बिहार में कैसे मिलेगा बिजली का कनेक्शन? 3 दिन में नहीं लगा मीटर तो अधिकारी भरेंगे 1000 रु रोजाना जुर्माना, जानिए Bihar Electricity New Connection Rules: बिहार की नीतीश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। सरकार ने तीन दिन के अंदर शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को बिजली का कनेक्शन का नियम बनाया है। अगर तीन दिन के अंदर कनेक्शन नहीं मिलता है तो... पटना: बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए नीतीश सरकार ने बड़ी राहत का एलान किया है। अब नए बिजली कनेक्शन के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने का दौर खत्म होने वाला है। बिहार सरकार ने राज्य में बिजली आपूर्ति के नियम में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के अनुसार, अगर तय समय सीमा के भीतर उपभोक्ता को नया कनेक्शन नहीं मिलता है, तो संबंधित अधिकारी को अपनी जेब से 1000 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना भरना होगा। शहरी के साथ अलग-अलग क्षेत्रों के लिए नए कनेक्शन की डेडलाइन तय बिहार सरकार ने बिजली सेवाओं में पारदर्शिता लाने के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दी है। जितनी देरी होगी, अधिकारी को उतना ही भारी जुर्माना देना होगा। सरकार ने कनेक्शन के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के आधार पर समय-सीमा निर्धारित की है। अगर आप बिहार के किसी शहर में रहते हैं तो आवेदन के 3 दिन के अंदर की आपको नया बिजली कनेक्शन मिलना अनिवार्य है।
बिहार में कैसे मिलेगा बिजली का कनेक्शन? 3 दिन में नहीं लगा मीटर तो अधिकारी भरेंगे 1000 रु रोजाना जुर्माना, जानिए Bihar Electricity New Connection Rules: बिहार की नीतीश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। सरकार ने तीन दिन के अंदर शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को बिजली का कनेक्शन का नियम बनाया है। अगर तीन दिन के अंदर कनेक्शन नहीं मिलता है तो... पटना: बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए नीतीश सरकार ने बड़ी राहत का एलान किया है। अब नए बिजली कनेक्शन के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने का दौर खत्म होने वाला है। बिहार सरकार ने राज्य में बिजली आपूर्ति के नियम में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के अनुसार, अगर तय समय सीमा के भीतर उपभोक्ता को नया कनेक्शन नहीं मिलता है, तो संबंधित अधिकारी को अपनी जेब से 1000 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना भरना होगा। शहरी के साथ अलग-अलग क्षेत्रों के लिए नए कनेक्शन की डेडलाइन तय बिहार सरकार ने बिजली सेवाओं में पारदर्शिता लाने के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दी है। जितनी देरी होगी, अधिकारी को उतना ही भारी जुर्माना देना होगा। सरकार ने कनेक्शन के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के आधार पर समय-सीमा निर्धारित की है। अगर आप बिहार के किसी शहर में रहते हैं तो आवेदन के 3 दिन के अंदर की आपको नया बिजली कनेक्शन मिलना अनिवार्य है।
- Bikash MajhiDibrugarh East, Assam💣4 hrs ago
- Mani Prakash Sharmaदादरी, चरखी दादरी, हरियाणा🤝5 hrs ago
- पटना: बिहार की राजनीति एक बार फिर बयानबाज़ी को लेकर गरमा गई है। राजद नेता तेज प्रताप यादव के एक विवादित बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने बोरिंग रोड इलाके को लेकर ऐसा दावा किया, जिस पर सियासी घमासान शुरू हो गया है। तेज प्रताप यादव ने कहा कि “पटना के बोरिंग रोड में महिलाएं सिगरेट और शराब पीती हैं और पुरुष उन्हें देखते रहते हैं।” उनके इस बयान को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान समाज में गलत संदेश देते हैं और महिलाओं की छवि को ठेस पहुंचाते हैं। इसी