बाराबंकी जनपद के रामनगर स्थित संजय सेतु पर मरम्मत कार्य तेजी से जारी है, जहाँ राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी अनंत कुमार मौर्य की देखरेख में लगभग 1200 मीटर लंबे इस सेतु पर ढाई करोड़ रुपये की लागत से काम चल रहा है। शुक्रवार शाम तक सेतु पर बनाए गए 62 अप्रोच ज्वाइंटों का कार्य पूरा कर लिया गया, जिसके साथ ही पुल का लगभग 95 प्रतिशत मरम्मत कार्य संपन्न हो चुका है। कंपनी के सुपरवाइजर ऋषभ सिंह ने जानकारी दी कि पुल के नीचे वायरिंग का कार्य फिलहाल चल रहा है, जिसमें अभी 25 वायरिंग लगाई जानी बाकी हैं। घाघरा नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण मशीनों की सहायता से यह कार्य कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, पुल के ऊपर मिस्टिक कार्य भी पूर्ण हो गया है, और अब केवल महीन गिट्टी (जीरा) डालकर डामर बिछाने का कार्य शेष है। मरम्मत कार्य में लगे कर्मचारियों द्वारा सेतु के सभी ज्वाइंट सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं, तथा अधिकारियों के अनुसार पुल की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक चरण का कार्य तकनीकी निगरानी में हो रहा है। संजय सेतु बाराबंकी और बहराइच जनपद के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जो पड़ोसी देश नेपाल को भी जोड़ता है और जिससे प्रतिदिन करीब 20 हजार वाहन गुजरते थे। मरम्मत कार्य के दौरान आम लोगों की सुविधा के लिए घाघरा नदी के अंदर एक पीपा पुल का निर्माण किया गया है, जिससे यातायात सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। स्थानीय निवासी राजू, अवधेश कुमार और वैभव वर्मा ने विश्वास जताया है कि मरम्मत पूरी होने के बाद आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुगम हो जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा ने 10 जून तक मरम्मत कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं, और यदि मौसम अनुकूल रहा तो 10 जून तक संजय सेतु का संपूर्ण कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
बाराबंकी जनपद के रामनगर स्थित संजय सेतु पर मरम्मत कार्य तेजी से जारी है, जहाँ राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी अनंत कुमार मौर्य की देखरेख में लगभग 1200 मीटर लंबे इस सेतु पर ढाई करोड़ रुपये की लागत से काम चल रहा है। शुक्रवार शाम तक सेतु पर बनाए गए 62 अप्रोच ज्वाइंटों का कार्य पूरा कर लिया गया, जिसके साथ ही पुल का लगभग 95 प्रतिशत मरम्मत कार्य संपन्न हो चुका है। कंपनी के सुपरवाइजर ऋषभ सिंह ने जानकारी दी कि पुल के नीचे वायरिंग का कार्य फिलहाल चल रहा है, जिसमें अभी 25 वायरिंग लगाई जानी बाकी हैं। घाघरा नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण मशीनों की सहायता से यह कार्य कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, पुल के ऊपर मिस्टिक कार्य भी पूर्ण हो गया है, और अब केवल महीन गिट्टी (जीरा) डालकर डामर बिछाने का कार्य शेष है। मरम्मत कार्य में लगे कर्मचारियों द्वारा सेतु के सभी ज्वाइंट सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं, तथा अधिकारियों के अनुसार पुल की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक चरण का कार्य तकनीकी निगरानी में हो रहा है। संजय सेतु बाराबंकी और बहराइच जनपद के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जो पड़ोसी देश नेपाल को भी जोड़ता है और जिससे प्रतिदिन करीब 20 हजार वाहन गुजरते थे। मरम्मत कार्य के दौरान आम लोगों की सुविधा के लिए घाघरा नदी के अंदर एक पीपा पुल का निर्माण किया गया है, जिससे यातायात सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। स्थानीय निवासी राजू, अवधेश कुमार और वैभव वर्मा ने विश्वास जताया है कि मरम्मत पूरी होने के बाद आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुगम हो जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा ने 10 जून तक मरम्मत कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं, और यदि मौसम अनुकूल रहा तो 10 जून तक संजय सेतु का संपूर्ण कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
- भाजपा सरकार पर महंगाई का आरोप लगाया गया है। इस दौरान यह दृढ़ता से कहा गया कि मौजूदा सरकार को वर्ष 2027 में सत्ता से हटा दिया जाएगा।1
- बाराबंकी जिले में स्वच्छता की स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ नालियों में भारी मात्रा में गंदगी जमा है और उनकी सफाई सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय नदियों की सफाई का कार्य भी नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण चारों ओर गंदगी व्याप्त है।1
- योगी बाबा की जय हो! अब 'बुलडोजर बाबा' का कहर चलेगा, जिससे माफिया की खैर नहीं होगी और सभी को जेल जाना पड़ेगा। इस बार इंसाफ की जीत होकर रहेगी, क्योंकि 'बुलडोजर बाबा' आ रहे हैं और माफिया को उनके बिलों से ढूंढ निकालेंगे। यह पूरी तरह से इंसाफ का 'योगी मॉडल' है।1
- बाराबंकी जिले में उपजिलाधिकारी (SDM) नवाबगंज ने बड़ेल क्षेत्र में संचालित संवृद्धि इंफ्राटेक नाम की एक अवैध प्लॉटिंग पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलवा दिया। यह कार्रवाई पुलिस की निगरानी में की गई। समृद्धि इंफ्राटेक के खिलाफ उत्तर प्रदेश निर्माण कार्य विनियमन अधिनियम 1958 की धारा 10 के तहत न्यायालय नियत प्राधिकारी द्वारा प्रस्तुत एक वाद में ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया गया था। इसी आदेश के बाद उपजिलाधिकारी नवाबगंज ने यह बड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की। इस अभियान के चलते क्षेत्र के भूमाफियाओं में हड़कंप मच गया है।1
- बाराबंकी के बसौली गांव में इन दिनों अवैध मिट्टी खनन का कारोबार खुलेआम चल रहा है, जिससे ग्रामीण खासे परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया सक्रिय हैं और प्रशासनिक कार्रवाई के अभाव में वे रातभर बेखौफ होकर मिट्टी निकाल रहे हैं। गांव के बाहर स्थित रामचंद्र के खेत में हर शाम जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रालियों की आवाजाही शुरू हो जाती है, जो पूरी रात बड़े पैमाने पर मिट्टी निकालने का काम करती हैं। इस निकाली गई मिट्टी को आसपास के क्षेत्रों में ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। यह अवैध खनन पिछले कई दिनों से लगातार जारी है। ग्रामीणों के अनुसार, रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों से खेतों की खुदाई कर मिट्टी ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर भेजी जाती है, जिससे किसानों की जमीन प्रभावित हो रही है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि खनन माफिया प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए सुबह होते ही अपनी मशीनों और वाहनों को मौके से हटा देते हैं, जिससे अधिकारियों को कोई साक्ष्य नहीं मिल पाता। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अवैध खनन के कारण गांव की सड़कों की हालत भी खराब हो गई है। भारी ट्रैक्टर-ट्रालियों की लगातार आवाजाही से ग्रामीण मार्ग जगह-जगह टूट गए हैं, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, रातभर मशीनों के चलने से ग्रामीणों की नींद भी प्रभावित हो रही है।1
- बाराबंकी के हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। सतरही रेलवे क्रॉसिंग के पास एक ट्रक और डंपर के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें ट्रक चालक की जिंदा जलकर मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, डंपर चालक और खलासी किसी तरह वाहन से बाहर निकलने में कामयाब रहे और उनकी जान बच गई।1