महोबा के पनवाड़ी विकासखंड क्षेत्र के बैदों मौजा में लघु सिंचाई विभाग के तहत हो रहे कुआं निर्माण कार्यों में ग्रामीणों और लाभार्थियों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इन कुओं के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिसके चलते काम पूरा होने से पहले ही कुएं की दीवारों (केन) में दरारें पड़ गई हैं। इस मामले में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत कोटरा निवासी अरविंद यादव के खेत में लगभग 8 लाख रुपये की लागत से एक कुएं का निर्माण कराया जा रहा है। अरविंद यादव ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य अभी शुरुआती चरण में ही है, लेकिन कुएं की केन में दरारें दिखने लगी हैं। उन्होंने बताया कि अभी सिर्फ करीब 15 फीट गहराई तक ही खुदाई हुई है, जबकि स्वीकृत मानकों के अनुसार कुएं की गहराई 35 से 37 फीट और चौड़ाई लगभग 20 फुट होनी चाहिए। अरविंद यादव का यह भी आरोप है कि निर्माणाधीन कुएं में आई इन दरारों से मिट्टी धंसने और केन गिरने का खतरा बना हुआ है, जिससे मजदूरों और किसानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि ठेकेदार द्वारा गुणवत्ता मानकों की अनदेखी कर निम्न स्तर की सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि अभिलेखों में कुएं की चौड़ाई 20 फुट दर्ज है, लेकिन मौके पर यह कम दिखाई दे रही है। इसके अतिरिक्त, निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित कोई सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे कार्य की लागत, तकनीकी स्वीकृति और कार्यदायी संस्था की जानकारी सार्वजनिक नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने इसे पारदर्शिता की कमी बताते हुए सवाल उठाए हैं। इस संबंध में जब कनिष्ठ अभियंता (जेई) धनराज से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि बैदों मौजा में चार कुओं का निर्माण कराया जा रहा है और वे संबंधित ठेकेदार की जानकारी जुटाकर शिकायत के संबंध में आवश्यक कदम उठाएंगे। उधर, लाखन पुत्र परीक्षित, जिनके निर्माणाधीन कुएं में भी दरारें आने की बात सामने आई है, उन्होंने भी जिला प्रशासन से जांच की मांग की है। रामप्रकाश पुत्र लेखराज, पन्नालाल पुत्र घंसुआ और बृजेंद्र पुत्र कन्धैयालाल सहित अन्य किसानों ने भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग उठाई है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि कुएं की वास्तविक गहराई, चौड़ाई, उपयोग की गई सामग्री और स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष हुए कार्य का सत्यापन कराया जाए। किसानों का आरोप है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की तकनीकी जांच नहीं की गई तो सरकारी धन के दुरुपयोग के साथ-साथ इस योजना के उद्देश्य पर भी प्रश्नचिह्न लग जाएगा। फिलहाल, प्रशासन को शिकायत भेजकर मामले की जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।
महोबा के पनवाड़ी विकासखंड क्षेत्र के बैदों मौजा में लघु सिंचाई विभाग के तहत हो रहे कुआं निर्माण कार्यों में ग्रामीणों और लाभार्थियों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इन कुओं के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिसके चलते काम पूरा होने से पहले ही कुएं की दीवारों (केन) में दरारें पड़ गई हैं। इस मामले में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत कोटरा निवासी अरविंद यादव के खेत में लगभग 8 लाख रुपये की लागत से एक कुएं का निर्माण कराया जा रहा है। अरविंद यादव ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य अभी शुरुआती चरण में ही है, लेकिन कुएं की केन में दरारें दिखने लगी हैं। उन्होंने बताया कि अभी सिर्फ करीब 15 फीट गहराई तक ही खुदाई हुई है, जबकि स्वीकृत मानकों के अनुसार कुएं की गहराई 35 से 37 फीट और चौड़ाई लगभग 20 फुट होनी चाहिए। अरविंद यादव का यह भी आरोप है कि निर्माणाधीन कुएं में आई इन दरारों से मिट्टी धंसने और केन गिरने का खतरा बना हुआ है, जिससे मजदूरों और किसानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि ठेकेदार द्वारा गुणवत्ता मानकों की अनदेखी कर निम्न स्तर की सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि अभिलेखों में कुएं की चौड़ाई 20 फुट दर्ज है, लेकिन मौके पर यह कम दिखाई दे रही है। इसके अतिरिक्त, निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित कोई सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे कार्य की लागत, तकनीकी स्वीकृति और कार्यदायी संस्था की जानकारी सार्वजनिक नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने इसे पारदर्शिता की कमी बताते हुए सवाल उठाए हैं। इस संबंध में जब कनिष्ठ अभियंता (जेई) धनराज से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि बैदों मौजा में चार कुओं का निर्माण कराया जा रहा है और वे संबंधित ठेकेदार की जानकारी जुटाकर शिकायत के संबंध में आवश्यक कदम उठाएंगे। उधर, लाखन पुत्र परीक्षित, जिनके निर्माणाधीन कुएं में भी दरारें आने की बात सामने आई है, उन्होंने भी जिला प्रशासन से जांच की मांग की है। रामप्रकाश पुत्र लेखराज, पन्नालाल पुत्र घंसुआ और बृजेंद्र पुत्र कन्धैयालाल सहित अन्य किसानों ने भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग उठाई है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि कुएं की वास्तविक गहराई, चौड़ाई, उपयोग की गई सामग्री और स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष हुए कार्य का सत्यापन कराया जाए। किसानों का आरोप है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की तकनीकी जांच नहीं की गई तो सरकारी धन के दुरुपयोग के साथ-साथ इस योजना के उद्देश्य पर भी प्रश्नचिह्न लग जाएगा। फिलहाल, प्रशासन को शिकायत भेजकर मामले की जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।
