Shuru
Apke Nagar Ki App…
जोधपुर के एक निजी अस्पताल में एसी ब्लास्ट होने के बाद आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। इस घटना के तुरंत बाद, अस्पताल प्रशासन, दमकल विभाग और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य शुरू किया। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने आग पर तुरंत काबू पा लिया। प्रशासन और अस्पताल स्टाफ की त्वरित कार्रवाई के कारण स्थिति जल्द ही नियंत्रित हो गई, जिससे किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई और सभी मरीज सुरक्षित रहे। समय पर किए गए राहत एवं बचाव कार्यों से एक बड़ा हादसा टल गया।
Tushar Purohit abp_न्यूज़
जोधपुर के एक निजी अस्पताल में एसी ब्लास्ट होने के बाद आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। इस घटना के तुरंत बाद, अस्पताल प्रशासन, दमकल विभाग और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य शुरू किया। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने आग पर तुरंत काबू पा लिया। प्रशासन और अस्पताल स्टाफ की त्वरित कार्रवाई के कारण स्थिति जल्द ही नियंत्रित हो गई, जिससे किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई और सभी मरीज सुरक्षित रहे। समय पर किए गए राहत एवं बचाव कार्यों से एक बड़ा हादसा टल गया।
More news from Rajasthan and nearby areas
- माउंट आबू के चर्चित सीतावन क्षेत्र में विकास और मूलभूत सुविधाओं को लेकर एक बार फिर तीखी बहस छिड़ गई है। यह बड़ा सवाल उठाया जा रहा है कि जब इस क्षेत्र में कई बड़े निर्माण और होटल विकसित हो चुके हैं, तो फिर आदिवासी परिवार आज भी सड़क, पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित क्यों हैं। हाल ही के दौरे के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया, जिसके बाद सीतावन की जमीनी हकीकत और विकास के दावों के बीच के अंतर पर नई चर्चा शुरू हो गई है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या विकास का लाभ वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है और क्या सीतावन के आदिवासी परिवारों को उनका अधिकार मिल पाएगा। लोगों से इस पर अपनी राय कमेंट कर साझा करने की अपील की गई है।1
- सिरोही जिले के पिण्डवाड़ा क्षेत्र स्थित वीरवाड़ा गांव के जैन मंदिर में मगरमच्छ दिखाई देने से श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग तुरंत हरकत में आया और बचाव कार्य में जुट गया। रेंजर प्रेम सागर के निर्देश पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इस रेस्क्यू अभियान में बनास नाका प्रभारी मनीष कुमार, वनरक्षक सुरेश विश्नोई और कृष्ण कुमार, वन मित्र रमीला और देवीसिंह, तथा रेस्क्यू टीम से महेंद्र गर्ग और चुन्नीलाल ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। वन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि मगरमच्छ को नियमानुसार धनारी (बनास) डैम में छोड़ा जाएगा। समय रहते हुए इस सफल रेस्क्यू के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली। मगरमच्छ के सफलतापूर्वक रेस्क्यू के बाद, मंदिर समिति ने वन विभाग की टीम का आभार व्यक्त किया और उनके त्वरित एवं सराहनीय कार्य की जमकर प्रशंसा की।3
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर 13 जून को सुमेरपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय विवादों में घिर गई, जब पत्रकारों ने पाली शहर की बदहाल व्यवस्थाओं पर सवाल उठा दिए। पत्रकारों ने शहर की गंदगी, सीवरेज व्यवस्था, डेंगू-मलेरिया के बढ़ते मामलों और अन्य मूलभूत समस्याओं पर सवाल पूछे, जिससे यूडीएच मंत्री और पाली जिला प्रभारी मंत्री झाबर सिंह खर्रा नाराज़ हो गए। प्रेस वार्ता का माहौल तनावपूर्ण हो गया और चर्चा के दौरान मंत्री खर्रा ने पाली को "नकारात्मक सोच" वाला जिला तक बता दिया। इस बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें मंत्री पत्रकारों के सवालों पर नाराज़ होते दिख रहे हैं। मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस केंद्र सरकार की 12 साल की उपलब्धियों को बताने के लिए बुलाई गई थी, और स्थानीय मुद्दों पर अलग से बात की जा सकती है। वहीं, पत्रकारों का कहना था कि जब प्रभारी मंत्री जिले में ही मौजूद हों, तो शहर की समस्याओं पर सवाल पूछना लाज़मी है। पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या मंत्री सवालों से बच रहे थे या मीडिया ने ऐसे सवाल पूछ लिए जिनका जवाब देना मुश्किल था। पाली को "नकारात्मक सोच" वाला जिला बताने पर भी स्थानीय लोगों में काफ़ी नाराज़गी है। फ़िलहाल, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- राज्य सरकार के "शुद्ध आहार, मिलावट पर वार" अभियान के तहत चिकित्सा विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने शुक्रवार को सुमेरपुर के जाखामाता रीको क्षेत्र में स्थित विनायक कॉरपोरेशन सरसों तेल फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान मिलावट के संदेह में कुल 12,495 किलोग्राम सरसों तेल सीज किया गया, साथ ही तेल की पैकिंग में विभिन्न ब्रांडों के नाम के उपयोग और कई अन्य अनियमितताएं भी सामने आईं। