नैनीताल पुलिस ने आगामी 'श्री कैंची धाम स्थापना दिवस मेला-2026' को सकुशल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए कमर कस ली है। इस दिशा में, 12 जून 2026 को मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में कुमाऊँ परिक्षेत्र, नैनीताल की पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती निवेदिता कुकरेती कुमार की अध्यक्षता तथा नैनीताल के जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रायल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण ब्रीफिंग आयोजित की गई। इस बैठक में मेले की ड्यूटी पर तैनात सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर कड़े व विस्तृत निर्देश दिए गए। ब्रीफिंग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई, जिसमें मंदिर परिसर, प्रवेश द्वार, पार्किंग स्थलों, बैरियरों और प्रमुख मार्गों पर बीडीएस (Bomb Detection Squad) द्वारा नियमित चेकिंग और एंटी-सबोटाज जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। स्थानीय अभिसूचना इकाई की टीमों को भी सक्रिय रहने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए। डॉ. जगदीश चंद्र पुलिस अधीक्षक नैनीताल/यातायात द्वारा विस्तृत यातायात और डायवर्जन प्लान की जानकारी दी गई, जिसमें किसी भी पुल, सकरे या संवेदनशील स्थान पर भारी वाहनों के खड़े होने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने को कहा गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग, खोया-पाया केंद्र, मीडिया पास और शटल सेवा की विस्तृत रूपरेखा साझा की गई, साथ ही प्रसाद वितरण के लिए संचालित होने वाले 04 विशेष वाहनों के आवागमन हेतु भी दिशानिर्देश जारी किए गए। पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार कत्याल ने मेले के समग्र संचालन और सुरक्षा रोडमैप की विस्तृत जानकारी दी, जबकि श्री रेवाधर मठपाल एसपी संचार ने सभी प्रकार के स्टिकर, पास और संचार व्यवस्था पर प्रकाश डाला। नैनीताल या कैंची के होटलों में वैध बुकिंग और पार्किंग सुविधा वाले वाहनों के लिए विशेष स्टीकर लगाने की व्यवस्था की गई है, और अपर उपनिरीक्षक (ASI) एवं उनसे उच्च पद के सभी कार्मिकों के पास संचार हेतु हैंडसेट रखने के निर्देश दिए गए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक अभिसूचना श्री नरेन्द्र ने अभिसूचना और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट्स साझा किए। मेले की व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए 04 सुपर जोन बनाए गए हैं, जिन्हें आगे 14 जोन में विभाजित किया गया है। सुरक्षा बल में 03 SSP/SP, 08 Add SP, 14 COs, 26 Insp/SO, 04 TI, 11 TSI, 146 SI/Add SI, 475 HC/Const., 31 HC/Const. TP, 455 Recruit Const., PAC की 2 कंपनी 2 प्लाटून, और CAPF की 2 कंपनी के अतिरिक्त SDRF, Fire, और BDS की टीमें भी तैनात की गई हैं। सभी सुपर और जोनल पुलिस अधिकारियों को हर ड्यूटी प्वाइंट की व्यक्तिगत रूप से जांच करने और तैनात पुलिस कर्मियों को उनकी जिम्मेदारी के बारे में ब्रीफ करने के निर्देश दिए गए हैं। ब्रीफिंग के दौरान श्री चंद्रशेखर घोडके वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा, श्री अक्षय कौंडे पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़, श्री जितेंद्र मेहरा पुलिस अधीक्षक बागेश्वर समेत कई अन्य पुलिस अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे। नैनीताल पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता से अपील की है कि मेले के दौरान यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।
नैनीताल पुलिस ने आगामी 'श्री कैंची धाम स्थापना दिवस मेला-2026' को सकुशल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए कमर कस ली है। इस दिशा में, 12 जून 2026 को मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में कुमाऊँ परिक्षेत्र, नैनीताल की पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती निवेदिता कुकरेती कुमार की अध्यक्षता तथा नैनीताल के जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रायल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण ब्रीफिंग आयोजित की गई। इस बैठक में मेले की ड्यूटी पर तैनात सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर कड़े व विस्तृत निर्देश दिए गए। ब्रीफिंग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई, जिसमें