दौरान तेज प्रताप ने बिहार में शराबबंदी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में हर जगह शराब आसानी से उपलब्ध है और महिलाएं-पुरुष दोनों इसका सेवन कर रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार पर भी टिप्पणी करते हुए उन्हें “शून्य” बताया। इस टिप्पणी को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। तेज प्रताप यादव के इन बयानों के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। जदयू और भाजपा नेताओं ने इसे गैर-जिम्मेदाराना और आपत्तिजनक बताते हुए माफी की मांग की है, जबकि राजद की ओर से इस पर अब तक कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर बिहार की सियासत में बयानबाज़ी के स्तर और मर्यादा को लेकर बहस छेड़ दी है।1
- पुराने खराब मोबाइलों के जरिए निजी डेटा में सेंध! विदेश से जुड़े कबाड़ियों के तार, बिहार STF ने किया पर्दाफाश उत्तर प्रदेश के रायबरेली में दर्ज एक मामले को लेकर बिहार के कटिहार में गिरफ्तार किए गए एक कबाड़ी ने पुलिस के सामने ऐसा खुलासा किया है जो हैरत में डालने वाला है। बिहार सहित देश के कई राज्यों में पुराने मोबाइल फोन खरीदकर उनका डेटा चुराकर विदेशों को बेचा जा रहा था। पटना: पुराने या बेकाम हुए मोबाइल फोन को खराब मानते हुए आम तौर पर या तो फेंक दिया जाता है, या फिर उसे कबाड़ियों को बेच दिया जाता है। लेकिन ऐसा करके बहुत बड़ा जोखिम लिया जाता है। मोबाइल फोन भले ही खराब हो जाए, लेकिन उसमें स्टोर डेटा तो सुरक्षित रहता है। पुराने मोबाइल फोन के इस डेटा से आपकी निजता में सेंध लगाई जा रही है। इसका खुलासा बिहार पुलिस की एसटीएफ ने किया है। यह सुनकर आपको हैरत होगी, लेकिन सच यह है कि इस डेटा को बेचने और खरीदने का काला कारोबार विदेशों तक फैला है। कबाड़ की आड़ में यह कैसा काला धंधा? बिहार एसटीएफ ने तीन दिन पहले एक अप्रैल को उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ कटिहार में छापे की कार्रवाई की थी। पुलिस ने कटिहार के हथिया दियरा में रहने वाले इस्तार आलम को उसके कबाड़ की दुकान से पकड़ा था। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के लालगंज थाने में एक केस दर्ज है, जिसमें वह वांछित था। पुलिस के मुताबिक वह बिहार और कई अन्य राज्यों में पुराने मोबाइल फोन खरीदता था। इसके लिए वह एक पूरा रैकेट चला रहा था। मौबाइल से कैसे निकालते हैं डेटा? आरोपी इस्तार आलम की गिरफ्तारी के बाद इस काले धंधे का पर्दाफाश हुआ। एसटीएफ को पता चला है कि बिहार के कबाड़ का व्यवसाय करने वाले कुछ लोग विदेशी डेटा सेंटरों को पुराने मोबाइल फोन का मदर बोर्ड बेचते हैं। फोन भले ही पुराना और खराब होता है लेकिन उसके डेटा को रिकवर किया जा सकता है। इस तरह पुराने फोन के मदर बोर्ड से डेटा चोरी किया जा रहा था। पता चला है कि कबाड़ियों के जरिए लाखों मोबाइल फोनों का डेटा कई देशों में पहुंच चुका है।1
- पटना/दनियावां - प्रखंड के शाहजहांपुर थाना क्षेत्र में शाहजहांपुर में स्थित पाटलिपुत्रा सीमेंट वर्क्स के सैकड़ों मजदूरों ने अपने वेतन वृद्धि के मांग को ले बुधवार की सुबह छह बजे से दस बजे तक सीमेंट फैक्ट्री के गेट पर बैठक कर हड़ताल कर दी जिससे सीमेंट फैक्ट्री में किसी भी बड़े मालवाहक वाहन नहीं जा सके. जिससे फैक्ट्री के अंदर जाने वाली सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई. मजदूरों की हड़ताल की सूचना मिलते ही शाहजहांपुर थाना अध्यक्ष मुन्ना दास व दनियावां थानाध्यक्ष अनिल प्रसाद दलबल के साथ फैक्ट्री गेट पर पहुंच कर मजदूरों को समझाने का प्रयास किया पर मजदूर अपनी मांग पर अड़े रहे और सीमेंट फैक्ट्री में काम को ठप करा दिया। मजदूरों द्वारा अपने प्रति दिन की मजदूरी 436 रुपए से बढ़ाकर केंद्र सरकार द्वारा दी गई नए रेट 783रुपए की मांग की जा रही थी. मजदूरों का कहना है कि हमलोग का वेतन ठेकेदारों के द्वारा और पेटी कॉन्ट्रैक्टर द्वारा दी जाती है।