मधुबनी जिले में एलपीजी गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता पूरी तरह से सामान्य और नियंत्रित है, जिसकी जिला प्रशासन द्वारा सतत निगरानी की जा रही है। 11 जुलाई 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में कुल 13,789 उपभोक्ताओं द्वारा गैस बुकिंग की गई है, जिसके मुकाबले विभिन्न तेल कंपनियों से कुल 14,875 गैस सिलेंडर प्राप्त हुए हैं। इनमें आईओसीएल (IOCL) से 5,341, एचपीसीएल (HPCL) से 4,752 और बीपीसीएल (BPCL) से 4,782 सिलेंडर शामिल हैं। बुकिंग के अनुरूप सिलेंडरों की आपूर्ति तेजी से की जा रही है। उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सभी गैस वितरकों को शत-प्रतिशत उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी के माध्यम से गैस उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी गैस एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है, अतिरिक्त राशि की मांग की जाती है या वितरण में लापरवाही बरती जाती है, तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से गैस की बुकिंग न करें, घरेलू गैस का उपयोग केवल घरेलू कार्यों में ही करें और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी या अवैध भंडारण की सूचना तुरंत दें। किसी भी शिकायत या सूचना के लिए जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 06276-222576 पर संपर्क किया जा सकता है। जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर भी पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है। 12 जुलाई 2026 को जिले में 950.3 हजार लीटर पेट्रोल तथा 1115.2 हजार लीटर हाई स्पीड डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि दुर्घटना की संभावना से बचने के लिए पेट्रोल-डीजल का अनावश्यक भंडारण न करें।
मधुबनी जिले में एलपीजी गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता पूरी तरह से सामान्य और नियंत्रित है, जिसकी जिला प्रशासन द्वारा सतत निगरानी की जा रही है। 11 जुलाई 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में कुल 13,789 उपभोक्ताओं द्वारा गैस बुकिंग की गई है, जिसके मुकाबले विभिन्न तेल कंपनियों से कुल 14,875 गैस सिलेंडर प्राप्त हुए हैं। इनमें आईओसीएल (IOCL) से 5,341, एचपीसीएल (HPCL) से 4,752 और बीपीसीएल (BPCL) से
4,782 सिलेंडर शामिल हैं। बुकिंग के अनुरूप सिलेंडरों की आपूर्ति तेजी से की जा रही है। उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सभी गैस वितरकों को शत-प्रतिशत उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी के माध्यम से गैस उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी गैस एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है, अतिरिक्त राशि की मांग की जाती
है या वितरण में लापरवाही बरती जाती है, तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से गैस की बुकिंग न करें, घरेलू गैस का उपयोग केवल घरेलू कार्यों में ही करें और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी या अवैध भंडारण की सूचना तुरंत दें। किसी भी शिकायत या सूचना के
लिए जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 06276-222576 पर संपर्क किया जा सकता है। जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर भी पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है। 12 जुलाई 2026 को जिले में 950.3 हजार लीटर पेट्रोल तथा 1115.2 हजार लीटर हाई स्पीड डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि दुर्घटना की संभावना से बचने के लिए पेट्रोल-डीजल का अनावश्यक भंडारण न करें।
- बिहार के मधुबनी में पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट (E20 पेट्रोल) से हो रही समस्या को लेकर भारती मित्र पार्टी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान धनेश्वर महतो सरकार और नितिन गडकरी पर जमकर बरसे और इस समस्या को लेकर अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया।1
- बिहार के दरभंगा जिले के गोरा बौराम स्थित मथुर पंचायत का मुखिया भ्रष्टाचारी है। यहाँ विकास के मुद्दे पर आवाज उठाने पर लोगों के साथ मारपीट की जाती है और उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है।4
- दरभंगा जिला परिषद में विकास योजनाओं में मनमानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ कई निर्वाचित सदस्यों ने शनिवार को परिषद परिसर में ही महाधरना शुरू कर दिया है, जिससे इलाके में भारी सियासी हलचल मच गई है। इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे जिला परिषद सदस्य धर्मेंद्र कुमार झा ने जिला परिषद अध्यक्ष के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। धर्मेंद्र झा का गंभीर आरोप है कि जिले में विकास कार्यों को जानबूझकर रोका जा रहा है, जिसके तहत 15वें और 16वें वित्त आयोग की योजनाएं पोर्टल पर लंबित पड़ी हैं। इसके अलावा, 148 स्वीकृत योजनाओं का कार्यादेश अब तक जारी नहीं किया गया है, जिसके चलते मजदूरों और सप्लायर्स का लाखों रुपये का भुगतान महीनों से अटका हुआ है। मामले में बेहद चौंकाने वाली चेतावनी देते हुए धर्मेंद्र कुमार झा ने भावुक होकर कहा कि यदि जिला परिषद में कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो वे आत्मदाह करने को मजबूर हो जाएंगे। इस महाधरना को जिला परिषद उपाध्यक्ष अरुणा कुमारी, लाल कुमार सिंह और मोहम्मद हकीकूल जैसे कई दिग्गज सदस्यों का खुला समर्थन मिला है। इन जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी 10 सूत्री मांगों पर जल्द ही कड़ा फैसला नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप अख्तियार करेगा। अब सभी की नजरें जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।1
- बिहार में भारत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर न्यायिक जांच तेज हो गई है। इस मामले में कार्रवाई के तहत भारत तिवारी के माता-पिता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। इस पूरे प्रकरण में पिता का बयान भी सामने आया है जिसे सुना जा सकता है।1
- बिहार के मधुबनी जिले के लदनिया में एक सरकारी स्कूल की व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। यहाँ स्कूल के प्रिंसिपल हाजिरी बनाकर स्कूल से गायब हो गए हैं। इस घटना के सामने आने के बाद लदनिया के इस सरकारी स्कूल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- बिहार के मधुबनी जिले के लदनिया से ग्राम रक्षा दल ने एक बड़ा संदेश दिया है। इसके तहत अब ग्राम रक्षा दल के संगठन को एक नया और बड़ा विस्तार मिलने जा रहा है।1
- बिहार के मुजफ्फरपुर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पहुंचने के बाद का एक बेहद उत्सुकता भरा मामला सामने आया है। उनके मुजफ्फरपुर आगमन के बाद वहां एक युवक को लेकर कुछ ऐसा घटनाक्रम हुआ है जिसे देखने की बात कही जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आने के बाद आखिरकार वहां क्या हुआ और उस युवक ने क्या किया, इसे लेकर गहरी जिज्ञासा बनी हुई है।1