एटा के जैथरा थाना क्षेत्र के गांव खेतूपुरा निवासी 40 वर्षीय रामरहीस ने बिजनौर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बिजनौर में पोस्टमार्टम के बाद जब उनका शव एटा पहुंचा, तो परिजनों ने धरना स्थल के पास सड़क किनारे शव रखकर जमकर हंगामा किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। परिजनों के अनुसार, रामरहीस जगदीश के पुत्र थे और बिजनौर में एक शराब ठेके पर सेल्समैन के रूप में कार्यरत थे। दो दिन पहले उनका अपने ही परिवार के कुछ सदस्यों से खेत की मेड़ को लेकर विवाद हुआ था, जिसकी शिकायत दोनों पक्षों ने जैथरा थाने में की थी और पुलिस इसकी जांच कर रही थी। इसी बीच, बिजनौर से रामरहीस की आत्महत्या की सूचना मिली, जिसके बाद परिजन वहां पहुंचे। मृतक की पत्नी श्रीदेवी ने आरोप लगाया कि परिवार के कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया था। इसी अपमान से आहत होकर उनके पति ने यह आत्मघाती कदम उठाया। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की मांग करते हुए कहा कि उन्हें गांव से बेदखल करने की कोशिश न की जाए। वहीं, मृतक के रिश्तेदार जुगेश कुमार का आरोप है कि खेत की मेड़ काटने को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जिसका पंचायत में भी कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद विरोधी पक्ष ने रामरहीस की पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट की। पुलिस से शिकायत के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई न होने से परेशान होकर रामरहीस ने आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और निष्पक्ष जांच के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। क्षेत्राधिकारी अलीगंज राजेश कुमार सिंह ने बताया कि खेत की मेड़ को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की शिकायत मिली थी, जिसकी जांच की जा रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि युवक ने बिजनौर में किन परिस्थितियों में आत्महत्या की, इसकी भी जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के आश्वासन के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव ले गए।
एटा के जैथरा थाना क्षेत्र के गांव खेतूपुरा निवासी 40 वर्षीय रामरहीस ने बिजनौर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बिजनौर में पोस्टमार्टम के बाद जब उनका शव एटा पहुंचा, तो परिजनों ने धरना स्थल के पास सड़क किनारे शव रखकर जमकर हंगामा किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। परिजनों के अनुसार, रामरहीस जगदीश के पुत्र थे और बिजनौर में एक शराब ठेके पर सेल्समैन के रूप में कार्यरत थे। दो दिन पहले उनका अपने ही परिवार के कुछ सदस्यों से खेत की
मेड़ को लेकर विवाद हुआ था, जिसकी शिकायत दोनों पक्षों ने जैथरा थाने में की थी और पुलिस इसकी जांच कर रही थी। इसी बीच, बिजनौर से रामरहीस की आत्महत्या की सूचना मिली, जिसके बाद परिजन वहां पहुंचे। मृतक की पत्नी श्रीदेवी ने आरोप लगाया कि परिवार के कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया था। इसी अपमान से आहत होकर उनके पति ने यह आत्मघाती कदम उठाया। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की मांग करते हुए कहा कि उन्हें
गांव से बेदखल करने की कोशिश न की जाए। वहीं, मृतक के रिश्तेदार जुगेश कुमार का आरोप है कि खेत की मेड़ काटने को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जिसका पंचायत में भी कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद विरोधी पक्ष ने रामरहीस की पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट की। पुलिस से शिकायत के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई न होने से परेशान होकर रामरहीस ने आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और निष्पक्ष जांच के आधार
पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। क्षेत्राधिकारी अलीगंज राजेश कुमार सिंह ने बताया कि खेत की मेड़ को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की शिकायत मिली थी, जिसकी जांच की जा रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि युवक ने बिजनौर में किन परिस्थितियों में आत्महत्या की, इसकी भी जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के आश्वासन के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव ले गए।
- एटा के कोतवाली देहात क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या से परेशान महिलाओं और बच्चों ने सोमवार को जीटी रोड जाम कर दिया, जिससे उनका गुस्सा साफ तौर पर फूट पड़ा। विरामपुर गांव में नाले की उचित निकासी न होने के कारण घरों में पानी भर गया, जिससे ग्रामीणों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक जलनिकासी की समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक वे जाम नहीं हटाएंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि इस जलभराव के कारण उनका रोजमर्रा का जीवन पूरी तरह से ठप हो गया है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची है और प्रदर्शनकारियों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास कर रही है।1
