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हाथरस के सासनी कोतवाली क्षेत्र के लोहर्रा गांव के 32 वर्षीय सुभाष का शव 25 दिन बाद कब्रिस्तान से बाहर निकाला गया और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया गया। सुभाष 5 मई को सासनी में अपनी बहन के घर से मजदूरी के लिए निकले थे और तभी से लापता हो गए थे। इगलास रोड पर एक अज्ञात शव मिलने के बाद पुलिस ने जल्दबाजी में उसकी पहचान गढ़ऊआ निवासी हाशमी के रूप में गलत तरीके से कर दी। इस गलत शिनाख्त के चलते, शव को मुस्लिम रीति-रिवाजों से दफना दिया गया था। बाद में, सुभाष की बहन खुशबू और पिता नौरंगीलाल ने कुछ तस्वीरों के आधार पर शव की पहचान अपने बेटे सुभाष के रूप में की। डीएनए रिपोर्ट आने में हो रही देरी को देखते हुए, प्रशासन ने ग्रामीणों द्वारा दिए गए शपथ पत्रों के आधार पर एक विशेष अनुमति जारी की। इसके बाद, जिलाधिकारी के आदेश पर गढ़ऊआ के कब्रिस्तान से शव को बाहर निकाला गया। शव को ट्रैक्टर में रखकर सुभाष के पैतृक गांव लाया गया, जहां परिजनों के भारी कोहराम के बीच उनके पिता और बड़े भाई ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं। हालांकि, सुभाष की मौत का वास्तविक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है।

2 hrs ago
user_Journalists Sasni
Journalists Sasni
पत्रकार सासनी, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

हाथरस के सासनी कोतवाली क्षेत्र के लोहर्रा गांव के 32 वर्षीय सुभाष का शव 25 दिन बाद कब्रिस्तान से बाहर निकाला गया और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया गया। सुभाष 5 मई को सासनी में अपनी बहन के घर से मजदूरी के लिए निकले थे और तभी से

लापता हो गए थे। इगलास रोड पर एक अज्ञात शव मिलने के बाद पुलिस ने जल्दबाजी में उसकी पहचान गढ़ऊआ निवासी हाशमी के रूप में गलत तरीके से कर दी। इस गलत शिनाख्त के चलते, शव को मुस्लिम रीति-रिवाजों से दफना दिया गया था। बाद में, सुभाष की बहन खुशबू और पिता नौरंगीलाल

ने कुछ तस्वीरों के आधार पर शव की पहचान अपने बेटे सुभाष के रूप में की। डीएनए रिपोर्ट आने में हो रही देरी को देखते हुए, प्रशासन ने ग्रामीणों द्वारा दिए गए शपथ पत्रों के आधार पर एक विशेष अनुमति जारी की। इसके बाद, जिलाधिकारी के आदेश पर गढ़ऊआ के कब्रिस्तान

से शव को बाहर निकाला गया। शव को ट्रैक्टर में रखकर सुभाष के पैतृक गांव लाया गया, जहां परिजनों के भारी कोहराम के बीच उनके पिता और बड़े भाई ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं। हालांकि, सुभाष की मौत का वास्तविक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है।

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  • हाथरस से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ घर से लापता हुई तीन युवतियों को पुलिस ने महज छह घंटों के भीतर दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस द्वारा बरामद की गई तीनों युवतियों में दो मुस्लिम और एक हिन्दू युवती शामिल हैं। पुलिस ने इन युवतियों को दिल्ली के द्वारका नजफगढ़ स्थित एक होटल से बरामद किया। इस कार्रवाई के दौरान, पाँच युवकों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। हाथरस पुलिस की कई टीमें इन हिरासत में लिए गए पाँचों युवकों से सघन पूछताछ करने में जुटी हैं। थाना सदर कोतवाली क्षेत्र से लापता हुई इन युवतियों को सकुशल बरामद करने वाली पुलिस टीमों की सराहना करते हुए, एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने उन्हें पच्चीस हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया है।
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    हाथरस से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ घर से लापता हुई तीन युवतियों को पुलिस ने महज छह घंटों के भीतर दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस द्वारा बरामद की गई तीनों युवतियों में दो मुस्लिम और एक हिन्दू युवती शामिल हैं।

