ब्यावर के वर्धमान कन्या महाविद्यालय सभागार में सोमवार, 22 जून को 'पत्रिका इग्नाइटर्स-2026' कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मार्गदर्शन दिया। इस कार्यक्रम में ब्यावर विधायक श्री शंकर सिंह रावत, पुलिस अधीक्षक श्री रतन सिंह और कई अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद थे। अपने प्रेरक संबोधन में मंत्री श्री रावत ने छात्रों को बताया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता; इसके लिए स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन और कठिन परिश्रम ही वास्तविक कुंजी हैं। उन्होंने विद्यार्थी जीवन को भविष्य की नींव रखने का सबसे महत्वपूर्ण समय बताते हुए, विद्यार्थियों से अपने लिए एक आदर्श (रोल मॉडल) चुनकर उसके पदचिह्नों पर चलने का प्रयास करने का आह्वान किया, और इस संदर्भ में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। इसके साथ ही, मंत्री ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का सकारात्मक और सीमित उपयोग करने की सलाह दी, और अभिभावकों से अपने बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने तथा उन्हें सही दिशा प्रदान करने का आग्रह किया। मंत्री श्री रावत ने जल संरक्षण को आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को वर्षा जल संचयन अपनाना चाहिए, पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करना चाहिए, और जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि हम आज जल बचाएंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर पाएंगे, क्योंकि जल की प्रत्येक बूंद अमूल्य है और इसका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर ब्यावर विधायक श्री शंकर सिंह रावत ने युवाओं से अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर अध्ययन को सफलता का आधार बताते हुए अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया, और कहा कि कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास एवं दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। पुलिस अधीक्षक श्री रतन सिंह ने भी विद्यार्थियों से अपने जीवन में एक आदर्श स्थापित करने और स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आग्रह किया। उन्होंने छात्रों को नशे से दूर रहने, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, साइबर अपराधों से बचाव के लिए डिजिटल माध्यमों का सावधानीपूर्वक उपयोग करने तथा महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील रहने की सलाह दी। पुलिस अधीक्षक ने अभिभावकों को भी बच्चों के साथ नियमित संवाद जारी रखते हुए उन्हें सही मार्गदर्शन देने की बात कही, ताकि वे सुरक्षित, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बन सकें। यह कार्यक्रम बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षाविदों, अभिभावकों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
ब्यावर के वर्धमान कन्या महाविद्यालय सभागार में सोमवार, 22 जून को 'पत्रिका इग्नाइटर्स-2026' कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मार्गदर्शन दिया। इस कार्यक्रम में ब्यावर विधायक श्री शंकर सिंह रावत, पुलिस अधीक्षक श्री रतन सिंह और कई अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद थे। अपने प्रेरक संबोधन में मंत्री श्री रावत ने छात्रों को बताया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता; इसके लिए स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन और कठिन परिश्रम ही वास्तविक कुंजी हैं। उन्होंने विद्यार्थी जीवन को भविष्य की नींव रखने का सबसे महत्वपूर्ण समय बताते हुए, विद्यार्थियों से अपने लिए एक आदर्श (रोल मॉडल) चुनकर उसके पदचिह्नों पर चलने का प्रयास करने का आह्वान किया, और इस संदर्भ में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। इसके साथ ही, मंत्री ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का सकारात्मक और सीमित उपयोग करने की सलाह दी, और अभिभावकों से अपने बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने तथा उन्हें सही दिशा प्रदान करने का आग्रह किया। मंत्री श्री रावत ने जल संरक्षण को आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को वर्षा जल संचयन अपनाना चाहिए, पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करना चाहिए, और जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि हम आज जल बचाएंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर पाएंगे, क्योंकि जल की प्रत्येक बूंद अमूल्य है और इसका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर ब्यावर विधायक श्री शंकर सिंह रावत ने युवाओं से अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर अध्ययन को सफलता का आधार बताते हुए अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया, और