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लोकायुक्त की छापामार कार्यवाही 47 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा पटवारी लोकायुक्त की छापामार कार्यवाही 47 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया पटवारी केन बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापित आदिवासी से मांगे थे 80 हजार
Sandeep shukla
लोकायुक्त की छापामार कार्यवाही 47 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा पटवारी लोकायुक्त की छापामार कार्यवाही 47 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया पटवारी केन बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापित आदिवासी से मांगे थे 80 हजार
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- युटुब मनीष पटेल की स्टोरी जो वायरल हो रही है दुनिया सबसे अधिक फॉलोअर है बढ़ते जा रहे हैं1
- ग्राम पंचायत का भ्रष्टाचार छुपाने के लिए सरपंच के देवर ने पत्रकारों के साथ की अभद्रता एवं मोबाइल छीन नें का किया प्रयास एवं कवरेज करने से रोका मामला पन्ना जिले की जनपद पंचायत पवई अंतर्गत ग्राम पंचायत गूढ़ा गांव का है यह ग्राम पंचायत काफी समय से सुर्खियों में है और कुछ दिन पहले ग्राम वासियों ने विकास कार्यों में हो रहे भ्रष्टाचार की पन्ना कलेक्टर के पास शिकायत दर्ज कराई थी जिसकी जांच चल रही है और अभी सीसी सड़क रोड निर्माण कार्य चल रहा है जो की भारी ही अनियमितताओं के साथ किया जा रहा है कोई भी बेस नहीं बनाया ना पॉलिथीन बिछाई कीचड़ में सीसी डाल दी एस्टीमेट के हिसाब से मसाला भी नहीं बनाया गया धड़ल्ले से हो रहे घटिया निर्माण कार्य कि कवरेज करने गए दो पत्रकारों को जमुना प्रसाद राय उर्फ बबलू जो सरपंच का देवर है जो वर्तमान में सहायक समिति प्रबंधक के पद पर दूसरे गांव में नियुक्त है उस ने कवरेज करने से रोका एवं अभद्रता की मोबाइल छीन का प्रयास किया इस ग्राम पंचायत में सरपंच श्रीमती सोना बाई राय हैं पति सचिव जगदीश प्रसाद राय जो की दूसरी ग्राम पंचायत में पदस्थ है हालांकि गुंडागर्दी दिखाने वाले जमुना प्रसाद राय उर्फ बबलू की सिमरिया पुलिस थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है मुख्य कार्यपालन अधिकारी पवई ने फोन पर बात के माध्यम से उचित कार्रवाई करने की बात कही है अब देखना यह होगा कि ऐसी ग्राम पंचायत के कर्मचारियों के ऊपर शासन प्रशासन क्या कार्यवाही करता है1
- नगर कांग्रेस कमेटी अमानगंज का हल्ला बोल, कमेटी अध्यक्ष वसीम खान ने पूछे प्रशासन से तीखे सवाल। अगर सागर बंडा जैसा हादसा होता है तो जिम्मेदार होगा कौन ? नगर कांग्रेस कमेटी अमानगंज का हल्ला बोल, कमेटी अध्यक्ष वसीम खान ने पूछे प्रशासन से तीखे सवाल। अगर सागर बंडा जैसा हादसा होता है तो जिम्मेदार होगा कौन ?1
- रिपोर्ट भागीरथ विश्वकर्मा जिला पन्ना मध्यप्रदेश। हेडलाइन– 47 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पटवारी गिरफ्तार। -केन-बेतवा मुआवजा दिलाने के एवज मैं मांगी रिश्वत। -लोकायुक्त की कार्यवाही 80 हजार मांगी थी रिश्वत पन्ना के हॉस्पिटल चौक से गिरफ्तार। एंकर – पन्ना जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना के मुआवजा प्रकरण में बड़ा भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। लोकायुक्त सागर की टीम ने पटवारी संतोष चिकवा को 47 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी ने आदिवासी किसान दयाराम आदिवासी से बढ़ी हुई मुआवजा राशि दिलाने और जरूरी दस्तावेज बनवाने के एवज में कुल 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। इससे पहले वह 30 हजार रुपये ले चुका था और बाकी 47 हजार रुपये लेते समय हॉस्पिटल चौक, पन्ना में लोकायुक्त ने उसे दबोच लिया। आरोपी की बाइक की डिग्गी से रिश्वत की रकम भी बरामद हुई है। फिलहाल कोतवाली पन्ना में कार्रवाई जारी है। 