बाल कल्याण समिति सदस्य का विवादित विरोध, नाबालिग बालिकाओं संग धरना, “आत्मदाह” की चेतावनी—रेलवे कार्य रोकने की बात पर तहसीलदार से तीखी बहस, वीडियो वायरल सीधी जिले के रामपुर नैकिन क्षेत्र में मंगलवार को रेलवे निर्माण कार्य को लेकर बड़ा विवाद सामने आया, जहां बाल कल्याण समिति की सदस्य एवं अधिवक्ता रंजना मिश्रा ने नाबालिग बालिकाओं के साथ धरना प्रदर्शन करते हुए न केवल रेलवे कार्य रोकने की चेतावनी दी, बल्कि सड़क निर्माण न होने पर आत्मदाह करने तक की बात कह दी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला उस स्थल का है जहां रेलवे लाइन निर्माण के चलते पुरानी सड़क को तोड़ा गया है और नई अप्रोच सड़क बनाई जा रही है, जो अभी अधूरी है। प्रदर्शन के दौरान रंजना मिश्रा ने कहा कि यदि जल्द सड़क का निर्माण नहीं हुआ तो “मैं और हम सब आत्मदाह कर लेंगे, उसके बाद हमारी लाशों के ऊपर से रेलवे का काम किया जाए।” उनके इस बयान से मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। धरने में नाबालिग बालिकाओं की मौजूदगी ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बाल संरक्षण से जुड़े पद पर रहते हुए इस तरह बच्चों को विरोध प्रदर्शन में शामिल करना नियमों के विरुद्ध माना जा रहा है, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। सूचना मिलने पर तहसीलदार रामपुर नैकिन आशीष मिश्रा मौके पर पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस हुई। रंजना मिश्रा ने आरोप लगाया कि उन्हें सड़क निर्माण को लेकर गलत जानकारी दी गई थी और मौके पर स्थिति अलग मिली। वहीं तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि रेलवे कार्य नियमानुसार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार का अनैतिक दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। तहसीलदार आशीष मिश्रा ने यह भी कहा कि विरोध व्यक्तिगत हितों से प्रेरित प्रतीत होता है और प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी। स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएं भी बंटी हुई हैं। कुछ लोग सड़क की समस्या को जायज बता रहे हैं, जबकि कई इसे राजनीतिक और व्यक्तिगत हितों से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। नाबालिगों की भागीदारी और आत्मदाह जैसे बयान ने इस विरोध को और अधिक संवेदनशील और विवादित बना दिया है।
बाल कल्याण समिति सदस्य का विवादित विरोध, नाबालिग बालिकाओं संग धरना, “आत्मदाह” की चेतावनी—रेलवे कार्य रोकने की बात पर तहसीलदार से तीखी बहस, वीडियो वायरल सीधी जिले के रामपुर नैकिन क्षेत्र में मंगलवार को रेलवे निर्माण कार्य को लेकर बड़ा विवाद सामने आया, जहां बाल कल्याण समिति की सदस्य एवं अधिवक्ता रंजना मिश्रा ने नाबालिग बालिकाओं के साथ धरना प्रदर्शन करते हुए न केवल रेलवे कार्य रोकने की चेतावनी दी, बल्कि सड़क निर्माण न होने पर आत्मदाह करने तक की बात कह दी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला उस स्थल का है जहां रेलवे लाइन निर्माण के चलते पुरानी सड़क को तोड़ा गया है और नई अप्रोच सड़क बनाई जा रही है, जो अभी अधूरी है। प्रदर्शन के दौरान रंजना मिश्रा ने कहा कि यदि जल्द सड़क का निर्माण नहीं हुआ तो “मैं और हम सब आत्मदाह कर लेंगे, उसके बाद हमारी लाशों के ऊपर से रेलवे का काम किया जाए।” उनके इस बयान से मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। धरने में नाबालिग बालिकाओं की मौजूदगी ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बाल संरक्षण से जुड़े पद पर रहते हुए इस तरह बच्चों को विरोध प्रदर्शन में शामिल करना नियमों के विरुद्ध माना जा रहा है, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। सूचना मिलने पर तहसीलदार रामपुर नैकिन आशीष मिश्रा मौके पर पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस हुई। रंजना मिश्रा ने आरोप लगाया कि उन्हें सड़क निर्माण को लेकर गलत जानकारी दी गई थी और मौके पर स्थिति अलग मिली। वहीं तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि रेलवे कार्य नियमानुसार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार का अनैतिक दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। तहसीलदार आशीष मिश्रा ने यह भी कहा कि विरोध व्यक्तिगत हितों से प्रेरित प्रतीत होता है और प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी। स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएं भी बंटी हुई हैं। कुछ लोग सड़क की समस्या को जायज बता रहे हैं, जबकि कई इसे राजनीतिक और व्यक्तिगत हितों से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। नाबालिगों की भागीदारी और आत्मदाह जैसे बयान ने इस विरोध को और अधिक संवेदनशील और विवादित बना दिया है।
