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देशभर में हर साल केवल पाँच परीक्षाओं की तैयारी के लिए बच्चों और उनके माता-पिता से ₹3.5 लाख करोड़ की वसूली की जा रही है। यह स्थिति सरकार द्वारा अपनी ज़िम्मेदारी न निभाने का सीधा परिणाम है, जिसने न तो सस्ती और अच्छी सरकारी शिक्षा उपलब्ध कराई, बल्कि पूरी पीढ़ी के भविष्य को निजीकरण के हाथों नीलाम कर दिया है।

3 hrs ago
user_JOURNALIST MOHD JUNAID
JOURNALIST MOHD JUNAID
Media company सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

देशभर में हर साल केवल पाँच परीक्षाओं की तैयारी के लिए बच्चों और उनके माता-पिता से ₹3.5 लाख करोड़ की वसूली की जा रही है। यह स्थिति सरकार द्वारा अपनी ज़िम्मेदारी न निभाने का सीधा परिणाम है, जिसने न तो सस्ती और अच्छी सरकारी शिक्षा उपलब्ध कराई, बल्कि पूरी पीढ़ी के भविष्य को निजीकरण के हाथों नीलाम कर दिया है।

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  • लखनऊ में आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों के विरोध में एक अनोखा प्रदर्शन किया। आप कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और केसरबाग से हजरतगंज चौराहे की ओर चंदा मांगते हुए मार्च निकाला। इस मार्च के दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोक दिया, जिसके बाद सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
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    लखनऊ में आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों के विरोध में एक अनोखा प्रदर्शन किया। आप कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और केसरबाग से हजरतगंज चौराहे की ओर चंदा मांगते हुए मार्च निकाला। इस मार्च के दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोक दिया, जिसके बाद सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
    user_MUSTAQEEM MALIK
    MUSTAQEEM MALIK
    सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • उत्तर प्रदेश के बिल्हौर तहसील क्षेत्र के शिवराजपुर में खनन माफियाओं ने आम जनमानस का जीवन दूभर कर दिया है। ये खनन और मिट्टी का काम करने वाले लोग सड़कों तथा गांव की गलियों के बीच ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से धूल उड़ाकर प्रदूषण को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, ये खनन माफिया किसी भी मानक का पालन नहीं कर रहे हैं और सरकारी रजबहे में मानक से अधिक मिट्टी उठा रहे हैं। सिंचाई विभाग और स्थानीय प्रशासन की कथित मिलीभगत के चलते खनन के इन नियमों का अनुपालन नहीं हो पा रहा है। चंद रुपयों के लालच में जिम्मेदार लोग भी इन खनन करने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते। विशेष रूप से शिवराजपुर थाना क्षेत्र के सखरेज गांव में मानकों की धज्जियां उड़ाकर अवैध खनन जारी है।
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    उत्तर प्रदेश के बिल्हौर तहसील क्षेत्र के शिवराजपुर में खनन माफियाओं ने आम जनमानस का जीवन दूभर कर दिया है। ये खनन और मिट्टी का काम करने वाले लोग सड़कों तथा गांव की गलियों के बीच ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से धूल उड़ाकर प्रदूषण को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, ये खनन माफिया किसी भी मानक का पालन नहीं कर रहे हैं और सरकारी रजबहे में मानक से अधिक मिट्टी उठा रहे हैं। सिंचाई विभाग और स्थानीय प्रशासन की कथित मिलीभगत के चलते खनन के इन नियमों का अनुपालन नहीं हो पा रहा है। चंद रुपयों के लालच में जिम्मेदार लोग भी इन खनन करने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते। विशेष रूप से शिवराजपुर थाना क्षेत्र के सखरेज गांव में मानकों की धज्जियां उड़ाकर अवैध खनन जारी है।
