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गाजियाबाद के करेड़ा में देसी शराब की एक दुकान पर फिर 80 रुपये का क्वार्टर 90 में बिका, जिसका वीडियो ग्राहक के पास है। दुकान संचालक खुलेआम दावा कर रहे हैं कि आबकारी विभाग उन पर कार्रवाई नहीं कर सकता, जिससे विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लगातार शिकायतों और वीडियो वायरल होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि ओवर रेट पर भारी जुर्माने का प्रावधान है।
आशीष मिश्रा जर्नलिस्ट
गाजियाबाद के करेड़ा में देसी शराब की एक दुकान पर फिर 80 रुपये का क्वार्टर 90 में बिका, जिसका वीडियो ग्राहक के पास है। दुकान संचालक खुलेआम दावा कर रहे हैं कि आबकारी विभाग उन पर कार्रवाई नहीं कर सकता, जिससे विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लगातार शिकायतों और वीडियो वायरल होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि ओवर रेट पर भारी जुर्माने का प्रावधान है।
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- गाजियाबाद के शालीमार गार्डन में एक देसी शराब की दुकान पर ₹80 का क्वार्टर ₹90 में बेचा जा रहा है। स्थानीय निवासियों की बार-बार शिकायतें और वीडियो सबूत के बावजूद, आबकारी विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे मिलीभगत का शक गहरा रहा है। यह मामला विभाग द्वारा ओवर-रेटिंग पर सख्ती के दावों की पोल खोल रहा है, और नागरिक अब तुरंत जांच व कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- हरदोई के सवायजपुर क्षेत्र में दरिंदों के हौसले बुलंद होने की बात सामने आई है। स्थानीय जनता ने ऐसे अपराधियों को तुरंत पकड़कर सलाखों के पीछे डालने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह मुद्दा क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता को दर्शाता है।1
- हरदोई जिले के सवायजपुर ब्लॉक के हरपालपुर में एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर स्थानीय लोगों की शिकायतें अनसुनी की जा रही हैं। जनता की समस्याओं पर कोई ध्यान न दिए जाने से क्षेत्र में असंतोष बढ़ता जा रहा है, और लोग प्रशासन से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।1
- बाराबंकी: मसौली में किसान क्रांति यूनियन की बैठक, बिजली विभाग के खिलाफ सौंपा ज्ञापन बाराबंकी जनपद के मसौली क्षेत्र के बड़ागांव में 6 मई 2026 को भारतीय किसान क्रांति यूनियन की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान यूनियन पदाधिकारियों ने उपखंड अधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें बिजली विभाग से संबंधित पांच प्रमुख मांगें उठाई गईं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि बिजली विभाग के कर्मचारी फर्जी मीटर रीडिंग कर रहे हैं और नए कनेक्शन के नाम पर अधिक लाइन चार्ज लेकर अवैध वसूली की जा रही है। यूनियन ने मांग की कि मसौली पावर हाउस के अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन कम से कम 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, नए कनेक्शन पर 1500 से 2000 रुपये तक की कथित अवैध वसूली को तत्काल बंद करने की मांग की गई। ग्राम न्यामतपुर निवासी सुदामा के मामले को उठाते हुए यूनियन ने 5955 रुपये की वसूली वापस कराने और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में मसौली चौराहे पर स्थित एक दुकान के उपभोक्ता बद्री प्रसाद का मामला भी शामिल किया गया। उनका कनेक्शन 8 मई 2019 को काट दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद उन पर बिल जमा करने का दबाव बनाए जाने का आरोप है। साथ ही पावर हाउस स्तर पर प्रतिदिन 1 से 3 घंटे की फर्जी रोस्टिंग की शिकायत भी दर्ज कराई गई। बैठक के दौरान यूनियन पदाधिकारी उपखंड अधिकारी और जूनियर इंजीनियर (जेई) से मिलने पहुंचे, लेकिन दोनों अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं मिले। इस बीच संविदा कर्मचारियों सर्वेश वह सत्येंद्र बाबू द्वारा जिलाध्यक्ष राधेरमन वर्मा के साथ अभद्रता किए जाने का आरोप भी लगाया गया। स्थिति बिगड़ने पर कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। बाद में अधिकारी के प्रतिनिधि (बाबू) ने ज्ञापन स्वीकार कर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। बैठक में जिलाध्यक्ष राधेरमन वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष राहुल गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सलाउद्दीन अंसारी, ब्लॉक महासचिव मनोज यादव, ब्लॉक प्रभारी शमीम मलिक, महिला ब्लॉक अध्यक्ष गुड़िया रावत, ब्लॉक सचिव राज नारायण, ब्लॉक उपाध्यक्ष अतीक, मीडिया प्रभारी विशाल गुप्ता और मीडिया प्रभारी रहमान खान सहित कई कार्यकर्ता मौजूद1
- सारे नियम जनता के लिए ही क्यों कुछ नियम नेता लोगों के लिए भी होने चाहिए दोस्तों सारे नियम जनता के लिए ही क्यू हैं कुछ नियम हमारे इन महान नेताओं के लिए भी होने चाहिए जो देश की भोली भाली जनता को वोट के नाम पर लूटते हैं 5साल में एक बार जनता के हाथ जोड़कर वोट मांगते हैं और 5साल जनता के पैर छुलाते हैं1
- Post by Arun Kumar2
- फर्रुखाबाद में सभी देसी शराब के ठेकों पर औचक जांच की गई। इसका उद्देश्य यह पता लगाना था कि किस प्रकार की और कैसी गुणवत्ता वाली शराब बेची जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में शराब की दुकानों पर तय कीमत से ज़्यादा दामों में शराब बेचे जाने का सिलसिला जारी है। स्थानीय निवासियों की लगातार शिकायतों और वीडियो सबूत के बावजूद, आबकारी विभाग द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई न करने से सवाल उठ रहे हैं। विभाग द्वारा ओवररेटिंग पर सख्त कदम उठाने और शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखने के दावों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।1