कहा कि कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास एवं दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। पुलिस अधीक्षक श्री रतन सिंह ने भी विद्यार्थियों से अपने जीवन में एक आदर्श स्थापित करने और स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आग्रह किया। उन्होंने छात्रों को नशे से दूर रहने, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, साइबर अपराधों से बचाव के लिए डिजिटल माध्यमों का सावधानीपूर्वक उपयोग करने तथा महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील रहने की सलाह दी। पुलिस अधीक्षक ने अभिभावकों को भी बच्चों के साथ नियमित संवाद जारी रखते हुए उन्हें सही मार्गदर्शन देने की बात कही, ताकि वे सुरक्षित, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बन सकें। यह कार्यक्रम बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षाविदों, अभिभावकों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
- सागर शहर के गोपालगंज थाना क्षेत्र में स्थित कलेक्टर कार्यालय और प्रसिद्ध पीली कोठी मजार के पास बीती रात एक शराबी युवक ने बीच सड़क जमकर हंगामा किया। इस दौरान शराबी युवक के हाथ में पत्थर होने के कारण राहगीरों में भारी दहशत फैल गई, जिससे लोग अपनी जान बचाते हुए नजर आए। तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि लोग जान बचाकर भाग रहे थे, क्योंकि यह ड्रामा इतना खतरनाक था कि इसमें कई लोगों की जान भी जा सकती थी। प्रारंभ में लोगों ने युवक को सामान्य शराबी समझा, लेकिन जब उसने पत्थर लेकर लोगों को मारने की कोशिश की तो अफरातफरी मच गई। उसने बेफिक्र होकर गुजर रहे दर्जनों बाइक सवारों को रोकना शुरू कर दिया और जैसे ही वे रुकते, वह उन पर पत्थर से हमला करने का प्रयास करता। करीब एक घंटे तक उत्पात मचाने के बाद शराबी युवक सड़क पर ही गिर गया। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को सड़क से हटाकर सुरक्षित किनारे लिटाया।1
- रियांबड़ी नगर पालिका क्षेत्र में मुख्य बस स्टैंड से पुरोहितों के बास तक जाने वाला मार्ग इन दिनों बेहद बदहाल स्थिति में है। स्थानीय निवासियों ने जल विभाग पर गंभीर आरोप लगाया है कि पाइपलाइन संबंधी कार्य पूरा होने के बाद विभाग ने सड़क का स्थायी निर्माण नहीं कराया, जिसके चलते मार्ग पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। यह मार्ग क्षेत्र का एक प्रमुख आवागमन मार्ग है, जिससे प्रतिदिन सैकड़ों लोग और स्कूल समय में 500 से अधिक विद्यार्थी गुजरते हैं। सड़क पर मौजूद गहरे गड्ढों और ऊबड़-खाबड़ रास्ते के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष रूप से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि सड़क का सुधार कार्य जल्द नहीं हुआ, तो किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। बरसात का मौसम शुरू होने के बाद से यह समस्या और भी गंभीर हो गई है, क्योंकि बारिश से गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे उनकी वास्तविक गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। इस स्थिति में पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग बेहद जोखिम भरा बन गया है, और संतुलन बिगड़ने से कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने इस गंभीर समस्या के संबंध में कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को सूचित किया है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों ने विभागीय उदासीनता पर गहरा रोष प्रकट किया है। क्षेत्रवासियों ने अब प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि सड़क का शीघ्र पक्का निर्माण कराया जाए और गड्ढों को भरकर मार्ग को सुरक्षित बनाया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे जनहित में आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।1
- नागौर जिले की जसवंताबाद ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है, जहाँ 20 वर्षों से लंबित 20 परिवारों के 400 बीघा भूमि विवाद का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार और नायब तहसीलदार प्रेम कुमार रेबाना ने की। नायब तहसीलदार प्रेम कुमार रेबाना ने जानकारी दी कि यह मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन था। शिविर के दौरान, सभी पक्षों की आपसी सहमति और संवाद के माध्यम से इस विवाद का समाधान कराया गया। इस निर्णय से संबंधित 20 परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जिसके लिए उन्होंने प्रशासन का आभार व्यक्त किया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और मौके पर ही कई समस्याओं का निस्तारण होने पर लोगों ने संतोष जताया। शिविर प्रभारी जगदीश माली के अनुसार, इस ग्रामीण सेवा शिविर में राजस्व, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, कृषि, पशुपालन, चिकित्सा, शिक्षा, जलदाय, विद्युत तथा पंचायती राज सहित कुल 22 विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इन अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ भी प्रदान किए। प्रशासन ने बताया कि ऐसे शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन को सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है।1
