सेना के अध्यक्ष सत्यम पंडित ने मंगलवार (24 फरवरी 2026) को एक मुस्लिम मीट दुकानदार को धमकी देकर दुकान बंद करा दी। उन्होंने हनुमान मंदिर के सामने होने का तर्क देते हुए मंगलवार को दुकान न खोलने की चेतावनी दी और आग लगाने की धमकी भी दी। वीडियो में सत्यम पंडित वृद्ध दुकानदार से कहते दिखे, "मुल्ला जी, मंगल को मीट शॉप न खुले, नहीं तो आग लगा दूंगा।" यह वीडियो उन्होंने खुद फेसबुक पर शेयर किया, जिसमें कैप्शन था कि गाजियाबाद में मंगलवार को किसी मुस्लिम को मीट नहीं बेचने दिया जाएगा। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है, जहां सड़क के पार हनुमान मंदिर होने का हवाला दिया गया। पुलिस ने वीडियो वायरल होने के बाद जांच शुरू की, लेकिन 26 फरवरी तक गिरफ्तारी की कोई पुष्टि नहीं मिली। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने कहा कि वीडियो की जांच चल रही है और शिकायत पर कार्रवाई होगी। सत्यम पंडित का पहले भी हेट स्पीच का इतिहास है, जैसे 2024 में बांग्लादेशी मुस्लिमों पर भड़काऊ बयान के लिए गिरफ्तारी। सत्यम पंडित हिंदू वीर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और अक्सर धार्मिक मुद्दों पर विवादास्पद बयान देते रहे हैं। यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिससे इलाके में तनाव की चर्चा है।1
- *बिलग्राम नगर पालिका में टकराव तेज 16 सभासदों का बहिष्कार, उठ रहे गंभीर सवाल* crime 7news संदीप त्रिवेदी बिलग्राम नगर पालिका की बोर्ड बैठक अब महज औपचारिकता नहीं, बल्कि कानूनी और राजनीतिक टकराव का अखाड़ा बन चुकी है। 9 सभासदों ने उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि 16 सभासदों ने बैठक का बहिष्कार कर साफ संदेश दिया कि 31 बिंदुओं की शिकायत पर ठोस कार्रवाई के बिना कामकाज स्वीकार नहीं होगा। सभासदों का आरोप है कि शिकायत पत्र जिलाधिकारी हरदोई को सौंपा गया था, जिसकी जांच उप जिलाधिकारी बिलग्राम एन. राम को दी गई, लेकिन अब तक परिणाम शून्य है। ऐसे में अब सवाल सीधे कानून और जवाबदेही पर खड़े हो रहे हैं। क्या 31 बिंदुओं की शिकायत पर समयबद्ध जांच न करना प्रशासनिक लापरवाही की श्रेणी में नहीं आता.?? क्या जांच लंबित रहते हुए बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित करना विधिक रूप से चुनौती योग्य नहीं है.?? क्या सभासदों को शिकायत की प्रगति रिपोर्ट जिला अधिकारी महोदय को न देना पारदर्शिता का उल्लंघन नहीं है.?? यदि वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं, तो क्या लेखा परीक्षण (ऑडिट) अनिवार्य नहीं होना चाहिए.?? क्या बहुमत के विरोध के बावजूद निर्णय लेना लोकतांत्रिक मूल्यों और नगर पालिका अधिनियम की भावना के खिलाफ नहीं है.?? बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी नीलाव शाल्या की मौजूदगी के बावजूद हालात नियंत्रण में नहीं दिखे। 16 सभासदों ने साफ कहा है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे आमरण अनशन करेंगे। अब सवाल यह है क्या बिलग्राम नगर पालिका जनता के प्रति जवाबदेह है या सिर्फ सत्ता संतुलन का मंच बनकर रह गई है.?? प्रशासन की चुप्पी जितनी लंबी होगी, कानूनी संकट उतना गहराएगा।1
- गुरु जी की क्लाइंट से बात की तो क्लाइंट में बताया मैं ठीक हूं 24 घंटे में फर्क दिखाई दिया1
- Post by KP STORY HD1