हैदराबाद पुलिस की बड़ी कार्यवाही मारपीट व धमकी के मामले में चार अभियुक्त गिरफ्तार, जेल भेजे गए पीयूष दीक्षित की रिपोर्ट लखीमपुर खीरी। हैदराबाद पुलिस ने मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने और आपराधिक धमकी के मामले में कार्रवाई करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार ग्राम सहुआपुर निवासी कलक्टर सिंह पुत्र स्व. टीकाराम, ओमप्रकाश पुत्र स्व. टीकाराम, अरविंद कुमार उर्फ मुन्नालाल पुत्र स्व. रामनाथ तथा रामनरेश उर्फ राम रईस पुत्र स्व. तिलकराम को गिरफ्तार किया गया। इन पर धारा 109(1), 118(1), 117(2), 190, 191(2), 191(3), 324(4), 333, 352, 351(3) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी की कार्रवाई थाना प्रभारी सुनील मलिक के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अशोक कुमार सिंह (चौकी प्रभारी अजान) की टीम द्वारा की गई। पुलिस टीम में हेड कांस्टेबल दीपक वर्मा, हेड कांस्टेबल संजीव यादव, हेड कांस्टेबल शैलेन्द्र कुमार, कांस्टेबल प्रेमशंकर, कांस्टेबल रवि कुमार, कांस्टेबल संजीव कुमार, कांस्टेबल बन्टी सागर तथा पीआरडी जवान राजाराम शामिल रहे। थाना प्रभारी सुनील मलिक ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद सभी अभियुक्तों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
हैदराबाद पुलिस की बड़ी कार्यवाही मारपीट व धमकी के मामले में चार अभियुक्त गिरफ्तार, जेल भेजे गए पीयूष दीक्षित की रिपोर्ट लखीमपुर खीरी। हैदराबाद पुलिस ने मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने और आपराधिक धमकी के मामले में कार्रवाई करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार ग्राम सहुआपुर निवासी कलक्टर सिंह पुत्र स्व. टीकाराम, ओमप्रकाश पुत्र स्व. टीकाराम, अरविंद कुमार उर्फ मुन्नालाल पुत्र स्व. रामनाथ तथा रामनरेश उर्फ राम रईस पुत्र स्व. तिलकराम को गिरफ्तार किया गया। इन पर धारा 109(1), 118(1), 117(2), 190, 191(2), 191(3), 324(4), 333, 352, 351(3) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी की कार्रवाई थाना प्रभारी सुनील मलिक के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अशोक कुमार सिंह (चौकी प्रभारी अजान) की टीम द्वारा की गई। पुलिस टीम में हेड कांस्टेबल दीपक वर्मा, हेड कांस्टेबल संजीव यादव, हेड कांस्टेबल शैलेन्द्र कुमार, कांस्टेबल प्रेमशंकर, कांस्टेबल रवि कुमार, कांस्टेबल संजीव कुमार, कांस्टेबल बन्टी सागर तथा पीआरडी जवान राजाराम शामिल रहे। थाना प्रभारी सुनील मलिक ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद सभी अभियुक्तों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
- पीयूष दीक्षित की रिपोर्ट गोला गोकर्णनाथ-खीरी। थाना हैदराबाद क्षेत्र में गोला–मोहम्मदी रोड स्थित झारा मोड़ पर बुधवार दोपहर बस और स्कूटी की आमने-सामने टक्कर में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। पुलिस के अनुसार 11 मार्च 2026 को करीब 1:40 बजे झारा मोड़ पर सड़क दुर्घटना की सूचना मिली। इस पर उपनिरीक्षक खेमेन्द्र सिंह अपने हमराही पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। मौके पर जांच के दौरान पता चला कि स्कूटी संख्या UP31 BX 3404 चला रहीं रितु यादव पत्नी ऋतुराज, निवासी प्रयागराज, जो कुम्भी ब्लॉक में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर तैनात हैं, की बस संख्या UP31 AT 4536 से आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में रितु यादव को गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने उन्हें तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गोला भेजा। बस चालक का नाम-पता अभी अज्ञात बताया जा रहा है। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर थाना परिसर में खड़ा करा दिया है। घटना के बाद मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है तथा मामले की जांच की जा रही है।1
