बलरामपुर में आयोजित सुशासन तिहार अभियान लोगों के जीवन में नई उम्मीद और खुशहाली का माध्यम बन रहा है। इसी के तहत, विजयनगर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम बाहरचूरा के मत्स्य पालक संजय सिंह को मत्स्य पालन प्रसार योजना के तहत जाल और आईसबॉक्स प्रदान किए गए हैं, जिससे वे आत्मनिर्भरता की नई राह पर अग्रसर हुए हैं और अब उनकी मेहनत की पूरी कमाई उन्हीं के हाथों में रहेगी। संजय सिंह ग्राम बाहरचूरा की गंगा मछुआ सहकारी समिति के 11 सदस्यों में से एक हैं, जो 29 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले दो बड़े जलाशयों से मत्स्य उत्पादन करके अपने परिवारों का भरण-पोषण करते हैं। पहले समिति के पास आवश्यक मत्स्य जाल और उपकरण नहीं थे, जिसके कारण उन्हें मछली निकालने के लिए बाहरी लोगों की सहायता लेनी पड़ती थी। इस निर्भरता के बदले उन्हें कुल आय का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा कमीशन के रूप में देना पड़ता था, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा था। सुशासन तिहार के समाधान शिविर में, संजय सिंह सहित छह हितग्राहियों को उन्नत मत्स्य जाल और आईसबॉक्स दिए गए। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने हितग्राहियों को सामग्री वितरित करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में शुभकामनाएं दीं। संजय सिंह ने बताया कि अब समिति के सदस्य स्वयं मछली पकड़ सकेंगे, जिससे बाहरी लोगों पर निर्भरता खत्म होगी और 30 प्रतिशत कमीशन की राशि सीधे उनकी आय में जुड़ जाएगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आईसबॉक्स मिलने से मछलियों को सुरक्षित रखकर दूर के बाजारों तक पहुंचाना भी आसान होगा, जिससे बेहतर बाजार मूल्य मिलेगा और मत्स्य पालन व्यवसाय और भी बेहतर बन सकेगा। संजय सिंह ने शासन और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायतों के निराकरण का मंच नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। इस पहल से ग्रामीणों का विश्वास बढ़ा है और यह सहायता उनके लिए बेहतर भविष्य की एक नई शुरुआत तथा मछुआरों के लिए समृद्धि का आधार बन रही है।
बलरामपुर में आयोजित सुशासन तिहार अभियान लोगों के जीवन में नई उम्मीद और खुशहाली का माध्यम बन रहा है। इसी के तहत, विजयनगर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम बाहरचूरा के मत्स्य पालक संजय सिंह को मत्स्य पालन प्रसार योजना के तहत जाल और आईसबॉक्स प्रदान किए गए हैं, जिससे वे आत्मनिर्भरता की नई राह पर अग्रसर हुए हैं और अब उनकी मेहनत की पूरी कमाई उन्हीं के हाथों में रहेगी। संजय सिंह ग्राम बाहरचूरा की गंगा मछुआ सहकारी समिति के 11 सदस्यों में से एक हैं, जो 29 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले दो बड़े जलाशयों से मत्स्य उत्पादन करके अपने परिवारों का भरण-पोषण करते हैं। पहले समिति के पास आवश्यक मत्स्य जाल और उपकरण नहीं थे, जिसके कारण उन्हें मछली निकालने के लिए बाहरी लोगों की सहायता लेनी पड़ती थी। इस निर्भरता के बदले उन्हें कुल आय का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा कमीशन के रूप में देना पड़ता था, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा था। सुशासन तिहार के समाधान शिविर में, संजय सिंह सहित छह हितग्राहियों को उन्नत मत्स्य जाल और आईसबॉक्स दिए गए। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने हितग्राहियों को सामग्री वितरित करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में शुभकामनाएं दीं। संजय सिंह ने बताया कि अब समिति के सदस्य स्वयं मछली पकड़ सकेंगे, जिससे बाहरी लोगों पर निर्भरता खत्म होगी और 30 प्रतिशत कमीशन की राशि सीधे उनकी आय में जुड़ जाएगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आईसबॉक्स मिलने से मछलियों को सुरक्षित रखकर दूर के बाजारों तक पहुंचाना भी आसान होगा, जिससे बेहतर बाजार मूल्य मिलेगा और मत्स्य पालन व्यवसाय और भी बेहतर बन सकेगा। संजय सिंह ने शासन और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायतों के निराकरण का मंच नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। इस पहल से ग्रामीणों का विश्वास बढ़ा है और यह सहायता उनके लिए बेहतर भविष्य की एक नई शुरुआत तथा मछुआरों के लिए समृद्धि का आधार बन रही है।
- एक गरीब और असहाय परिवार को संत रामपाल जी महाराज का सहारा मिला है। इस घटना से जुड़ी पूरी वीडियो देखने के लिए दर्शक 'AnnaPurna Muhim' नामक YouTube चैनल पर जा सकते हैं।1
- कंकर जिले के पिड़चोड़ ग्राम में कम्युनिटी पुलिसिंग के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल और समझ स्थापित करना था।1