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण टी. शुभमंगला के निर्देश और सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेश चंद्र शर्मा और दिलीप सिंह यादव के नेतृत्व वाली टीम ने फैक्ट्री का औचक निरीक्षण किया। जांच में 15 किलो क्षमता वाले 533 टीन "नौ दुर्गा ब्रांड" और 300 टीन "ज्योति ब्रांड" सरसों तेल सीज किए गए, जिनके नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि विभाग की प्राथमिकता आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है, और मिलावटखोरों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। निरीक्षण में यह भी पता चला कि फैक्ट्री संचालक खीमाराम माली विभिन्न कंपनियों के खाली टीनों का उपयोग कर "ज्योति" और "नौ दुर्गा" ब्रांड नाम से सरसों तेल की पैकिंग कर रहा था। मौके पर गुलाब, अडानी, रानी, श्रीजी, बनास और अंकुर सहित कई कंपनियों के खाली टीन बड़ी संख्या में मिले, जिनका उपयोग पैकिंग में किया जा रहा था। सीएमएचओ डॉ. मारवाल ने जानकारी दी कि पूर्व में भी इस फर्म से लिए गए खाद्य तेल के नमूने अवमानक पाए गए थे, जिसके आधार पर न्यायालय द्वारा जुर्माना भी लगाया गया था। राजस्थान समेत अन्य राज्यों में भी "नौ दुर्गा ब्रांड" के नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे थे, बावजूद इसके फर्म संचालक नियमों की लगातार अवहेलना कर रहा था। इसके अतिरिक्त, फैक्ट्री परिसर में स्वच्छता व्यवस्था में भी गंभीर खामियां पाई गईं। अंडर ग्राउंड तेल टैंकों के आसपास कीचड़, रेत और गंदगी मौजूद थी, वहीं फिल्टर हाउस में निर्माण कार्य में प्रयुक्त सीमेंट से भरी बाल्टियां और अन्य सामग्री रखी मिलीं। अधिकारियों ने ऐसी परिस्थितियों में तेल में बाहरी अशुद्धियां मिलने की आशंका जताते हुए तत्काल स्वच्छता सुधारने के निर्देश दिए। डॉ. मारवाल के अनुसार, मिलावट और गुणवत्ता संबंधी संदेह के चलते 12,495 किलो सरसों तेल को मौके पर ही सीज कर दिया गया है। पूर्व में नमूनों के फेल होने और वर्तमान निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं को देखते हुए नए कानूनी नमूने लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।3
- आबूरोड के सांतपुर स्कूल स्थित बालाजी मंदिर के सामने बालाजी मित्र मंडल द्वारा रात्रिकालीन क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। इस प्रतियोगिता का शुभारंभ हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ के साथ हुआ, जिससे पूरे वातावरण में भक्तिमय माहौल बन गया। आयोजन समिति के सदस्य आकाश माली ने बताया कि यह क्रिकेट प्रतियोगिता चार दिनों तक चलेगी, जिसमें क्षेत्र की अनेक टीमों ने भाग लिया है, जिससे खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबू भाई पटेल रहे, जिन्होंने दोनों टीमों के खिलाड़ियों का परिचय प्राप्त किया, टॉस करवाया और विधिवत रूप से प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेश ओबीसी मोर्चा प्रवक्ता सतीश सेठी, मंडल अध्यक्ष मनीष, आकाश माली, दिनेश, दशरथ महाराज, गोविंद सिंह, जिगर सिंह, भगवानजी, दवेजी, निकेतन, मोंटू बारोट, गोविंद सिंह, संदीप पांडे, अनिल, लाला, रिंका, गंगा सिंह एवं विजय सिंह सहित कई गणमान्य नागरिक और खेल प्रेमी मौजूद रहे। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। आयोजकों ने जानकारी दी कि आगामी दिनों में भी रोमांचक मुकाबले आयोजित किए जाएंगे।4
- Post by तारा राम तारा राम1
- जालौर के नए प्राइवेट बस स्टैंड में नाले का गंदा पानी भर गया है।1
- सिरोही जिले के पिण्डवाड़ा में नगर पालिका ने स्वच्छता नियमों की अनदेखी करने पर एसबीआई बैंक के बाहर कचरे से भरी ट्रॉली खाली कर दी है, जिसकी अनोखी कार्रवाई अब चर्चा का विषय बनी हुई है। यह कदम तब उठाया गया जब कथित तौर पर एसबीआई बैंक के सफाई कर्मचारियों द्वारा बार-बार चेतावनी और समझाइश के बावजूद सड़क पर कचरा फेंका जा रहा था। लगातार मिल रही शिकायतों और चेतावनियों का असर न होने से नाराज नगर पालिका ने आखिरकार यह सख्त कार्रवाई की। इस घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पालिका अधिकारियों ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने से शहर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती है और नियम सभी के लिए समान हैं। उन्होंने यह भी कहा, "बार-बार समझाइश देने के बावजूद नियमों की पालना नहीं की जा रही थी। इसलिए यह कार्रवाई की गई ताकि स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया जा सके।" इस कार्रवाई ने क्षेत्र में स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारी को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है, जिसका स्थानीय लोगों ने भी समर्थन करते हुए सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाने की अपील की है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या नगर पालिका की इस तरह की सख्ती से स्वच्छता नियमों की पालना सुनिश्चित हो पाएगी।1