"माँ: संस्कार, सम्मान और सच्चे आशीर्वाद का आधार,,,,, समाजसेवी एवं पत्रकार ऋषिकेश त्रिपाठी,, ✍️मातृदिवस के अवसर पर, हम माँ के प्रेम, त्याग और ममता को याद करते हैं। लेकिन क्या केवल एक दिन माँ को याद कर लेना ही हमारे कर्तव्यों की पूर्ति है? नहीं, माँ का सम्मान और प्रेम हमें जीवनभर देना चाहिए।इस संदर्भ में कुछ बिंदुओं के आधार पर स्पष्ट किया जा सकता है। (1). माँ का" महत्व: ::::माँ केवल जन्म देने वाली नहीं होती, वह प्रथम गुरु, रक्षक, मित्र और जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा होती है,, (2). माँ का सम्मान :::माँ का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। हमें अपनी माँ को समय देना, उनका सम्मान करना, उनकी भावनाओं को समझना और उनके वृद्धावस्था को प्रेम व सुरक्षा से भरना चाहिए,, (3) सच्चा आशीर्वाद::: माँ के हृदय को अपने सदाचार, सेवा और सम्मान से प्रसन्न कर लिया जाए, तो जीवन में किसी अन्य आशीर्वाद की आवश्यकता नहीं रहती।। (4) माँ की ममता:::माँ की ममता को शब्दों में बाँधना संभव नहीं। वह तो एक निर्मल अमृतधारा है,जो निरंतर अपने प्रेम और स्नेह से जीवन को सींचती रहती है,, (5)मां होती है क्योंकि भगवान को भी जन्म देती है मां।रवींद्र सिंह मंजू सर मैहर की कलम एक कहानी के माध्यम से लेखन प्रस्तुत करती है कि एक बेटा अपनी माँ को वृद्धाश्रम में छोड़ आया। माँ ने बेटे से कहा, "बेटा, मुझे यहाँ अच्छा लगता है, लेकिन तुम्हें यहाँ आना नहीं चाहिए।" बेटे ने कहा, "माँ, मैं तुम्हें यहाँ छोड़ आया हूँ, ताकि तुम्हें अच्छा लगे।" माँ ने कहा, "बेटा, मुझे यहाँ अच्छा नहीं लगता, मैं तो तुम्हारे साथ रहना चाहती हूँ।" बेटे ने माँ की बात नहीं मानी और वहाँ से चला गया।कुछ दिनों बाद,मदर्स डे को बेटे को अपनी माँ की याद आई और वह वृद्धाश्रम गया। माँ को देखकर वह बहुत दुखी हुआ और माफी मांगने लगा। माँ ने कहा, "बेटा, मैं तुम्हें माफ करती हूँ, लेकिन तुम्हें एक बात याद रखनी चाहिए कि माँ का सम्मान और प्रेम जीवनभर देना चाहिए।" न कि एक दिन मातृदिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि माता-पिता का सम्मान केवल एक दिन का नहीं, बल्कि जीवनभर का कर्तव्य है। आइए, आज हम सभी यह संकल्प लें कि अपने माता-पिता को वह सम्मान, प्रेम और स्थान देंगे, जिसके वे वास्तविक अधिकारी हैं।संसार की सभी मातृशक्ति को हर पल हर दिन सादर प्रणाम। चरण वंदन।आप सभी को इस अनुपम मां रूपी दिवस की कोटि कोटि हार्दिक शुभकामनाएं। मैहर वाली शारदा माता की जय हो। "✍️ राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत (म.प्र ) प्रदेश अध्यक्ष ऋषिकेश त्रिपाठी मो.7580921718
"माँ: संस्कार, सम्मान और सच्चे आशीर्वाद का आधार,,,,, समाजसेवी एवं पत्रकार ऋषिकेश त्रिपाठी,, ✍️मातृदिवस के अवसर पर, हम माँ के प्रेम, त्याग और ममता को याद करते हैं। लेकिन क्या केवल एक दिन माँ को याद कर लेना ही हमारे कर्तव्यों की पूर्ति है? नहीं, माँ का सम्मान और प्रेम हमें जीवनभर देना चाहिए।इस संदर्भ में कुछ बिंदुओं के आधार पर स्पष्ट किया जा सकता है। (1). माँ का" महत्व: ::::माँ केवल जन्म देने वाली नहीं होती, वह प्रथम गुरु, रक्षक, मित्र और जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा होती है,, (2). माँ का सम्मान :::माँ का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। हमें अपनी माँ को समय देना, उनका सम्मान करना, उनकी भावनाओं को समझना और उनके वृद्धावस्था को प्रेम व सुरक्षा से भरना चाहिए,, (3) सच्चा आशीर्वाद::: माँ के हृदय को अपने सदाचार, सेवा और सम्मान से प्रसन्न कर लिया जाए, तो जीवन में किसी अन्य आशीर्वाद की आवश्यकता नहीं रहती।। (4) माँ की ममता:::माँ की ममता को शब्दों में बाँधना संभव नहीं। वह तो एक निर्मल अमृतधारा है,जो निरंतर अपने प्रेम और स्नेह से जीवन को सींचती रहती है,, (5)मां होती है क्योंकि भगवान को भी जन्म देती है मां।