हिंदी के गौरव गान से गूँजी कल्पकथा की 264वीं काव्यगोष्ठी, राष्ट्रभाषा चेतना ने साहित्यिक उत्सव। हिंदी के गौरव-गान से गूँजी कल्पकथा की 264वीं काव्यगोष्ठी, राष्ट्रभाषा चेतना ने रचा साहित्यिक उत्सव प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित राष्ट्र प्रथम, हिन्दी भाषा, सनातन संस्कृति, एवं सद साहित्य हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार द्वारा राष्ट्रीय हिंदी दिवस विशेष 264वीं साप्ताहिक ऑनलाइन काव्यगोष्ठी का गरिमामय आयोजन हिंदी भाषा के गौरव, उसकी सांस्कृतिक समृद्धि और राष्ट्रजीवन में उसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका को समर्पित रहा। हिंदी दिवस के इस विशेष अवसर पर देश-विदेश से जुड़े सृजनकारों ने अपनी काव्यात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से हिंदी की साहित्यिक गरिमा, मातृभाषा के प्रति अनुराग और भारतीय सांस्कृतिक चेतना के विविध स्वर प्रस्तुत किए। संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह की सूचना के अनुसार कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन भास्कर सिंह माणिक ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मणिका वर्मा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भगवान दास शर्मा 'प्रशांत' ने सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु वंदना, गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना के मंगलाचरण से हुआ। वंदना के पावन स्वरों से आरंभ हुई साहित्यिक यात्रा ने शीघ्र ही हिंदी के प्रति अनुराग और गौरव की भावधारा का रूप धारण कर लिया। कार्यक्रम में दिनेश कुमार दुबे, अवधेश प्रसाद मिश्र, ज्योति प्यासी, सांद्रा लुटावन गणेश, विजय रघुनाथराव डांगे, रमापति मौर्य, राकेश माहेश्वरी 'काल्पनिक', मणिका वर्मा, भगवानदास शर्मा प्रशांत, भास्कर सिंह माणिक, दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा एवं पवनेश मिश्र ने अपनी विविधवर्णी रचनाओं से हिंदी की साहित्यिक शक्ति और भाव-संपदा को स्वर प्रदान किया। काव्यपाठ के दौरान हिंदी के इतिहास, उसकी अभिव्यक्ति-क्षमता, लोकजीवन से उसके आत्मीय संबंध तथा भारतीय संस्कृति के संरक्षण में उसकी भूमिका के अनेक पक्ष मुखर हुए। रचनाकारों ने अपनी कविताओं में हिंदी को केवल संवाद का माध्यम न मानकर भारतीय चिंतन, संवेदना, संस्कार और सांस्कृतिक अस्मिता की सशक्त वाहिका के रूप में प्रतिष्ठित किया। कहीं मातृभाषा के प्रति आत्मीय अनुराग दिखाई दिया तो कहीं हिंदी के वैश्विक विस्तार और उसके उज्ज्वल भविष्य के प्रति विश्वास की स्वर-लहरियाँ सुनाई दीं। साहित्यिक प्रस्तुतियों ने यह संदेश भी दिया कि भाषा का वास्तविक वैभव केवल उसके शब्द-भंडार में नहीं, बल्कि उन संवेदनाओं और संस्कारों में निहित होता है, जिन्हें वह पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे पहुँचाती है। हिंदी दिवस की पूर्व संध्या के अवसर पर आयोजित यह काव्यगोष्ठी इसी भाषायी चेतना को सृजन के माध्यम से जन-मन तक पहुँचाने का सार्थक प्रयास बनी। कार्यक्रम के अंतिम चरण में राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् का भावपूर्ण गायन किया गया। राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् के 150वें स्मरणोत्सव वर्ष के संदर्भ में राधा श्री शर्मा द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रगीत गायन ने हिंदी के गौरव और राष्ट्रभावना से ओतप्रोत आयोजन को भावपूर्ण परिणति प्रदान की। इसके उपरांत राधा श्री शर्मा ने आमंत्रित अतिथियों, सहभागी साहित्यकारों एवं दर्शकों के प्रति हृदयपूर्ण आभार व्यक्त किया। अंत में सर्वे भवन्तु सुखिनः के मंगलमय शांति-पाठ के साथ कार्यक्रम को विश्राम प्रदान किया गया।
