सभी स्टेक होल्डर्स ‘नया सफर’ (परिवर्तन) योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं : सचिव आरटीए *- जिला परिवहन अधिकारी एवं सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण जितेन्द्र कुमार ने ‘नया सफर’ (परिवर्तन) योजना के तहत स्टेक होल्डर्स से किया योजना का लाभ उठाने का आह्वान** *- केंद्र सरकार ने स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की ‘नया सफर’ (परिवर्तन) योजना* *- बीएस-4 ट्रकों और बसों को हटाकर बीएस-6, सीएनजी या ईवी से बदलना है योजना का मुख्य उद्देश्य* *- नए बीएस-6 या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर मिलेगी 100 प्रतिशत एमवी टैक्स छूट और रजिस्ट्रेशन शुल्क माफी* *पलवल, 2 सितंबर।* जिला परिवहन अधिकारी एवं सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण जितेन्द्र कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ऐतिहासिक ‘नया सफर’ (परिवर्तन) योजना शुरू की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले बीएस-4 ट्रकों और बसों को हटाकर बीएस-6, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) से बदलना है, जिससे ट्रक और बस मालिकों को लाभ होगा। उन्होंने ‘नया सफर’ (परिवर्तन) याजना के तहत स्टेक होल्डर्स से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण जितेन्द्र कुमार ने योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का वित्तपोषण आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) द्वारा और कार्यान्वयन सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। हरियाणा सरकार की ओर से ‘नया सफर’ (परिवर्तन) योजना के तहत टैक्स छूट, ब्याज सबवेंशन, फ्यूल वाउचर और रजिस्ट्रेशन शुल्क माफी जैसे बड़े प्रोत्साहन दिए जाएंगे, जिससे हरियाणा में आर्थिक लाभ के साथ-साथ पर्यावरणीय सुधार भी होगा। सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण जितेन्द्र कुमार ने कहा कि ‘नया सफर’ (परिवर्तन) योजना के तहत दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पंजीकृत उन ट्रकों और बसों के मालिकों को प्रोत्साहित किया जाएगा जो बीएस-4 या उससे पहले के उत्सर्जन मानकों का पालन करते हैं, ताकि वे उन्हें बीएस-6 या उससे भी सख्त उत्सर्जन मानकों का पालन करने वाले वाहनों या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदल सकें। स्वच्छ परिवहन प्रौद्योगिकियों की ओर बदलाव को गति देकर इस योजना से वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आने और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है। सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण जितेन्द्र कुमार ने स्पष्ट किया कि बीएस-3 या उससे पुराने वाहनों के लिए पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं पर स्क्रैप कराना अनिवार्य है, जबकि बीएस-4 वाहनों को एनसीआर के बाहर गैर-एनसीएपी शहरों/कस्बों में स्क्रैप या बेचा जा सकता है। इसके बाद मालिकों को एनसीआर के भीतर बीएस-6 या उससे भी सख्त मानकों के अनुरूप या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना और पंजीकृत कराना होगा। दिल्ली में हालांकि इस योजना के तहत खरीदे गए हल्के मालवाहक वाहन इलेक्ट्रिक होने चाहिए, जबकि बसें केवल बीएस-6 सीएनजी या इलेक्ट्रिक होनी चाहिए। सरकारी वाहन इस योजना से बाहर हैं। *इस योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ* सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण जितेन्द्र कुमार ने कहा कि ‘नया सफर’ (परिवर्तन) योजना के केंद्र सरकार पांच साल के लिए ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, वाहन की श्रेणी के आधार पर 4,800 रुपये तक के मासिक ईंधन वाउचर और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने या जमा प्रमाणपत्र के व्यापार के लिए एकमुश्त लाभ प्रदान करेगी। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को वाहन की कैटेगरी अनुसार 64 हजार से लेकर 2.56 लाख तक का एकमुश्त प्रोत्साहन भी मिलेगा। इसके अलावा वाहन निर्माता कंपनियां नए वाहनों की खरीद पर 8 प्रतिशत तक की अतिरिक्त छूट देंगी। सरकार का मानना है कि योजना से वाहन बिक्री, ऑटोमोबाइल उद्योग और परिवहन क्षेत्र को नई गति मिलेगी तथा रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी। *5 प्रतिशत ब्याज सबवेंशन तथा पांच वर्षों तक फ्यूल वाउचर की मिलेगी सुविधा : सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण* सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण जितेन्द्र कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत