राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य फुलबदन कुशवाहा शनिवार को कुशीनगर जिले के रामकोला थाना क्षेत्र के रगड़गंज स्थित एक पेट्रोल पंप पर युवक के साथ हुई मारपीट की घटना के पीड़ित परिवार से मिलने पहुँचे। उन्होंने पीड़ित युवक और उसके परिजनों से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों से बात कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जानकारी के अनुसार, बरठा टोला बेलवनिया निवासी रितेश कुशवाहा बीते बुधवार को रगड़गंज के पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने गए थे। आरोप है कि लाइन में खड़े होने के दौरान पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इसका विरोध करने पर कर्मचारियों ने कथित तौर पर लोहे की रॉड और अन्य वस्तुओं से उन पर हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद, पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच और कार्रवाई शुरू कर दी है। फुलबदन कुशवाहा ने पीड़ित रितेश कुशवाहा और उनके परिजनों से हालचाल जाना, जहाँ रितेश ने उन्हें अपनी आपबीती सुनाई। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद क्षेत्रीय लोगों ने भी घटना पर भारी नाराजगी व्यक्त करते हुए पेट्रोल पंप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। लोगों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए, फुलबदन कुशवाहा ने तत्काल कुशीनगर के पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात की, उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी और शीघ्र व सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि किसी भी कीमत पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और मामले में निष्पक्ष जांच के साथ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी प्रकार की दबंगई या गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। क्षेत्र में अभी भी लोगों के बीच रोष व्याप्त है और वे दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य फुलबदन कुशवाहा शनिवार को कुशीनगर जिले के रामकोला थाना क्षेत्र के रगड़गंज स्थित एक पेट्रोल पंप पर युवक के साथ हुई मारपीट की घटना के पीड़ित परिवार से मिलने पहुँचे। उन्होंने पीड़ित युवक और उसके परिजनों से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों से बात कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जानकारी के अनुसार, बरठा टोला बेलवनिया निवासी रितेश कुशवाहा बीते बुधवार को रगड़गंज के पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने गए थे। आरोप है कि लाइन में खड़े होने के दौरान पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इसका विरोध करने पर कर्मचारियों ने कथित तौर पर लोहे की रॉड और अन्य वस्तुओं से उन पर हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद, पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच और कार्रवाई शुरू कर दी है। फुलबदन कुशवाहा ने पीड़ित रितेश कुशवाहा और उनके परिजनों से हालचाल जाना, जहाँ रितेश ने उन्हें अपनी आपबीती सुनाई। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद क्षेत्रीय लोगों ने भी घटना पर भारी नाराजगी व्यक्त करते हुए पेट्रोल पंप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। लोगों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए, फुलबदन कुशवाहा ने तत्काल कुशीनगर के पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात की, उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी और शीघ्र व सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि किसी भी कीमत पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और मामले में निष्पक्ष जांच के साथ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी प्रकार की दबंगई या गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। क्षेत्र में अभी भी लोगों के बीच रोष व्याप्त है और वे दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