हिंदी के गौरव गान से गूँजी कल्पकथा की 264वीं काव्यगोष्ठी, राष्ट्रभाषा चेतना ने साहित्यिक उत्सव। हिंदी के गौरव-गान से गूँजी कल्पकथा की 264वीं काव्यगोष्ठी, राष्ट्रभाषा चेतना ने रचा साहित्यिक उत्सव प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित राष्ट्र प्रथम, हिन्दी भाषा, सनातन संस्कृति, एवं सद साहित्य हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार द्वारा राष्ट्रीय हिंदी दिवस विशेष 264वीं साप्ताहिक ऑनलाइन काव्यगोष्ठी का गरिमामय आयोजन हिंदी भाषा के गौरव, उसकी सांस्कृतिक समृद्धि और राष्ट्रजीवन में उसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका को समर्पित रहा। हिंदी दिवस के इस विशेष अवसर पर देश-विदेश से जुड़े सृजनकारों ने अपनी काव्यात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से हिंदी की साहित्यिक गरिमा, मातृभाषा के प्रति अनुराग और भारतीय सांस्कृतिक चेतना के विविध स्वर प्रस्तुत किए। संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह की सूचना के अनुसार कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन भास्कर सिंह माणिक ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मणिका वर्मा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भगवान दास शर्मा 'प्रशांत' ने सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु वंदना, गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना के मंगलाचरण से हुआ। वंदना के पावन स्वरों से आरंभ हुई साहित्यिक यात्रा ने शीघ्र ही हिंदी के प्रति अनुराग और गौरव की भावधारा का रूप धारण कर लिया। कार्यक्रम में दिनेश कुमार दुबे, अवधेश प्रसाद मिश्र, ज्योति प्यासी, सांद्रा लुटावन गणेश, विजय रघुनाथराव डांगे, रमापति मौर्य, राकेश माहेश्वरी 'काल्पनिक', मणिका वर्मा, भगवानदास शर्मा प्रशांत, भास्कर सिंह माणिक, दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा एवं पवनेश मिश्र ने अपनी विविधवर्णी रचनाओं से हिंदी की साहित्यिक शक्ति और भाव-संपदा को स्वर प्रदान किया। काव्यपाठ के दौरान हिंदी के इतिहास, उसकी अभिव्यक्ति-क्षमता, लोकजीवन से उसके आत्मीय संबंध तथा भारतीय संस्कृति के संरक्षण में उसकी भूमिका के अनेक पक्ष मुखर हुए। रचनाकारों ने अपनी कविताओं में हिंदी को केवल संवाद का माध्यम न मानकर भारतीय चिंतन, संवेदना, संस्कार और सांस्कृतिक अस्मिता की सशक्त वाहिका के रूप में प्रतिष्ठित किया। कहीं मातृभाषा के प्रति आत्मीय अनुराग दिखाई दिया तो कहीं हिंदी के वैश्विक विस्तार और उसके उज्ज्वल भविष्य के प्रति विश्वास की स्वर-लहरियाँ सुनाई दीं। साहित्यिक प्रस्तुतियों ने यह संदेश भी दिया कि भाषा का वास्तविक वैभव केवल उसके शब्द-भंडार में नहीं, बल्कि उन संवेदनाओं और संस्कारों में निहित होता है, जिन्हें वह पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे पहुँचाती है। हिंदी दिवस की पूर्व संध्या के अवसर पर आयोजित यह काव्यगोष्ठी इसी भाषायी चेतना को सृजन के माध्यम से जन-मन तक पहुँचाने का सार्थक प्रयास बनी। कार्यक्रम के अंतिम चरण में राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् का भावपूर्ण गायन किया गया। राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् के 150वें स्मरणोत्सव वर्ष के संदर्भ में राधा श्री शर्मा द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रगीत गायन ने हिंदी के गौरव और राष्ट्रभावना से ओतप्रोत आयोजन को भावपूर्ण परिणति प्रदान की। इसके उपरांत राधा श्री शर्मा ने आमंत्रित अतिथियों, सहभागी साहित्यकारों एवं दर्शकों के प्रति हृदयपूर्ण आभार व्यक्त किया। अंत में सर्वे भवन्तु सुखिनः के मंगलमय शांति-पाठ के साथ कार्यक्रम को विश्राम प्रदान किया गया।
- Sonipat News: बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद Kangana Ranaut तथा राखी सावंत के बीच एक बार फिर सोशल मीडिया पर जुबानी जंग बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद Kangana Ranaut तथा राखी सावंत के बीच एक बार फिर सोशल मीडिया पर जुबानी जंग शुरू हो गई है। राखी सावंत ने हाल ही में कंगना रनौत, Smriti Irani और प्रधानमंत्री Narendra Modi को लेकर बयान दिए थे, जिसके बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर उन्हें जवाब दिया। कंगना ने कहा कि असफलता और जलन से भरे लोग अक्सर सफल महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाते हैं।1