पुलिस ने इन युवतियों को दिल्ली के द्वारका नजफगढ़ स्थित एक होटल से बरामद किया। इस कार्रवाई के दौरान, पाँच युवकों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। हाथरस पुलिस की कई टीमें इन हिरासत में लिए गए पाँचों युवकों से सघन पूछताछ करने में जुटी हैं।

थाना सदर कोतवाली क्षेत्र से लापता हुई इन युवतियों को सकुशल बरामद करने वाली पुलिस टीमों की सराहना करते हुए, एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने उन्हें पच्चीस हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया है।
    user_Journalists Sasni
    Journalists Sasni
    पत्रकार सासनी, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    44 min ago
  • सासनी क्षेत्र के गांव चक्की नगला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के दौरान भागवत आचार्य लाडली राधिका शरण जी महाराज ने प्रभु श्री राम और श्री कृष्ण के प्राकट्य की पावन कथा का विस्तार से वर्णन किया, जिसे सुनकर भक्त भाव-विभोर हो उठे। कथा व्यास लाडली राधिका शरण जी ने सर्वप्रथम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म का भार बढ़ा है, तब-तब प्रभु ने अवतार लेकर धर्म की स्थापना की है। इसके बाद उन्होंने श्री कृष्ण जन्म की लीला का सुंदर वर्णन किया। जैसे ही पंडाल में 'नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की' के जयकारे गूंजे, श्रद्धालु खुशी से झूम उठे। कथा स्थल पर पुष्प वर्षा की गई और बधाई गीतों के साथ प्रभु का जन्मोत्सव मनाया गया। आचार्य जी ने प्रवचन देते हुए कहा कि भागवत कथा केवल सुनने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जीवन को धर्म के मार्ग पर चलाने की प्रेरणा है। उन्होंने यह भी बताया कि श्री राम और श्री कृष्ण का चरित्र हमें नैतिकता, प्रेम और त्याग का संदेश देता है, और जो व्यक्ति अपने जीवन में भागवत को उतार लेता है, उसका लोक और परलोक दोनों संवर जाते हैं। इस दौरान परीक्षित वीरपाल शर्मा सहित राजकुमार शर्मा, मुरारी लाल शर्मा, राजेंद्र प्रसाद शर्मा, राधेश्याम शर्मा, सुभाष शर्मा, वीरेंद्र पाठक, विष्णु पाठक, रामकुमार पाठक, पुनीत उपाध्याय निरंजन शर्मा, मुराली लाल शर्मा राजेंद्र शर्मा,महेंद्र शर्मा, रवि वशिष्ठ विवेक उपाध्याय, पुनीत उपाध्याय, हितेश शर्मा, शिशपाल उपाध्याय, रविशंकर उपाध्याय के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं दूर-दराज से आए श्रद्धालु भक्ति भाव में लीन नजर आए। कथा पंडाल में उपस्थित सभी भक्तों ने प्रभु श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर प्रसाद ग्रहण किया और कथा का पुण्य लाभ अर्जित किया। आयोजन समिति के सदस्यों ने सभी आगंतुक भक्तों का आभार व्यक्त करते हुए धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में कथा का श्रवण करने की अपील की।
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    सासनी क्षेत्र के गांव चक्की नगला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के दौरान भागवत आचार्य लाडली राधिका शरण जी महाराज ने प्रभु श्री राम और श्री कृष्ण के प्राकट्य की पावन कथा का विस्तार से वर्णन किया, जिसे सुनकर भक्त भाव-विभोर हो उठे।

