महासमुंद जिले के सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के कापूडीह में लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई गई सड़क पहली ही बारिश में उखड़ गई है। करीब 2 करोड़ 89 लाख रुपये की लागत से बनी इस नवनिर्मित सड़क पर जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं, जिससे इसके निर्माण कार्य में बरती गई भारी लापरवाही और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की पोल खुल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पहली ही बारिश में करोड़ों रुपये की सड़क का इस तरह बर्बाद होना गंभीर अनियमितता को दर्शाता है। ग्रामीणों ने खुलासा किया कि लगभग चार महीने पहले ही उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सरायपाली को लिखित शिकायत सौंपकर कापूडीह-बिरसिंगपाली सड़क निर्माण में हो रही धांधली के खिलाफ आवाज उठाई थी। उस समय दी गई शिकायत में ₹2 करोड़ 89 लाख 59 हजार की लागत से बन रही इस सड़क में मानकों के विपरीत डामर के उपयोग, पुल निर्माण की खराब गुणवत्ता, टर्निंग वॉल और तालाब के किनारे सुरक्षा दीवार न होने के साथ-साथ बैरसमलिहा डिपा की ओर प्रस्तावित 300 मीटर सीसी सड़क का निर्माण न किए जाने जैसे गंभीर मुद्दे उठाए गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि प्रशासन ने समय रहते उनकी शिकायत पर निष्पक्ष जांच की होती, तो आज जनता के पैसों से बनी इस सड़क की ऐसी दुर्दशा नहीं होती। इस पूरे मामले में लोक निर्माण विभाग के उप अभियंता मुकेश नाइक ने बताया कि सड़क के नए मिट्टी वाले हिस्से में अत्यधिक नमी और सेटलमेंट होने के कारण कटाव हुआ है, जिससे मार्ग का एक हिस्सा धंस गया। विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित ठेकेदार का डामरीकरण कार्य का पूरा भुगतान फिलहाल रोक दिया है और उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही ठेकेदार को धंसे हुए हिस्से का डामरीकरण अपने खुद के खर्च पर दोबारा कराने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की निगरानी में आवश्यक सुधार कार्य और गुणवत्ता मानकों की जांच पूरी होने के बाद ही भुगतान पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
महासमुंद जिले के सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के कापूडीह में लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई गई सड़क पहली ही बारिश में उखड़ गई है। करीब 2 करोड़ 89 लाख रुपये की लागत से बनी इस नवनिर्मित सड़क पर जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं, जिससे इसके निर्माण कार्य में बरती गई भारी लापरवाही और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की पोल खुल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पहली ही बारिश में करोड़ों रुपये की सड़क का इस तरह बर्बाद होना गंभीर अनियमितता को दर्शाता है। ग्रामीणों ने खुलासा किया कि लगभग चार महीने पहले ही उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सरायपाली को लिखित शिकायत सौंपकर कापूडीह-बिरसिंगपाली सड़क निर्माण में हो रही धांधली के खिलाफ आवाज उठाई थी। उस समय दी गई शिकायत में ₹2 करोड़ 89 लाख 59 हजार की लागत से बन रही इस सड़क में मानकों के विपरीत डामर के उपयोग, पुल निर्माण की खराब गुणवत्ता, टर्निंग वॉल और तालाब के किनारे सुरक्षा दीवार न होने के साथ-साथ बैरसमलिहा
डिपा की ओर प्रस्तावित 300 मीटर सीसी सड़क का निर्माण न किए जाने जैसे गंभीर मुद्दे उठाए गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि प्रशासन ने समय रहते उनकी शिकायत पर निष्पक्ष जांच की होती, तो आज जनता के पैसों से बनी इस सड़क की ऐसी दुर्दशा नहीं होती। इस पूरे मामले में लोक निर्माण विभाग के उप अभियंता मुकेश नाइक ने बताया कि सड़क के नए मिट्टी वाले हिस्से में अत्यधिक नमी और सेटलमेंट होने के कारण कटाव हुआ है, जिससे मार्ग का एक हिस्सा धंस गया। विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित ठेकेदार का डामरीकरण कार्य का पूरा भुगतान फिलहाल रोक दिया है और उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही ठेकेदार को धंसे हुए हिस्से का डामरीकरण अपने खुद के खर्च पर दोबारा कराने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की निगरानी में आवश्यक सुधार कार्य और गुणवत्ता मानकों की जांच पूरी होने के बाद ही भुगतान पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