- जनपद मैनपुरी में मंगलवार को कुसमरा चौकी क्षेत्र स्थित कमलसुधा पेट्रोल पंप के सामने हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। एक ऑटो और ईको कार की आमने-सामने की जोरदार टक्कर में ऑटो सवार एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए। सूचना मिलते ही कुसमरा चौकी पुलिस और अन्य अधिकारी तत्काल मौके पर पहुँचे और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस और ग्रामीणों ने घायलों को वाहन से बाहर निकालकर एंबुलेंस के ज़रिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल कई लोगों को बेहतर इलाज के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन भी घायलों की हालत को देखते हुए सतर्क हो गया। पुलिस ने मृत महिला के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और दुर्घटनाग्रस्त ऑटो तथा ईको वाहन को सड़क से हटवाकर यातायात व्यवस्था बहाल कराई। हादसे के कारण कुछ समय तक मार्ग पर लंबा जाम लगा रहा, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद खुलवाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों वाहन तेज रफ्तार में थे, और पुलिस की प्रारंभिक जाँच में भी तेज रफ्तार तथा लापरवाही से वाहन चलाना ही हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जाँच कर रही है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज कर रही है, ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके। इस हृदयविदारक हादसे से मृतका के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सड़क सुरक्षा उपायों को और सख्त किए जाने की माँग की है। पुलिस ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने तथा सड़क पर पूरी सावधानी बरतने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।2
- उत्तर प्रदेश के मुरिया खेड़ा ज्ञान में कलान थाना और सिविल पुलिस मौजूद है।2
- सपा सांसद डिंपल यादव ने राम मंदिर में वित्तीय गड़बड़ी के मामले में SIT टीम गठित होने पर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चोरी के काम को अंजाम दिया जा रहा था और सरकार को इसकी जानकारी होने के बावजूद वह पूरे मुद्दे को छिपाना चाह रही थी। डिंपल यादव के अनुसार, यह मुद्दा राष्ट्रीय अध्यक्ष के माध्यम से सामने आया है, अन्यथा सरकार इसे कभी बाहर नहीं आने देना चाहती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर में आ रहे पैसों में भी गबन और भ्रष्टाचार किया जा रहा है, और इस पर कार्रवाई के लिए जूरी बिठाने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि सवाल केवल चंदे का नहीं है, बल्कि सरकार जहां-जहां कॉरिडोर बना रही है या मंदिरों का चौड़ीकरण कर रही है, वहां भी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। डिंपल यादव ने अखिलेश यादव के इस बयान पर भी अपनी राय रखी कि यदि 2027 में बीजेपी जीतती है तो उत्तर प्रदेश में चुनाव खत्म हो जाएगा। उन्होंने पश्चिम बंगाल में चल रही गतिविधियों का हवाला देते हुए कहा कि 27 लाख नाम सूची से काट दिए गए हैं और सवाल उठाया कि आखिर नाम कहां से कट रहे हैं और ऐसा कौन सा सॉफ्टवेयर बनाया गया है जिसके माध्यम से चुन-चुनकर नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जी इसीलिए इसे आखिरी चुनाव कह रहे हैं, क्योंकि पश्चिम बंगाल में जैसी अनियमितताएँ देखने को मिली हैं, उसके साथ ही आग लगने की एक नई बीमारी शुरू हुई है। उन्होंने शिक्षा मंत्री का उदाहरण देते हुए पूछा कि आखिर आग क्यों लग रही है, और इसकी जवाबदेही कहीं न कहीं सरकार की है। टीएमसी नेता को हाफ कपड़ों में नंगे पैर घूमते हुए देखे जाने के मामले पर बोलते हुए डिंपल यादव ने कहा कि जब से भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई है, संविधान के अनुसार चलने वाली हर चीज़ की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर संविधान का अनादर करने का आरोप लगाया।1
- राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने 15 जून, 2026 को वाराणसी में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर राम मंदिर ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रभु श्री राम के नाम पर करोड़ों हिंदुओं की आस्था के साथ विश्वासघात किया जा रहा है, जिसमें दानपात्र से चोरी और जमीन खरीद में एक बड़ा घोटाला शामिल है। संजय सिंह ने खुलासा किया कि 2 करोड़ 92 लाख 86 हजार रुपये मूल्य की नजूल (सरकारी) जमीन को 24 करोड़ रुपये में खरीदा गया। इसके साथ ही, उन्होंने दानपात्र में से 200 करोड़ रुपये से अधिक की चोरी का भी आरोप लगाया। संजय सिंह ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अयोध्या की गाटा संख्या 247 की 0.645 हेक्टेयर भूमि, जिसे सरकारी दस्तावेजों के अनुसार नजूल भूमि बताया गया है, 22 जुलाई 2024 को भी उप जिलाधिकारी द्वारा सत्यापित दस्तावेजों में नजूल भूमि ही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका क्रय-विक्रय तब तक नहीं किया जा सकता जब तक इसे फ्रीहोल्ड न किया गया हो। सरकारी अभिलेखों में इस भूमि का मूल्य 2 करोड़ 92 लाख 86 हजार रुपये था, परंतु श्री राम जन्मभूमि1
- फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के सलेमपुर दूदेमऊ गांव में एक महिला को सांप ने काट लिया। इस घटना के बाद, जब महिला को डॉक्टर के पास ले जाया गया, तो डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।1
- फर्रुखाबाद जिला प्रशासन ने आगामी मानसून और संभावित बाढ़ आपदा से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इन तैयारियों को परखने के लिए राहत एवं बचाव कार्यों की एक मेगा मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया। प्रशासन ने गंगा और रामगंगा नदी के किनारे बसे गांवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 52 बाढ़ चौकियां और 24 बाढ़ शरणालय स्थापित करने की योजना बनाई है। जिलाधिकारी अंकुर लाठर ने बताया कि जिले में 77 अतिसंवेदनशील और 112 संवेदनशील गांवों की पहचान कर उन पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 15 जून के बाद सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया जाएगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 15 से 25 जून के बीच मानसून के फर्रुखाबाद पहुंचने की संभावना है। फर्रुखाबाद जिले में लगभग 68 किलोमीटर लंबा गंगा तटीय क्षेत्र है, जिसके कारण हर वर्ष 300 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। कई क्षेत्रों में बाढ़ के साथ-साथ कटान की समस्या भी गंभीर रूप ले लेती है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, सदर तहसील के 37, कायमगंज के 113 और अमृतपुर के 172 गांव बाढ़ प्रभावित श्रेणी में आते हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए सदर तहसील में 5, कायमगंज में 6 और अमृतपुर में 13 बाढ़ शरणालय बनाए जाएंगे, वहीं सदर में 4, कायमगंज में 15 और अमृतपुर में 33 बाढ़ चौकियां स्थापित की जाएंगी। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जिले में कुल 191 नावों और उनके नाविकों की तैनाती की जाएगी, जिनमें सदर तहसील की 30, कायमगंज की 54 और अमृतपुर की 107 नावें शामिल हैं। इसके अलावा, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सदर क्षेत्र में 5, कायमगंज में 28 और अमृतपुर में 20 गोताखोरों को भी तैनात किया जाएगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य लक्ष्य बाढ़ के दौरान जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखना है, जिसके लिए सभी विभागों को समय रहते पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन मानसून से पहले ही अलर्ट मोड में आ गया है।1
- फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र में एक पति पर अपनी पत्नी को तलाक का भय दिखाकर देवर से हलाला कराने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने पति सहित उसके दो भाइयों के खिलाफ मुस्लिम महिला विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। शहर के एक मोहल्ले की निवासी महिला का निकाह 3 मई 2015 को मऊदरवाजा के बीबीगंज निवासी एक युवक से हुआ था। उनके चार बच्चे हैं, जिनमें एक पुत्री और तीन पुत्र शामिल हैं। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि शादी के शुरुआती दिनों से ही पति उस पर दबाव बनाता था कि वह उसके भाई के साथ भी पत्नी की तरह रहे। महिला के विरोध करने पर आरोपी पति ने उसे तीन तलाक का डर दिखाया और अपने देवर के साथ हलाला करने के लिए मजबूर किया। पीड़िता के अनुसार, 10 मई को पति और उसके दो देवरों ने मिलकर महिला की पिटाई की और उसे घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद 23 मई को पति ने अपने वकील के माध्यम से महिला को तीन तलाक का नोटिस भी भिजवाया। महिला ने पुलिस को दी तहरीर में यह भी आरोप लगाया है कि उसका पति बच्चों के साथ भी मारपीट और क्रूरता करता है। उसने अपने बच्चों को वापस दिलाने की मांग की है। फतेहगढ़ कोतवाली के प्रभारी तेज सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले की जांच की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।4
- भारतीय राजनीति में बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप तो आम बात है, लेकिन अब मामला हाथापाई तक पहुँच गया है। अभिजीत दीपके को थप्पड़ जड़ने की घटना सामने आई है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद, अभिजीत दीपके के समर्थकों और विरोधियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। यह घटना लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने के तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जैसे कि क्या राजनीतिक मतभेद अब संवाद का रास्ता छोड़कर सीधे टकराव का रूप ले रहे हैं। पोस्ट में जनता से इस मामले पर अपनी राय कमेंट्स में साझा करने का आग्रह किया गया है।1