इंदौर के राऊ विधानसभा क्षेत्र में बिहाड़िया फाटा से ग्राम बिहाड़िया तक के प्रमुख संपर्क मार्ग की जर्जर स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने रविवार को अपना आक्रोश प्रकट किया। वर्षों से बदहाल इस सड़क की गुणवत्ता-विहीन मरम्मत और विकास कार्यों में निरंतर उपेक्षा के विरोध में ग्रामीणों और कॉलोनीवासियों ने विधायक मधु वर्मा को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि अब इस सड़क पर मरम्मत पर सरकारी धन खर्च करना जनता के पैसे की बर्बादी है; केवल एक नई और मजबूत सीसी रोड का निर्माण ही इसका स्थायी समाधान है। ज्ञापन में बताया गया कि यह मार्ग हजारों लोगों के आवागमन का मुख्य जरिया है, जिसका उपयोग छात्र, किसान, मजदूर, नौकरीपेशा लोग और अन्य ग्रामीण आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने के लिए करते हैं। इसके बावजूद, पिछले लगभग दस वर्षों से इस सड़क पर सिर्फ खानापूर्ति के लिए मरम्मत की जाती रही है। हर वर्ष गड्ढों को गिट्टी और डामर से भर दिया जाता है, लेकिन कुछ ही दिनों में सड़क फिर उखड़ जाती है। बरसात में तो बड़े-बड़े गड्ढे, जलभराव और कीचड़ गंभीर समस्या बन जाते हैं, जिससे वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक दशक में किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस शासकीय मार्ग के स्थायी निर्माण को गंभीरता से नहीं लिया, केवल चुनाव के समय आश्वासन दिए जाते हैं। यह भी आश्चर्यजनक है कि इस सड़क से एक किलोमीटर के दायरे में कई नई सीसी सड़कें और अन्य विकास कार्य लगातार हो रहे हैं, जबकि यह मार्ग उपेक्षित है, जिससे क्षेत्रवासियों में भेदभाव की भावना बढ़ रही है। ग्रामीणों ने सड़क की खराब स्थिति को सुरक्षा का गंभीर मुद्दा बताया, क्योंकि आए दिन दोपहिया वाहन चालक गड्ढों में फिसलकर घायल होते रहते हैं, और बारिश में गड्ढे दिखाई न देने से दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते नई सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ज्ञापन के माध्यम से विधायक मधु वर्मा से मांग की गई है कि बिहाड़िया फाटा से ग्राम बिहाड़िया तक उच्च गुणवत्ता वाली, चौड़ी और टिकाऊ नई सीसी रोड का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया जाए, और संबंधित विभाग को शीघ्र प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए जाएं। ग्रामीणों ने कड़े शब्दों में कहा है कि वे अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे, और यदि ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन, धरना-प्रदर्शन और विरोध दर्ज कराने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में ग्रामीण, कॉलोनीवासी, युवा, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक उपस्थित थे, जिन्होंने एक स्वर में कहा कि “अब मरम्मत नहीं, बिहाड़िया को नई सीसी रोड चाहिए।”
इंदौर के राऊ विधानसभा क्षेत्र में बिहाड़िया फाटा से ग्राम बिहाड़िया तक के प्रमुख संपर्क मार्ग की जर्जर स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने रविवार को अपना आक्रोश प्रकट किया। वर्षों से बदहाल इस सड़क की गुणवत्ता-विहीन मरम्मत और विकास कार्यों में निरंतर उपेक्षा के विरोध में ग्रामीणों और कॉलोनीवासियों ने विधायक मधु वर्मा को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि अब इस सड़क पर मरम्मत पर सरकारी धन खर्च करना जनता के पैसे की बर्बादी है; केवल एक नई और मजबूत सीसी रोड का निर्माण ही इसका स्थायी समाधान है। ज्ञापन में बताया गया कि यह मार्ग हजारों लोगों के आवागमन का मुख्य जरिया है, जिसका उपयोग छात्र, किसान, मजदूर, नौकरीपेशा लोग और अन्य ग्रामीण आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने के लिए करते हैं। इसके बावजूद, पिछले लगभग दस वर्षों से इस सड़क पर सिर्फ खानापूर्ति के लिए मरम्मत की जाती रही है। हर वर्ष गड्ढों को गिट्टी और डामर से भर दिया जाता है, लेकिन कुछ ही दिनों में सड़क फिर उखड़ जाती है। बरसात में तो बड़े-बड़े गड्ढे, जलभराव और कीचड़ गंभीर समस्या बन जाते हैं, जिससे वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक दशक में किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस शासकीय मार्ग के स्थायी निर्माण को गंभीरता से नहीं लिया, केवल चुनाव के समय आश्वासन दिए जाते हैं। यह भी आश्चर्यजनक है कि इस सड़क से एक किलोमीटर के दायरे में कई नई सीसी सड़कें और अन्य विकास कार्य लगातार हो रहे हैं, जबकि यह मार्ग उपेक्षित है, जिससे क्षेत्रवासियों में भेदभाव की भावना बढ़ रही है। ग्रामीणों ने सड़क की खराब स्थिति को सुरक्षा का गंभीर मुद्दा बताया, क्योंकि आए दिन दोपहिया वाहन चालक गड्ढों में फिसलकर घायल होते रहते हैं, और बारिश में गड्ढे दिखाई न देने से दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते नई सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ज्ञापन के माध्यम से विधायक मधु वर्मा से मांग की गई है कि बिहाड़िया फाटा से ग्राम बिहाड़िया तक उच्च गुणवत्ता वाली, चौड़ी और टिकाऊ नई सीसी रोड का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया जाए, और संबंधित विभाग को शीघ्र प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए जाएं। ग्रामीणों ने कड़े शब्दों में कहा है कि वे अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे, और यदि ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन, धरना-प्रदर्शन और विरोध दर्ज कराने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में ग्रामीण, कॉलोनीवासी, युवा, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक उपस्थित थे, जिन्होंने एक स्वर में कहा कि “अब मरम्मत नहीं, बिहाड़िया को नई सीसी रोड चाहिए।”