मंदिर परिसर, प्रवेश द्वार, पार्किंग स्थलों, बैरियरों और प्रमुख मार्गों पर बीडीएस (Bomb Detection Squad) द्वारा नियमित चेकिंग और एंटी-सबोटाज जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। स्थानीय अभिसूचना इकाई की टीमों को भी सक्रिय रहने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए। डॉ. जगदीश चंद्र पुलिस अधीक्षक नैनीताल/यातायात द्वारा विस्तृत यातायात और डायवर्जन प्लान की जानकारी दी गई, जिसमें किसी भी पुल, सकरे या संवेदनशील स्थान पर भारी वाहनों के खड़े होने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने को कहा गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग, खोया-पाया केंद्र, मीडिया पास और शटल सेवा की विस्तृत रूपरेखा साझा की गई, साथ ही प्रसाद वितरण के लिए संचालित होने वाले 04 विशेष वाहनों के आवागमन हेतु भी दिशानिर्देश जारी किए गए। पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार कत्याल ने मेले के समग्र संचालन और सुरक्षा रोडमैप की विस्तृत जानकारी दी, जबकि श्री रेवाधर मठपाल एसपी संचार ने सभी प्रकार के स्टिकर, पास और संचार व्यवस्था पर प्रकाश डाला। नैनीताल या कैंची के होटलों में वैध बुकिंग और पार्किंग सुविधा वाले वाहनों के लिए विशेष स्टीकर लगाने की व्यवस्था की गई है, और अपर उपनिरीक्षक (ASI) एवं उनसे उच्च पद के सभी कार्मिकों के पास संचार हेतु हैंडसेट रखने के निर्देश दिए गए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक अभिसूचना श्री नरेन्द्र ने अभिसूचना और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट्स साझा किए। मेले की व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए 04 सुपर जोन बनाए गए हैं, जिन्हें आगे 14 जोन में विभाजित किया गया है। सुरक्षा बल में 03 SSP/SP, 08 Add SP, 14 COs, 26 Insp/SO, 04 TI, 11 TSI, 146 SI/Add SI, 475 HC/Const., 31 HC/Const. TP, 455 Recruit Const., PAC की 2 कंपनी 2 प्लाटून, और CAPF की 2 कंपनी के अतिरिक्त SDRF, Fire, और BDS की टीमें भी तैनात की गई हैं। सभी सुपर और जोनल पुलिस अधिकारियों को हर ड्यूटी प्वाइंट की व्यक्तिगत रूप से जांच करने और तैनात पुलिस कर्मियों को उनकी जिम्मेदारी के बारे में ब्रीफ करने के निर्देश दिए गए हैं। ब्रीफिंग के दौरान श्री चंद्रशेखर घोडके वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा, श्री अक्षय कौंडे पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़, श्री जितेंद्र मेहरा पुलिस अधीक्षक बागेश्वर समेत कई अन्य पुलिस अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे। नैनीताल पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता से अपील की है कि मेले के दौरान यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।
- डॉ. छवि कांडपाल बोरा और प्रमोद बोरा के नेतृत्व में भगत दा के जन्मोत्सव के अवसर पर एक भव्य भंडारे का आयोजन किया गया है।1
- Post by M.R PASHA TOUR AND TRAVELS1
- बिलासपुर में बुधवार को समाजसेवी सुखदेव सिंह परिवार द्वारा हाईवे स्थित होटल अमरदीप के बाहर उमस भरी गर्मी से राहगीरों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से एक शरबत वितरण शिविर (सबील) का आयोजन किया गया। इस दौरान हाईवे से गुजरने वाले सैकड़ों राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को ठंडा और मीठा शरबत पिलाया गया। समाजसेवी हरजीत सिंह ने जानकारी दी कि उनका परिवार पिछले कई वर्षों से गर्मी के मौसम में इसी सेवा भाव के साथ सबील लगाकर लोगों को राहत पहुँचाने का कार्य करता आ रहा है। उन्होंने इस प्रयास को भीषण गर्मी और उमस के बीच राहगीरों को ठंडा शरबत उपलब्ध कराकर मानव सेवा का एक छोटा-सा कार्य बताया। हरजीत सिंह का मानना है कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म और कर्तव्य है, और समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। शरबत वितरण के इस कार्य की लोगों ने खूब सराहना की और इसे एक प्रेरणादायक पहल बताया। शिविर में पूरे दिन राहगीरों को शरबत पिलाने का सिलसिला जारी रहा, जिसमें हरदीप सिंह, स्वर्ण सिंह, सुरेश बिष्ट, राम सिंह, प्रकाश कुमार सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहकर सेवा कार्य में सहयोग करते रहे।1
- Post by Babu1
