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भारत सरकार की पहल, प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र (PMBJK), महंगी दवाइयों के भारी बिलों से परेशान लोगों को बड़ी राहत प्रदान कर रहा है। इन केंद्रों पर उच्च गुणवत्ता वाली, WHO-GMP प्रमाणित जेनेरिक दवाइयां बाज़ार से 50% से 90% तक कम कीमत पर उपलब्ध हैं, जिससे पैसों की महाबचत सुनिश्चित होती है। जनऔषधि केंद्रों पर बीपी, शुगर, थायराइड, हृदय रोग सहित सभी सामान्य व गंभीर बीमारियों की दवाएं आसानी से मिलती हैं। इन जेनेरिक दवाओं का 'साल्ट' और उनका असर बिल्कुल महंगी ब्रांडेड दवाओं जैसा ही है, जो 'साल्ट वही, असर वही, बस दाम कम!' के सिद्धांत को पुष्ट करता है। यह परियोजना लोगों को अच्छे स्वास्थ्य के साथ-साथ अपनी गाढ़ी कमाई बचाने का अवसर देती है, जिससे उत्तम दवाई सबसे कम दाम पर सुलभ हो सके।
जन औषधि केन्द्र अजीतगढ़
भारत सरकार की पहल, प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र (PMBJK), महंगी दवाइयों के भारी बिलों से परेशान लोगों को बड़ी राहत प्रदान कर रहा है। इन केंद्रों पर उच्च गुणवत्ता वाली, WHO-GMP प्रमाणित जेनेरिक दवाइयां बाज़ार से 50% से 90% तक कम कीमत पर उपलब्ध हैं, जिससे पैसों की महाबचत सुनिश्चित होती है। जनऔषधि केंद्रों पर बीपी, शुगर, थायराइड, हृदय रोग सहित सभी सामान्य व गंभीर बीमारियों की दवाएं आसानी से मिलती हैं। इन जेनेरिक दवाओं का 'साल्ट' और उनका असर बिल्कुल महंगी ब्रांडेड दवाओं जैसा ही है, जो 'साल्ट वही, असर वही, बस दाम कम!' के सिद्धांत को पुष्ट करता है। यह परियोजना लोगों को अच्छे स्वास्थ्य के साथ-साथ अपनी गाढ़ी कमाई बचाने का अवसर देती है, जिससे उत्तम दवाई सबसे कम दाम पर सुलभ हो सके।
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- Post by Kotputli-Behror Breaking Live1
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- जयपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ री-नीट (RE-NEET) परीक्षा 2026 में नकल का एक सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। जयपुर पुलिस ने मोबाइल का इस्तेमाल कर नकल करने की कोशिश कर रही एक छात्रा परीक्षार्थी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। घटना में उपयोग किया गया आईफोन 16 प्रो मोबाइल भी पुलिस ने ज़ब्त कर लिया है। बताया गया है कि यह आरोपी छात्रा का नीट परीक्षा का तीसरा प्रयास था। जयपुर पश्चिम के पुलिस उपायुक्त प्रशांत किरण ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA), नई दिल्ली द्वारा 21 जून 2026 को री-नीट (UG) 2026 परीक्षा का आयोजन किया गया था। यह घटना राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बिन्दायका परीक्षा केंद्र पर परीक्षा के दौरान हुई, जो दोपहर 2 बजे से सवा 5 बजे के बीच चल रही थी। परीक्षा केंद्र के कमरा नंबर 07 में परीक्षा दे रही 22 वर्षीय अभ्यर्थी हिमांशी तिवारी, जो गुर्जर की थड़ी, जयपुर की निवासी है, वह चेकिंग से बचते हुए एक आईफोन 16 प्रो मोबाइल अपने अंतःवस्त्रों में छिपाकर परीक्षा कक्ष के अंदर ले गई थी। परीक्षा के दौरान जब हिमांशी तिवारी प्रश्न पत्र हल करने के लिए उस मोबाइल का अनुचित उपयोग करने का प्रयास कर रही थी, तभी ड्यूटी पर तैनात वीक्षक (Invigilator) की उस पर नज़र पड़ गई। वीक्षक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अभ्यर्थी हिमांशी को मोबाइल के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।1
- आज जयपुर के वाटिका गांव क्षेत्र में एक सड़क हादसा हुआ, जहाँ एक टाटा सफारी वाहन ने पीछे से एक टैक्सी को टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी भी व्यक्ति को कोई चोट या गंभीर नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, टक्कर के कारण टैक्सी वाहन को काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे ड्राइवर भाई को आर्थिक हानि का सामना करना पड़ सकता है। इस घटना के बाद, सभी वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें, ताकि ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके और सभी सावधानीपूर्वक वाहन चलाकर सुरक्षित रहें।1
