ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे नदी-नहर और तालाब के बीच घिरा नीगा गांव, डूबने की कगार पर बस्ती* *रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक लगातार बारिश, गांव के अंदर तक पहुंचा पानी; ग्रामीणों में दहशत, सुरक्षित स्थान और राहत व्यवस्था की मांग* रीवा। रीवा जिले से लगे गड्डी रोड मार्ग से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत नीगा में लगातार हुई बारिश के बाद जलभराव की स्थिति गंभीर होती जा रही है। ग्राम पंचायत नीगा, जनपद पंचायत रीवा, तहसील हुजूर एवं थाना गोविंदगढ़ क्षेत्र में बुधवार रात करीब 10 बजे शुरू हुई बारिश गुरुवार 20 अगस्त की सुबह करीब 7 बजे तक लगातार जारी रही। बारिश के बाद नदी और नहर का पानी गांव की बस्ती की ओर पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार नीगा गांव की भौगोलिक स्थिति बेहद संवेदनशील है। गांव के सामने नदी, पीछे नहर और बगल में तालाब होने के कारण तेज बारिश के दौरान पानी चारों तरफ से गांव की ओर बढ़ने लगता है। लगातार बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव हो गया है और पानी बस्ती के अंदर तक पहुंच गया है। ग्रामीणों को अब बारिश दोबारा तेज होने और जलस्तर बढ़ने की चिंता सता रही है। *घरों में पानी भरने से बढ़ी परेशानी* ग्रामीणों का कहना है कि रातभर हुई बारिश के बाद सुबह तक हालात और बिगड़ गए। बस्ती के निचले हिस्सों में पानी पहुंचने से लोगों को अपने घरों और परिवार की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी और नहर का जलस्तर और बढ़ा तो स्थिति गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल मौके पर जिम्मेदार अधिकारियों की टीम भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाए। साथ ही नदी, नहर और तालाब के जलस्तर की निगरानी करते हुए जलभराव वाले क्षेत्रों में आवश्यक राहत एवं बचाव की व्यवस्था की जाए। *जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का ग्रामीणों ने लगाया आरोप* जिला पंचायत वार्ड क्रमांक 10 के ग्रामीणों ने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप भी लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और जलभराव जैसी गंभीर स्थिति के बावजूद क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य निर्मला द्विवेदी के पति संजीव द्विवेदी (पिंटू) को लेकर भी नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में फोटो सेशन और प्रचार गतिविधियों पर अधिक ध्यान दिया जाता है, जबकि क्षेत्र के रहवासियों को हो रही परेशानियों और जलभराव जैसी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। *आंगनबाड़ी, स्कूल और पंचायत भवन में आश्रय देने की मांग* ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि बारिश के कारण घरों में पानी भरने की स्थिति बनती है तो प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर आंगनबाड़ी केन्द्र, स्कूल भवन अथवा पंचायत भवन को अस्थायी राहत एवं आश्रय स्थल के रूप में उपयोग किया जाए, ताकि पानी बढ़ने की स्थिति में लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ग्रामीणों ने रीवा प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए गांव की स्थिति का निरीक्षण करने, जल निकासी की व्यवस्था कराने और जरूरत पड़ने पर राहत-बचाव दल तैनात करने की मांग की है। फिलहाल नीगा गांव में बारिश के बाद बने हालात ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है और सभी की नजर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर टिकी हुई है।
ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे नदी-नहर और तालाब के बीच घिरा नीगा गांव, डूबने की कगार पर बस्ती* *रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक लगातार बारिश, गांव के अंदर तक पहुंचा पानी; ग्रामीणों में दहशत, सुरक्षित स्थान और राहत व्यवस्था की मांग* रीवा। रीवा जिले से लगे गड्डी रोड मार्ग से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत नीगा में लगातार हुई बारिश के बाद जलभराव की स्थिति गंभीर होती जा रही है। ग्राम पंचायत नीगा, जनपद पंचायत रीवा, तहसील हुजूर एवं थाना गोविंदगढ़ क्षेत्र में बुधवार रात करीब 10 बजे शुरू हुई बारिश गुरुवार 20 अगस्त की सुबह करीब 7 बजे तक लगातार जारी रही। बारिश के बाद नदी और नहर का पानी गांव की बस्ती की ओर पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार नीगा गांव की भौगोलिक स्थिति बेहद संवेदनशील है। गांव के सामने नदी, पीछे नहर और बगल में तालाब होने के कारण तेज बारिश के दौरान पानी चारों तरफ से गांव की ओर बढ़ने लगता है। लगातार बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव हो गया है और पानी बस्ती के अंदर तक पहुंच गया है। ग्रामीणों को अब बारिश दोबारा तेज होने और जलस्तर बढ़ने की चिंता सता रही है। *घरों में पानी भरने से बढ़ी परेशानी* ग्रामीणों का कहना है कि रातभर हुई बारिश के बाद