1 केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों को पहले 1 लाख 35 हजार रुपये का मुआवजा मिला था। फरियादी दयाराम आदिवासी ने बढ़ी हुई 63 हजार रुपये की मुआवजा राशि दिलाने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि पटवारी संतोष चिकवा ने यह राशि मंजूर कराने के बदले 80 हजार रुपये की मांग की। इतना ही नहीं, परिवार में हुई मौतों के मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार कराने के नाम पर भी रिश्वत मांगी गई। फरियादी ने पहले 30 हजार रुपये दे दिए थे, लेकिन बाकी रकम देने से पहले लोकायुक्त सागर से शिकायत कर दी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया और पन्ना के हॉस्पिटल चौक पर पटवारी को 47 हजार रुपये लेते ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम आरोपी की बाइक की डिग्गी से बरामद की गई। लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद केन-बेतवा लिंक परियोजना में मुआवजा वितरण में भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कोतवाली पन्ना में आगे की कानूनी कार्रवाई की गई है।1
- केन-बेतवा लिंक परियोजना: 47 हजार की रिश्वत लेते पूर्व पटवारी संतोष चिकवा रंगे हाथों गिरफ्तार केन-बेतवा लिंक परियोजना: 47 हजार की रिश्वत लेते पूर्व पटवारी संतोष चिकवा रंगे हाथों गिरफ्तार पन्ना: लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हल्का नंबर 20 के पूर्व सदर पटवारी संतोष चिकवा को 47 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत विस्थापित हुए दयाराम आदिवासी (निवासी: खजुरी कुड़ार) से आरोपी पटवारी ने मुआवजे और जमीन से जुड़े कार्य के बदले 47 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित दयाराम आदिवासी की शिकायत पर लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप रचा और पटवारी को रिश्वत की राशि स्वीकार करते ही धर दबोचा। लोकायुक्त पुलिस आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। विस्थापित आदिवासियों के हक पर डाका डालने वाले अधिकारी पर हुई इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।1
- सतना में रेलवे सुरक्षा पर उठे सवाल: प्लेटफॉर्म पर आरपीएफ नहीं, छुट्टा मवेशी कर रहे 'निगरानी' *सतना में रेलवे सुरक्षा पर उठे सवाल: प्लेटफॉर्म पर आरपीएफ नहीं, छुट्टा मवेशी कर रहे 'निगरानी'* सतना। सतना रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 से सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। रोजाना हजारों यात्रियों की चहल-पहल वाले इस मुख्य प्लेटफॉर्म पर एक आवारा सांड (बेल) बेखौफ घूमता नजर आया। *यात्रियों की जान जोखिम में* जिस प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की सुरक्षा का जिम्मा RPF (रेलवे सुरक्षा बल) और GRP का होता है, वहां खुलेआम घूमते छुट्टा मवेशी से बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। सोचिए, अगर किसी ट्रेन के आते समय यह सांड भड़क जाए या यात्रियों पर हमला कर दे, तो प्लेटफॉर्म पर भगदड़ मचने में देर नहीं लगेगी। *प्रशासनिक लापरवाही उजागर* प्लेटफॉर्म पर मवेशी का इस तरह बेधड़क घूमना स्टेशन प्रबंधन और सुरक्षा बलों की भारी लापरवाही को दर्शाता है। