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बिलासपुर में एक बड़े सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस कार्रवाई में तथाकथित 'सट्टा किंग' किशन चंद बजाज सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी ऑनलाइन जुए के एक बड़े नेटवर्क पर पुलिस के एक महत्वपूर्ण प्रहार का हिस्सा है।
Kumar Poptani National Crime
बिलासपुर में एक बड़े सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस कार्रवाई में तथाकथित 'सट्टा किंग' किशन चंद बजाज सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी ऑनलाइन जुए के एक बड़े नेटवर्क पर पुलिस के एक महत्वपूर्ण प्रहार का हिस्सा है।
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- बिलासपुर में अवैध जुआ-सट्टा और संगठित सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, तोरवा पुलिस ने लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए सट्टा नेटवर्क से जुड़े चार आदतन सटोरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में जिले में अवैध जुआ-सट्टा एवं संगठित सट्टेबाजी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के नेतृत्व में तोरवा पुलिस लगातार छापेमार कार्रवाई कर रही है। यह कार्रवाई हाल ही में सट्टा सरगना किशन चंद समेत चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद विवेचना को आगे बढ़ाते हुए की गई है। गिरफ्तार किए गए चारों सटोरियों की पहचान 53 वर्षीय दीपक रामनानी, 50 वर्षीय अजहर जुननानी, 56 वर्षीय सुधीर बोले और 30 वर्षीय शुभम पांडे के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, ये सभी आरोपी पहले भी जुआ-सट्टा से जुड़े मामलों में संलिप्त रहे हैं और उनके खिलाफ पूर्व में भी प्रकरण दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में संगठित तरीके से अवैध सट्टा संचालन के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर, आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धाराओं 6 एवं 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई। तोरवा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध जुआ-सट्टा और संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा, और ऐसी गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- बिलासपुर में एक बार फिर धर्मांतरण को लेकर विवाद सामने आया है। शहर के आईएमए भवन में आयोजित एक प्रार्थना सभा को लेकर हिंदू संगठनों ने धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। हिंदू संगठनों का कहना है कि इस प्रार्थना सभा की आड़ में लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है, और उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, ईसाई समाज ने हिंदू संगठनों के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईसाई समाज ने स्पष्ट किया है कि उनके द्वारा केवल नियमित प्रार्थना सभा आयोजित की जाती है और किसी भी प्रकार का धर्मांतरण नहीं कराया जाता है। इस घटना के बाद, बिलासपुर में हिंदू और ईसाई समाज आमने-सामने आ गए हैं, जिससे धर्मांतरण का यह मामला गर्मा गया है।1
- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे "अभियान संवेदना" के तहत रायगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक 15 वर्षीय गुम बालिका को सकुशल बरामद करने के साथ ही उससे दुष्कर्म करने वाले अपचारी बालक और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले एक अन्य आरोपी को भी हिरासत में लिया है। पहले मामले में, 14 जून को एक 15 वर्षीय बालिका की माँ ने चौकी रैरूमाखुर्द में अपनी बेटी के 10 जून से लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनकी बेटी को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने का संदेह जताया गया था, जिस पर पुलिस ने तुरंत 165/2026, धारा 137(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया। 18 जून को बालिका अपनी माँ के साथ चौकी में उपस्थित हुई और महिला अधिकारी के समक्ष दिए बयान में बताया कि विधि से संघर्षरत एक बालक ने उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ ले जाकर उसकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए। जांच के दौरान मामले में BNS की धारा 64(2)(m), 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 भी जोड़ी गईं। बालिका का न्यायालयीन बयान कराकर बाल कल्याण समिति, रायगढ़ के माध्यम से उसकी काउंसलिंग भी कराई गई। पुलिस टीम ने आरोपित बालक को उसके निवास से तलाश कर हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोप स्वीकार करने तथा चिकित्सीय परीक्षण में साक्ष्य मिलने पर 1 जुलाई को विधिसम्मत निरुद्ध कर उसे बाल न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। दूसरे मामले में, 2 जुलाई को महिला थाना रायगढ़ को 31 वर्षीय एक पीड़िता से लिखित शिकायत प्राप्त हुई। पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2018 में उसकी पहचान महेंद्र पासवान (31, निवासी जूटमिल सामने गली, थाना जूटमिल) से हुई थी। आरोपी ने स्वयं को अविवाहित बताकर विवाह का भरोसा दिलाया और किराये के मकान में रखकर लंबे समय तक पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध स्थापित किए। हाल ही में पीड़िता को जानकारी हुई कि आरोपी पहले से विवाहित है और उसके तीन बच्चे भी हैं। 30 जून को विवाद होने के बाद आरोपी ने उसे घर से निकाल दिया था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने 64/2026, धारा 69 BNS के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। बयान के साथ चिकित्सीय परीक्षण कर आवश्यक जैविक साक्ष्य सुरक्षित किए गए। आरोपी महेंद्र पासवान की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार किया। वैधानिक कार्रवाइयों के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि "अभियान संवेदना" के माध्यम से बाल सुरक्षा और महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर तत्काल, संवेदनशील और कड़ाई से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस चौकी या महिला थाना में दें, ताकि समय पर बचाव और उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।1