कथा व्यास लाडली राधिका शरण जी ने सर्वप्रथम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म का भार बढ़ा है, तब-तब प्रभु ने अवतार लेकर धर्म की स्थापना की है। इसके बाद उन्होंने श्री कृष्ण जन्म की लीला का सुंदर वर्णन किया। जैसे ही पंडाल में 'नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की' के जयकारे गूंजे, श्रद्धालु खुशी से झूम उठे। कथा स्थल पर पुष्प वर्षा की गई और बधाई गीतों के साथ प्रभु का जन्मोत्सव मनाया गया।

आचार्य जी ने प्रवचन देते हुए कहा कि भागवत कथा केवल सुनने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जीवन को धर्म के मार्ग पर चलाने की प्रेरणा है। उन्होंने यह भी बताया कि श्री राम और श्री कृष्ण का चरित्र हमें नैतिकता, प्रेम और त्याग का संदेश देता है, और जो व्यक्ति अपने जीवन में भागवत को उतार लेता है, उसका लोक और परलोक दोनों संवर जाते हैं। इस दौरान परीक्षित वीरपाल शर्मा सहित राजकुमार शर्मा, मुरारी लाल शर्मा, राजेंद्र प्रसाद शर्मा, राधेश्याम शर्मा, सुभाष शर्मा, वीरेंद्र पाठक, विष्णु पाठक, रामकुमार पाठक, पुनीत उपाध्याय निरंजन शर्मा, मुराली लाल शर्मा राजेंद्र शर्मा,महेंद्र शर्मा, रवि वशिष्ठ विवेक उपाध्याय, पुनीत उपाध्याय, हितेश शर्मा, शिशपाल उपाध्याय, रविशंकर उपाध्याय के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं दूर-दराज से आए श्रद्धालु भक्ति भाव में लीन नजर आए। कथा पंडाल में उपस्थित सभी भक्तों ने प्रभु श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर प्रसाद ग्रहण किया और कथा का पुण्य लाभ अर्जित किया। आयोजन समिति के सदस्यों ने सभी आगंतुक भक्तों का आभार व्यक्त करते हुए धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में कथा का श्रवण करने की अपील की।
    user_Manoj kumar varshney
    Manoj kumar varshney
    सासनी, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • अलीगढ़ जिले के गोंडा क्षेत्र के ढांटौली गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब जल विभाग के अधिकारियों और पुलिस प्रशासन ने नीरज चौधरी को उनके ही निजी निवास पर नजरबंद कर दिया। आज सुबह 6:00 बजे से ही नीरज चौधरी के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है और उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह पूरा मामला ढांटौली नदी की सफाई के लिए निकाले गए एक सरकारी निविदा (टेंडर) से जुड़ा है। नीरज चौधरी के मुताबिक, जल विभाग ने 25 मई 2026 को यह टेंडर जारी किया था, जिसकी अंतिम तिथि 30 मई 2026 तय की गई थी। हालांकि, आरोप है कि अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा कोई टेंडर नहीं खोला गया। जब नीरज चौधरी ने इस संबंध में जल विभाग के आला अधिकारियों से बात कर नदी सफाई कार्य में हो रही देरी का कारण पूछा, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अधिकारियों के इस 'अड़ियल रवैये' से नाराज होकर नीरज चौधरी ने आज विभाग को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपने का ऐलान किया था। लेकिन, इससे पहले कि वह घर से निकल पाते, आज सुबह 06:00 बजे पुलिस प्रशासन ने उन्हें उनके ही घर में नजरबंद कर दिया। नीरज चौधरी ने अपनी नजरबंदी पर बयान देते हुए इसे 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया। उन्होंने कहा कि जल विभाग की लापरवाही के कारण ढांटौली नदी की सफाई 'अधर में लटकी है' और जब उन्होंने जवाब मांगा तथा 'शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन देने की बात कही', तो प्रशासन ने 'आवाज दबाने के लिए' उन्हें सुबह से ही घर में कैद कर दिया।
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    अलीगढ़ जिले के गोंडा क्षेत्र के ढांटौली गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब जल विभाग के अधिकारियों और पुलिस प्रशासन ने नीरज चौधरी को उनके ही निजी निवास पर नजरबंद कर दिया। आज सुबह 6:00 बजे से ही नीरज चौधरी के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है और उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

