क्या वर्ष फल रहेगा चैत्र में लगे सनातनी नव वर्ष का भारत में जिसका नाम ही रौद्र है। ✍️19 मार्च 2026 को लगने वाला हिंदू नववर्ष 🙏 नाम रौद्र संवत्सर 2083 ग्रहों का मंत्रिमंडल पद-ग्रह राजा (King) गुरु / बृहस्पति मंत्री (Prime Minister) मंगल कृषि मंत्री / सस्येश गुरु (बृहस्पति) धान्येश (अनाज मंत्री) बुध मेघेश (वर्षा मंत्री) चन्द्रमा रसेश (खनिज-उद्योग) शनि धनेश (वित्त) गुरु नीरसेश (जल/पेट्रोलियम) गुरु फलेश (वन-फल) चन्द्रमा दुर्गेश (रक्षा/गृह) चन्द्रम इसका पारम्परिक अर्थ 1.राजा गुरु (बृहस्पति) धर्म, शिक्षा, न्याय और ज्ञान की वृद्धि बड़े निर्णयों में नैतिकता और नीति की चर्चा बढ़ती है 2.मंत्री मंगल राजनीति में कड़ाई, संघर्ष, सैन्य सक्रियता सीमाओं पर तनाव या तेज़ निर्णय 3 मेघेश चन्द्रमा वर्षा अनियमित लेकिन कुछ जगहों पर अधिक अचानक बाढ़ या तेज़ बारिश की घटनाएँ 4 धान्येश बुध अनाज के भाव में उतार-चढ़ाव व्यापार और मंडियों में हलचल 5 सस्येश गुरु कृषि में कुल मिलाकर उत्पादन ठीक रहने की संभावना रौद्र संवत्सर को परम्परा में ऐसा वर्ष माना जाता है जिसमें दुनिया में राजनीतिक तनाव और संघर्ष बढ़ सकते हैं प्रकृति का स्वभाव कभी अत्यधिक वर्षा तो कभी सूखा जैसा हो सकता है कृषि में कुछ फसलें अच्छी और कुछ प्रभावित हो सकती हैं लेकिन साथ-साथ तकनीकी और वैज्ञानिक प्रगति भी हो सकती है। कृषि और मौसम पर प्रभाव भारत कृषि प्रधान देश है, इसलिए पंचांग में कृषि पर विशेष ध्यान दिया जाता है। वर्षा का स्वभाव वर्षा असमान रहने की संभावना बताई जाती है। कुछ क्षेत्रों में बहुत अधिक बारिश, तो कुछ में कम वर्षा। बाढ़ वाले क्षेत्र नदियों के किनारे वाले प्रदेशों में अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। 4. किन फसलों को लाभ जल तत्व से जुड़ी फसलें या अधिक नमी वाली फसलें कुछ क्षेत्रों में अच्छी हो सकती हैं: धान (चावल) गन्ना जूट सब्जियाँ और हरी फसलें 5. किन फसलों में नुकसान की संभावना जहाँ वर्षा अनियमित होगी वहाँ इन फसलों को कठिनाई हो सकती है: गेहूँ चना सरसों दालें 6. किसानों के लिए संकेत पारम्परिक पंचांग के अनुसार ऐसे वर्ष में किसानों को: जल प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए विविध फसलें बोनी चाहिए सिंचाई और भंडारण की व्यवस्था मजबूत रखनी चाहिए वार्षिक कुंडली में अंगारक और महा संकट योग इसलिए रौद्र नाम सटीक संज्ञान पड़ता है। *विशेष परामर्श में पुलिस प्रशासन उन जगह और उन व्यक्तियों पर विशेष ध्यान जो विश्व भर में संदिग्धता के घेरे में हैं, अन्यथा योजनाबद्ध तरीके से तन,मन और धन की हानि होगी* ✍️संतोष कोकिल हिसार की ज्योतिष गणना
क्या वर्ष फल रहेगा चैत्र में लगे सनातनी नव वर्ष का भारत में जिसका नाम ही रौद्र है। ✍️19 मार्च 2026 को लगने वाला हिंदू नववर्ष 🙏 नाम रौद्र संवत्सर 2083 ग्रहों का मंत्रिमंडल पद-ग्रह राजा (King) गुरु / बृहस्पति मंत्री (Prime Minister) मंगल कृषि मंत्री / सस्येश गुरु (बृहस्पति) धान्येश (अनाज मंत्री) बुध मेघेश (वर्षा मंत्री) चन्द्रमा रसेश (खनिज-उद्योग) शनि धनेश (वित्त) गुरु नीरसेश (जल/पेट्रोलियम) गुरु फलेश (वन-फल) चन्द्रमा दुर्गेश (रक्षा/गृह) चन्द्रम इसका पारम्परिक अर्थ 1.राजा गुरु (बृहस्पति) धर्म, शिक्षा, न्याय और ज्ञान की वृद्धि बड़े निर्णयों में नैतिकता और नीति की चर्चा बढ़ती है 2.