- बिलासपुर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देते हुए 'सट्टा किंग' किशन चंद बजाज सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- बिलासपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में शनिवार को एक व्यापारी ने कथित तौर पर पहले अपनी पत्नी की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी, फिर स्वयं फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस हृदय विदारक घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस के अनुसार, फिलहाल घटना का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है, जिसमें मृतकों के मोबाइल की पड़ताल भी शामिल है। एक टेक्निकल टीम भी घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाकर पूरे मामले की जांच में सक्रिय रूप से लगी हुई है।1
- छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल के नकटी गांव से संबंधित एक बयान को लेकर उन पर जमकर हमला बोला है। सेना ने अग्रवाल के इस बयान को लेकर उनकी कड़ी आलोचना की और उन्हें 'धो डाला'।1
- बिलासपुर में साइबर अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही तारबाहर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, जिसने म्यूल बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का संचालन करने वाले दो फरार आरोपियों अमीर उर्फ अमीरुद्दीन (29) और मोहम्मद अल्मास गाजी (24) को रायपुर से गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस पहले ही चार अन्य आरोपियों दीपेश कुमार गुप्ता, नवनीत मिश्रा, ऋषभ साहू और राजा घरानी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज चुकी है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। यह कार्रवाई 13 मई 2026 को मिली एक सूचना के आधार पर शुरू हुई थी, जिसमें बताया गया था कि स्टेट बैंक, व्यापार विहार, बिलासपुर के पास एक व्यक्ति कमीशन का लालच देकर लोगों को उनके बैंक खाते उपलब्ध कराने के लिए तैयार कर रहा है। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर शुरू हुई इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक सिटी कोतवाली गगन कुमार के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र अनंत के नेतृत्व में विवेचना के दौरान साइबर सेल से प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन विश्लेषण के आधार पर फरार आरोपियों अमीर उर्फ अमीरुद्दीन और मोहम्मद अल्मास गाजी के रायपुर में होने की जानकारी मिली थी। रायपुर में गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कमीशन के बदले म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराकर साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन में सहयोग करते थे। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध से जुड़े ऐसे नेटवर्क के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- बिलासपुर जिले के डड़हा बोदरी स्थित वार्ड क्रमांक 10 की जर्जर सड़क वर्षों से क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बनी हुई है। बिलासपुर हाई कोर्ट और एयरपोर्ट के नजदीक नगर पालिका परिषद बोदरी के अंतर्गत आने वाली यह सड़क बरसात शुरू होते ही कीचड़ और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो जाती है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और मरीजों को रोजाना भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बारिश में सड़क पूरी तरह जलमग्न हो जाती है, जिससे आपात स्थिति में एम्बुलेंस का गांव तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है और मरीजों को चारपाई या अन्य साधनों से मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने कई वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की है, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई। क्षेत्र में केवल कक्षा 5 तक का प्राथमिक विद्यालय होने के कारण कक्षा 6 से आगे की पढ़ाई के लिए बच्चों को प्रतिदिन चकरभाठा जाना पड़ता है, जहाँ खराब सड़क और कीचड़ के कारण उन्हें काफी परेशानी होती है। कई छात्र समय बचाने के लिए रेलवे ट्रैक के किनारे पैदल जाने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इस जन समस्या को लेकर ग्रामीणों ने 2023 विधानसभा चुनाव का बहिष्कार भी किया था, जिसके बाद शासन-प्रशासन ने उन्हें जल्द सड़क बनाने का आश्वासन दिया था। तत्पश्चात, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने सड़क का भूमि पूजन भी किया था, मगर निर्माण कार्य नहीं हो पाया। वार्ड 10 डड़हा के कांग्रेसी पूर्व पार्षद कमलेश नोनिया और ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या को लेकर एसडीएम कार्यालय बिल्हा, नगर पालिका बोदरी, कलेक्टर ऑफिस बिलासपुर और सीएम हाउस रायपुर में भी ज्ञापन सौंपे हैं, लेकिन सड़क का निर्माण नहीं हुआ। कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़ में शुरू हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 पर गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने शासन से मांग की है कि वार्ड क्रमांक 10 की सड़क का प्राथमिकता के आधार पर पक्का निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष करना विकास के दावों पर सवाल खड़ा करता है। लगातार शिकायत आवेदन देने के बाद भी सड़क निर्माण न होने और बरसात का मौसम शुरू होने से हो रही परेशानियों को देखते हुए आक्रोशित ग्रामीण युवाओं और पूर्व पार्षद कमलेश नोनिया ने आज स्वयं के खर्च पर ट्रैक्टर से सामग्री मंगवाकर श्रमदान करते हुए जानलेवा गड्ढों को भरने का काम किया है, ताकि लोगों को थोड़ी राहत मिल सके। ग्रामीणों ने पूर्व पार्षद और युवाओं के इस नेक कार्य की सराहना की है।1