बीएस-4 और उससे पुराने ट्रकों एवं बसों को हटाकर बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा। सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार योजना से प्रदूषण में कमी आने के साथ-साथ परिवहन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पात्र वाहन मालिकों को नए बीएस-6 या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 100 प्रतिशत मोटर वाहन (एमवी) टैक्स छूट, 100 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क माफी, 5 प्रतिशत ब्याज सबवेंशन तथा पांच वर्षों तक फ्यूल वाउचर की सुविधा दी जाएगी। *‘नया सफर’ पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा योजना का संचालन : जिला परिवहन अधिकारी** जिला परिवहन अधिकारी एवं सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण जितेन्द्र कुमार ने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ केवल उन ट्रक और बस मालिकों को मिलेगा जिनके वाहन एनसीआर में पंजीकृत हैं और बीएस-4 या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों के हैं। बीएस-3 और उससे पुराने वाहनों को अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्रों पर स्क्रैप करना अनिवार्य होगा, जबकि बीएस-4 वाहनों को स्क्रैप करने या एनसीआर से बाहर गैर-एनसीएपी क्षेत्रों में बेचने का विकल्प दिया गया है। योजना का संचालन पूरी तरह डिजिटल ‘नया सफर’ पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा, जिससे लाभार्थी अपनी पात्रता, सबवेंशन और फ्यूल वाउचर की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। 000
सभी स्टेक होल्डर्स ‘नया सफर’ (परिवर्तन) योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं : सचिव आरटीए *- जिला परिवहन अधिकारी एवं सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण जितेन्द्र कुमार ने ‘नया सफर’ (परिवर्तन) योजना के तहत स्टेक होल्डर्स से किया योजना का लाभ उठाने का आह्वान** *- केंद्र सरकार ने स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की ‘नया सफर’ (परिवर्तन) योजना* *- बीएस-4 ट्रकों और बसों को हटाकर बीएस-6, सीएनजी या ईवी से बदलना है योजना का मुख्य उद्देश्य* *- नए बीएस-6 या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर मिलेगी 100 प्रतिशत एमवी टैक्स छूट और रजिस्ट्रेशन शुल्क माफी* *पलवल, 2 सितंबर।* जिला परिवहन अधिकारी एवं सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण जितेन्द्र कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ऐतिहासिक ‘नया सफर’ (परिवर्तन) योजना शुरू की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले बीएस-4 ट्रकों और बसों को हटाकर बीएस-6, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) से बदलना है, जिससे ट्रक और बस मालिकों को लाभ होगा। उन्होंने ‘नया सफर’ (परिवर्तन) याजना के तहत स्टेक होल्डर्स से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण जितेन्द्र कुमार ने योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का वित्तपोषण आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) द्वारा और कार्यान्वयन सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। हरियाणा सरकार की ओर से ‘नया सफर’ (परिवर्तन) योजना के तहत टैक्स छूट, ब्याज सबवेंशन, फ्यूल वाउचर और रजिस्ट्रेशन शुल्क माफी जैसे बड़े प्रोत्साहन दिए जाएंगे, जिससे हरियाणा में आर्थिक लाभ के साथ-साथ पर्यावरणीय सुधार भी होगा। सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण जितेन्द्र कुमार ने कहा कि ‘नया सफर’ (परिवर्तन) योजना के तहत दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पंजीकृत उन ट्रकों और बसों के मालिकों को प्रोत्साहित किया जाएगा जो बीएस-4 या उससे पहले के उत्सर्जन मानकों का पालन करते हैं, ताकि वे उन्हें बीएस-6 या उससे भी सख्त उत्सर्जन मानकों का पालन करने वाले वाहनों या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदल सकें। स्वच्छ परिवहन प्रौद्योगिकियों की ओर बदलाव को गति देकर इस योजना से वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आने और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है। सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण जितेन्द्र कुमार ने स्पष्ट किया कि बीएस-3 या उससे पुराने वाहनों के लिए पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं पर स्क्रैप कराना अनिवार्य है, जबकि बीएस-4 वाहनों को एनसीआर के बाहर गैर-एनसीएपी शहरों/कस्बों में स्क्रैप या बेचा जा