मंत्री मंगल राजनीति में कड़ाई, संघर्ष, सैन्य सक्रियता सीमाओं पर तनाव या तेज़ निर्णय 3 मेघेश चन्द्रमा वर्षा अनियमित लेकिन कुछ जगहों पर अधिक अचानक बाढ़ या तेज़ बारिश की घटनाएँ 4 धान्येश बुध अनाज के भाव में उतार-चढ़ाव व्यापार और मंडियों में हलचल 5 सस्येश गुरु कृषि में कुल मिलाकर उत्पादन ठीक रहने की संभावना रौद्र संवत्सर को परम्परा में ऐसा वर्ष माना जाता है जिसमें दुनिया में राजनीतिक तनाव और संघर्ष बढ़ सकते हैं प्रकृति का स्वभाव कभी अत्यधिक वर्षा तो कभी सूखा जैसा हो सकता है कृषि में कुछ फसलें अच्छी और कुछ प्रभावित हो सकती हैं लेकिन साथ-साथ तकनीकी और वैज्ञानिक प्रगति भी हो सकती है। कृषि और मौसम पर प्रभाव भारत कृषि प्रधान देश है, इसलिए पंचांग में कृषि पर विशेष ध्यान दिया जाता है। वर्षा का स्वभाव वर्षा असमान रहने की संभावना बताई जाती है। कुछ क्षेत्रों में बहुत अधिक बारिश, तो कुछ में कम वर्षा। बाढ़ वाले क्षेत्र नदियों के किनारे वाले प्रदेशों में अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। 4. किन फसलों को लाभ जल तत्व से जुड़ी फसलें या अधिक नमी वाली फसलें कुछ क्षेत्रों में अच्छी हो सकती हैं: धान (चावल) गन्ना जूट सब्जियाँ और हरी फसलें 5. किन फसलों में नुकसान की संभावना जहाँ वर्षा अनियमित होगी वहाँ इन फसलों को कठिनाई हो सकती है: गेहूँ चना सरसों दालें 6. किसानों के लिए संकेत पारम्परिक पंचांग के अनुसार ऐसे वर्ष में किसानों को: जल प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए विविध फसलें बोनी चाहिए सिंचाई और भंडारण की व्यवस्था मजबूत रखनी चाहिए वार्षिक कुंडली में अंगारक और महा संकट योग इसलिए रौद्र नाम सटीक संज्ञान पड़ता है। *विशेष परामर्श में पुलिस प्रशासन उन जगह और उन व्यक्तियों पर विशेष ध्यान जो विश्व भर में संदिग्धता के घेरे में हैं, अन्यथा योजनाबद्ध तरीके से तन,मन और धन की हानि होगी* ✍️संतोष कोकिल हिसार की ज्योतिष गणना
- Post by @RavinderNadhori1
- फतेहाबाद से चौंकाने वाला हत्याकांड… उस्ताद ही बना जान का दुश्मन, पत्नी और प्रेमी ने मिलकर रचा खौफनाक प्लान हरियाणा के फतेहाबाद जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों पर से भरोसा ही उठा दिया। ट्रक चालक जयवीर की हत्या के आरोप में उसकी पत्नी ममता और उसके प्रेमी मनोज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चौंकाने वाली बात यह कि मनोज, जयवीर का उस्ताद था—यानी वही, जिसके साथ रहकर उसने ट्रक चलाना सीखा था। कैसे रचा गया मौत का खेल? मनोज और ममता के बीच पिछले दो साल से नाजायज रिश्ता चल रहा था। आरोप है कि दोनों ने रास्ते की हर रुकावट हटाने के लिए जयवीर को ही खत्म करने की साजिश रच डाली। 10 मार्च 2026 की रात— ममता ने घर से अपने पति की लोकेशन मनोज को भेजी। मनोज रास्ते में पहले से घात लगाकर बैठा था। जैसे ही जयवीर वहां पहुंचा, मनोज ने उस पर लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ वार किए। जयवीर की मौके पर ही मौत हो गई। ‘मिस यू बाबू’ स्टेटस ने खोला राज हत्या के बाद ममता सोशल मीडिया पर लगातार संदिग्ध स्टेटस डाल रही थी। एक स्टेटस—“Miss You Babu”—पर पुलिस को शक हुआ। कॉल डिटेल निकाली गई, तो मनोज और ममता की बातचीत ने पूरे मामले का राज़ खोल दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल रॉड भी बरामद कर ली है। गाँव में दहशत, रिश्तों पर सवाल भोडियाखेड़ा गाँव में इस घटना के बाद लोग सदमे में हैं। जिस शख्स ने जयवीर को ट्रक चलाना सिखाया, उसी ने उसकी जान ले ली। पत्नी की भूमिका को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।1
- भिवानी1
- Post by Bhajan Lal1
- #ऐसा जन्मदिन नहीं मनाया होगा किसी ने #आईटीआई कादमा के प्रिंसिपल सोमबीर बडराइ हुए 50 के1
- Post by Sanjeev Singla1
- Post by Naresh Kumar1
- Post by Naresh Kumar1