logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

sanjay Nishad ji

4 hrs ago
user_Sanjay nishad
Sanjay nishad
Teacher राजाखेड़ा, धौलपुर, राजस्थान•
4 hrs ago
94cde0aa-8906-4082-a658-7e458f590e25
1c0496bc-be5f-47d9-a99e-693cf77a2825

sanjay Nishad ji

More news from राजस्थान and nearby areas
  • Jay khushihali baba ki 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
    1
    Jay khushihali baba ki 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
    user_Satyaprakash Baghel
    Satyaprakash Baghel
    राजाखेड़ा, धौलपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • Post by Gyadeen Verma
    1
    Post by Gyadeen Verma
    user_Gyadeen Verma
    Gyadeen Verma
    Court reporter फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • फतेहाबाद : क्षेत्र के गांव अहीरपुरा में संदिग्ध परिस्थितियों में एक महिला की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार महिला ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। अहीरपुरा निवासी 35 वर्षीय उर्मिला पत्नी टेकचंद को गंभीर अवस्था में कस्बा फतेहाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उसे आगरा रेफर कर दिया। आगरा पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया गया है कि रविवार को उर्मिला और उसकी देवरानी नीरू के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि नीरू के पति मनोज और उर्मिला के पति टेकचंद भी इसमें शामिल हो गए। झगड़े में नीरू और मनोज को चोटें आईं, जिन्हें फतेहाबाद में भर्ती कराया गया। इसी घटना से आहत होकर उर्मिला द्वारा जहरीला पदार्थ सेवन करने की बात सामने आ रही है। हालांकि, पुलिस पूरे मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच में जुट गई है। मृतका का मायका कीरतपुरा चित्रहाट बताया गया है। उसके परिवार में 18 वर्षीय बेटा अनिल है। इस संबंध में इंस्पेक्टर तरुण धीमान ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला देवरानी-जेठानी के बीच विवाद का प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की जांच की जा रही है।
    2
    फतेहाबाद : क्षेत्र के गांव अहीरपुरा में संदिग्ध परिस्थितियों में एक महिला की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार महिला ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई।
अहीरपुरा निवासी 35 वर्षीय उर्मिला पत्नी टेकचंद को गंभीर अवस्था में कस्बा फतेहाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उसे आगरा रेफर कर दिया। आगरा पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बताया गया है कि रविवार को उर्मिला और उसकी देवरानी नीरू के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि नीरू के पति मनोज और उर्मिला के पति टेकचंद भी इसमें शामिल हो गए। झगड़े में नीरू और मनोज को चोटें आईं, जिन्हें फतेहाबाद में भर्ती कराया गया।
इसी घटना से आहत होकर उर्मिला द्वारा जहरीला पदार्थ सेवन करने की बात सामने आ रही है। हालांकि, पुलिस पूरे मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच में जुट गई है।
मृतका का मायका कीरतपुरा चित्रहाट बताया गया है। उसके परिवार में 18 वर्षीय बेटा अनिल है।