- यह पोस्ट वीरपाल जी लोधी राजपूत के प्रति गहरा स्नेह और सम्मान व्यक्त करती है। इसमें वीरपाल जी का उल्लेख लोधी राजपूत समुदाय से संबंधित व्यक्ति के रूप में किया गया है, जिसके साथ भावनात्मक जुड़ाव और प्रशंसा दर्शाई गई है।1
- पनवाड़ी कस्बे के मुहाल तालाब काजीपुर में बीती अर्द्धरात्रि को तेज वोल्टेज के कारण आग लग गई। यह घटना देर रात हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।1
- महोबा जनपद में रेवंई से धवार तक चल रहे सड़क निर्माण कार्य में कथित लापरवाही को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान न तो सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है और न ही गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसके चलते आम जनता को असुविधा और दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माण स्थल पर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग या रात में प्रकाश व्यवस्था का कोई इंतजाम नहीं है। सड़क पर निर्माण सामग्री के बिखरे होने से राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया है कि कई स्थानों पर कार्य की गुणवत्ता संदिग्ध प्रतीत हो रही है, जिसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से तत्काल सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण करने और सुरक्षा मानकों व निर्माण गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस सड़क में यदि शुरू से ही लापरवाही बरती गई, तो भविष्य में इसकी मजबूती और टिकाऊपन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग जाएंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के लिए बाध्य होंगे।4
- आज, 16 जून 2026 को, चित्रकूट में गायत्री मंदिर में 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' थीम के तहत एक योग सत्र का आयोजन किया गया। यह सत्र राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय चित्रकूट योग वेलनेस सेंटर लोढवारा/बनकट चित्रकूट द्वारा संचालित किया गया था, जिसका निर्देशन मुख्य विकास अधिकारी श्री देवी प्रसाद पाल (आईएएस) जी ने किया। इस कार्यक्रम को क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी बांदा/चित्रकूट डॉ. सत्येंद्र पटेल जी और प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आशुतोष तिवारी जी के मार्गदर्शन में संपन्न कराया गया। योग प्रशिक्षक महेश श्रीवास और सहायक योग प्रशिक्षक आनंद बिहारी शर्मा ने पुरुषों और महिलाओं को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु सूर्य नमस्कार, योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। इस दौरान उन्होंने योग की उपयोगिता और इससे शारीरिक एवं मानसिक स्तर पर होने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की।2
- हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह सरकारी अस्पताल के सामने बने एक नाले से लगभग 22 वर्षीय युवक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सुबह टहलने निकले लोगों ने नाले में शव को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय निवासियों की सहायता से शव को नाले से बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मृतक युवक ने नीली जींस और काली टी-शर्ट पहन रखी थी। उसके शरीर पर किसी चोट के निशान नहीं मिले, हालांकि पानी में रहने के कारण उसका चेहरा फूल गया था। अभी तक मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास के गांवों में गुमशुदगी की सूचनाएं खंगाल रही है और सोशल मीडिया पर युवक की फोटो साझा कर उसकी शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है। कुरारा थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मौत का कारण स्पष्ट नहीं है, और सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी। पुलिस इस मामले में हत्या और हादसे, दोनों कोणों से जांच कर रही है। घटना स्थल पर फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है, और पुलिस नाले के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच कर रही है ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके।1
- चित्रकूट में आषाढ़ की अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ उमड़ पड़ी, जिसने जनसैलाब का रूप ले लिया। यह भीड़ इतनी विशाल थी कि इसने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। अमावस्या पर जुटी इस भारी भीड़ के कारण चित्रकूट में 'जम के ऊपर जाम' की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे वहां से किसी भी तरह निकलना असंभव हो गया था।1
- हमीरपुर में भीषण गर्मी के मद्देनजर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों और शिक्षकों ने सरकारी विद्यालयों के संचालन समय में बदलाव की मांग करते हुए जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। शिक्षकों ने वर्तमान मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए विद्यालयों का समय सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक निर्धारित करने की मांग की है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि लगातार बढ़ते तापमान और तेज गर्मी के कारण विद्यालय आने वाले बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। दोपहर के समय अत्यधिक गर्मी के कारण छात्र-छात्राओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ने का खतरा भी बढ़ जाता है। शिक्षकों ने जिला प्रशासन से बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, विद्यालय के समय में तत्काल परिवर्तन करने का आग्रह किया है। यह ज्ञापन जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में दिया गया।1
- पनवाड़ी ब्लॉक के कोनिया गांव में एक बड़ा हादसा हो गया है, जिसमें कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।1