- जयपुर में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) ने अवैध जल कनेक्शनों के खिलाफ एक बड़ा 'प्रहार' करते हुए कड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत 2500 से अधिक अवैध कनेक्शन काटे गए हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अवैध कनेक्शनों के संबंध में अब प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) भी दर्ज की जाएगी।1
- जयपुर के चौमूं उपखंड की उदयपुरिया ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के समाधान का एक प्रभावी माध्यम बन गया है। इस शिविर में 70 वर्षीय किसान राजेन्द्र कुमार को करीब 55 साल बाद उनके खेत तक जाने का रास्ता मिल गया, जिस पर प्रभावशाली लोगों ने अतिक्रमण कर लिया था। यह रास्ता राजस्व रिकॉर्ड में खसरा नंबर 3336 में दर्ज है, लेकिन वर्षों से बंद था, जिससे किसान को खेत पर आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। रघुनाथजी महाराज मंदिर के पुजारी राजेन्द्र कुमार ने ग्रामीण सेवा शिविर में अपनी शिकायत उपखंड अधिकारी आशीष शर्मा और तहसीलदार डॉ. विजयपाल के सामने रखी। शिकायत मिलते ही तहसीलदार डॉ. विजयपाल ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया और बिना देरी किए गिरदावर संतोष शर्मा के नेतृत्व में राजस्व टीम को मौके पर भेजा। पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में जेसीबी की सहायता से रास्ते पर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया, जिससे रिकॉर्डेड रास्ता फिर से बहाल हो गया। रास्ता खुलने के बाद राजेन्द्र कुमार भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि जीवनभर अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद पहली बार उनकी शिकायत पर इतनी त्वरित कार्रवाई हुई है। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर जैसे अभियान आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहे हैं। तहसीलदार डॉ. विजयपाल ने भी इस बात की पुष्टि की कि 55 साल बाद खेत तक पहुंचने वाला रास्ता खुलने से बुजुर्ग किसान को बड़ी राहत मिली है।1
- नागौर जिले के रोहिसा से धनेरिया जाने वाले कच्चे मार्ग पर एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खोदी गई गहरी खाई में गिर गया। इस हादसे में वाहन चालक को मामूली चोटें आईं, लेकिन एक बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद ग्रामीणों और राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर चालक को सुरक्षित वाहन से बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन मार्ग से गुजरते हुए धनेरिया से रोहिसा की ओर आ रही पिकअप पर चालक ने नियंत्रण खो दिया। सड़क निर्माण कार्य के कारण मार्ग पर कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं और किनारों पर मिट्टी की खुदाई कर खाइयां बनाई गई हैं। इसी वजह से पिकअप वाहन सीधे सड़क निर्माण स्थल के पास बनी खाई में जा गिरा। चालक को हल्की चोटें आने के बाद प्राथमिक उपचार दिया गया, और इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। बाद में, क्रेन की सहायता से वाहन को खाई से बाहर निकाला गया, जिससे कुछ समय के लिए मार्ग पर आवागमन भी प्रभावित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी संकेतों का अभाव था। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माणाधीन मार्ग पर गहरे गड्ढे और खाइयां होने के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है, विशेषकर रात के समय दुर्घटना की आशंका अधिक रहती है। ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी से मांग की है कि सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए और खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड तथा बैरिकेडिंग लगाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।1
- नाडसर में कुम्पावत परिवार का बाईसा-भुआसा स्नेह मिलन समारोह हर्षोल्लास के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है।1
- अजमेर जिले के पीसांगन स्थित नगरपालिका के वार्ड 6 में आवारा कुत्तों का आतंक व्याप्त है, जिसके चलते वार्डवासियों में भय का माहौल बना हुआ है। हाल ही में हुई एक घटना में, आवारा कुत्तों के शिकार से दो बकरियों की मौत हो गई। इस समस्या और नुकसान से प्रभावित वार्डवासी अब अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपने की तैयारी में हैं। वे पीड़ित पशुपालक को उचित मुआवजा दिलवाने और आवारा कुत्तों के आतंक से क्षेत्र को निजात दिलाने की मांग करेंगे।1