- उत्तराखंड के मसूरी क्षेत्र में घूमने आई गुरुग्राम की एक महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से सनसनी फैल गई है। महिला अपने पति के साथ मसूरी-धनोल्टी मार्ग पर स्थित एक होमस्टे में ठहरी हुई थीं। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, यह नवविवाहित दंपती 13 जून को दिल्ली से उत्तराखंड भ्रमण पर निकला था। ऋषिकेश में कुछ समय बिताने के बाद, दोनों 14 जून की रात करीब 11:30 बजे टिपरीधार क्षेत्र के एक होमस्टे में रुके। दोनों का विवाह 8 नवंबर 2025 को हुआ था। शुरुआती पूछताछ में पति ने बताया कि रात करीब 3:30 बजे दोनों सोने चले गए थे। सोमवार सुबह जब उसकी नींद खुली तो उसने पत्नी को कमरे के फर्श पर अचेत अवस्था में पड़ा पाया, जिसके मुंह और नाक से खून निकल रहा था। इसके बाद होमस्टे प्रबंधन और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर महिला को मृत घोषित कर दिया गया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिसमें कमरे से खून के निशान और दो खाली शराब की बोतलें बरामद हुई हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम के बिना अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है और परिवार की ओर से भी कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है। पुलिस ने यह भी बताया कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही चल सकेगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चिकित्सकों के पैनल से वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमॉर्टम कराने का अनुरोध किया गया है। मृतका गुरुग्राम में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत थीं, जबकि उनके पति पुणे में आईटी क्षेत्र से जुड़े हैं। घटना की सूचना दोनों परिवारों को दे दी गई है। पुलिस होटल स्टाफ और पति से पूछताछ कर रही है, तथा सभी संभावित पहलुओं पर जांच जारी है।1
- इस वर्ष आयोजित कैंची धाम स्थापना वर्ष मेले-2026 को ऐतिहासिक और चमत्कारिक बताया गया है, जिसने पिछले कई दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मेले के सफल और शांतिपूर्ण समापन पर आयोजन समिति और मंदिर प्रबंधन ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और नैनीताल पुलिस टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया है। कैंची मंदिर समिति सचिव आलोक चोपड़ा और प्रबंधक प्रदीप साह जी ने कहा कि पिछले 50 वर्षों से कैंची धाम की सेवा में रहते हुए उन्होंने अपने जीवन में ऐसा "चमत्कारिक" और ऐतिहासिक मेला नहीं देखा। उन्होंने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या अप्रत्याशित थी, इसके बावजूद प्रशासन और पुलिस विभाग की सूझबूझ और कड़ी मेहनत से पूरी व्यवस्था सुव्यवस्थित और समर्पित रही, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन प्राप्त हुए। नैनीताल पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए अपनी मुस्तैदी दिखाई।1
- उत्तराखंड के अल्मोड़ा में जागेश्वर धाम के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरा एक मैक्स वाहन बाड़ेछीना-सेराघाट मोटर मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मंगलवार को यह वाहन एक खाई में जा गिरा, जिसमें सवार 11 लोग घायल हो गए। घायलों में से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, मैक्स वाहन संख्या यूके-03-टीए-0097 में सवार ये श्रद्धालु टनकपुर मेले में दुकान लगाने के बाद परिवार सहित कैंची धाम के दर्शन कर जागेश्वर धाम की ओर जा रहे थे। बाड़ेछीना पहुंचने के बाद चालक गलती से जागेश्वर मार्ग के बजाय धौलछीना मार्ग की ओर मुड़ गया। बाड़ेछीना से लगभग एक किलोमीटर आगे जाकर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और वाहन करीब 15 मीटर गहरी खाई में गिरकर एक गधेरे में अटक गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायल लोगों को उपचार के लिए बाड़ेछीना स्थित चिकित्सालय ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को 108 एंबुलेंस की मदद से बेस चिकित्सालय अल्मोड़ा रेफर किया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। हादसे में कानपुर, उत्तर प्रदेश के निवासी 62 वर्षीय दिनेश कुमार शुक्ला, 50 वर्षीय प्रतिमा शुक्ला, 24 वर्षीय पूर्णिमा शुक्ला, 23 वर्षीय स्नेहा शुक्ला, 32 वर्षीय अमित तिवारी, 25 वर्षीय दीपाली तिवारी, पांच वर्षीय दिव्यांश तिवारी और दो वर्षीय शिवांश तिवारी घायल हुए हैं। इनके अतिरिक्त, अयोध्या, उत्तर प्रदेश की ममता कौशल और मानवी कौशल भी घायल हुई हैं। वाहन चालक को भी इस दुर्घटना में चोटें आई हैं।1