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन परिसर में मवेशियों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए कोई कड़े इंतजाम नहीं किए गए हैं, जिससे हर वक्त दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। #SatnaNews #SatnaRailwayStation #RailwaySafety #RPF #IndianRailways #UnchehraNews #MadhyaPradeshNews #RailwayAlert #SatnaPlatformNews1
- पन्ना जिले के थाना सिमरिया अंतर्गत ग्राम खेरी और ग्राम मोहाई में पहले भी महुआ की कच्ची जहरीली शराब की भट्टी समेत जप्त कर कार्यवाही हुई थी जिसमें बड़ी मात्रा में महुआ लहान को पकड़ा गया था कुछ महत्वपूर्ण में भी जंगलों में रखे ड्रम महुआ को उड़िया डालकर चढ़ाया जा रहा था जिससे गांव वंश ने ड्रम को गिर कर और खाने लगी महुआ तो कुछ गाय बीमार पड़ गई थी जिसमें कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई जिससे अवैध कारोबार चलता रहा1
- प्रशासन शासन द्वारा पहले से ही कार्यवाही की गई होती तो लोगों को सड़कों पर नहीं आना पड़ता, सागर। बंडा शराब कांड के मुख्य आरोपी चंद्रभान राजपूत के घर पर चला प्रशासन का बुलडोजर प्रशासन शासन द्वारा पहले से ही कार्यवाही की गई होती तो लोगों को सड़कों पर नहीं आना पड़ता, सागर। बंडा शराब कांड के मुख्य आरोपी चंद्रभान राजपूत के घर पर चला प्रशासन का बुलडोजर1
- रिपोर्ट भागीरथ विश्वकर्मा जिला पन्ना मध्यप्रदेश। हेडलाइन — चाचा की डांट से घर छोड़कर जंगल पहुंचा 10 वर्षीय बालक, डायल 112 ने रात में खोजकर सुरक्षित घर पहुंचाया। एंकर — पन्ना में डायल 112 की तत्परता ने एक 10 वर्षीय बालक को संभावित अनहोनी से बचा लिया। चाचा की डांट से नाराज होकर घर से निकला बालक रात के समय मोहगढ़ी के जंगल में भटकता मिला। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बालक को सकुशल उसके परिजनों तक पहुंचाया। मामला रात करीब 9 बजे का है। पहाड़कोठी निवासी मोहम्मद आशिफ अपनी पंचर की दुकान चलाते हैं। इसी दौरान उन्हें मोहगढ़ी जंगल में एक अज्ञात बच्चा भटकता हुआ दिखाई दिया। आशिफ ने बच्चे को अपने पास बैठाकर उससे जानकारी ली तो उसने अपना नाम सक्षम सिंगरौल और पन्ना निवासी होना बताया। बच्चे ने बताया कि चाचा की डांट से नाराज होकर वह घर से निकल आया था। जंगल में अकेले भटक रहे बच्चे की स्थिति को देखते हुए मोहम्मद आशिफ ने बिना देर किए डायल 112 के माध्यम से पन्ना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पन्ना कोतवाली स्टाफ से राहुल सिंह और पायलट हीरा यादव तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने बच्चे को समझाया-बुझाया और पूरी जानकारी ली। इस दौरान मोहम्मद आशिफ पिता मोहम्मद छोटे ने बताया कि वह भी पन्ना का रहने वाला है और बच्चे को उसके परिजनों तक पहुंचाने में मदद करेगा। इसके बाद पुलिस स्टाफ ने सजगता दिखाते हुए बच्चे को सुरक्षित उसके घर पहुंचाया। रात के अंधेरे में जंगल में भटक रहे मासूम को समय रहते सुरक्षित घर पहुंचाने से एक संभावित दुर्घटना टल गई। पुलिस की इस तत्परता की बच्चे के परिजनों ने सराहना करते हुए डायल 112 और पन्ना पुलिस का आभार व्यक्त किया। एक कॉल, तत्काल कार्रवाई और एक मासूम की सुरक्षित घर वापसी—डायल 112 की सतर्कता ने साबित किया कि समय पर मदद किसी बड़ी अनहोनी को टाल सकती है।1