सकता है। इसके बाद मालिकों को एनसीआर के भीतर बीएस-6 या उससे भी सख्त मानकों के अनुरूप या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना और पंजीकृत कराना होगा। दिल्ली में हालांकि इस योजना के तहत खरीदे गए हल्के मालवाहक वाहन इलेक्ट्रिक होने चाहिए, जबकि बसें केवल बीएस-6 सीएनजी या इलेक्ट्रिक होनी चाहिए। सरकारी वाहन इस योजना से बाहर हैं। *इस योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ* सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण जितेन्द्र कुमार ने कहा कि ‘नया सफर’ (परिवर्तन) योजना के केंद्र सरकार पांच साल के लिए ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, वाहन की श्रेणी के आधार पर 4,800 रुपये तक के मासिक ईंधन वाउचर और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने या जमा प्रमाणपत्र के व्यापार के लिए एकमुश्त लाभ प्रदान करेगी। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को वाहन की कैटेगरी अनुसार 64 हजार से लेकर 2.56 लाख तक का एकमुश्त प्रोत्साहन भी मिलेगा। इसके अलावा वाहन निर्माता कंपनियां नए वाहनों की खरीद पर 8 प्रतिशत तक की अतिरिक्त छूट देंगी। सरकार का मानना है कि योजना से वाहन बिक्री, ऑटोमोबाइल उद्योग और परिवहन क्षेत्र को नई गति मिलेगी तथा रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी। *5 प्रतिशत ब्याज सबवेंशन तथा पांच वर्षों तक फ्यूल वाउचर की मिलेगी सुविधा : सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण* सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण जितेन्द्र कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत बीएस-4 और उससे पुराने ट्रकों एवं बसों को हटाकर बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा। सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार योजना से प्रदूषण में कमी आने के साथ-साथ परिवहन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पात्र वाहन मालिकों को नए बीएस-6 या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 100 प्रतिशत मोटर वाहन (एमवी) टैक्स छूट, 100 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क माफी, 5 प्रतिशत ब्याज सबवेंशन तथा पांच वर्षों तक फ्यूल वाउचर की सुविधा दी जाएगी। *‘नया सफर’ पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा योजना का संचालन : जिला परिवहन अधिकारी** जिला परिवहन अधिकारी एवं सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण जितेन्द्र कुमार ने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ केवल उन ट्रक और बस मालिकों को मिलेगा जिनके वाहन एनसीआर में पंजीकृत हैं और बीएस-4 या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों के हैं। बीएस-3 और उससे पुराने वाहनों को अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्रों पर स्क्रैप करना अनिवार्य होगा, जबकि बीएस-4 वाहनों को स्क्रैप करने या एनसीआर से बाहर गैर-एनसीएपी क्षेत्रों में बेचने का विकल्प दिया गया है। योजना का संचालन पूरी तरह डिजिटल ‘नया सफर’ पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा, जिससे लाभार्थी अपनी पात्रता, सबवेंशन और फ्यूल वाउचर की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। 000
- पिंनगवा में कॉंग्रेस मेवात के जिला अध्यक्ष हाजी शाहिदा खान नें अपने कार्यकर्ताओं के साथ किया विरोध प्रदर्शन! नूह, मेवात से मोहम्मद आजाद !1
- घासेड़ा के पास मिक्सचर प्लांट से प्रदूषण का आरोप, चार गांवों के लोग परेशान नूंह जिले के घासेड़ा गांव में शुगरपुर के जंगल में लगे मिक्सचर प्लांट को लेकर आसपास के ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाले प्रदूषण के कारण घासेड़ा, छपेडा, छछेडा और बाजडका समेत आसपास के गांवों के लोग परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर पड़ रहा है और वे तरह-तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर प्रदूषण पर रोक लगाने की मांग की है।1
- लखनऊ में आयोजित आउटसोर्स कार्मिकों की सुरक्षा और (UPCOS) के शुभारंभ हेतु । उत्तर प्रदेश के राजधानी लखनऊ में आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) के शुभारंभ हेतु लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मोर्य व ब्रिजेश पाठक के नेतृत्व आउटसोर्स कार्मिकों का PUCOS का शुभारंभ हुए।1
