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लालसोट शहर रंगों में सराबोर, श्याम मंदिर में धूमधाम से मनी होली, झंडा चौक पर हुआ महामूर्ख कवि सम्मेलन लालसोट शहर रंगों में सराबोर, श्याम मंदिर में धूमधाम से मनी होली, झंडा चौक पर हुआ महामूर्ख कवि सम्मेलन लालसोट। धूलंडी के अवसर पर मंगलवार को शहर रंगों में सराबोर नजर आया। परिसर में श्याम मित्र मंडल के तत्वावधान में आयोजित होली उत्सव में महिलाओं व पुरुषों ने रंग-गुलाल से जमकर होली खेली और बाबा श्याम के भजनों पर नृत्य किया। मंदिर कमेटी की ओर से ठंडाई वितरण किया गया। वहीं वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत झंडा चौक पर महामूर्ख कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ, जहां स्थानीय कवियों ने हास्य-व्यंग्य की प्रस्तुतियों से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया और लोगों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम का आनंद लिया।
Girdhari lal Sahu
लालसोट शहर रंगों में सराबोर, श्याम मंदिर में धूमधाम से मनी होली, झंडा चौक पर हुआ महामूर्ख कवि सम्मेलन लालसोट शहर रंगों में सराबोर, श्याम मंदिर में धूमधाम से मनी होली, झंडा चौक पर हुआ महामूर्ख कवि सम्मेलन लालसोट। धूलंडी के अवसर पर मंगलवार को शहर रंगों में सराबोर नजर आया। परिसर में श्याम मित्र मंडल के तत्वावधान में आयोजित होली उत्सव में महिलाओं व पुरुषों ने रंग-गुलाल से जमकर होली खेली और बाबा श्याम के भजनों पर नृत्य किया। मंदिर कमेटी की ओर से ठंडाई वितरण किया गया। वहीं वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत झंडा चौक पर महामूर्ख कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ, जहां स्थानीय कवियों ने हास्य-व्यंग्य की प्रस्तुतियों से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया और लोगों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम का आनंद लिया।
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- मलारना डूंगर, उपखंड क्षेत्र के मलारना चौड़ कस्बे स्थित भगवान नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में मंगलवार को होली के पावन अवसर पर महिला सत्संग मंडली द्वारा पारंपरिक फाग उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। महिला मंडल की कार्यकर्ता हेमलता तिवारी ने बताया कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी कस्बे की महिलाओं ने एकत्रित होकर फाग उत्सव का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान महिला सदस्यों ने होली के पारंपरिक फाग गीतों का गायन किया तथा नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय और रंगारंग बना दिया। मंदिर परिसर में आयोजित इस उत्सव में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और आपसी सौहार्द, प्रेम व भाईचारे का संदेश दिया। फाग गायन के साथ भगवान नीलकंठ महादेव की आराधना की गई तथा सुख-समृद्धि की कामना की गई। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं और प्रसाद वितरण किया गया। उत्सव के दौरान पूरे परिसर में भक्ति, उमंग और उल्लास का वातावरण बना रहा।1
- बसवा मे महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रतिमा खंडित करने का आरोप, माली समाज के लोगों ने लगाया आरोप, बसवा मे माली समाज के लोग कर रहे हैं प्रदर्शन, पुलिस प्रशासन पहुचा मौके पर4
- Post by Ganesh Yogi1
- Post by Ramkesh Nareda1
- Post by Anil Kumar journalist1
- गंगापुर सिटी के नजदीकी वजीरपुर उपखंड के मीना बड़ौदा गांव में तीन मासूम बच्चों के शव मिलने के सनसनीखेज मामले ने अब और भी गंभीर रूप ले लिया है। बच्चों की मां, जो घटना के बाद से लापता चल रही थी, ने कथित रूप से आत्महत्या का प्रयास किया था। उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। तालाब किनारे मिले थे तीनों बच्चों के शव सोमवार को गांव के तालाब के पास तीन मासूम बच्चों के शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। सूचना मिलते ही वजीरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वजीरपुर की मोर्चरी में रखवाया। मृत बच्चों की पहचान दिव्या (5 वर्ष), भारती (3 वर्ष) और डेढ़ वर्षीय दीपक के रूप में हुई। घटना के समय न तो बच्चों का पिता और न ही ससुराल पक्ष का कोई सदस्य अस्पताल में मौजूद मिला, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया। मृत बच्चों की मां संगीता मीणा, निवासी मीना बड़ौदा, घटना के बाद से लापता थी। उसका पीहर आलमपुर (जिला करौली) में बताया गया है। परिजनों ने आरोप लगाया कि उसकी शादी करीब सात साल पहले प्रवीण मीणा से हुई थी और उसे ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किया जाता था। बताया गया कि संगीता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर मारपीट और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद से वह गायब थी। रविवार शाम करीब 8 बजे महिला ने भरतपुर में सोगरिया एक्सप्रेस ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। सूचना पर जीआरपी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर हालत में महिला को भरतपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालत नाजुक होने पर उसे SMS अस्पताल जयपुर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने महिला के पति, देवर और सास को डिटेन कर पूछताछ शुरू कर दी है। बच्चों की मौत और महिला के आत्महत्या प्रयास के बीच क्या संबंध है, इसकी गहन जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकेगी। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है और लोग स्तब्ध हैं। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी हुई है।2
- कुण्डल दौसा यूजीसी कानून के विरुद्ध जिलेभर से आए सवर्ण समाज के लोगों ने रविवार को काली पट्टी बांधकर हजारों लोग हाथों में बैनर तख्तियां हाथों में लिए आक्रोश रैली निकालकर जिला मुख्यालय पर उग्र प्रदर्शन किया। सहजनाथ मंदिर से रवाना होकर लालसोट रोड,गांधी तिराहा,आगरा रोड सोमनाथ चौराया होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस बीच लोगों ने यूजीसी व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लगों का कहना था कि इस काले कानून को वापस नहीं लिया तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेंगे। केंद्र सरकार द्वारा देशभर के शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं शिक्षा से जुड़े विभिन्न संगठनों ने (यूजीसी) द्वारा लागू किए गए तथाकथित "काला कानून" के विरुद्ध सवर्ण समाज द्वारा गहरा विरोध दर्ज कराया। कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया।इस दौरान प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रस्तावित प्रावधान उच्च शिक्षा की स्वायत्तता, अकादमिक स्वतंत्रता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। उनका आरोप है कि इस कानून से विश्वविद्यालयों के निर्णय-प्रक्रिया में केंद्रीकरण बढ़ेगा और शिक्षण-अनुसंधान के वातावरण पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सवर्ण के साथ हर मोड़ पर अन्याय कर रही है। सवर्ण समाज दौसा ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से जारी रहेगा जब तक कि सरकार और संबंधित प्राधिकरण इस मुद्दे पर सकारात्मक पहल नहीं करते । विरोध कर रहे प्रतिनिधियों की मांगः संबंधित प्रावधानों को तुरंत वापस लिया जाए या व्यापक परामर्श के बाद संशोधित किया जाए। शिक्षकों, छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ खुली चर्चा कर पारदर्शी नीति बनाई जाए। उच्च शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता और अकादमिक स्वतंत्रता की संवैधानिक भावना को सुरक्षित रखा जाए। जातिगत आरक्षण को खत्म कर पूर्णतया आर्थिक आधार पर आरक्षण का प्रावधान रखा जाए4
- Post by Ramkesh Nareda1
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