- मध्य प्रदेश पुलिस के 'सेफ क्लिक 2.0’ अभियान के तहत इंदौर के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में एक विशाल साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ ग्रामीण एएसपी राजकृष्णा ने स्पष्ट किया कि "डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं" है। उन्होंने युवाओं और आम नागरिकों को साइबर ठगी के नए-नए तरीकों से सतर्क रहने की सलाह देते हुए बताया कि "डिजिटल अरेस्ट" के नाम पर आने वाली कॉलें पूरी तरह फर्जी हो सकती हैं, इसलिए ऐसे में घबराने के बजाय तुरंत कॉल काट दें और पुलिस को सूचना दें। एएसपी राजकृष्णा ने विशेष रूप से चेतावनी दी कि साइबर अपराधी पुलिस, सीबीआई, बैंक अधिकारी, बिजली विभाग या केवाईसी अपडेट के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी कीमत पर अपना ओटीपी (OTP), यूपीआई पिन (UPI PIN), एटीएम पिन (ATM PIN), पासवर्ड और बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें, बल्कि खुद को अपडेट रखकर साइबर अपराधों से बचें। इस कार्यक्रम में डीएसपी उमाकांत चौधरी ने छात्रों को रैगिंग, ट्रैफिक नियमों और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। मालवांचल यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. संजीव नारंग ने भी इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल सुरक्षा आज शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। साइबर ठगी होने की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करने की अपील की गई, ताकि लोग सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और सेफ क्लिक करें।1
- इंदौर के महारानी रोड स्थित लाल अस्पताल और हुकुमचंद पाली क्लीनिक में आज कलेक्टर शिवम वर्मा ने बच्चों को पोलियो से बचाने के लिए 'जिंदगी की दो बूंद' दवा पिलाई। यह पोलियो टीकाकरण अभियान आज सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चलाया गया, जिसके तहत इंदौर के सभी अस्पतालों और बनाए गए केंद्रों पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई।1
- इंदौर में मानसिक तनाव से जुड़े तीन मामलों की जांच की जा रही है। इन घटनाओं में एक इंजीनियरिंग छात्र और एक लॉ स्टूडेंट से संबंधित मामले शामिल हैं।1
- आज रविवार को बेटमा के घाटा बिल्लौद स्थित चंबल नदी पर बने पुराने पुल के बचे हुए हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया। यह कदम एक नए आधुनिक फोरलेन पुल के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगा, जिसका निर्माण किया जाएगा।1
- मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान घोटाले के कथित पर्दाफाश को लेकर खबर सामने आई है। इस मामले में खातेगांव के बीएमओ (BMO) डॉ. शुभम तिवारी का नाम चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि इस कथित घोटाले से संबंधित एक ऑडियो भी वायरल हो रहा है।1
- इंदौर ग्रामीण पुलिस द्वारा साइबर अपराधों पर प्रभावी रोकथाम और आमजन को डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान को जिलेभर में व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक श्री राजेन्द्र कुमार वर्मा के नेतृत्व में सभी थाना क्षेत्रों और अनुभागों में लगातार जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस मुहिम के तहत गांव-गांव तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुँचाया जा रहा है, जिसके लिए जन चौपालों, पंचायतों, स्कूलों और कॉलेजों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। सांवेर, पिगडबर और बेटमा क्षेत्र की पंचायतों में आयोजित जन चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी फ्रॉड, क्यूआर कोड स्कैम और बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए गए। पुलिस ने नागरिकों से किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने और अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी किसी से साझा न करने की अपील की है। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि इस अभियान को जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जाए। इसी क्रम में स्कूलों, कॉलेजों, शासकीय कार्यालयों, ग्राम पंचायतों और आंगनवाड़ी केन्द्रों में निरंतर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। साइबर अपराध की किसी भी स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन या निकटतम पुलिस थाने से संपर्क करने की सलाह दी गई है।1
- प्रदेश के अधिकारी किसी विशेष दल या संगठन के नहीं, बल्कि सरकार और संविधान के प्रति वफादार हैं। यह स्पष्ट किया गया है कि उनकी निष्ठा केवल संवैधानिक मूल्यों और वर्तमान सरकार के प्रति है।1
- रविवार को महू के पातालपानी में बड़ी संख्या में पर्यटकों की भीड़ देखने को मिली। इस दौरान पर्यटक खतरनाक तरीके से सेल्फी लेते हुए भी दिखाई दिए, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।1