यह पूरा मामला ढांटौली नदी की सफाई के लिए निकाले गए एक सरकारी निविदा (टेंडर) से जुड़ा है। नीरज चौधरी के मुताबिक, जल विभाग ने 25 मई 2026 को यह टेंडर जारी किया था, जिसकी अंतिम तिथि 30 मई 2026 तय की गई थी। हालांकि, आरोप है कि अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा कोई टेंडर नहीं खोला गया। जब नीरज चौधरी ने इस संबंध में जल विभाग के आला अधिकारियों से बात कर नदी सफाई कार्य में हो रही देरी का कारण पूछा, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

अधिकारियों के इस 'अड़ियल रवैये' से नाराज होकर नीरज चौधरी ने आज विभाग को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपने का ऐलान किया था। लेकिन, इससे पहले कि वह घर से निकल पाते, आज सुबह 06:00 बजे पुलिस प्रशासन ने उन्हें उनके ही घर में नजरबंद कर दिया।

नीरज चौधरी ने अपनी नजरबंदी पर बयान देते हुए इसे 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया। उन्होंने कहा कि जल विभाग की लापरवाही के कारण ढांटौली नदी की सफाई 'अधर में लटकी है' और जब उन्होंने जवाब मांगा तथा 'शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन देने की बात कही', तो प्रशासन ने 'आवाज दबाने के लिए' उन्हें सुबह से ही घर में कैद कर दिया।
    user_MD News ( Aligarh)
    MD News ( Aligarh)
    इगलास, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश•
    56 min ago
  • रविवार को छुट्टी के दिन, अलीगढ़ से 20 हजार से ज़्यादा श्रद्धालु पूर्णिमा स्नान के लिए राजघाट पहुँचे। बड़ी संख्या में आई यह भीड़ अलीगढ़ से लेकर राजघाट तक फैली हुई थी।
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    रविवार को छुट्टी के दिन, अलीगढ़ से 20 हजार से ज़्यादा श्रद्धालु पूर्णिमा स्नान के लिए राजघाट पहुँचे। बड़ी संख्या में आई यह भीड़ अलीगढ़ से लेकर राजघाट तक फैली हुई थी।
    user_Abhishek Singh
    Abhishek Singh
    Artist इगलास, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • हाथरस के थाना हाथरस जंक्शन क्षेत्र में एक 16 वर्षीय किशोर का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मिरजापुर निवासी बंटी, जो जानकी प्रसाद के पुत्र थे, शुक्रवार शाम जलेसर में जिम करने गए थे। देर शाम मौसम खराब होने और बारिश शुरू होने के बाद वे घर लौट रहे थे, लेकिन रात तक घर नहीं पहुंचे। परिजनों द्वारा तलाश शुरू करने पर उनका शव गांव भोपतपुर के पास मिला। मृतक के ताऊ अतर सिंह ने बंटी की हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बारिश के दौरान बंटी महानवई स्थित एक मदरसे में रुका था, जहाँ उसकी हत्या करके शव को फेंका गया। परिजनों का यह भी कहना है कि जब वे जानकारी लेने पहुंचे, तो उनके साथ अभद्रता और मारपीट की गई। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फिलहाल प्रथम दृष्टया इसे सड़क हादसा मानकर मामले की जांच कर रही है। हालांकि, परिजन घटना की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
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    हाथरस के थाना हाथरस जंक्शन क्षेत्र में एक 16 वर्षीय किशोर का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मिरजापुर निवासी बंटी, जो जानकी प्रसाद के पुत्र थे, शुक्रवार शाम जलेसर में जिम करने गए थे। देर शाम मौसम खराब होने और बारिश शुरू होने के बाद वे घर लौट रहे थे, लेकिन रात तक घर नहीं पहुंचे। परिजनों द्वारा तलाश शुरू करने पर उनका शव गांव भोपतपुर के पास मिला।

