हरदोई जिले के बेनीगंज स्थित महुआकोला गांव में बिना अनुमति बुद्ध प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है, जिसके कारण गांव में तनाव की स्थिति बन गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। करीब तीन वर्ष पहले एक विशेष समुदाय के लोगों द्वारा पुतीलाल पुत्र गिरिजा की निजी भूमि पर बौद्ध मंदिर का निर्माण कराया गया था। तब से संबंधित लोग मंदिर में बुद्ध प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन लंबे समय बाद भी उन्हें यह अनुमति नहीं मिल सकी थी। बताया जा रहा है कि बुधवार को इस समुदाय विशेष के लोगों ने एकजुट होकर मंदिर में बुद्ध प्रतिमा स्थापित कर दी, जिसका गांव के कुछ लोगों ने तुरंत विरोध किया। इस घटना के बाद यह भी आरोप लगाया गया कि बौद्ध मंदिर के पास स्थित भोले बाबा मंदिर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई, जिससे गांव में तनाव और बढ़ गया। मामले की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी हरियावां अजीत चौहान, एसडीएम संडीला नारायणी भाटिया, कोतवाली प्रभारी बेनीगंज सतीश चंद्र और थाना प्रभारी बघौली बृजेश कुमार मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासनिक अधिकारी पूरे मामले की गहन जांच में जुटे हुए हैं।
हरदोई जिले के बेनीगंज स्थित महुआकोला गांव में बिना अनुमति बुद्ध प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है, जिसके कारण गांव में तनाव की स्थिति बन गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। करीब तीन वर्ष पहले एक विशेष समुदाय के लोगों द्वारा पुतीलाल पुत्र गिरिजा की निजी भूमि पर बौद्ध मंदिर का निर्माण कराया गया था। तब से संबंधित लोग मंदिर में बुद्ध प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन लंबे समय बाद भी उन्हें यह अनुमति नहीं मिल सकी थी। बताया जा रहा है कि बुधवार को इस समुदाय विशेष के लोगों ने एकजुट होकर मंदिर में बुद्ध प्रतिमा स्थापित कर दी, जिसका गांव के कुछ लोगों ने तुरंत विरोध किया। इस घटना के बाद यह भी आरोप लगाया गया कि बौद्ध मंदिर के पास स्थित भोले बाबा मंदिर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई, जिससे गांव में तनाव और बढ़ गया। मामले की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी हरियावां अजीत चौहान, एसडीएम संडीला नारायणी भाटिया, कोतवाली प्रभारी बेनीगंज सतीश चंद्र और थाना प्रभारी बघौली बृजेश कुमार मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासनिक अधिकारी पूरे मामले की गहन जांच में जुटे हुए हैं।
- हरदोई में बकरीद की नमाज हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदा की गई। इस दौरान ज़मीन पर पुलिस का कड़ा पहरा रहा, वहीं आसमान से 'तीसरी आंख' के जरिए भी निगरानी रखी गई। ईदगाह में नमाजियों ने देश में अमन-चैन बनाए रखने के लिए दुआएं मांगीं। नमाज के बाद, आरिफ खान शानू ने एक अनोखी मांग रखी, जिसमें उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए।1
- हरदोई जिले के शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गयंद गांव में गन्ने के खेत में पानी लगाते समय जहरीले सांप के काटने से 50 वर्षीय किसान धर्मवीर सिंह की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना का सबसे शर्मनाक पहलू तब सामने आया, जब तहसील प्रशासन की कथित लापरवाही और संवेदनहीनता ने एक गरीब किसान की मृत्यु को सरकारी कागजों में संदिग्ध बना दिया। पुलिस द्वारा जहां प्रथम दृष्टया सर्पदंश को मृत्यु का कारण दर्ज किया गया था, वहीं तहसीली रिपोर्ट ने पूरे मामले पर संदेह पैदा कर दिया है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को धर्मवीर सिंह अपने गन्ने के खेत में पानी लगा रहे थे, तभी एक जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहाबाद ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने पंचायतनामा भरते हुए मृत्यु का कारण सर्पदंश दर्ज किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक किसान अपने पीछे पत्नी, दो शिक्षारत और बेरोजगार बेटे, तथा एक विवाह योग्य बेटी छोड़ गए हैं। परिजनों का कहना है कि धर्मवीर सिंह ही परिवार का एकमात्र सहारा थे और बेटी के विवाह के लिए वर की तलाश में जुटे थे। उनकी अचानक मौत से परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है, जिससे पूरे गांव में शोक का माहौल है। तहसील प्रशासन की प्रारंभिक रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि संबंधित हल्का लेखपाल श्रेयसी द्विवेदी ने न तो घटना स्थल का दौरा करना उचित समझा और न ही मृतक परिवार से सही जानकारी लेने का प्रयास किया। ग्रामीणों का आरोप है कि घर बैठे तैयार की गई इस रिपोर्ट में मृतक किसान की उम्र गलत दर्ज की गई, उनके पिता का नाम (बल्दियत) तक बदल दिया गया, और सबसे चौंकाने वाली बात यह कि मृत्यु का कारण सीधे “अज्ञात” लिख दिया गया। