कुशीनगर के सेवरही थाना क्षेत्र के ग्राम सभा पिपराघाट एहतमाली देवनरायन टोला में 8 जून 2026 को एक घर की कोठरी से लाली (20 वर्ष) और शीला (18 वर्ष) नामक दो बहनें मृत अवस्था में मिलीं। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि दोनों लड़कियों के गांव के ही दो युवकों से पहले संबंध थे। उनके पिता रामप्रसाद पुत्र पुनदेव साहनी ने इस मामले में तीन बार युवकों के खिलाफ अभियोग भी पंजीकृत कराए थे, जिसके बाद पुलिस ने लड़कियों को बरामद किया था। इसके बावजूद, दोनों लड़कियां लगातार उन युवकों से संपर्क में बनी रहीं, जिसके कारण घर में अक्सर झगड़े होते रहते थे। लगभग 15 दिन पहले रामप्रसाद ने लड़कियों के फोन भी छीन लिए थे, जो उन्हें युवकों ने दिए थे। इसी घरेलू कलह और गुस्से के चलते परिवार के सदस्यों ने दोनों बहनों को डंडे से पीटकर उनकी हत्या कर दी। इस मामले में थाना सेवरही पर तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस ने मृतक बहनों के भाइयों, सूरज पुत्र रामप्रसाद और नितीश पुत्र रामप्रसाद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शवों का पोस्टमॉर्टम और अन्य आवश्यक वैज्ञानिक जांचें कराई जा रही हैं, तथा अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है। घटनास्थल पर शांति व्यवस्था कायम है। अपर पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री सिद्धार्थ वर्मा ने भी इस घटना की पुष्टि की है, जिसमें 8 जून 2026 को पिपराघाट एहतमाली देवनरायन टोला में दो बहनों को मृत पाया गया।
कुशीनगर के सेवरही थाना क्षेत्र के ग्राम सभा पिपराघाट एहतमाली देवनरायन टोला में 8 जून 2026 को एक घर की कोठरी से लाली (20 वर्ष) और शीला (18 वर्ष) नामक दो बहनें मृत अवस्था में मिलीं। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि दोनों लड़कियों के गांव के ही दो युवकों से पहले संबंध थे। उनके पिता रामप्रसाद पुत्र पुनदेव साहनी ने इस मामले में तीन बार युवकों के खिलाफ अभियोग भी पंजीकृत कराए थे, जिसके बाद पुलिस ने लड़कियों को बरामद किया था। इसके बावजूद, दोनों लड़कियां लगातार उन युवकों से संपर्क में बनी रहीं, जिसके कारण घर में अक्सर झगड़े होते रहते थे। लगभग 15 दिन पहले रामप्रसाद ने लड़कियों के फोन भी छीन लिए थे, जो उन्हें युवकों ने दिए थे। इसी घरेलू कलह और गुस्से के चलते परिवार के सदस्यों ने दोनों बहनों को डंडे से पीटकर उनकी हत्या कर दी। इस मामले में थाना सेवरही पर तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस ने मृतक बहनों के भाइयों, सूरज पुत्र रामप्रसाद और नितीश पुत्र रामप्रसाद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शवों का पोस्टमॉर्टम और अन्य आवश्यक वैज्ञानिक जांचें कराई जा रही हैं, तथा अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है। घटनास्थल पर शांति व्यवस्था कायम है। अपर पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री सिद्धार्थ वर्मा ने भी इस घटना की पुष्टि की है, जिसमें 8 जून 2026 को पिपराघाट एहतमाली देवनरायन टोला में दो बहनों को मृत पाया गया।
- जनपद कुशीनगर में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री, परिवहन और निष्कर्ण के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत, आज दिनांक 13.06.2026 को थाना पटहेरवा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के दौरान, पुलिस ने एक लग्जरी वाहन से तस्करी कर ले जाई जा रही 4 किलोग्राम 775 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया, जिसके साथ दो अभियुक्तों को भी गिरफ्तार किया गया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 50,000/- रुपये बताई गई है। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान प्रमोद यादव पुत्र बड़ेलाल यादव, निवासी एकहरा थाना फुलपरास जनपद मधुबनी, बिहार और दीपक कुमार पुत्र राजेन्द्र कुमार, निवासी रसड़ा थाना रसड़ा जनपद बलिया के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से स्वीफ्ट डिजायर कार वाहन संख्या DL1ZC1336 भी जब्त की है। इस बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर, थाना पटहेरवा पर मु0अ0सं0 175/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। इस कार्यवाही को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष धीरेन्द्र राय, उप निरीक्षक सच्चिदानन्द यादव, उप निरीक्षक मनोज कुमार वर्मा, कांस्टेबल धर्मेन्द्र चौहान, रिक्रूट कांस्टेबल अभिषेक यादव और रिक्रूट कांस्टेबल अजीत चौहान शामिल थे। पुलिस द्वारा मामले में अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।3
- स्थानीय तहसील के ग्राम पंचायत सिसवा गोपाल और सिसई दधिच में महाराजा सुहेलदेव जी का विजय दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।1
- कुशीनगर जिले में बड़ी गंडक नदी में नहाते समय पाँच बच्चे डूब गए। बंधे पर काम कर रहे मजदूरों ने तत्परता दिखाते हुए इनमें से तीन बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह घटना बरवापट्टी थाना क्षेत्र के रामपुर बरहन लक्ष्मीपुर टोला के पास बड़ी गंडक नदी में हुई, जहाँ अभी भी दो बच्चे लापता हैं। नदी में पानी अधिक होने के कारण लापता बच्चों की तलाश और बचाव अभियान चलाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। इस हादसे के बाद लापता बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। डूबे हुए बच्चों को निकालने और लापता बच्चों की तलाश के लिए पुलिस और एसडीआरएफ की कई टीमें मौके पर लगाई गई हैं, वहीं बरवापट्टी के एसओ दिनेश कुमार सहित भारी पुलिस बल भी घटनास्थल पर तैनात किया गया है।1