रवींद्र सिंह मंजू सर मैहर की कलम एक कहानी के माध्यम से लेखन प्रस्तुत करती है कि एक बेटा अपनी माँ को वृद्धाश्रम में छोड़ आया। माँ ने बेटे से कहा, "बेटा, मुझे यहाँ अच्छा लगता है, लेकिन तुम्हें यहाँ आना नहीं चाहिए।" बेटे ने कहा, "माँ, मैं तुम्हें यहाँ छोड़ आया हूँ, ताकि तुम्हें अच्छा लगे।" माँ ने कहा, "बेटा, मुझे यहाँ अच्छा नहीं लगता, मैं तो तुम्हारे साथ रहना चाहती हूँ।" बेटे ने माँ की बात नहीं मानी और वहाँ से चला गया।कुछ दिनों बाद,मदर्स डे को बेटे को अपनी माँ की याद आई और वह वृद्धाश्रम गया। माँ को देखकर वह बहुत दुखी हुआ और माफी मांगने लगा। माँ ने कहा, "बेटा, मैं तुम्हें माफ करती हूँ, लेकिन तुम्हें एक बात याद रखनी चाहिए कि माँ का सम्मान और प्रेम जीवनभर देना चाहिए।" न कि एक दिन मातृदिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि माता-पिता का सम्मान केवल एक दिन का नहीं, बल्कि जीवनभर का कर्तव्य है। आइए, आज हम सभी यह संकल्प लें कि अपने माता-पिता को वह सम्मान, प्रेम और स्थान देंगे, जिसके वे वास्तविक अधिकारी हैं।संसार की सभी मातृशक्ति को हर पल हर दिन सादर प्रणाम। चरण वंदन।आप सभी को इस अनुपम मां रूपी दिवस की कोटि कोटि हार्दिक शुभकामनाएं। मैहर वाली शारदा माता की जय हो। "✍️ राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत (म.प्र ) प्रदेश अध्यक्ष ऋषिकेश त्रिपाठी मो.7580921718
- मध्य प्रदेश के सतना जिले में मेडिकल नशे का कारोबार बेखौफ जारी है। सभापुर थाना क्षेत्र के बिरसिंहपुर से कुख्यात अपराधी रिजमान खान का कोरेक्स तस्करी से संबंधित एक वीडियो वायरल हुआ है। कोरेक्स की यह खेप कोटर थाना क्षेत्र के अबेर से बिरसिंहपुर तक पहुंचाई जाती है।1
- prdhan mantri gram sadk yojna se badal rahi hai ganw Ki tasvieer1
- अपनी इसी हरकत, से ये पप्पू चुनाव हारता है और काग्रेस को डुबा दिया1
- आज सिंगरौली बैढ़न में सड़क पर उस वक्त हंगामे का माहौल देखने को मिला, जब एक बस ने छोटी गाड़ी को टक्कर मार दिया1
- Post by JOURNALIST RIPPU PANDEY4
- अमरपाटन में लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई गई कुम्हारी से वीरदत्त तक की नई सड़क तीन महीने में ही जर्जर हो गई है। जगह-जगह गहरी दरारें और उखड़ता डामर विभाग की गुणवत्ता और भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल उठा रहा है। ग्रामीणों में आक्रोश है और वे कमीशनखोरी का आरोप लगा रहे हैं।4
- सतना के मैहर और अमदरा क्षेत्र में अवैध डीजल-पेट्रोल का कारोबार कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की कार्रवाई के बावजूद थम नहीं रहा है। NH 30 किनारे कई ढाबे इसमें संलिप्त हैं, जिसमें जय मां शारदा ढाबा प्रमुख है। इस धड़ल्ले से चल रहे अवैध कारोबार को लेकर जिम्मेदारों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।2
- सतना के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में स्टेशन रोड पर खुलेआम सट्टे की पर्चियां काटी जा रही हैं, जिसका मुख्य आरोपी आशीष रैकवार बताया जा रहा है। मीडिया में लगातार खबरें आने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई सिर्फ दिखावा साबित हुई है और यह धंधा धड़ल्ले से जारी है। इससे परेशान स्थानीय व्यापारियों ने अब खुद कार्रवाई करने की चेतावनी दी है और पुलिस की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।1