सुबह तक हालात और बिगड़ गए। बस्ती के निचले हिस्सों में पानी पहुंचने से लोगों को अपने घरों और परिवार की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी और नहर का जलस्तर और बढ़ा तो स्थिति गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल मौके पर जिम्मेदार अधिकारियों की टीम भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाए। साथ ही नदी, नहर और तालाब के जलस्तर की निगरानी करते हुए जलभराव वाले क्षेत्रों में आवश्यक राहत एवं बचाव की व्यवस्था की जाए। *जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का ग्रामीणों ने लगाया आरोप* जिला पंचायत वार्ड क्रमांक 10 के ग्रामीणों ने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप भी लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और जलभराव जैसी गंभीर स्थिति के बावजूद क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य निर्मला द्विवेदी के पति संजीव द्विवेदी (पिंटू) को लेकर भी नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में फोटो सेशन और प्रचार गतिविधियों पर अधिक ध्यान दिया जाता है, जबकि क्षेत्र के रहवासियों को हो रही परेशानियों और जलभराव जैसी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। *आंगनबाड़ी, स्कूल और पंचायत भवन में आश्रय देने की मांग* ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि बारिश के कारण घरों में पानी भरने की स्थिति बनती है तो प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर आंगनबाड़ी केन्द्र, स्कूल भवन अथवा पंचायत भवन को अस्थायी राहत एवं आश्रय स्थल के रूप में उपयोग किया जाए, ताकि पानी बढ़ने की स्थिति में लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ग्रामीणों ने रीवा प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए गांव की स्थिति का निरीक्षण करने, जल निकासी की व्यवस्था कराने और जरूरत पड़ने पर राहत-बचाव दल तैनात करने की मांग की है। फिलहाल नीगा गांव में बारिश के बाद बने हालात ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है और सभी की नजर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर टिकी हुई है।
- रीवा। शहर के ट्रांसपोर्ट नगर के पास स्थित वार्ड क्रमांक 2 शिवकंठ नगर में रामदरश शुक्ला सहित अन्य लोगों के घरों में घुसा पानी, नगर निगम कंट्रोल रूम से नहीं मिल पा रही कोई सहायता *रीवा। शहर के ट्रांसपोर्ट नगर के पास स्थित वार्ड क्रमांक 2 शिवकंठ नगर में रामदरश शुक्ला सहित अन्य लोगों के घरों में घुसा पानी, नगर निगम कंट्रोल रूम से नहीं मिल पा रही कोई सहायता....*1
- *रामपुर बाघेलन: केमार में भरे पानी से हड़कंप, सरपंच-पटवारी-चौकी पुलिस ने संभाला मोर्चा* *राइजिंग सतना✍️ रामदत्त दाहिया* रामपुर बाघेलन तहसील के ग्राम केमार में बारिश से घरों में पानी भर गया। सूचना पर सरपंच, पटवारी और बेला चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। जेसीबी से घरों की निकासी कराई गई। आपातकाल में सहयोग के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन और पुलिस की सराहना की। *रामपुर बाघेलन: केमार में भरे पानी से हड़कंप, सरपंच-पटवारी-चौकी पुलिस ने संभाला मोर्चा* *राइजिंग सतना✍️ रामदत्त दाहिया* रामपुर बाघेलन तहसील के ग्राम केमार में बारिश से घरों में पानी भर गया। सूचना पर सरपंच, पटवारी और बेला चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। जेसीबी से घरों की निकासी कराई गई। आपातकाल में सहयोग के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन और पुलिस की सराहना की।4
- करहिया में CSP रितु उपाध्याय ने पेश की मानवता की मिसाल, बाढ़ के बीच 80 वर्षीय बुजुर्ग का किया सुरक्षित रेस्क्यू रीवा के करहिया क्षेत्र में बाढ़ के बीच पुलिस ने मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। बाढ़ के पानी में फंसे करीब 80 वर्षीय बुजुर्ग को पुलिस टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाला। इस दौरान CSP रितु उपाध्याय ने बुजुर्ग को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके सामान को भी व्यवस्थित तरीके से बाहर निकलवाया। पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता का यह दृश्य सामने आने के बाद लोग पुलिस टीम की जमकर सराहना कर रहे हैं। करहिया में CSP रितु उपाध्याय ने पेश की मानवता की मिसाल, बाढ़ के बीच 80 वर्षीय बुजुर्ग का किया सुरक्षित रेस्क्यू रीवा के करहिया क्षेत्र में बाढ़ के बीच पुलिस ने मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। बाढ़ के पानी में फंसे करीब 80 वर्षीय बुजुर्ग को पुलिस टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाला। इस दौरान CSP रितु उपाध्याय ने बुजुर्ग को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके सामान को भी व्यवस्थित तरीके से बाहर निकलवाया। पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता का यह दृश्य सामने आने के बाद लोग पुलिस टीम की जमकर सराहना कर रहे हैं।3