- कुशीनगर जनपद में परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों को भोजन परोसने वाली रसोइयों ने अब 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान कर दिया है। राष्ट्रीय रसोइया कर्मचारी समिति, जनपद कुशीनगर के बैनर तले इन रसोइयों ने शनिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम जियावन मौर्य को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने, मानदेय में भारी बढ़ोतरी करने और नियमितीकरण की प्रमुख मांगें शामिल हैं। मुख्यमंत्री को संबोधित इस ज्ञापन में बताया गया है कि रसोइयों को वर्तमान में महज 2000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में परिवार चलाने के लिए बिल्कुल अपर्याप्त है। इसके अतिरिक्त, कई विद्यालयों में रसोइयों से भोजन बनाने के अलावा झाड़ू लगाने, शौचालय साफ करने और बर्तन धोने जैसे अन्य काम भी कराए जाते हैं, जिससे उनका मानसिक और आर्थिक दोनों तरह से शोषण हो रहा है। समिति ने मांग की है कि रसोइयों का मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए, उन्हें नियमित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, साथ ही मानदेय का भुगतान समय पर हो और उन पर होने वाले उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाई जाए। समिति के जिला अध्यक्ष जयप्रकाश कुशवाहा के नेतृत्व में यह ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन स्वीकार करने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम जियावन मौर्य ने रसोइयों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। इस दौरान फेकनी, कलावती, रेनू देवी, ऊषा देवी, गुड़िया, गीता सहित बड़ी संख्या में रसोइया कर्मचारी मौजूद रहीं।4
- कुशीनगर में परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों को भोजन परोसने वाली रसोइयों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। राष्ट्रीय रसोइया कर्मचारी समिति, जनपद कुशीनगर के बैनर तले इन रसोइयों ने सोमवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम जियावन मौर्य को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें राज्य कर्मचारी का दर्जा, मानदेय में भारी बढ़ोतरी और नियमितीकरण की प्रमुख मांगें उठाई गईं। मुख्यमंत्री को संबोधित इस ज्ञापन में बताया गया कि रसोइयों को प्रतिमाह मात्र 2000 रुपये का मानदेय मिलता है, जो मौजूदा महंगाई के दौर में परिवार चलाने के लिए बिल्कुल अपर्याप्त है। इसके अतिरिक्त, कई विद्यालयों में उनसे भोजन बनाने के अलावा झाड़ू लगाने, शौचालय साफ करने और बर्तन धोने जैसे अतिरिक्त कार्य भी कराए जाते हैं, जिसके कारण उन्हें मानसिक और आर्थिक शोषण का सामना करना पड़ रहा है। समिति ने मांग की है कि उनका मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए, उन्हें नियमित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, मानदेय का भुगतान समय पर हो और उन पर होने वाले उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाई जाए। समिति के जिला अध्यक्ष जयप्रकाश कुशवाहा के नेतृत्व में यह ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम जियावन मौर्य ने रसोइयों की मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस दौरान फेकनी, कलावती, रेनू देवी, ऊषा देवी, गुड़िया, गीता सहित बड़ी संख्या में रसोइया कर्मचारी मौजूद रहीं।4
- रामजन्म राजभर की हत्या कर दी गई है। यह घटना समाजवादी पार्टी के दौरे से संबंधित है, जिसमें दो यादवों ने रामजन्म राजभर को मारा है।1
- एक भयंकर आर्थिक तूफ़ान सर पर मंडरा रहा है, जिसके लिए पिछले 12 सालों में मोदी जी द्वारा खड़ा किया गया ढाँचा ज़िम्मेदार बताया गया है। इस दावे के अनुसार, यह ढाँचा विशेष रूप से अडानी और अंबानी के लिए निर्मित किया गया था और अब यही ढाँचा भरभराकर ढहने वाला है। आशंका जताई गई है कि जब यह ढाँचा ढहेगा, तब अडानी और अंबानी को चोट नहीं पहुँचेगी, क्योंकि उनके पास इस स्थिति से निकलने के रास्ते मौजूद हैं। हालाँकि, इसका सीधा और बुरा असर आम जनता पर पड़ेगा। इसमें युवाओं, ग़रीबों, मध्यमवर्ग के लोगों, किसानों, मज़दूरों और छोटे व्यापारियों को चोट पहुँचने की बात कही गई है, जिन्हें इस ढाँचे का कभी हिस्सा नहीं माना गया।1
- बंगाल में हजारों हिंदुओं की हत्या, हिंदू महिलाओं के साथ बलात्कार, जजों को बंधक बनाए जाने और सांसद-विधायकों की पिटाई जैसी गंभीर घटनाओं को लेकर गहरा गुस्सा व्यक्त किया गया है। यह तीव्र रोष इन कथित कृत्यों के संदर्भ में सामने आया है, जिसके साथ ही यह भी कहा गया है कि “जैसी करनी वैसी भरनी।”1
- बकरीद के दिन हिंदू लड़के सूर्या चौहान की हत्या के मुख्य आरोपी मोहम्मद असद को उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराया है। इस कार्रवाई पर लोगों ने 'नो जेल नो बेल सीधे अल्लाह से मेल' जैसे नारे के साथ संतुष्टि व्यक्त की है, जो इस मामले को लेकर व्याप्त जन आक्रोश को दर्शाता है।1