    user_Love Kush Press
    Love Kush Press
    मोहनलालगंज, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश में 'पाप धोने की मशीन' लगने का सवाल उठाते हुए, पैसे से मजबूत विजेंद्र हुड्डा की कारगुज़ारियों पर तीखी टिप्पणी की गई है। जानकारी के अनुसार, विजेंद्र हुड्डा ने 2015 के आसपास एक मीडिया हाउस शुरू किया था, जो कुछ ही समय में अलग-थलग पड़ गया। इसके बाद 2018 में उन्होंने ओला/उबर की तर्ज़ पर 'बाइक बोट टैक्सी सर्विस' लॉन्च की, जिसमें 7 हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा का बड़ा घोटाला सामने आया। इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने हुड्डा के खिलाफ 100 से अधिक मुकदमे दर्ज किए और उन पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया, जिसके बाद वह पुलिस से बचकर विदेश भाग गए। हालांकि, विदेश से लौटने के बाद, जैसा कि बताया गया है, उन्होंने 'इतनी तगड़ी सेटिंग' की कि 'माई लॉर्ड' ने उन्हें बाहर ही बाहर 'अभयदान' दे दिया। 2024 में विजेंद्र हुड्डा ने नेता बनने का फैसला किया और लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। चुनाव हारने के कुछ ही दिनों बाद, उन्होंने एक यूनिवर्सिटी खरीद ली और सीधे उसके चांसलर बन गए। पिछले साल, उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) ने इस यूनिवर्सिटी में छापेमारी कर पैसे लेकर डिग्रियां बांटने के एक बड़े घोटाले का भंडाफोड़ किया, जिसके चलते हुड्डा साहब को जेल जाना पड़ा। वे कुछ महीने पहले ही जेल से बाहर आए हैं। अब, हाल ही में विजेंद्र हुड्डा ने उत्तर प्रदेश में फिर से अपना टीवी चैनल 'Nation-27' लॉन्च किया है। इस लॉन्च कार्यक्रम में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के कई नेता मौजूद थे, और दूसरे राज्य के 'गवर्नर साहब' तक इसमें शामिल होने पहुंचे। इन सारी घटनाओं को देखते हुए, यह सवाल उठाया गया है कि क्या उत्तर प्रदेश में इतने सारे 'पाप' यूं ही धुल जाते हैं?
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    उत्तर प्रदेश में 'पाप धोने की मशीन' लगने का सवाल उठाते हुए, पैसे से मजबूत विजेंद्र हुड्डा की कारगुज़ारियों पर तीखी टिप्पणी की गई है। जानकारी के अनुसार, विजेंद्र हुड्डा ने 2015 के आसपास एक मीडिया हाउस शुरू किया था, जो कुछ ही समय में अलग-थलग पड़ गया। इसके बाद 2018 में उन्होंने ओला/उबर की तर्ज़ पर 'बाइक बोट टैक्सी सर्विस' लॉन्च की, जिसमें 7 हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा का बड़ा घोटाला सामने आया। इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने हुड्डा के खिलाफ 100 से अधिक मुकदमे दर्ज किए और उन पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया, जिसके बाद वह पुलिस से बचकर विदेश भाग गए। हालांकि, विदेश से लौटने के बाद, जैसा कि बताया गया है, उन्होंने 'इतनी तगड़ी सेटिंग' की कि 'माई लॉर्ड' ने उन्हें बाहर ही बाहर 'अभयदान' दे दिया।

