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अंडमान और निकोबार के दक्षिण अंडमान जिले के फेरारगंज में एक मां ने अपनी जान की परवाह किए बिना बहादुरी दिखाते हुए अपने दो बच्चों की जान बचा ली। इस दौरान उनके साथ मौजूद दो अन्य महिलाओं की जान भी सुरक्षित बच गई है।
Tabrez Alam
अंडमान और निकोबार के दक्षिण अंडमान जिले के फेरारगंज में एक मां ने अपनी जान की परवाह किए बिना बहादुरी दिखाते हुए अपने दो बच्चों की जान बचा ली। इस दौरान उनके साथ मौजूद दो अन्य महिलाओं की जान भी सुरक्षित बच गई है।
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- मुजफ्फरनगर जनपद के कस्बा पुरकाजी में बारिश ने हालात बदहाल कर दिए हैं। यहां हुई बारिश के कारण विकास की क्या स्थिति हो गई है, उसे साफ तौर पर देखा जा सकता है। कस्बे की इस बदतर हालत को दिखाने वाले वीडियो को देखने के साथ ही इसे ज्यादा से ज्यादा लाइक और शेयर करने की अपील की गई है।1
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- दक्षिण अंडमान के फरारगंज में एक नहर का जमा हुआ पानी अभी तक साफ नहीं किया गया है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ जलजमाव की स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि पानी के कारण सब कुछ एक बराबर हो गया है, जिससे लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना भी बेहद मुश्किल हो गया है। लोगों की तकलीफों और दिक्कतों का कोई अंत नहीं दिख रहा है। इसी विकट समस्या को उजागर करते हुए लोगों से अपील की गई है कि वे इस पूरे वीडियो को देखें और इसे सबके साथ ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि हर कोई इस गंभीर स्थिति को देख सके।1
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- कोरापुट जिले के पट्टांगी ब्लॉक अंतर्गत ईजार माली में स्थानीय आदिवासी ग्रामीणों ने कलिंग/NAD के खिलाफ अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों ने मुख्य रूप से क्षेत्र के जल और स्थानीय जंगल की स्थिति को लेकर अपनी चिंताएं साझा की हैं।1
- गिरिडीह के पीरटांड़ में सड़क न होने के कारण एक गर्भवती महिला को खाट पर टांगकर 4 किलोमीटर पैदल ले जाना पड़ा। यह घटना दर्शाती है कि 'अबुआ सरकार' के हवाई दावों से इतर झारखंड के गांवों में आज भी बुनियादी स्वास्थ्य और सड़क सुविधाएं दम तोड़ रही हैं। झामुमो-कांग्रेस सरकार की इस घोर लापरवाही के कारण आज आम जनता को व्यवस्था के नाम पर सिर्फ बदहाली ही नसीब हो रही है। कांग्रेसी स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के दावों को पूरी तरह खोखला बताते हुए जमशेदपुर के कुमार विश्वजीत ने इसे झारखंड की अस्वस्थ सरकार और अकर्मण्य स्वास्थ्य विभाग की करतूत करार दिया है।1
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