इस संबंध में इंस्पेक्टर तरुण धीमान ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला देवरानी-जेठानी के बीच विवाद का प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की जांच की जा रही है।
    user_Virendra Verma
    Virendra Verma
    फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • Post by Banti shrivas
    1
    Post by Banti shrivas
    user_Banti shrivas
    Banti shrivas
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • #LPG आम जनता की परेशानियां ​समय की बर्बादी: लोग सुबह 4-5 बजे से ही कतारों में लग जाते हैं, जिससे उनका दैनिक कामकाज प्रभावित होता है। ​बुजुर्गों और महिलाओं की दिक्कत: घंटों खड़े रहने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी वृद्धों और महिलाओं को होती है। ​कालाबजारी का डर: लंबी लाइनों का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व गैस सिलेंडरों की अवैध बिक्री (Black
    1
    #LPG आम जनता की परेशानियां
​समय की बर्बादी: लोग सुबह 4-5 बजे से ही कतारों में लग जाते हैं, जिससे उनका दैनिक कामकाज प्रभावित होता है।
​बुजुर्गों और महिलाओं की दिक्कत: घंटों खड़े रहने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी वृद्धों और महिलाओं को होती है।
​कालाबजारी का डर: लंबी लाइनों का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व गैस सिलेंडरों की अवैध बिक्री (Black
    user_Patrakar वंदे भारत न्यूज़
    Patrakar वंदे भारत न्यूज़
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • अम्बाह: नगर में राजश्री सहित अन्य तम्बाकू उत्पादों और सिगरेट के दामों में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। आरोप है कि कई दुकानदार मनमाने तरीके से ग्राहकों से अधिक पैसे वसूल रहे हैं, जिससे आम जनता काफी परेशान है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्धारित मूल्य से ज्यादा रकम ली जा रही है और पूछने पर दुकानदार संतोषजनक जवाब नहीं देते। खासकर रोजमर्रा के उपभोक्ताओं को इसका सीधा असर झेलना पड़ रहा है। ग्राहकों का कहना है कि एक ही सामान अलग-अलग दुकानों पर अलग-अलग दाम में मिल रहा है, जिससे भ्रम और नाराजगी की स्थिति बन रही है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पर सख्त कार्रवाई की जाए और निर्धारित मूल्य पर ही सामान बिकवाया जाए। वहीं जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अभी तक इस मामले में कोई ठोस कदम सामने नहीं आया है। यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का आक्रोश और बढ़ सकता है।
    1
    अम्बाह: नगर में राजश्री सहित अन्य तम्बाकू उत्पादों और सिगरेट के दामों में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। आरोप है कि कई दुकानदार मनमाने तरीके से ग्राहकों से अधिक पैसे वसूल रहे हैं, जिससे आम जनता काफी परेशान है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्धारित मूल्य से ज्यादा रकम ली जा रही है और पूछने पर दुकानदार संतोषजनक जवाब नहीं देते। खासकर रोजमर्रा के उपभोक्ताओं को इसका सीधा असर झेलना पड़ रहा है।
ग्राहकों का कहना है कि एक ही सामान अलग-अलग दुकानों पर अलग-अलग दाम में मिल रहा है, जिससे भ्रम और नाराजगी की स्थिति बन रही है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पर सख्त कार्रवाई की जाए और निर्धारित मूल्य पर ही सामान बिकवाया जाए।