- 17 अगस्त उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के जन्मदिन में उमरा जन सैलाब1
- लोकेशन रीवा। रीवा में नदियों का जलस्तर बढ़ा, बाढ़ का खतरा, कलेक्टर-SP ने संभाला मोर्चा, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा। रीवा में लगातार हो रही बारिश के बाद नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। शहर और ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरण सिंह लगातार बाढ़ प्रभावित और संभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर हालात का जायजा ले रहे हैं। जिन इलाकों में घरों में पानी पहुंच गया है, वहां लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें मौके पर तैनात हैं। लोगों को हर संभव मदद का भरोसा दिया गया है। साथ ही आपदा की स्थिति में तत्काल मदद के लिए टोल-फ्री नंबर भी जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी-नालों, डूबे पुलों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें और किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं।1
- BREAKING NEWS | बिझिया नदी से बड़ी खबर *पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन नदी के उस पार कैसे पहुंचे? पुल ही नहीं है!* बिझिया नदी में 16 वर्षीय बालक के बह जाने की घटना के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंच चुकी है, लेकिन नदी के उस पार पहुंचना भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। वजह साफ है—यहां आज तक पुल ही नहीं है। वहीं घटना को करीब एक घंटा होने को है, लेकिन NDRF की टीम अब तक मौके पर नहीं पहुंच पाई है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि इतनी गंभीर घटना में रेस्क्यू टीम को पहुंचने में इतनी देरी क्यों? एक तरफ परिवार अपने बच्चे की सलामती की आस लगाए बैठा है, तो दूसरी तरफ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बिझिया नदी आज एक मां की गोद सूनी करने की कगार पर है। यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि वर्षों से पुल की मांग कर रहे ग्रामीणों की मजबूरी की तस्वीर भी है। ❓ सबसे बड़ा सवाल—आखिर कब बनेगा बिझिया नदी पर पुल? कब खत्म होगी ग्रामीणों की यह मजबूरी? और आपात स्थिति में रेस्क्यू टीम को समय पर मौके तक पहुंचाने की व्यवस्था कब सुधरेगी? ⚠️ रेस्क्यू अभियान के लिए टीम का इंतजार जारी है। बालक की तलाश की जा रही है।1
- बड़ी खबर रीवा के नीम चौराहा नगर में बाढ़ जैसे हालात! जीवन अस्त व्यस्त *रीवा के नीम चौराहा नगर में बाढ़ जैसे हालात!* घरों में पानी घुसा तो लोग छतों पर कैद हो गए, सड़क पर वाहन कम और पानी की सवारी ज्यादा नजर आ रही है। शहर को स्मार्ट बनाने की बातें बहुत हुईं, अब नेहरू नगर में लोग छत से ही स्मार्ट सिटी का नजारा देख रहे हैं! प्रशासन से बस इतना सवाल बारिश हर साल आती है, फिर जलभराव का समाधान हर साल क्यों नहीं आता?1
- सतना हाटी जैतवारा मार्ग कल से बंद... हटिया नदी पुल के ऊपर से वह रहा भारी पानी.... सतना हाटी जैतवारा मार्ग कल से बंद... हटिया नदी पुल के ऊपर से वह रहा भारी पानी....1
- "सतना: बारिश से हाहाकार! रामपुर बाघेलान में घरों में भरा पानी,घंटों से राहत का इंतजार, अधिकारी नदारद यह मामला ग्राम झूंसी का है,, "प्रशासन को फोन करने के बावजूद भी अपने कुंभकरणी नींद से नहीं जगा,, सतना जिले में हो रही लगातार बारिश के चलते रामपुर बाघेलान क्षेत्र के निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। ग्राम पंचायत बांधा के ग्राम झुसी और रामपुर नगर पंचायत की सीमा में दर्जनों घरों में पानी भर गया है,स्थानीय लोगों के अनुसार पानी भरने के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। कीचड़ और गंदे पानी के कारण बीमारी फैलने की आशंका भी बढ़ गई है,ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या की सूचना नगर पंचायत के अधिकारी-कर्मचारियों और जनपद पंचायत अधिकारी को दी जा चुकी है,लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी मौके पर कोई नहीं पहुंचा लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल जेसीबी भेज करपानी की निकासी कराई जाए और प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए। फोटो में साफ दिख रहा है,कि नाली/नाले का पानी ओवरफ्लो होकर खेतों और रास्तों में भर गया है। "रामपुर बाघेलान के ग्राम पंचायत बांधा ग्राम झूसी का नजारा,,(1)जिला सतना रामपुर बाघेलान में बाढ़ जैसे हालात! घरों में घुसा पानी, रास्ते बंद। शिकायत के बाद भी घंटे बीत गए, अधिकारी नहीं पहुंचे। कब मिलेगी राहत (2)जनता त्रस्त, सिस्टम मस्त! सतना के झुसी-बांधा में जलभराव लोग परेशान पर नगर पंचायत-जनपद का कोई अता-पता नहीं(3)बारिश नहीं, लापरवाही डुबो रही है सतना को। रामपुर बाघेलान में पानी-पानी, जिम्मेदार गायब आप चाहें तो मैं इस पर क्या रामपुर बाघेलान में कोई बड़ा हादसा होने के बाद ही अधिकारी जागेंगे।।4