- ⚖️ वकील एकता जिंदाबाद ⚖️ जब डाबड़ी पुलिस स्टेशन में अधिवक्ता धर्मेंद्र जी (द्वारका डिस्ट्रिक्ट कोर्ट) की लिखित शिकायत को दबाने का प्रयास किया गया, और उनके तथा उनके परिवार के साथ हुई मारपीट के मामले में न तो उचित कार्रवाई की जा रही थी और न ही MLC करवाने की इच्छा दिखाई जा रही थी, तब पूरी विधिक बिरादरी एकजुट होकर उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी रही। सभी साथी अधिवक्ताओं के साहस, सहयोग और निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप उनकी आवाज़ को दबने नहीं दिया गया और विपक्षी पक्ष के विरुद्ध ACP संजीव कुमार द्वारा FIR दर्ज करने के आदेश जारी किए गए। यह घटना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि legal fraternity सिर्फ अदालतों तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्याय के विरुद्ध हर मोर्चे पर मजबूती से खड़ी रहती है। वकीलों की एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हम हर पीड़ित, हर साथी और हर परिवार के साथ न्याय के लिए सदैव कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे। ✊⚖️ वकील एकता जिंदाबाद… न्याय की आवाज़ कभी दब नहीं सकती।1
- Post by बुद्धसेन चौरसिया1
- Post by Abhishek Pandey1
- TMC की चली भयंकर आंधी,जब्त हो गई भाजपा की जमानत?1
- Post by Bolti Divare1
- Post by Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa1
- शासकीय कार्य के दौरान पटवारी के साथ मारपीट और अपमानजनक व्यवहार पटवारियों ने दी कलमबंद हड़ताल की चेतावनी *♦️रीवा : त्योंथर समाचार* रीवा जिले की त्योंथर तहसील अंतर्गत हल्का बौना में पदस्थ पटवारी प्रमेंद्र कुमार के साथ शासकीय कर्तव्य के निर्वहन के दौरान हुई गंभीर मारपीट और अभद्रता की घटना ने तूल पकड़ लिया है।इस घटना के विरोध में आज जिले के समस्त पटवारी अनुविभागीय अधिकारी त्योंथर को ज्ञापन सौंपेंगे और दो दिन के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर कलमबंद हड़ताल का आह्वान किया है।मिली जानकारी के अनुसार, बीती 28 अप्रैल को हल्का बौना में पटवारी प्रमेंद्र कुमार शासकीय आदेशानुसार सीमांकन कार्य कर रहे थे।इसी दौरान अपने पक्षकार के साथ पहुंचे अधिवक्ता अशोक तिवारी ने शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए पटवारी के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि जाति सूचक गालियों का प्रयोग करते हुए उन्हें अपमानित भी किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें अधिवक्ता का आक्रामक व्यवहार स्पष्ट दिखाई दे रहा है। अधिवक्ता का विवादित इतिहास यह उल्लेखनीय है कि अधिवक्ता अशोक तिवारी का पूर्व आचरण भी विवादास्पद रहा है।इससे पूर्व उनके द्वारा तत्कालीन एसडीएम संजय जैन के साथ भी बदतमीजी और अमर्यादित व्यवहार किया जा चुका है। बार-बार शासकीय सेवकों के साथ की जा रही इस प्रकार की अभद्रता से राजस्व अमले में गहरा रोष व्याप्त है। जनेह थाना में एफआईआर हुई दर्ज घटना के तुरंत बाद जनेह थाना में आरोपी अधिवक्ता के विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा डालने, मारपीट तहत प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है।मध्य प्रदेश पटवारी संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि आगामी 2 दिनों के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो जिले के सभी पटवारी अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर चले जाएंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। पटवारी संघ का क्या कहना है एक लोक सेवक के साथ सरेआम मारपीट और अपमानजनक व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।यदि रक्षक ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो क्षेत्र का विकास और न्याय कैसे संभव होगा हम प्रशासन से त्वरित और कठोर कार्यवाही की मांग करते हैं1
- Post by Abhishek Pandey1
- *मात्र 30 सेकेंड में बाइक चुरा ले गया चोर, रीवा में चोरों के हौसले बुलंद* *चोरी का मामला* रीवा जिला के समान थाना क्षेत्र में चोरी का मामला सामने आया है। एक युवक ने मात्र 30 सेकेंड में बाइक चुरा ली, जिसका सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। *पीड़ित की शिकायत* ज्ञानेंद्र त्रिपाठी गुढ़ निवासी की बाइक चोरी हुई है। उन्होंने थाने में शिकायत की, लेकिन उन्हें कल आने के लिए कहा गया। और *रिपोर्ट तक नहीं दर्ज कराई गई* *सीसीटीवी फुटेज* चोरी का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें एक युवक बाइक चुरा ले जाता दिख रहा है।1