रायगढ़ जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन आघात" के तहत लैलूंगा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 5 जून को उड़ीसा से मध्य प्रदेश ले जाई जा रही लगभग 300 किलोग्राम गांजे की एक बड़ी खेप को जब्त कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपये मूल्य के गांजे के साथ-साथ परिवहन में प्रयुक्त दो लग्जरी वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिससे कुल जब्त संपत्ति का मूल्य लगभग 1 करोड़ 86 लाख रुपये आंका गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि उड़ीसा के सोनपुर क्षेत्र से गांजा की यह बड़ी खेप दो सफेद रंग की कारों के माध्यम से अनूपपुर (मध्य प्रदेश) भेजी जा रही थी। सूचना की पुष्टि के बाद, एसएसपी सिंह ने लैलूंगा पुलिस को तत्काल विभिन्न मार्गों पर सघन नाकेबंदी करने के निर्देश दिए। कटकलिया मार्ग पर घेराबंदी के दौरान, पुलिस ने एक इनोवा और मारुति सुजुकी एक्सएल-6 कार को रोका। जांच में इनोवा क्रिस्टा में दो नंबर प्लेट लगी मिलीं, जिनमें OD-10-H-0050 के नीचे CG-13-BY-6540 अंकित था, जिससे संदेह गहरा गया। प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साव ने इनोवा वाहन में बैठे युवक निखील कश्यप और मारुति सुजुकी एक्सएल-6 कार में सवार दो युवक रिंकु कश्यप तथा धर्मेन्द्र मौर्य को एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों की जानकारी देकर तलाशी ली। तलाशी के दौरान दोनों वाहनों से लगभग 300 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजा की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये है। पुलिस ने गांजे के साथ, परिवहन में प्रयुक्त इनोवा क्रिस्टा (लगभग 20 लाख रुपये), मारुति सुजुकी एक्सएल-6 (लगभग 14 लाख रुपये) और पांच मोबाइल फोन, जिनमें दो आईफोन शामिल हैं (लगभग 2 लाख रुपये), को भी जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बलरामपुर के रामानुजगंज निवासी निखिल कश्यप (23), सरगुजा के दरिमा निवासी रिंकु कश्यप (28) और अनूपपुर (मध्य प्रदेश) के राजेन्द्रनगर निवासी धर्मेन्द्र कुमार मौर्य (27) शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने गांजा की यह खेप मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में अपने सहयोगियों तक पहुंचाने की बात कबूल की है। थाना लैलूंगा में आरोपियों के विरुद्ध धारा 20(बी) और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामले में फरार अन्य आरोपियों और पूरे तस्करी नेटवर्क का पता लगाने के लिए एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में एक विशेष पुलिस टीम सरगुजा और अनूपपुर (मध्य प्रदेश) के लिए रवाना की गई है।
रायगढ़ जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन आघात" के तहत लैलूंगा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 5 जून को उड़ीसा से मध्य प्रदेश ले जाई जा रही लगभग 300 किलोग्राम गांजे की एक बड़ी खेप को जब्त कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपये मूल्य के गांजे के साथ-साथ परिवहन में प्रयुक्त दो लग्जरी वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिससे कुल जब्त संपत्ति का मूल्य लगभग 1 करोड़ 86 लाख रुपये आंका गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि उड़ीसा के सोनपुर क्षेत्र से गांजा की यह बड़ी खेप दो सफेद रंग की कारों के माध्यम से अनूपपुर (मध्य प्रदेश) भेजी जा रही थी। सूचना की पुष्टि के बाद, एसएसपी सिंह ने लैलूंगा पुलिस को तत्काल विभिन्न मार्गों पर सघन नाकेबंदी करने के निर्देश दिए। कटकलिया मार्ग पर घेराबंदी के दौरान, पुलिस ने एक इनोवा और मारुति सुजुकी एक्सएल-6 कार को रोका। जांच में इनोवा क्रिस्टा में दो नंबर प्लेट लगी मिलीं, जिनमें OD-10-H-0050 के नीचे CG-13-BY-6540 अंकित था, जिससे संदेह गहरा गया। प्रभारी लैलूंगा
उपनिरीक्षक गिरधारी साव ने इनोवा वाहन में बैठे युवक निखील कश्यप और मारुति सुजुकी एक्सएल-6 कार में सवार दो युवक रिंकु कश्यप तथा धर्मेन्द्र मौर्य को एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों की जानकारी देकर तलाशी ली। तलाशी के दौरान दोनों वाहनों से लगभग 300 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजा की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये है। पुलिस ने गांजे के साथ, परिवहन में प्रयुक्त इनोवा क्रिस्टा (लगभग 20 लाख रुपये), मारुति सुजुकी एक्सएल-6 (लगभग 14 लाख रुपये) और पांच मोबाइल फोन, जिनमें दो आईफोन शामिल हैं (लगभग 2 लाख रुपये), को भी जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बलरामपुर के रामानुजगंज निवासी निखिल कश्यप (23), सरगुजा के दरिमा निवासी रिंकु कश्यप (28) और अनूपपुर (मध्य प्रदेश) के राजेन्द्रनगर निवासी धर्मेन्द्र कुमार मौर्य (27) शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने गांजा की यह खेप मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में अपने सहयोगियों तक पहुंचाने की बात कबूल की है। थाना लैलूंगा में आरोपियों के विरुद्ध धारा 20(बी) और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामले में फरार अन्य आरोपियों और पूरे तस्करी नेटवर्क का पता लगाने के लिए एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में एक विशेष पुलिस टीम सरगुजा और अनूपपुर (मध्य प्रदेश) के लिए रवाना की गई है।
- ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान को लेकर एक गंभीर सवाल उठाया गया है। यह पूछा जा रहा है कि जिस पहल को ट्रैफिक की दिक्कतें दूर करनी थीं, क्या वह वास्तव में कचरे के मैदान में तब्दील हो गई है, या उसे कचरे के मैदान के रूप में देखा जा रहा है।1
- कोरबा जिले के हरदीबाजार रलिया में एक सिम कार्ड को लेकर दो व्यक्तियों के बीच आपस में भिड़ंत हो गई। यह घटना हरदीबाजार रलिया क्षेत्र से सामने आई है।1
- जशपुर जिले के लोदाम में एक घटना सामने आई है, जहाँ कुख्यात नट गिरोह का एक सदस्य बकरी चोरी करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है।1
- छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'सुशासन तिहार' को लेकर युवा वर्ग ने जमकर नाराजगी व्यक्त की है। युवाओं ने इस आयोजन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए सरकार पर जोरदार तरीके से हमला बोला।1
- एक भयानक खराब रास्ता पिछले सात सालों से लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है, जिससे इसकी स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है और यह राहगीरों के लिए बड़े खतरों का स्रोत बन गया है। इस जर्जर सड़क की बदहाली पर किसी का भी ध्यान नहीं जा रहा है, और विशेष रूप से किसी भी नेता ने इस समस्या को सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। स्थानीय लोग इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए सहयोग और समर्थन की मांग कर रहे हैं।1
- बिलासपुर में NEET पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस और एनएसयूआई ने केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद तोखन साहू के निवास का घेराव किया। इस विरोध प्रदर्शन का मकसद युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर सरकार को घेरना था, लेकिन मौके पर जो नज़ारा दिखा, उससे कई लोगों ने इसे आंदोलन की बजाय सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स का कोई मेगा इवेंट बताया। सड़क पर नारे लग रहे थे और पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई, पर सबसे ज्यादा सक्रिय मोबाइल कैमरे थे, जहां हर तरफ फोन ऑन थे और कैमरे रिकॉर्डिंग मोड में थे। कई प्रदर्शनकारियों को वीडियो में अपनी सही एंट्री की चिंता थी। जब प्रदर्शन में शामिल कुछ कार्यकर्ताओं से मुद्दे को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें “भैया ने बुलाया था”। इस जवाब ने आंदोलन की तैयारी पर सवाल खड़े कर दिए, क्योंकि कुछ को यह भी पता नहीं था कि वे किस मुद्दे पर नारे लगा रहे हैं। आंदोलन का पोस्टर NEET के नाम पर था, लेकिन जिन छात्रों के भविष्य के लिए लड़ने का दावा किया जा रहा था, वे कहीं नहीं दिखे। न तो कोचिंग संस्थानों की भागीदारी नज़र आई और न ही शिक्षक वर्ग की कोई बड़ी मौजूदगी, जिससे यह लगा कि NEET का मुद्दा पीछे छूट गया है और राजनीति सामने आ गई है। पूरे कार्यक्रम के दौरान, आसमान में ड्रोन मंडराते रहे और नीचे मोबाइल कैमरे लगातार चालू रहे। कुछ कार्यकर्ता नारे लगाने से पहले कैमरे की दिशा देखते रहे, वहीं कई पुलिस बैरिकेड के सामने अपना ‘परफेक्ट शॉट’ लेने में व्यस्त दिखे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह एक आंदोलन कम और रील शूटिंग ज्यादा लग रहा था। इस दौरान एक वाक्य “भैया, मेरा वीडियो शूट होने दो प्लीज…” चर्चा का विषय बना रहा, यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि यह आंदोलन को मजबूत करने के लिए था या इंस्टाग्राम की स्टोरी मजबूत करने के लिए। जब प्रदर्शन उग्र हुआ तो पुलिस ने वाटर कैनन और बल प्रयोग किया, जिससे कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और कुछ को चोटें भी आईं। लेकिन प्रदर्शन खत्म होने के बाद सबसे तेज़ कार्रवाई सोशल मीडिया पर देखने को मिली, जहाँ कुछ ही घंटों में फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स पर वीडियो, रील और फोटो की बाढ़ आ गई। ऐसा लगा मानो मैदान में संघर्ष कम और कंटेंट कलेक्शन ज्यादा हुआ हो। NEET पेपर लीक निश्चित रूप से एक गंभीर मुद्दा है और लाखों छात्रों के भविष्य का सवाल है, लेकिन बिलासपुर के इस प्रदर्शन ने एक अलग बहस छेड़ दी है। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या आज के राजनीतिक आंदोलन जनता तक संदेश पहुंचाने के माध्यम हैं, या फिर सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का मंच बन रहे हैं? क्योंकि इस प्रदर्शन के बाद शहर में पेपर लीक की चर्चा कम और रील लीक की चर्चा ज्यादा हो रही है।1
- एक घटना में, रिश्तेदारों को समझाने पहुंचे लोगों पर एक व्यक्ति ने बंदूक तान दी। इस स्थिति से घबराकर वहाँ मौजूद सभी लोग अपनी जान बचाने के लिए तुरंत भाग निकले।1
- कोरबा शहर में एक कार चोरी का मामला सामने आया है। इस घटना के संबंध में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।1
- आरोपियों ने अवैध संबंध के शक में एक बाउंसर को मौत के घाट उतार दिया है।1