- तिजारा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 32 से निर्दलीय पार्षद प्रत्याशी किशन लाल यादव ने किया चुनाव कार्यालय का उद्घाटन। इस अवसर पर किशन लाल यादव की पत्नी श्रीमती संतोष यादव एवं उनकी पुत्रवधू सहित वार्ड वासियों ने निर्दलीय प्रत्याशी किशन लाल यादव को वोट देने की अपील की। क्षेत्र की तमाम लेटेस्ट अपडेट जानने के लिए कृपा हमारे चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना ना भूले धन्यवाद जय हिंद वंदे मातरम आपका दिन शुभ और मंगलमय हो1
- बारिश ने खोली नगर निगम के जल निकासी दावों की पोल, जन्माष्टमी से पहले जलभराव ने बढ़ाई चिंता मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर मथुरा में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। नगर निगम की ओर से शहर में जल निकासी और व्यवस्थाओं को लेकर तमाम दावे किए जा रहे थे, लेकिन बुधवार को हुई बारिश ने इन दावों की पोल खोल दी। नगर निगम महापौर की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जल निकासी की व्यवस्था किए जाने का दावा किया गया था। जिस स्थान पर बेहतर जल निकासी व्यवस्था का श्रेय लिया गया, बारिश के बाद उसी इलाके में जलभराव की तस्वीरें सामने आईं। हालात यह रहे कि महापौर की स्वयं की तस्वीर भी पानी में डूबी नजर आई। जन्माष्टमी पर्व पर मथुरा में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में यदि बारिश होती है तो शहर की यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की आवाजाही को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। जलभराव के कारण कई प्रमुख मार्गों पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मथुरा दौरा भी प्रस्तावित बताया जा रहा है। ऐसे में बारिश के दौरान प्रशासन और नगर निगम के सामने वीआईपी मूवमेंट के साथ-साथ आम श्रद्धालुओं के लिए बेहतर यातायात एवं जल निकासी व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी। अब सवाल यह है कि जन्माष्टमी के दौरान यदि बारिश होती है तो नगर निगम जलभराव से निपटने के लिए क्या ठोस व्यवस्था करेगा? क्या जल निकासी के दावे जमीन पर दिखाई देंगे या फिर मुख्यमंत्री के काफिले के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाएगा? बारिश ने फिलहाल नगर निगम के दावों पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।1
- फरीदाबाद में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 27वें दिन भी जारी है। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे कर्मचारियों का गुस्सा अब बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में आज सफाई कर्मचारियों ने कैबिनेट मंत्री एवं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल का पुतला फूंककर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार के साथ कई दौर की बातचीत और आश्वासन के बावजूद उनकी प्रमुख मांगों को अब तक लिखित रूप से लागू नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, ठेका प्रथा खत्म करना, सफाई और सीवर कर्मचारियों के रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करना तथा सरकार के साथ हुए पुराने समझौतों को लागू करना शामिल है।1
- “धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र को उसकी धार्मिक एवं ऐतिहासिक गरिमा के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सरकार व्यापक योजना पर कार्य कर रही है। ब्रह्म सरोवर और आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के साथ श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। कई विकास कार्यों के टेंडर जारी किए जा रहे हैं, जबकि रेस्ट हाउस सहित अन्य कार्यों की टेंडर प्रक्रिया चल रही है। गीता द्वार का कार्य भी प्रगति पर है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित रेलवे एलिवेटेड ट्रैक से शहर को रेलवे फाटकों की समस्या से मुक्ति मिलने के साथ कनेक्टिविटी भी बेहतर हुई है।” — मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी #Haryana #Kurukshetra1
- गांव सहसोल के सरकारी स्कूल में भरा गंदा पानी, बदबू से विद्यार्थी परेशान तावडू ब्लॉक के गांव सहसोल में 12वीं तक के सरकारी स्कूल में गंदा पानी भरने से विद्यार्थियों और स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एडवोकेट आसिफ खान के मुताबिक, गांव का गंदा पानी स्कूल परिसर में आ रहा है, जिससे बदबू का आलम है। स्कूल के पास सरकारी अस्पताल, आंगनबाड़ी और वाटर सप्लाई भी मौजूद है। आसिफ खान ने बताया कि मामले की शिकायत सीएम विंडो और शिक्षा विभाग नूंह को दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत की ओर से समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कार्य नहीं कराया जा रहा।1
- hamare gane ko support kare please 🙏 #mathura #phenchari1