वहीं जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अभी तक इस मामले में कोई ठोस कदम सामने नहीं आया है। यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का आक्रोश और बढ़ सकता है।
    user_Aditya Sarwan
    Aditya Sarwan
    Local News Reporter अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • आगरा संवाददाता बहादुर सिंह ✍️ जनकवि' मियां नजीर अकबराबादी की विरासत और यादों को सहेजने के लिये एक विशाल हस्ताक्षर अभियान को अमृता विद्या एजुकेशन फॉर इम्मोर्टालिटी संस्था द्वारा प्रारंभ किया गया है। संस्था के सेक्रेटरी अनिल शर्मा ने बताया कि यह प्रयास एक नयी शुरुआत जरूर है किंतु शहर वासियों से उम्मीद है कि इसे पूर्व में किये जाते रहे प्रयासों से जोड कर उनके अगले चरण के रूप में ही देखा जायेगा। श्री शर्मा का कहना है कि मियां नजीर अकबराबादी, जिन्हें उनकी धर्मनिरपेक्ष और लोक-केंद्रित कविताओं के लिए जाना जाता है, साझा संस्कृति (गंगा-जमुनी तहजीब) के प्रतीक रहे हैं। संस्था का मानना है कि वर्तमान पीढ़ी को उनके साहित्यिक योगदान की जानकारी दिया जाना अनिवार्य है। --अभियान का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार का ध्यान नजीर अकबराबादी की उपेक्षित विरासतों की ओर आकर्षित करना है। हस्ताक्षर अभियान के जरिए सरकार से मांग की जाएगी कि:उनकी स्मृति में विशेष स्मारकों या पुस्तकालयों का जीर्णोद्धार किया जाए। प्रयास होगा कि नजीर की रचनाओं को शैक्षणिक पाठ्यक्रमो में उचित स्थान मिले।ताजगंज की मल्लिकों गली में स्थित उनकी मज़ार और संबंधित स्थलों का संरक्षण सुनिश्चित हो। नजीर केवल एक कवि नहीं, बल्कि भारतीय समाज की एकता की आवाज थे।यही कारण है कि बडी संख्या में स्थानीय नागरिक और साहित्य प्रेमी इस मुहिम से जुड़कर आवाज बुलंद करने को तत्पर हैं। --ताजमहल के प्रति अटूट प्रेम मियां नजीर अकबराबादी का ताजमहल के प्रति प्रेम अतुलनीय था। इसी लगाव के कारण उन्होंने कभी आगरा नहीं छोड़ा और अपनी पूरी जिंदगी इसी शहर की गलियों और संस्कृति को समर्पित कर दी। --लोकप्रिय 'जन कवि' और सामाजिक सरोकार: नजीर वास्तव में जनता के कवि थे। उनकी लेखनी में भारतीय त्योहारों, मेलों, जीवन के दर्शन और आम आदमी के सुख-दुख का जीवंत चित्रण मिलता है।वे गली-कूचे के विक्रेताओं की मदद के लिए उन्हें तुकबंदी वाले शेर (couplets) लिखकर देते थे ताकि वे अपना सामान आसानी से बेच सकें। सांस्कृतिक प्रभाव उनकी शायरी ताजगंज क्षेत्र की महिलाओं और आम जनमानस के बीच अत्यंत लोकप्रिय थी, जहाँ उनके कलामों,नज्मो और गजलों पर चर्चा की जाती थी।नजीर अकबराबादी की भगवान कृष्ण के प्रति वैसी ही अनन्य श्रद्धा थी जैसी प्रसिद्ध मुस्लिम कवि रसखान की थी। उनकी कविताओं में कृष्ण प्रेम और दर्शन की गहरी झलक मिलती है, जो उन्हें भारतीय धर्मनिरपेक्ष संस्कृति का एक बड़ा स्तंभ बनाती है। सरकार से मुख्य मांगें:- -संस्था इस हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से सरकार से मांग करती है कि नजीर अकबराबादी की स्मृति में विशेष स्मारकों का निर्माण हो और उनकी रचनाओं को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी महान विरासत से परिचित हो सकें। -मेट्रो स्टेशन का नामकरण: आगरा मेट्रो के किसी प्रमुख स्टेशन का नाम 'नजीर अकबराबादी मेट्रो स्टेशन' रखा जाए या उनके नाम को जोड़ा जाए।