- महासमुंद जिले के सरायपाली में भारत फाइनेंशियल लिमिटेड कंपनी में हुए 22 लाख रुपये से अधिक के गबन मामले में पुलिस ने अंतिम फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पहले ही तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी, जबकि चौथा आरोपी काफी समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। इस मामले को लेकर 22 दिसंबर 2025 को आवेदक हेमेन्द्र राजाराम जगबंधु (52 वर्ष, निवासी गोंदिया, महाराष्ट्र) ने सरायपाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, भारत फाइनेंशियल लिमिटेड में कार्यरत चार कर्मचारियों ने आपस में मिलीभगत कर हितग्राहियों की 22,66,645 रुपये की जमा राशि कंपनी में जमा करने के बजाय उसका गबन कर लिया था। इस शिकायत पर सरायपाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 341/25, धारा 316(5) और 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया था। मामला दर्ज होने की भनक लगते ही सभी आरोपी अपने ठिकानों से फरार हो गए थे। पुलिस ने इस मामले के एक आरोपी शुभम पाणीग्राही (30 वर्ष, निवासी सिंघोंडा) को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद, तकनीकी और डेटा विश्लेषण के जरिए पुलिस ने 8 जून 2026 को दो अन्य आरोपियों, रोहन प्रधान (24 वर्ष, निवासी झगरेनडीह, महासमुंद) और प्रमोद महंत (34 वर्ष, निवासी पुसल्दा, रायगढ़) को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया था। मामले का आखिरी फरार आरोपी दीपक कुमार चौहान (24 वर्ष, निवासी गोबरसिंहा, सारंगढ़-बिलाईगढ़) पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा था। पुलिस ने तकनीकी निगरानी के जरिए उसके एक संदिग्ध मोबाइल नंबर का पता लगाया और मोबाइल लोकेशन के आधार पर रायगढ़ में घेराबंदी कर उसे भी गिरफ्तार कर लिया।2
- छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बसना में मध्य प्रदेश से पहुंचे सरपंच साहब ने संत रामपाल जी महाराज जी से मुलाकात की है।1
- छत्तीसगढ़ में अब ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों को टैक्स के रूप में सालाना कम से कम ₹1200 का भुगतान करना होगा। इसके तहत हर राशन कार्डधारी परिवार से सालाना ₹1200 की वसूली की जाएगी। ग्रामीण इलाकों के परिवारों से आखिर यह टैक्स क्यों और किसलिए लिया जा रहा है, इसे लेकर तमाम जानकारियां सामने आ रही हैं।1
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में पुलिस ने 'हिंदुस्तान जिंदाबाद' और 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे लगवाए हैं। वह शख्स अपने ही बेटे को जबरन देश के खिलाफ बरगलाता था और अपनी पत्नी को प्रताड़ित करता था। इसके साथ ही, वह उन पर नमाज और कलमा पढ़ने के लिए भी लगातार दबाव बनाता था।1
- रायगढ़ जिले के होटलों और लॉज में सुरक्षा व्यवस्था व अनैतिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के तहत पुलिस ने एक होटल संचालक को गिरफ्तार किया है। 10 जुलाई 2026 की शाम को साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के होटल व्हाइट रोज में औचक जांच की थी। जांच के दौरान होटल में सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाओं में कमियां पाई गईं, जिसके बाद पुलिस टीम ने फतेहामुड़ा निवासी होटल संचालक सूरज सिंह (28 वर्ष) को सुरक्षा मानकों में तत्काल सुधार करने की समझाइश दी। इस पर होटल संचालक ने पुलिस टीम के साथ अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया और समझाइश के बावजूद उसका आक्रामक रवैया जारी रहा। होटल संचालक के उग्र व्यवहार को देखते हुए पुलिस उसे कोतवाली थाना लेकर आई, लेकिन वहां भी वह आक्रामक रवैया अपनाए रहा। किसी संज्ञेय अपराध के घटने की आशंका और शांति व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170 के तहत उसे प्रतिबंधात्मक रूप से गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही, धारा 126 और 135(3) बीएनएसएस के अंतर्गत इस्तगासा तैयार कर उसे न्यायालय में पेश किया गया। रायगढ़ पुलिस द्वारा सुरक्षा मानकों के पालन, आगंतुकों के सत्यापन और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए पूरे जिले के होटल, लॉज और गेस्ट हाउसों की नियमित जांच की जा रही है। इस संबंध में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा है कि होटलों में सुरक्षा मानकों का पालन और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान पुलिस की कार्रवाई में बाधा डालने या कानून व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।3
- पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल के पौत्र, पूर्व सांसद एवं जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला जी संत रामपाल जी महाराज के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सतलोक आश्रम श्री धनाना धाम पहुँचे। यहाँ पहुँचकर उन्होंने महाराज जी के जनकल्याणकारी कार्यों के प्रति अपने हृदय से आभार व्यक्त किया। डॉ. अजय सिंह चौटाला जी ने महाराज जी की सराहना करते हुए कहा कि ज़रूरतमंदों के लिए जो सेवा आपने की है, वह सरकार भी नहीं कर सकती।1
- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के मालखरौदा में स्कूल से लौट रहे छात्रों पर हमला हुआ है। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद से हड़कंप मच गया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1