मृतक के ताऊ अतर सिंह ने बंटी की हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बारिश के दौरान बंटी महानवई स्थित एक मदरसे में रुका था, जहाँ उसकी हत्या करके शव को फेंका गया। परिजनों का यह भी कहना है कि जब वे जानकारी लेने पहुंचे, तो उनके साथ अभद्रता और मारपीट की गई।

इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फिलहाल प्रथम दृष्टया इसे सड़क हादसा मानकर मामले की जांच कर रही है। हालांकि, परिजन घटना की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
    user_Cp 24 news
    Cp 24 news
    Local News Reporter हाथरस, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • जनपद अलीगढ़ की इगलास तहसील स्थित महर्षि विश्वामित्र की तपोस्थली बेसवा में तेज आंधी के साथ जमकर ओले बरसे। इस प्राकृतिक आपदा के कारण धरनीधर सरोवर पर चल रहे धरनीधर कुंभ के मेले में दुकानदारों की दुकानों को भारी क्षति पहुँची, जिससे दुकानदारों के चेहरे पर उदासी छा गई। इसी दौरान, चौरासी परिक्रमणार्थियों को भी इस आंधी और ओलावृष्टि का सामना करना पड़ा। हालांकि, श्रद्धालुओं की आस्था ईश्वरीय प्रकोप पर भारी पड़ी और चौरासी कोस की परिक्रमा नहीं रुकी। वहीं, इस घटना ने नगर पंचायत की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी, क्योंकि थोड़ी सी बारिश में ही बाजार में जगह-जगह नालियाँ चोक होने से जलभराव हो गया। जब श्रद्धालुओं से इस स्थिति के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने दुखी मन से नगर अध्यक्ष की कमियों को उजागर किया।
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    जनपद अलीगढ़ की इगलास तहसील स्थित महर्षि विश्वामित्र की तपोस्थली बेसवा में तेज आंधी के साथ जमकर ओले बरसे। इस प्राकृतिक आपदा के कारण धरनीधर सरोवर पर चल रहे धरनीधर कुंभ के मेले में दुकानदारों की दुकानों को भारी क्षति पहुँची, जिससे दुकानदारों के चेहरे पर उदासी छा गई।

इसी दौरान, चौरासी परिक्रमणार्थियों को भी इस आंधी और ओलावृष्टि का सामना करना पड़ा। हालांकि, श्रद्धालुओं की आस्था ईश्वरीय प्रकोप पर भारी पड़ी और चौरासी कोस की परिक्रमा नहीं रुकी। वहीं, इस घटना ने नगर पंचायत की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी, क्योंकि थोड़ी सी बारिश में ही बाजार में जगह-जगह नालियाँ चोक होने से जलभराव हो गया।

