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Bhavnathpur ke road to karo
User7269
Bhavnathpur ke road to karo
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- जब कोई भक्त दुःख में पुकारता है, तो ईश्वर स्वयं अनाथों के नाथ बन जाते हैं। यह संदेश भक्तों को कठिन समय में उम्मीद और विश्वास दिलाता है।1
- नालंदा में एक शख्स को बेहद दयनीय हालत में देखकर, एक स्थानीय नागरिक ने उसकी मदद के लिए अपील की है। उन्होंने लोगों से QR कोड के ज़रिए आर्थिक मदद भेजने का अनुरोध किया है। आपका छोटा सा दान इस व्यक्ति के खाने और दवा के काम आ सकता है।1
- बिहारशरीफ के नाला रोड पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एक महत्वपूर्ण बैठक की। इसमें यूजीसी बिल 2026 लागू करने, समान शिक्षा प्रणाली, कॉलेजियम प्रणाली खत्म करने, जजों की परीक्षा से बहाली और बैलेट पेपर से चुनाव कराने जैसी कई बड़ी मांगें उठाई गईं। अगली बैठक 17 मई को होगी, जहाँ इन मुद्दों पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।1
- दरभंगा जिले का बाबा कुशेश्वरनाथ मंदिर बिहार के सबसे प्रसिद्ध शिवधामों में से एक है। इसे मिथिलांचल का 'बाबाधाम' और 'मिथिला की काशी' कहा जाता है, जहाँ भगवान शिव की 'बाबा कुशेश्वरनाथ' के रूप में पूजा होती है।1
- नालंदा के तकिया पर गाँव में ग्राम पंचायत ने नाली का निर्माण अधूरा छोड़ दिया है। इस कारण पानी का सही निकास नहीं हो पा रहा और ग्रामीणों को जलजमाव की समस्या से जूझना पड़ रहा है।1
- नवादा के कहुआरा गाँव में सड़क पर अतिक्रमण, ईंट, बालू और जानवरों के जमावड़े ने ग्रामीणों का आवागमन बाधित कर दिया है। टूटी नालियों से परेशानी और बढ़ गई है, जिससे लोगों को रोजमर्रा की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द अतिक्रमण हटाने और सड़क व्यवस्था सुधारने की मांग की है।1
- नालंदा के एक श्रद्धालु ने सोशल मीडिया पर बाबा के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त की है। इस प्रेरणादायक संदेश में भक्त ने बाबा के आशीर्वाद से मिलने वाली सुरक्षा और आत्मविश्वास का बखान किया। यह पोस्ट स्थानीय समुदाय में भक्ति और सकारात्मकता को बढ़ावा दे रहा है।1
- नालंदा में एक व्यक्ति बेहद गंभीर हालत में हैं और उन्हें तुरंत खाने-दवा की ज़रूरत है। एक सोशल मीडिया यूजर ने उनकी मदद के लिए अपील की है, QR कोड स्कैन कर आप दान कर सकते हैं। आपका छोटा सा सहयोग उनकी जान बचा सकता है।1
- दरभंगा का बाबा कुशेश्वर नाथ मंदिर बिहार के प्रसिद्ध शिवधामों में से एक है, जिसे 'मिथिला की काशी' कहा जाता है। मान्यता है कि रामपुत्र कुश ने यहां शिवलिंग स्थापित किया था और यह एक महत्वपूर्ण पक्षी अभयारण्य भी है। सावन व महाशिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालु मनोकामना पूर्ति के लिए यहां दर्शन को आते हैं।1