- स्केटिंग के माध्यम से पूरे भारत का भ्रमण कर रहे उत्तर प्रदेश के युवा मुन्नर निषाद छत्तीसगढ़ के केशकाल पहुँचे। फरसगांव से अपनी अगली मंज़िल के लिए रवाना होने से पहले, उन्होंने नगरवासियों से भेंट की और यात्रा के दौरान मिले सहयोग, स्नेह तथा आतिथ्य के लिए सभी का आभार जताया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्हें छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक प्यार और सम्मान प्राप्त हुआ है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना उनके लिए कठिन है। मुन्नर निषाद ने विशेष रूप से बस्तर अंचल के लोगों की सरलता, अपनापन, भाईचारे और मेहमाननवाज़ी की सराहना की, यह कहते हुए कि यहाँ के लोगों ने उनके दिल में एक विशेष स्थान बना लिया है। फरसगांव रेस्ट हाउस से केशकाल की ओर अपनी यात्रा प्रारंभ करने से पहले, उन्होंने स्थानीय संस्कृति और लोगों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए "जय जोहार", "जय छत्तीसगढ़", "जय बस्तर" और "छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया" के नारे लगाए। इस अवसर पर नगरवासियों ने भी मुन्नर निषाद को उनकी सफल और सुरक्षित यात्रा के लिए शुभकामनाएँ दीं।1
- छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पुलिस ने एक गुमशुदा युवक से जुड़ी सनसनीखेज हत्याकांड को महज 72 घंटों के भीतर सुलझाने का दावा किया है। यह मामला 28 मई को तब शुरू हुआ, जब बैहरसारी गांव के कोमल वर्मा अचानक लापता हो गए। उनकी गुमशुदगी के ठीक अगले दिन, पांडातराई के सोंढा गांव में एक बोरी के भीतर कोमल का शव बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने सक्रियता से जांच शुरू की। पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए कॉल डिटेल्स खंगाली, जिसके आधार पर शक की सुई एक महिला मंदाकिनी वर्मा की ओर घूमी। हिरासत में लिए जाने पर मंदाकिनी वर्मा ने चौंकाने वाला सच उजागर किया। महिला का आरोप है कि कोमल उसे अश्लील वीडियो दिखाकर लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। घटना की रात जब ब्लैकमेलिंग का दबाव बहुत बढ़ गया, तो महिला ने कोमल को अपने घर बुलाया और लोहे के पाने से उस पर हमला कर दिया। इसके बाद, महिला ने अपने पति के साथ मिलकर कोमल को मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद, शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने महिला के भाई की मदद ली। भाई ने ट्रैक्टर का इस्तेमाल कर शव को दूर सुनसान जगह पर फेंक दिया था। हालांकि, कबीरधाम पुलिस की गहन जांच के आगे यह शातिर चाल नाकाम रही। इस मामले में अब पति, पत्नी और भाई तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, जिससे ब्लैकमेलिंग का यह खौफनाक अंत सामने आया है।1
- पानी की गंभीर समस्या का सामना कर रही इंदौर की जनता अब सड़कों पर उतर आई है, जहाँ वे 'पानी दो, पानी दो' के नारे लगाते हुए शासन-प्रशासन से तत्काल पानी उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। लोगों को पानी नहीं मिलने के कारण वे इसके लिए तरस रहे हैं, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है। शहरवासी इस बात को लेकर बेहद परेशान हैं कि उन्हें आखिर पानी क्यों नहीं मिल रहा है और वे इसके 'असल कारण' जानना चाहते हैं। पानी की कमी के कारण जनता में भारी असंतोष है और वे चाहते हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करे।1
- पखांजूर पुलिस ने 'ऑपरेशन उजियारा' नामक अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।1
- गरियाबंद पुलिस ने अवैध गांजा परिवहन के खिलाफ लगातार कार्रवाई करते हुए राजिम थाना क्षेत्र में 13.775 किलोग्राम गांजा के साथ पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए तस्करों में दो विधि से संघर्षरत बालक भी शामिल हैं। पुलिस द्वारा जब्त किए गए अवैध गांजा, घटना में प्रयुक्त वाहन और मोबाइल फोन का कुल अनुमानित मूल्य 14 लाख 12 हजार 250 रुपये आंका गया है। यह कार्रवाई 31 मई 2026 को थाना प्रभारी राजिम को मिली मुखबिर सूचना के आधार पर की गई। मुखबिर ने बताया था कि एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर वाहन (क्रमांक OD-26-F-3603) से भारी मात्रा में अवैध गांजा ग्राम कौंदकेरा की ओर से राजिम की तरफ ले जाया जा रहा है। इस सूचना पर थाना राजिम की पुलिस टीम को तत्काल जोरा तालाब के पास घटना स्थल पर रवाना किया गया, जहां उन्होंने संदिग्ध सफेद स्विफ्ट डिजायर वाहन को रोककर पूछताछ और चेकिंग की। वाहन की तलाशी के दौरान उसमें गांजा मादक पदार्थ पाया गया। पुलिस ने तीन वयस्क आरोपियों – कमलेश यादव (31 वर्ष, ग्राम छाती भांगठापारा, थाना कुरूद, जिला धमतरी), दीपक राव (25 वर्ष, साकिन सेम्हराडीह शीतलापारा, कुरूद, जिला धमतरी), और बेंजामिन सिंह (37 वर्ष, निवासी सर्किट हाउस के सामने, माहुलभठ्ठा, थाना नुआपाड़ा, ओडिशा) – को दो विधि से संघर्षरत बालकों सहित गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13.775 किलोग्राम अवैध गांजा, जिसकी कीमत 6,77,250 रुपये है, जब्त किया। इसके अतिरिक्त, घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर वाहन (क्रमांक OD-26-F-3603) जिसकी कीमत 7 लाख रुपये है, और पांच मोबाइल फोन (कीमत 35 हजार रुपये) भी जब्त किए गए। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर अपराध धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। तीनों वयस्क आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।1