जब श्रद्धालुओं से इस स्थिति के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने दुखी मन से नगर अध्यक्ष की कमियों को उजागर किया।
    user_राकेश चौधरी
    राकेश चौधरी
    इगलास, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • हाथरस जिले के बेरगांव में एक दारोगा ने देवी अहिल्याबाई होल्कर के बोर्ड को लात मारकर गिरा दिया। यह घटना एसआई पुरा चौकी, थाना हाथरस जंक्शन के अंतर्गत हुई है।
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    हाथरस जिले के बेरगांव में एक दारोगा ने देवी अहिल्याबाई होल्कर के बोर्ड को लात मारकर गिरा दिया। यह घटना एसआई पुरा चौकी, थाना हाथरस जंक्शन के अंतर्गत हुई है।
    user_Local media
    Local media
    हाथरस, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सासनी में विद्यापीठ इंटर कॉलेज के सामने बम्बा के उस पार से रामनगर तक मंडी समिति द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य पर स्थानीय निवासियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं और मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। निवासियों के अनुसार, आबादी क्षेत्र में सीमेंटेड (CC) सड़क के दोनों ओर काफी खाली जगह मुख्य सड़क से नीचे छोड़ दी गई है। इसी खामी के कारण वाहन चालक सामने से आते वाहनों को रास्ता देते समय या बचाने के प्रयास में असंतुलित होकर नीचे गिर जाते हैं, जिससे लोग घायल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सड़क पर मौजूद बड़े-बड़े गड्ढों को सिर्फ नाम मात्र के पत्थरों और गिट्टी से भरा जा रहा है, जिससे वे ठीक से भर नहीं पा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, सड़क की सतह पर कई जगहों पर मिट्टी जमी हुई है, और उसे साफ किए बिना ही निर्माण कार्य जारी है, जिससे सड़क की गुणवत्ता और उसकी वास्तविक माप पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। पहले यह सड़क निर्माण विद्यापीठ इंटर कॉलेज के सामने बम्बे के पुल से शुरू होता था, लेकिन अब इसे अचानक पुल के उस पार से शुरू कर दिया गया है, जिस कारण पुल के पास के पुराने गड्ढे वैसे ही छूटे हुए हैं और राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। वहीं, मंडी समिति के उपनिदेशक निर्माण, आजाद सोनकर ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण का यह कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप ही कराया जा रहा है। सोनकर ने मिट्टी के ऊपर डामर डाले जाने के ग्रामीणों के आरोप को भी गलत बताया और कहा कि डामरीकरण से पहले सड़क के गड्ढों को पत्थरों से अच्छी तरह भरा जा रहा है ताकि सड़क की सतह मजबूत और टिकाऊ बन सके। उन्होंने कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही से साफ इनकार किया।
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    सासनी में विद्यापीठ इंटर कॉलेज के सामने बम्बा के उस पार से रामनगर तक मंडी समिति द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य पर स्थानीय निवासियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं और मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। निवासियों के अनुसार, आबादी क्षेत्र में सीमेंटेड (CC) सड़क के दोनों ओर काफी खाली जगह मुख्य सड़क से नीचे छोड़ दी गई है। इसी खामी के कारण वाहन चालक सामने से आते वाहनों को रास्ता देते समय या बचाने के प्रयास में असंतुलित होकर नीचे गिर जाते हैं, जिससे लोग घायल हो रहे हैं।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सड़क पर मौजूद बड़े-बड़े गड्ढों को सिर्फ नाम मात्र के पत्थरों और गिट्टी से भरा जा रहा है, जिससे वे ठीक से भर नहीं पा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, सड़क की सतह पर कई जगहों पर मिट्टी जमी हुई है, और उसे साफ किए बिना ही निर्माण कार्य जारी है, जिससे सड़क की गुणवत्ता और उसकी वास्तविक माप पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। पहले यह सड़क निर्माण विद्यापीठ इंटर कॉलेज के सामने बम्बे के पुल से शुरू होता था, लेकिन अब इसे अचानक पुल के उस पार से शुरू कर दिया गया है, जिस कारण पुल के पास के पुराने गड्ढे वैसे ही छूटे हुए हैं और राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।

वहीं, मंडी समिति के उपनिदेशक निर्माण, आजाद सोनकर ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण का यह कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप ही कराया जा रहा है। सोनकर ने मिट्टी के ऊपर डामर डाले जाने के ग्रामीणों के आरोप को भी गलत बताया और कहा कि डामरीकरण से पहले सड़क के गड्ढों को पत्थरों से अच्छी तरह भरा जा रहा है ताकि सड़क की सतह मजबूत और टिकाऊ बन सके। उन्होंने कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही से साफ इनकार किया।
    user_Journalists Sasni
    Journalists Sasni
    पत्रकार सासनी, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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