- पुरानी दिल्ली की क्लब पार्किंग में MCD के नियमों की खुलेआम उड़ रही धज्जियां। निगम आखिर कर क्या रहा है। पुरानी दिल्ली स्थित क्लब पार्किंग में MCD के नियमों की खुलेआम अनदेखी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जिस पार्किंग परिसर में मुख्य रूप से वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए, वहां नियमों को ताक पर रखकर बसों और ट्रकों में बड़े पैमाने पर माल की लोडिंग-अनलोडिंग की जा रही है। और छोटे वाहन भी खड़े किए जा रहे है बताया जा रहा है कि पार्किंग परिसर का इस्तेमाल धीरे-धीरे पार्किंग के बजाय व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। बसों और ट्रकों में माल चढ़ाने और उतारने की गतिविधियां न केवल पार्किंग व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि आसपास के यातायात और आम लोगों की परेशानी को भी बढ़ा रही है सबसे गंभीर सवाल GST चोरी की आशंका को लेकर उठ रहे हैं। आरोप है कि पार्किंग परिसर में आने-जाने वाले माल में से कुछ माल बिना उचित बिल या दस्तावेजों के हो सकता है। यदि ऐसा पाया जाता है, तो इससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका है और पूरे मामले की जांच जरूरी हो जाती है। अब सवाल यह है कि क्या MCD और संबंधित विभाग पार्किंग परिसर का औचक निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच करेंगे? क्या अवैध लोडिंग-अनलोडिंग और व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई होगी1
- लाल मिर्च पाउडर आंखों में फेंक कर अकेले आदमी ने लूट लिया SBI बैंक से 4.50 लाख रुपए घटना माहा राष्ट्र की है1
- मुंडका विधायक विवाद में नया मोड़, सुनील कुमार ने जाट समाज से मांगी माफी मुंडका विधायक विवाद में नया मोड़, सुनील कुमार ने जाट समाज से मांगी माफी1
- दादा दादी की जमीन पर पोता पोती का हक है1
- गुड़गांव में कार वाले की सरे आम गुंडागर्दी बाइक राइडर्स लेडिज कों मारी जोरदार टक्कर हिंट एण्ड रन का केस दर्ज जल्द ही गिरफ्तार होगा कार वाला1
- सड़क पर मामूली बहस से मर्डर तक! ई-रिक्शा चालक अभिषेक की चाकू मारकर हत्या, 24 घंटे में 5 गिरफ्तार दिल्ली के बाहरी उत्तरी जिले के शाहबाद डेयरी थाना इलाके में ई-रिक्शा चालक की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है. पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सचिन, अनुज, हिमांशु, नंदिनी तिवारी और कुंती उर्फ वंशिका के रूप में हुई है. दरअसल शनिवार देर रात शाहबाद डेरी थाना इलाके में एक ई-रिक्शा चालक की चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई थी. मृतक की पहचान 25 वर्षीय अभिषेक के रूप में हुई थी. वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने मामले की जांच के लिए कई टीमें गठित की थीं. पुलिस की जांच में सामने आया कि इस पूरी वारदात की शुरुआत किसी बड़ी रंजिश से नहीं, बल्कि एक मामूली सड़क हादसे से हुई थी. सड़क पर बाइक और स्कूटी की मामूली टक्कर के बाद दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई. इसी दौरान ई-रिक्शा चालक अभिषेक ने विवाद में बीच-बचाव करने की कोशिश की. पुलिस के मुताबिक बहस के दौरान मामला अचानक हिंसक हो गया और सचिन उर्फ संतोष ने चाकू से अभिषेक पर हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल अभिषेक की मौत हो गई. वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी गौरव सिंह के सुपरविजन में इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार की टीम ने जांच शुरू की. पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज, आरोपियों की पहचान और अन्य टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया और 24 घंटे के भीतर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू और दो वाहन भी बरामद किए हैं. फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में उनकी भूमिका के साथ-साथ वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है. यानी एक मामूली सड़क हादसे के बाद शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि बीच-बचाव करने पहुंचे एक ई-रिक्शा चालक को अपनी जान गंवानी पड़ी. शाहबाद डेयरी पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते इस सनसनीखेज हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.1