मेट्रो का ध्येय वाक्य 'नई विरासत की ओर' है। इसी के अनुरूप, मेट्रो स्टेशनों की दीवारों पर नजीर के प्रसिद्ध भजन और उनको "अवामी शायर" के रूप में स्थापित करने वाली नज्म :- "आशिक कहो, असीर कहो, आगरे का है, मुल्ला कहो, दबीर कहो, आगरे का है, मुफ़लिस कहो, फ़कीर कहो, आगरे का है, शायर कहो, नज़ीर कहो, आगरे का है को प्रदर्शित किया जाए। जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटक आगरा की वास्तविक सांस्कृतिक विरासत और गंगा-जमुनी तहजीब को समझ सकेंगे। सड़क का नामकरण-- पुरानी मंडी से मलको गली तक जाने वाले मार्ग का नाम 'नजीर अकबराबादी मार्ग' घोषित किया जाए। संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि जल्द ही इस हस्ताक्षर अभियान के साथ आगरा के जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया जाएगा और उन्हें इस मुहिम से जोड़कर सरकार पर दबाव बनाया जाएगा कि नजीर की विरासत को 'नई विरासत' का हिस्सा बनाया जाए। हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत मियां नजीर मल्लिको गली स्थित मजार से शुरू हुई, इसमें मियां फैज शाह, श्री आरिफ तैमूरी,असलम सलीमी आदि सहभागी रहे। फिल्म बनाने का प्रयास आगरा के सुधिजनो का प्रयास - जनकवि नज़ीर पर एक डाक्यूमेंट्री ड्रामा फिल्म बनाने का प्रयास होगा. इस संदर्भ में एक प्रोमो फिल्म मिथुन प्रमाणिक द्वारा बनाई गयी है. इस का अवलोकन कर चर्चा भी की गयी. इस चर्चा में सुधीर नारायण , डॉ मधु भारद्वाज, फैज़ शाह, डॉ विजय शर्मा, आरिफ तैमूरी, शांतनु, अजय तोमर , असलम सलीमी, अनिल शर्मा आदि उपस्थित रहे . अनिल शर्मा सेक्रेटरी अमृता विद्या - एजुकेशन फार इम्मोर्टालिटी सोसायटी, Cell- +919837820921
    1
    आगरा संवाददाता बहादुर सिंह ✍️
जनकवि' मियां नजीर अकबराबादी की विरासत और यादों को सहेजने के लिये एक विशाल हस्ताक्षर अभियान को अमृता विद्या एजुकेशन फॉर इम्मोर्टालिटी संस्था द्वारा प्रारंभ किया गया है। संस्था के सेक्रेटरी अनिल शर्मा ने बताया कि यह प्रयास एक नयी शुरुआत जरूर है किंतु शहर वासियों से उम्मीद है कि इसे पूर्व में किये जाते रहे प्रयासों से जोड कर उनके अगले चरण के रूप में ही देखा जायेगा। 
श्री शर्मा का कहना है कि मियां नजीर अकबराबादी, जिन्हें उनकी धर्मनिरपेक्ष और लोक-केंद्रित कविताओं के लिए जाना जाता है, साझा संस्कृति (गंगा-जमुनी तहजीब) के प्रतीक रहे हैं। संस्था का मानना है कि वर्तमान पीढ़ी को उनके साहित्यिक योगदान की जानकारी दिया जाना अनिवार्य है।
--अभियान का उद्देश्य
इस अभियान के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार का ध्यान नजीर अकबराबादी की उपेक्षित विरासतों की ओर आकर्षित करना है। हस्ताक्षर अभियान के जरिए सरकार से मांग की जाएगी कि:उनकी स्मृति में विशेष स्मारकों या पुस्तकालयों का जीर्णोद्धार किया जाए।
प्रयास होगा कि नजीर की रचनाओं को शैक्षणिक पाठ्यक्रमो में उचित स्थान मिले।ताजगंज की मल्लिकों गली में स्थित उनकी मज़ार और संबंधित स्थलों का संरक्षण सुनिश्चित हो।
नजीर केवल एक कवि नहीं, बल्कि भारतीय समाज की एकता की आवाज थे।यही कारण है कि  बडी संख्या में स्थानीय नागरिक और साहित्य प्रेमी इस मुहिम से जुड़कर आवाज बुलंद करने को तत्पर  हैं।
--ताजमहल के प्रति अटूट प्रेम 
मियां नजीर अकबराबादी का ताजमहल के प्रति प्रेम अतुलनीय था। इसी लगाव के कारण उन्होंने कभी आगरा नहीं छोड़ा और अपनी पूरी जिंदगी इसी शहर की गलियों और संस्कृति को समर्पित कर दी।
