*मुख्य विकास अधिकारी ने संपूर्ण समाधान दिवस मैथा में सुनीं जनसमस्याएं, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश* *शिकायतों का निर्धारित समयसीमा के भीतर करें गुणवत्तापूर्ण निस्तारण: मुख्य विकास अधिकारी* शासन के मंशानुरूप जनसामान्य की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए आज तहसील मैथा में 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल सहित राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने ब्लॉक और तहसील स्तर के अधिकारियों की उपस्थिति में आम जनता की शिकायतों और समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना।समाधान दिवस के दौरान कुल 128 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से मुख्य विकास अधिकारी ने मौके पर ही 11 शिकायतों का त्वरित निस्तारण कराया। शेष बचे प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंपते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कड़े निर्देश दिए कि सभी मामलों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा के भीतर, पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निस्तारण ऐसा होना चाहिए जिससे शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो। भूमि विवाद और अवैध कब्जे से जुड़े मामलों में उन्होंने राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम को मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, जन समस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि बिना किसी ठोस कारण के कोई भी फाइल लंबित पाई गई, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने कार्यालयों में प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक नियमित जनसुनवाई करें, शिकायत पंजिका का संधारण करें, प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें तथा आमजन के साथ संवेदनशील एवं शिष्ट व्यवहार सुनिश्चित करें। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी , पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO), तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला और तहसील स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
*मुख्य विकास अधिकारी ने संपूर्ण समाधान दिवस मैथा में सुनीं जनसमस्याएं, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश* *शिकायतों का निर्धारित समयसीमा के भीतर करें गुणवत्तापूर्ण निस्तारण: मुख्य विकास अधिकारी* शासन के मंशानुरूप जनसामान्य की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए आज तहसील मैथा में 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल सहित राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने ब्लॉक और तहसील स्तर के अधिकारियों की उपस्थिति में आम जनता की शिकायतों और समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना।समाधान दिवस के दौरान कुल 128 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से मुख्य विकास अधिकारी ने मौके पर ही 11 शिकायतों का त्वरित निस्तारण कराया। शेष बचे प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंपते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कड़े निर्देश दिए कि सभी मामलों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा के भीतर, पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया
कि निस्तारण ऐसा होना चाहिए जिससे शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो। भूमि विवाद और अवैध कब्जे से जुड़े मामलों में उन्होंने राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम को मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, जन समस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि बिना किसी ठोस कारण के कोई भी फाइल लंबित पाई गई, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने कार्यालयों में प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक नियमित जनसुनवाई करें, शिकायत पंजिका का संधारण करें, प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें तथा आमजन के साथ संवेदनशील एवं शिष्ट व्यवहार सुनिश्चित करें। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी , पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO), तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला और तहसील स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- Jaloun डीपीआरओ ने सचिवों संग की अभद्रता, मामले से गुस्साए धरने l डीपीआरओ ने सचिवों संग की अभद्रता, मामले से गुस्साए धरने पर बैठे, ज्ञापन देने पहुंचे थे ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के पदाधिकारी, डीपीआरओ पर ज्ञापन फेंकने व अभद्रता के आरोप, मामले से गुस्साए सचिव व पदाधिकारी, कार्यालय के बाहर शुरू किया धरना, पूर्व में भी विवादों में रहे हैं डीपीआरओ राम अयोध्या प्रसाद, कलक्ट्रेट परिसर स्थित डीपीआरओ कार्यालय का मामला।1
- राजमिस्त्री ठेकेदार पर दबंगों का हमला, मारपीट में फोड़ा सिर—मौके से फरार हुए आरोपी! उरई में दबंगई का मामला उरई कोतवाली क्षेत्र के कोंच रोड स्थित विधि महाविद्यालय के पास राजमिस्त्री ठेकेदार के साथ दबंगों द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दबंगों ने ठेकेदार के साथ मारपीट की और उसके सिर में चोट पहुंचाई, जिससे वह घायल हो गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने उरई कोतवाली पुलिस को तहरीर सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना के पीछे क्या वजह रही और मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा। सवाल यह है कि आखिर खुलेआम मारपीट करने वाले दबंगों पर पुलिस कब शिकंजा कसेगी? #BreakingNews #Jalaun #Urai #UraiNews #JalaunNews #CrimeNews #UPNews #UttarPradesh #UraiKotwali #Police #Crime #BreakingJalaun #JalaunPolice #मारपीट #दबंगई #उरई #जालौन #क्राइम #पुलिस #कानूनव्यवस्था #कोंचरोड #विधिमहाविद्यालय #राजमिस्त्री #ठेकेदार #घटना #तहरीर #कार्रवाई #दबंग #ViralNews #LatestNews1
- जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे मारकंडेश्वर तिराहे के पास विमल क्लीनिक और तृप्ति मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर बड़ी अनियमितताएं पकड़ीं। एसीएमओ (ACMO) अरविंद भूषण के नेतृत्व में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जांच की, जहां क्लीनिक और मेडिकल स्टोर में गंभीर लापरवाही सामने आई। जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को विमल क्लीनिक में डॉक्टर की गैरमौजूदगी जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे मारकंडेश्वर तिराहे के पास विमल क्लीनिक और तृप्ति मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर बड़ी अनियमितताएं पकड़ीं। एसीएमओ (ACMO) अरविंद भूषण के नेतृत्व में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जांच की, जहां क्लीनिक और मेडिकल स्टोर में गंभीर लापरवाही सामने आई। जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को विमल क्लीनिक में डॉक्टर की गैरमौजूदगी में एक अन्य व्यक्ति द्वारा मरीजों का इलाज करते हुए पाया गया। इस क्लीनिक में आंखों का इलाज किया जा रहा था टीम ने क्लीनिक में मरीजों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्था से संबंधित जरूरी जानकारी भी जुटाई। स्वास्थ्य विभाग ने इसे नियमों के विपरीत गंभीर मामला माना। वहीं, तृप्ति मेडिकल स्टोर की जांच में भी रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में एक अन्य व्यक्ति द्वारा मरीजों को दवाएं दिए जाने की बात सामने आई। निरीक्षण के दौरान मिली इन अनियमितताओं पर एसीएमओ अरविंद भूषण ने सख्त कार्रवाई करते हुए दोनों प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य क्लीनिक और मेडिकल स्टोर संचालकों में भी हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना योग्य चिकित्सक या पंजीकृत फार्मासिस्ट के चिकित्सा सेवाएं और दवा वितरण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- डकोर गांव में पेयजल संकट गहराया, ग्रामीणों ने विकासखंड गेट पर किया प्रदर्शन डकोर (जालौन)।भीषण गर्मी और उमस के बीच ग्राम डकोर में पेयजल संकट ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। करीब एक महीने से गांव में पानी की सप्लाई ठप होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने विकासखंड कार्यालय के गेट के सामने प्रदर्शन कर अपनी गहरी नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि पानी जैसी मूलभूत जरूरत के लिए उन्हें दूर-दराज से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है, जबकि जिम्मेदार विभाग समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, नादयी के पास तालाब के बगल में स्थित पानी की टंकी से पूरे गांव में जलापूर्ति की जाती थी। लंबे समय से सप्लाई बंद होने के कारण घरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। हालात यह हैं कि ग्रामीणों के साथ पशुपालकों को भी पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों को मजबूरी में दूर से पानी लाकर अपनी घरेलू जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में मौजूद पुरानी पानी की टंकी से पहले घर-घर नियमित जलापूर्ति होती थी। यदि पुरानी व्यवस्था को दोबारा चालू कर दिया जाए तो काफी हद तक समस्या का समाधान हो सकता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जल संस्थान की ओर से समस्या का स्थायी समाधान कराने के लिए अपेक्षित पहल नहीं की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘नमामि गंगे’ योजना के तहत कभी-कभार पानी आने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता। जब तक नियमित रूप से घर-घर पानी नहीं पहुंचेगा, तब तक योजना का वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा। प्रदर्शन में शामिल राजेंद्र सिंह, बृजेश यादव, ब्रजकिशोर मास्टर, हरिराम वसोर, हल्के सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी जालौन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर पेयजल व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जलापूर्ति बहाल नहीं हुई तो उच्च अधिकारियों के समक्ष दोबारा आवाज उठाई जाएगी। बड़ा सवाल: जब गांव में पुरानी टंकी से पहले घर-घर पानी पहुंचता था, तो आखिर उसे दोबारा चालू कराने में क्या अड़चन है? क्या जिम्मेदार विभाग ग्रामीणों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अब ठोस कदम उठाएगा?1
- माती कोर्ट ने महिला को छत से गिरा देने और इलाज के दौरान मौत होने के मामले में अभियुक्त को सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई और ₹10,000 के अर्थदंड से किया दंडित महिला को छत से गिरा देने और इलाज के दौरान मौत होने के मामले में माती कोर्ट में माननीय न्यायालय एडीजे 4 ने अभियुक्त लवकेश पुत्र राकेश निवासी ग्राम चाँदापुर थाना भोगनीपुर जनपद कानपुर देहात को दोषी करार दिया और अभियुक्त को 7 वर्ष कारावास की सजा सुनाई और ₹10,000 अर्थदंड से दंडित किया।1
- जालौन जालौन में डीपीआरओ पर सचिवों के साथ अभद्रता का आरोप, मामले से गुस्साए सचिव डीपीआरओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे, ज्ञापन देने पहुंचे थे ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के पदाधिकारी, जालौन में डीपीआरओ पर सचिवों के साथ अभद्रता का आरोप, मामले से गुस्साए सचिव डीपीआरओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे, ज्ञापन देने पहुंचे थे ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के पदाधिकारी, डीपीआरओ पर ज्ञापन फेंकने व अभद्रता करने का आरोप, मामले से गुस्साए सचिव व पदाधिकारी, कार्यालय के बाहर शुरू किया धरना, पूर्व में भी विवादों में रहे हैं डीपीआरओ राम अयोध्या प्रसाद, जालौन के उरई कलक्ट्रेट परिसर स्थित डीपीआरओ कार्यालय का मामला4
- Jalaun Accident : 5 घायल, 3 रेफर! कोतवाली क्षेत्र में 2 अलग-अलग हादसे!! जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर हुईं सड़क दुर्घटनाओं में पांच लोग घायल हो गए। दुर्घटनाओं के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए एम्बुलेंस सेवा को सूचना दी। सूचना मिलते ही एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जालौन में भर्ती कराया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया। जांच के दौरान तीन घायलों की हालत गंभीर पाए जाने पर उन्हें बेहतर उपचार के लिए उच्च संस्थान रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य दो घायलों का उपचार सीएचसी में जारी रहा। घटनाओं की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दुर्घटनाओं के संबंध में जानकारी जुटाई। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं चिकित्सकों ने गंभीर रूप से घायल मरीजों को समय रहते उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा, ताकि उन्हें बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा सके। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं तथा सावधानी बरतें, जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। वाइट - वरिष्ठ चिकित्सक डॉ योगेश आर्य यूट्यूब चैनल के लिए स्क्रिप्ट तैयार कर दो किसी प्रकार की स्ट्राइक ना आए और थंबनेल हेजटैग भी बना दो वायरल मिलियन व्यू आए1