इसलिए हमलोग का वेतन की कटौती कर शोषण हो रहा है.436 रुपए प्रतिदिन दी जाती है उसी में से पीएफ का पैसा भी काटा जाता है। ईएसआई कार्ड और आई कार्ड भी कंपनी द्वारा नहीं दी गई है सिर्फ गेट पास दिया गया है.साथ ही नाश्ता और भोजन भी इधर बंद कर दिया गया है.सभी मजदूर अपनी वेतन को एचआर के द्वारा खाता में भेजने की मांग कर रहे थे।हड़ताल के करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री के एचआर हेड श्यामेंद्र दधीचि अपने कई साथियों के साथ मौके पर पहुंच कर मजदूरों को समझाया और अपनी समस्या को लिखकर देने की बात की।उसके बाद सभी मजदूर इक्कठे होकर अपनी मांगों की सूची अपना हस्ताक्षर कर दिया.उसके बाद प्लांट में बड़े गाड़ियों का प्रवेश कराया गया.करीब चार घंटे तक सीमेंट फैक्ट्री के गेट को मजदूर घेरे रहे. मजदूर अपनी मांगों का लिखित मांग पत्र एचआर हेड को दिया जिसको के एचआर हेड द्वारा तीन माह का समय दिया गया तब जाकर मजदूर हड़ताल से हटे और अपने अपने घर और काम पर चले गए.3
- पटना (फतुहा) – फतुहा नदी थाना क्षेत्र में पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 7 अप्रैल 2026 की शाम करीब 5:50 बजे गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि सबलपुर सिक्स लेन पुल के ऊपर से एक व्यक्ति गांजा लेकर पैदल गुजर रहा है। सूचना मिलते ही वरीय अधिकारियों के निर्देश पर थाना अध्यक्ष के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई और इलाके में चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध युवक पीठ पर काले रंग का बैग लेकर आता दिखाई दिया। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा, लेकिन टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। गिरफ्तार युवक की पहचान बुधन कुमार (उम्र 19 वर्ष), पिता धनंजय राय, निवासी काला दियारा, थाना सालिमपुर, जिला पटना के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके बैग से करीब 2.188 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने मादक पदार्थ को जब्त कर लिया है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में नदी थाना में कांड संख्या 131/26 दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।2
- नौबतपुर प्रखंड के 8पंचायत के पैक्स अध्यक्ष और कार्यकारिणी के लिए होने वाले चुनाव के लिए चार पंचायत के पैक्स अध्यक्ष के लिए अध्यक्ष ने कार्यकारणी के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बिच अपना नामांकन किया1
- राजधानी पटना के ओम साईं डिस्ट्रीब्यूटर ने बताया गैस की समस्याओं को लेकर घबराने की जरूरत नही , स्थिति अब अनुकूल है ...!!!1
- स्कॉर्पियो बीच सड़क पर पलट गई,गाड़ी में पुलिस को मिला खजाना,घायल माफिया पुलिस को चकमा देकर निकल गए। #ApnaCityTakNews #VairlNews1
- दनियावां (पटना): पटना जिले के दनियावां प्रखंड अंतर्गत शाहजहांपुर थाना क्षेत्र में स्थित UltraTech Cement फैक्ट्री में मजदूरों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल मजदूरों ने बताया कि वे लंबे समय से कम मजदूरी पर काम कर रहे हैं, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। मजदूरों का कहना है कि कई बार प्रबंधन से वेतन वृद्धि की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। इसी से नाराज होकर मजदूर एकजुट हुए और फैक्ट्री परिसर के बाहर प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। वहीं, इस पूरे मामले में फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से कोई भी अधिकारी सामने नहीं आया। मीडिया द्वारा संपर्क करने पर भी अधिकारियों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। प्रबंधन की इस चुप्पी से मजदूरों में नाराजगी और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।2