2024 में विजेंद्र हुड्डा ने नेता बनने का फैसला किया और लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। चुनाव हारने के कुछ ही दिनों बाद, उन्होंने एक यूनिवर्सिटी खरीद ली और सीधे उसके चांसलर बन गए। पिछले साल, उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) ने इस यूनिवर्सिटी में छापेमारी कर पैसे लेकर डिग्रियां बांटने के एक बड़े घोटाले का भंडाफोड़ किया, जिसके चलते हुड्डा साहब को जेल जाना पड़ा। वे कुछ महीने पहले ही जेल से बाहर आए हैं।

अब, हाल ही में विजेंद्र हुड्डा ने उत्तर प्रदेश में फिर से अपना टीवी चैनल 'Nation-27' लॉन्च किया है। इस लॉन्च कार्यक्रम में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के कई नेता मौजूद थे, और दूसरे राज्य के 'गवर्नर साहब' तक इसमें शामिल होने पहुंचे। इन सारी घटनाओं को देखते हुए, यह सवाल उठाया गया है कि क्या उत्तर प्रदेश में इतने सारे 'पाप' यूं ही धुल जाते हैं?
    user_JOURNALIST MOHD JUNAID
    JOURNALIST MOHD JUNAID
    Media company सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • एक ओर जहां हुसैनाबाद ट्रस्ट और सरकार ऐतिहासिक सतखंडा तथा पुराने गेटों की मूल पहचान सुरक्षित रखने के लिए पारंपरिक शैली व उपयुक्त सामग्री का उपयोग कर संरक्षण का दावा कर रहे हैं, वहीं ठीक बगल में कथित तौर पर सीमेंट से नए निर्माण कर शटर वाली दुकानें बनाई जा रही हैं। यह स्थिति विरासत संरक्षण के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। करोड़ों रुपये खर्च करके ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने के प्रयासों के बावजूद, उनके आसपास विरासत संरक्षण मानकों की खुलेआम अनदेखी कैसे हो रही है, इस पर जनता जवाब मांग रही है। यदि यह निर्माण नियमों के विरुद्ध है, तो संबंधित अधिकारियों की अब तक की खामोशी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। जनता जानना चाहती है कि कहीं संरक्षण के नाम पर केवल दिखावा तो नहीं किया जा रहा और कहीं इसके पीछे व्यावसायिक हितों को बढ़ावा देने का खेल तो नहीं है।
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    एक ओर जहां हुसैनाबाद ट्रस्ट और सरकार ऐतिहासिक सतखंडा तथा पुराने गेटों की मूल पहचान सुरक्षित रखने के लिए पारंपरिक शैली व उपयुक्त सामग्री का उपयोग कर संरक्षण का दावा कर रहे हैं, वहीं ठीक बगल में कथित तौर पर सीमेंट से नए निर्माण कर शटर वाली दुकानें बनाई जा रही हैं। यह स्थिति विरासत संरक्षण के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

करोड़ों रुपये खर्च करके ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने के प्रयासों के बावजूद, उनके आसपास विरासत संरक्षण मानकों की खुलेआम अनदेखी कैसे हो रही है, इस पर जनता जवाब मांग रही है। यदि यह निर्माण नियमों के विरुद्ध है, तो संबंधित अधिकारियों की अब तक की खामोशी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। जनता जानना चाहती है कि कहीं संरक्षण के नाम पर केवल दिखावा तो नहीं किया जा रहा और कहीं इसके पीछे व्यावसायिक हितों को बढ़ावा देने का खेल तो नहीं है।
    user_Sameer Safder naqvi
    Sameer Safder naqvi
    Video Creator सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना क्षेत्र से सामने आया एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल दावों के मुताबिक, सड़क पर हुए एक विवाद के दौरान एक युवती और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसमें युवती द्वारा पुलिसकर्मियों से कथित तौर पर अभद्रता भी की गई। इस घटना के दौरान मौके पर लोगों की काफी भीड़ जमा हो गई थी। इस कथित वीडियो के सामने आने के बाद सार्वजनिक स्थानों पर कानून-व्यवस्था और अनुशासन को लेकर सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है। हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे इन सभी दावों और घटनाक्रम की अभी तक कोई स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस की जांच और उनके आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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    उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना क्षेत्र से सामने आया एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल दावों के मुताबिक, सड़क पर हुए एक विवाद के दौरान एक युवती और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसमें युवती द्वारा पुलिसकर्मियों से कथित तौर पर अभद्रता भी की गई। इस घटना के दौरान मौके पर लोगों की काफी भीड़ जमा हो गई थी।

इस कथित वीडियो के सामने आने के बाद सार्वजनिक स्थानों पर कानून-व्यवस्था और अनुशासन को लेकर सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है। हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे इन सभी दावों और घटनाक्रम की अभी तक कोई स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस की जांच और उनके आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
    user_ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    Court reporter लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • लखनऊ के माल थाना क्षेत्र अंतर्गत पतौना चौराहे पर एक घर के पास रखे ट्रांसफार्मर में अचानक आग लगने की घटना सामने आई है। इस हादसे में एक मोटरसाइकिल पूरी तरह से जलकर क्षतिग्रस्त हो गई। सूत्रों के अनुसार, आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास कर रहे हैं। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
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    लखनऊ के माल थाना क्षेत्र अंतर्गत पतौना चौराहे पर एक घर के पास रखे ट्रांसफार्मर में अचानक आग लगने की घटना सामने आई है। इस हादसे में एक मोटरसाइकिल पूरी तरह से जलकर क्षतिग्रस्त हो गई। सूत्रों के अनुसार, आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास कर रहे हैं। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
    user_Journalist prabhat kashyap
    Journalist prabhat kashyap
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    22 min ago
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