विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, एटा जिले की जलेसर तहसील में स्थित रामसर साइट पटना पक्षी विहार में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी, एसएसपी, सीडीओ और विभिन्न जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में पटना पक्षी विहार पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इस डॉक्यूमेंट्री में पक्षी विहार की समृद्ध जैव विविधता, अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य, दुर्लभ तथा विदेशी प्रवासी पक्षियों के संरक्षण प्रयासों और पर्यटन की असीमित संभावनाओं को जीवंत रूप से चित्रित किया गया, जिसकी उपस्थित सभी लोगों ने भूरि-भूरि सराहना की। हर वर्ष हजारों किलोमीटर का सफर तय कर आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए यह स्थल अब एक सुरक्षित आश्रय बन चुका है। यह पक्षी विहार आज जनपद एटा की गौरवपूर्ण विरासत और पर्यावरण संरक्षण के उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में स्थापित हो गया है, जिसने एटा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, एटा जिले की जलेसर तहसील में स्थित रामसर साइट पटना पक्षी विहार में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी, एसएसपी, सीडीओ और विभिन्न जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में पटना पक्षी विहार पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इस डॉक्यूमेंट्री में पक्षी विहार की समृद्ध जैव विविधता, अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य, दुर्लभ तथा विदेशी प्रवासी पक्षियों के संरक्षण प्रयासों और पर्यटन की असीमित संभावनाओं को जीवंत रूप से चित्रित किया गया, जिसकी उपस्थित सभी लोगों ने भूरि-भूरि सराहना की। हर वर्ष हजारों किलोमीटर का सफर तय कर आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए यह स्थल अब एक सुरक्षित आश्रय बन चुका है। यह पक्षी विहार आज जनपद एटा की गौरवपूर्ण विरासत और पर्यावरण संरक्षण के उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में स्थापित हो गया है, जिसने एटा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।
- एक 'नकली वास्तविकता सिमुलेशन सिद्धांत' का जिक्र किया गया है, जिसके बारे में संभवतः आपने पहले कभी नहीं सुना होगा।1
- उत्तर प्रदेश के कसगंज जिले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एक कार्यकर्ता के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद बवाल मच गया है। इस घटना को लेकर एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन द्वारा आंदोलन किया जाएगा।1
- नदरई हजारा नहर में एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है, जहाँ दो सगे भाई पानी में डूब गए। इस दर्दनाक घटना के कारण उनके परिवार में गहरा कोहराम मच गया है, और पूरे परिवार में मातम पसरा है।1
- एक व्यक्ति ने साझा किया है कि उनकी माँ को इस बात का गहरा डर सताता रहता था कि यह सरकार उन्हें जेल में डाल देगी। यह डर केवल उनकी माँ का ही नहीं है, बल्कि इस देश में हर उस माँ को यह खौफ होता है जब उनका बच्चा इस सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाने की हिम्मत करता है। इस पूरी स्थिति को बेहद 'शर्मनाक' करार दिया गया है, और यह सवाल पुरजोर तरीके से उठाया गया है कि आखिर कब तक लोग इस सरकार के डर में जीते रहेंगे। ऐसी भय और दमन की व्यवस्था को लगातार 'शर्म' कहकर खारिज किया गया है।1
- बदायूं के फैजगंज बेहटा में एक मैदा टैंक की सफाई करने उतरे तीन भाइयों में से दो की दुखद मौत हो गई। इस हादसे में तीसरा भाई गंभीर रूप से घायल है।1
- एटा में उत्तर मध्य रेलवे के बरहन-एटा रेलखंड पर गेट संख्या 22-सी के पास निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) स्थल पर मजदूरों की जान जोखिम में डालकर खुलेआम सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। यह स्थिति निर्माण एजेंसियों, ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाती है। कार्यस्थल पर मजदूरों को बिना हेलमेट, सेफ्टी जूते, दस्ताने और अन्य व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (PPE) के जोखिम भरे कार्यों में लगाया जा रहा है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गहरी खुदाई, भारी मशीनरी, लोहे की सरिया और मिट्टी के ऊंचे ढेर जैसी खतरनाक परिस्थितियों के बावजूद श्रमिकों की न्यूनतम सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित नहीं की गई है। यह न केवल लापरवाही है बल्कि श्रमिकों के जीवन के प्रति गंभीर उपेक्षा का उदाहरण है, जिससे सुरक्षा कानूनों की खुली अवहेलना हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में संबंधित ठेकेदार, साइट इंजीनियर, सुपरवाइजर और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और दंडात्मक कार्रवाई भी संभव है। श्रमिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की तत्काल जांच की जाए, सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों तथा निर्माण एजेंसी के खिलाफ कठोर कार्यवाही हो। उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि जब तक सभी श्रमिकों को निर्धारित सुरक्षा उपकरण नहीं मिलते, तब तक कार्य रोक दिया जाए। जनता का आरोप है कि जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन, श्रम विभाग और जिला प्रशासन इस गंभीर मामले पर कब और क्या कार्यवाही करते हैं, या फिर केवल किसी दुर्घटना के बाद जांच का सिलसिला शुरू होगा।1
- जलेसर नगर के फिरोजाबाद बस स्टैंड के पास स्थित आराम सिंह यादव के आवास पर एक भव्य देवी जागरण का आयोजन किया गया। यह धार्मिक आयोजन क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि की कामना के उद्देश्य से किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। इस जागरण में आगरा के नितिन जागरण एंड पार्टी के कलाकारों ने अपने भजनों और मनमोहक झांकियों से ऐसा समां बांधा कि सभी मंत्रमुग्ध हो गए। विशेष रूप से, "बर्फी को मांगे पीस, लांगुरिया रूठो-रूठो डोले" भजन पर महिलाओं और युवाओं ने जमकर नृत्य किया। मधु यादव के भजनों ने भी उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इसके अतिरिक्त, प्रीति शर्मा के लांगुरिया भजन पर भी श्रद्धालु झूम उठे और पूरी रात माता रानी के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा, यह जागरण देर रात तक चला। इस पावन अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जिन्होंने इस धार्मिक आयोजन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- पेपर लीक मामले और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर काकरोच जनता पार्टी ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में शुरुआत में दोपहर तक भीड़ कम रही, लेकिन धीरे-धीरे भारी संख्या में प्रदर्शनकारी जुट गए। स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है।1