- बाजपट्टी बाजार में महाराजा सुहेलदेव राजभर जी की जयंती का आयोजन 10 जून को किया जाएगा।1
- कुशीनगर में मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद के नेतृत्व में मुसहर समुदाय की बड़ी संख्या में महिलाओं ने जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को ज्ञापन सौंपा है। इन महिलाओं ने ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद पर नवीन परती भूमि पर फर्जी पट्टा करने, और इसका विरोध करने पर उन्हें भद्दी-भद्दी गालियाँ देने व जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। महिलाओं का कहना है कि प्रधान की इस प्रताड़ना के कारण वे अपना गाँव छोड़कर पलायन करने को मजबूर हैं, जबकि मुख्यमंत्री द्वारा मुसहर समुदाय को मूलभूत सुविधाएँ देने के फरमान के बावजूद निचले स्तर पर उनकी उपेक्षा हो रही है। महिलाओं द्वारा जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि दुदही ब्लॉक के ग्रामसभा चिरकुटहा में गाटा संख्या 528/0.0690 हेक्टेअर नवीन परती भूमि पर ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने कुछ लोगों के साथ साँठगाँठ कर फर्जी पट्टा कर दिया था। मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद ने स्पष्ट किया कि गाँव के लोगों ने राजस्व विभाग से इस फर्जी पट्टे को निरस्त करने की कार्रवाई के लिए पहले भी जिलाधिकारी को पत्र दिया था। इसके बाद पट्टा तो निरस्त नहीं हुआ, लेकिन इसकी जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने गाँव की महिलाओं को न केवल भद्दी गालियाँ दीं, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे वे तंग आकर गाँव छोड़ने को विवश हो गई हैं। पीड़ित महिलाओं ने इस पूरे प्रकरण में फर्जी पट्टे को तत्काल निरस्त करते हुए दोषी ग्राम प्रधान के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो प्रधान की प्रताड़ना के कारण मजबूरीवश उन्हें गाँव से पलायन करना पड़ेगा। इस अवसर पर मुसहर मंच की कोषाध्यक्ष दुर्गा देवी, सदस्य मनिता देवी, प्रेमी देवी, सुशीला देवी, समाजसेवी दिनेश प्रसाद और रामबहाल सिंह सहित कई मुसहर समुदाय की महिलाएँ उपस्थित रहीं।2
- एक बस और एक ट्रेलर के बीच हुई टक्कर का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। इस हादसे में कुल 8 लोग घायल हुए हैं।1
- जनपद कुशीनगर के पटहेरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत बघौच मोड़ के पास 12 जून 2026 को शाम करीब 5 बजे एक बस और एक ट्रक के बीच भीषण टक्कर हो गई, जिससे दोनों वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुँचा। इस दुर्घटना में बस के ड्राइवर नौशाद (उम्र 27 वर्ष, निवासी नहर, थाना मसूरी, जनपद हापुड़) और ट्रक के ड्राइवर सियाराम (उम्र 29 वर्ष, निवासी मझगवां, थाना चकरघट्टा, जनपद चंदौली) घायल हो गए। इसके अतिरिक्त, बस के कंडक्टर यासीन (उम्र 28 वर्ष, निवासी सइटई, थाना बहादुरगढ़, जनपद हापुड़) और ट्रक के कंडक्टर प्रदीप (उम्र 28 वर्ष, निवासी जम्हूनी, थाना चक्करघंटा, जनपद चंदौली) भी इस घटना से प्रभावित हुए। बस में सवार तीन अन्य यात्रियों को भी सामान्य चोटें आईं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल ड्राइवरों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। मामूली चोटें झेलने वाले तीनों यात्रियों को फाजिलनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्राथमिक उपचार के बाद सुरक्षित उनके घर भेज दिया गया। यह जानकारी क्षेत्राधिकारी तमकुहीराज की बाइट और जनपद कुशीनगर के सोशल मीडिया सेल द्वारा दी गई।1
- कुशीनगर के दुदही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में दिल का दौरा पड़ने से एक मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर एम्बुलेंस नहीं मिली और इलाज में भी लापरवाही बरती गई, जिसके कारण मरीज की जान चली गई। गुस्से में आए परिजनों ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की और स्वास्थ्यकर्मियों से मारपीट भी की, जिसमें एक चिकित्सक सहित कुल चार स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गए। इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति और अस्पतालों में सुरक्षा के इंतज़ामों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, यदि परिजनों को इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही या एम्बुलेंस सेवा में देरी की शिकायत थी, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई भी की जानी चाहिए। लेकिन किसी भी सूरत में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि ये लोग संकट के समय में लोगों की जान बचाने का काम करते हैं। सवाल यह उठता है कि क्या गुस्से में आकर कानून को अपने हाथ में लेना किसी समस्या का समाधान हो सकता है, या फिर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए? अस्पताल को रणक्षेत्र बना देने से न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती खड़ी होती है, बल्कि इससे अन्य ज़रूरतमंद मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।1