--लोकप्रिय 'जन कवि' और सामाजिक सरोकार:
नजीर वास्तव में जनता के कवि थे। उनकी लेखनी में भारतीय त्योहारों, मेलों, जीवन के दर्शन और आम आदमी के सुख-दुख का जीवंत चित्रण मिलता है।वे गली-कूचे के विक्रेताओं की मदद के लिए उन्हें तुकबंदी वाले शेर (couplets) लिखकर देते थे ताकि वे अपना सामान आसानी से बेच सकें।
सांस्कृतिक प्रभाव
उनकी शायरी ताजगंज क्षेत्र की महिलाओं और आम जनमानस के बीच अत्यंत लोकप्रिय थी, जहाँ उनके कलामों,नज्मो और गजलों  पर चर्चा की जाती थी।नजीर अकबराबादी की भगवान कृष्ण के प्रति वैसी ही अनन्य श्रद्धा थी जैसी प्रसिद्ध मुस्लिम कवि रसखान की थी। उनकी कविताओं में कृष्ण प्रेम और दर्शन की गहरी झलक मिलती है, जो उन्हें भारतीय धर्मनिरपेक्ष संस्कृति का एक बड़ा स्तंभ बनाती है।
सरकार से मुख्य मांगें:-
-संस्था इस हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से सरकार से मांग करती है कि नजीर अकबराबादी की स्मृति में विशेष स्मारकों का निर्माण हो और उनकी रचनाओं को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी महान विरासत से परिचित हो सकें।
-मेट्रो स्टेशन का नामकरण: आगरा मेट्रो के किसी प्रमुख स्टेशन का नाम 'नजीर अकबराबादी मेट्रो स्टेशन' रखा जाए या उनके नाम को जोड़ा जाए।मेट्रो का ध्येय वाक्य 'नई विरासत की ओर' है। इसी के अनुरूप, मेट्रो स्टेशनों की दीवारों पर नजीर के प्रसिद्ध भजन और उनको "अवामी शायर" के रूप में स्थापित करने वाली नज्म :-
"आशिक कहो, असीर कहो, आगरे का है,
मुल्ला कहो, दबीर कहो, आगरे का है,
मुफ़लिस कहो, फ़कीर कहो, आगरे का है,
शायर कहो, नज़ीर कहो, आगरे का है
को प्रदर्शित किया जाए। जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटक आगरा की वास्तविक सांस्कृतिक विरासत और गंगा-जमुनी तहजीब को समझ सकेंगे।
सड़क का नामकरण-- पुरानी मंडी से मलको गली तक जाने वाले मार्ग का नाम 'नजीर अकबराबादी मार्ग' घोषित किया जाए।
संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि जल्द ही इस हस्ताक्षर अभियान के साथ आगरा के जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया जाएगा और उन्हें इस मुहिम से जोड़कर सरकार पर दबाव बनाया जाएगा कि नजीर की विरासत को 'नई विरासत' का हिस्सा बनाया जाए।
हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत मियां नजीर मल्लिको गली स्थित मजार से शुरू हुई, इसमें मियां फैज शाह, श्री आरिफ तैमूरी,असलम सलीमी आदि सहभागी रहे।
फिल्म बनाने का प्रयास 
आगरा के सुधिजनो का प्रयास - जनकवि नज़ीर पर एक डाक्यूमेंट्री ड्रामा फिल्म बनाने का प्रयास होगा. इस संदर्भ में एक प्रोमो फिल्म मिथुन प्रमाणिक द्वारा  बनाई गयी है. इस का अवलोकन कर चर्चा भी की गयी. इस चर्चा में  सुधीर नारायण , डॉ मधु भारद्वाज, फैज़ शाह, डॉ विजय शर्मा, आरिफ तैमूरी, शांतनु, अजय तोमर , असलम सलीमी, अनिल शर्मा आदि उपस्थित रहे .
अनिल शर्मा
सेक्रेटरी 
अमृता विद्या - एजुकेशन फार इम्मोर्टालिटी सोसायटी,
Cell- +919837820921
    user_Bahadur Singh
    Bahadur Singh
    Farmer आगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    17 min ago
  • Post by Gyadeen Verma
    1
    Post by Gyadeen Verma
    user_Gyadeen Verma
    Gyadeen Verma
    Court reporter फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.