- अहमदाबाद में खेले गए बड़े फाइनल में हमारी जीत शानदार रही। पूरे टूर्नामेंट में दबाव के बावजूद लड़कों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और इस प्रतिभाशाली टीम के सामने कोई भी टिक नहीं पाया। इस शानदार उपलब्धि में योगदान देने के लिए पूरी मैनेजमेंट टीम और सपोर्ट स्टाफ को हार्दिक बधाई।1
- कुर्सी थाने के अंतर्गत जो घटना हुई थी उसमें बुलडोजर कार्यवाही पूर्ण कराई जाए नहीं तो 12 तारीख तक लाखन आर्मी महाआंदोलन के लिए बाध्य होगी1
- आज बांकेगंज ब्लॉक में ब्लॉक अध्यक्ष जो दिव्यांग जनों के हैं सर्वेश कुमार अर्कवंशी की अध्यक्षता में आज एक दिव्यांगजन यूनियन की बैठक संपन्न हुई जिसमें बहुत से दिव्यांगजन ब्लॉक बांकेगंज के उपस्थित हुए और उन्हीं के बीच यह भी पता चला कि विकास कुमार जो तहसील अध्यक्ष है उनके प्रयास से बेचापुर के एक दिव्यांग का अंत्योदय कार्ड भी बनाया गया यह अच्छी बात है दिव्यांगों का सहयोग होना चाहिए आप सभी लोग से और सरकार से अपेक्षा करता हूं कि इनका सहयोग समय-समय पर अवश्य करते रहें2
- गोला स्थित गैलेक्सी हॉस्पिटल की जांच करने आए चिकित्सा अधिकारियों से मीडिया कर्मियों के द्वारा जांच के बारे में पूछे जाने पर बताया कुछ नहीं बताएंगे सीएमओ ऑफिस जाओ....1
- सरकार ऐसी नुमाइंदों पर क्यों कार्रवाई करने में असमर्थ रहती है जो अक्सर सोशल मीडिया पर भ्रामक बातें और भड़काऊ बातें फ्लेट रहते हैं किसी हर एक व्यक्ति की अपनी पर्सनल आस्था होती है उसे आस्था को इस प्रदीप मौर्या जैसे लोग आहत करते हैं ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए@प्रदीपमौर्या #uppolice1
- भूटान भारत से पेट्रोल ख़रीद कर, भूटान अपने देश में 62 रु प्रति लीटर बेचता है, ...और भारत में पेट्रोल की क़ीमत कितनी है रु 95 से रु 108 प्रति लीटर, फिर भी मोदी हैं तो मुमिकन है का स्लोगन 12 सालों से रटाया जा रहा है... ये देश हित नहीं, सरकार के साथ मिलकर विशेष लूट है चंद पूंजीपतियों की।1
- सदर कोतवाली लखीमपुर गांव मोहनपुरा में मानवता एक बार फिर गन्ने के खेतों में सूली टांग दिया 14 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी का मामला, * लखीमपुर खीरी के सदर कोतवाली क्षेत्र की ग्राम पंचायत मोहनपुरवा में मानवता को एक बार फिर गन्ने के खेतों में सूली पर टांग दिया गया है, जहाँ एक 14 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने यह साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जिले में अब कानून का नहीं बल्कि हैवानों का 'राज' चल रहा है। पिता का आरोप है कि उसकी मासूम बेटी घर से शौच के लिए निकली थी, जिसे क्या मालूम था कि गाँव का ही एक युवक उसकी ताक में भेड़िया बनकर बैठा है, जिसने उसे गन्ने के झुरमुटों में खींचकर उसकी अस्मत को तार-तार कर दिया। सरकार के करोड़ों के 'इज्जत घर' और 'ओडीएफ' के गुलाबी दावों की पोल मोहनपुरवा के इन खेतों में सिसक रही है, जहाँ बेटियाँ आज भी खुले में शौंच जाने को मजबूर हैं, और अपराधी इसे अपनी हवस बुझाने का 'सुनहरा मौका' समझ रहे हैं। सदर कोतवाली पुलिस सूचना पाकर मौके पर तो पहुँच गई है और रस्मी तौर पर जाँच के फीते भी खींचे जा रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि आखिर खीरी में मासूमों के साथ होने वाली इन ताबड़तोड़ वारदातों पर 'फुल स्टॉप' कब लगेगा? ताज्जुब की बात है कि यहाँ 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' के विज्ञापन तो दीवारों पर चमकते हैं, पर असलियत में बेटियाँ खेतों से अपनी बर्बादी की दास्तान लेकर लौट रही हैं और खाकी सिर्फ कागजों पर घोड़े दौड़ाने में मशगूल है। इस सनसनीखेज वारदात ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ इस कदर गायब हो चुका है कि अब मासूमों की आबरू लूटना उनके लिए सिर्फ एक मामूली 'खेल' बनकर रह गया है, जबकि प्रशासन हर बार की तरह 'कड़ी कार्रवाई' का झुनझुना थमाने की तैयारी में जुटा है।1