- अजीतगढ़ के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है, जहाँ श्याम मार्केट स्थित प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र अब आम जनता को गुणवत्तापूर्ण दवाइयाँ बेहद कम कीमत पर उपलब्ध करा रहा है। यह केंद्र डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, थायराइड, एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक, विटामिन्स और अन्य आवश्यक दवाइयों पर बाजार मूल्य से 50% से 90% तक की भारी छूट प्रदान कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यहाँ मिलने वाली जेनेरिक दवाइयाँ महंगी ब्रांडेड दवाओं के समान ही गुणवत्ता और प्रभाव रखती हैं। केंद्र पर शुगर की दवाइयाँ, बीपी की दवाइयाँ, हार्ट केयर मेडिसिन, एंटीबायोटिक्स, दर्द एवं बुखार की दवाइयाँ, विटामिन एवं सप्लीमेंट्स, ORS, ग्लूकोज एवं वेलनेस उत्पाद के साथ-साथ सर्जिकल एवं मेडिकल उपकरण भी उपलब्ध हैं। महिलाओं के लिए विशेष रूप से 'सुविधा सैनिटरी नैपकिन' मात्र ₹1 प्रति पैड की दर से प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छता की सुविधा मिल सके। मरीजों को सलाह दी गई है कि वे दवा खरीदने से पहले अपने डॉक्टर के पर्चे पर लिखे सॉल्ट नेम का मिलान अवश्य करें और जन औषधि केंद्र से उसी सॉल्ट की किफायती दवा प्राप्त करें। यह प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र, श्याम मार्केट, श्याम बाबा मंदिर के पास, अजीतगढ़, जिला सीकर, राजस्थान – 332701 में स्थित है और सुबह 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक खुला रहता है। केंद्र 'स्वास्थ्य भी, बचत भी!' के नारे के साथ लोगों से सही दवा, सही दाम और भरोसेमंद गुणवत्ता के लिए जन औषधि को अपनाने का आग्रह करता है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस दौरान सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और युवा कार्यकर्ता हर्ष यादव को प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया।1
- राजस्थान के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में गर्भवती और हाल ही में जन्म देने वाली महिलाओं (प्रसूताओं) की मौत और गंभीर रूप से बीमार होने की घटनाएं बेहद चिंताजनक और संवेदनशील हैं। चिकित्सा जगत और प्रशासनिक जांच के आधार पर इस पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट में कई गंभीर कारण सामने आए हैं। कोटा के सबसे बड़े मातृ एवं शिशु चिकित्सालय (जेके लोन अस्पताल) में कुछ ही दिनों के भीतर चार प्रसूताओं की अचानक मौत हो गई। शुरुआती जांच और मेडिकल ऑडिट में प्रसूताओं की मौत का मुख्य कारण प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव (Severe PPH) और गंभीर संक्रमण के कारण अंगों का काम बंद करना (Septic Shock) पाया गया। कुछ मामलों में प्रसूताओं को बहुत गंभीर एनीमिया (खून की कमी) की स्थिति में अस्पताल लाया गया था। बीकानेर के पीबीएम अस्पताल से संबद्ध जनाना अस्पताल में प्रसव के बाद कई महिलाओं की किडनी और लिवर अचानक खराब होने (Acute Kidney & Liver Injury) के मामले सामने आए। उच्च स्तरीय जांच समितियों की रिपोर्ट के अनुसार, इसके पीछे संक्रमित जीवन रक्षक दवाएं (Contaminated IV Fluids/Injections) और अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में फैला संक्रमण मुख्य वजह पाए गए। जांच में प्रसव के दौरान दी जाने वाली ग्लूकोज/ड्रिप की बोतलों में बैक्टीरिया का संक्रमण मिला, जिसने प्रसूताओं के शरीर में जाकर सेप्सिस पैदा किया और उनके अंगों को नुकसान पहुंचाया। इसी तरह, जोधपुर के सरकारी उम्मेद अस्पताल में भी प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और उन्हें आईसीयू में शिफ्ट करने के मामले सामने आए। जांच में सामने आया कि अस्पताल के वार्डों और लेबर रूम में साफ-सफाई (हाइजीन) की भारी कमी थी। इसके अलावा, अत्यधिक वर्कलोड के कारण डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ द्वारा प्रसव के बाद दी जाने वाली देखभाल (Post-operative care) में निगरानी की कमी भी एक महत्वपूर्ण कारण रही।1
- अजमेर रोड पर एक चलती बस में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की तेज लपटों के साथ घना काला धुआँ आसमान में दूर-दूर तक फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और प्रशासन तुरंत राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। हालांकि, आग लगने के सही कारण और किसी के घायल होने के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कर रहा है।1