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जब पूरा गांव सर्पदंश की घटना का प्रत्यक्ष गवाह है और पुलिस रिकॉर्ड इसकी पुष्टि कर रहा है, तो तहसीली रिपोर्ट में सच्चाई को बदलने का प्रयास क्यों किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यदि पत्रकार और परिजन इस मामले में आवाज न उठाते, तो शायद इस गरीब किसान की मौत सरकारी अभिलेखों में हमेशा के लिए “अज्ञात” ही रह जाती। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि गरीब और असहाय परिवारों के प्रति अमानवीय संवेदनहीनता का एक उदाहरण है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या सरकारी सहायता और मृतक आश्रितों को मिलने वाले लाभों को प्रभावित करने वाली आधारभूत रिपोर्टें अब बिना किसी जांच-पड़ताल के ही तैयार की जा रही हैं, और क्या बिना “सुविधाशुल्क” के सही रिपोर्ट लिखना भी अब मुश्किल हो गया है। हालांकि, बाद में मृतक के परिजनों और पत्रकारों द्वारा सही तथ्य अवगत कराने पर नायब तहसीलदार शाहाबाद, संतोष कुशवाहा ने रिपोर्ट में सुधार कराने का आश्वासन दिया है। इस संबंध में दो बार एसडीएम शाहाबाद के सीयूजी नंबर पर संपर्क करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन नेटवर्क समस्या के कारण बातचीत संभव नहीं हो सकी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में यही चर्चा है कि यदि एक मृतक किसान की स्पष्ट सर्पदंश से हुई मृत्यु को भी सरकारी कागजों में “अज्ञात” बनाया जा सकता है, तो आम आदमी आखिर किस व्यवस्था पर भरोसा करेगा।4
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में प्रशासन की अनुमति के बिना भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर जमकर बवाल हो गया। इसे रोकने पहुंची राजस्व और पुलिस टीम पर दबंगों और अराजक तत्वों ने पथराव कर दिया, जिसमें एक महिला कर्मी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। यह घटना बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के महुआकोला गांव में हुई, जहां गांव के पुत्ती लाल पुत्र गिरजा प्रसाद मौर्य अपने 25 अन्य साथियों के साथ मिलकर प्रतिमा स्थापित कर रहे थे, जिसका स्थानीय लोग विरोध कर रहे थे। राजस्व व पुलिस टीम ने सभी को समझाने का प्रयास किया। बुधवार को शुरू हुई बातचीत रात 10 बजे तक चलती रही, लेकिन बाहर से आए अराजक तत्वों ने मामले को और अधिक भड़का दिया। बौद्ध धर्म को मानने वाले ग्रामीणों और लखनऊ की अलग-अलग जगहों से आए तीन युवकों ने शरारती तत्वों के साथ मिलकर राजस्व टीम और पुलिस बल पर पथराव कर दिया। भीड़ को अचानक उग्र होता देख पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके चलते एक पुलिसकर्मी सहित महिला आरक्षी को गंभीर चोटें आईं और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोथावां भेजा गया। घटना की सूचना पर भारी पुलिस बल के साथ एसडीएम संडीला नारायणी भाटिया और क्षेत्राधिकारी हरियावाँ अजीत सिंह मौके पर पहुंचे, लेकिन जिद पर अड़े दबंगों ने प्रशासन की बात नहीं सुनी। देर रात जिलाधिकारी अनुनय झा और पुलिस अधीक्षक अशोक मीणा भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि घटना में शामिल दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल, पुलिस इस संवेदनशील मामले में पूरी सतर्कता बरत रही है और कड़ी नजर बनाए हुए है।1
- हरदोई में 27 मई को पुत्तीलाल मौर्य की निजी भूमि पर बने एक मंदिर में भगवान बुद्ध की प्रतिमा बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के स्थापित किए जाने को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस, मजिस्ट्रेट, एडीएम और एडिशनल एसपी भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों द्वारा समझाने-बुझाने के दौरान, कुछ बाहरी तत्वों द्वारा लोगों को उकसाने पर हल्का पथराव हुआ। इस पर पुलिस ने उचित बल प्रयोग करते हुए स्थिति को तत्काल नियंत्रण में ले लिया। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है और 20-25 अन्य संदिग्धों के नाम सामने आने के बाद आगे की जांच जारी है। इस बीच, जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही 'डी एम चौराहा' से अशोक स्तंभ हटाए जाने की खबरों को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अशोक स्तंभ अपने स्थान पर सुरक्षित है। मौके पर भारी पुलिस बल अभी भी तैनात है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य तथा नियंत्रण में है।1
- हरदोई जनपद के बघौली क्षेत्र स्थित सुन्नी गांव में गुरुवार को माँ महिषासुर मर्दिनी धाम पर भूतभावन भगवान भोलेनाथ के दिव्य श्रृंगार दर्शन आयोजित किए गए। इस पावन बेला में भगवान के अलौकिक श्रृंगार दर्शन को देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंज उठा।1
- हरदोई के संडीला कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गड़ईया दामादपुरवा में मंगलवार देर रात दो पड़ोसी पक्षों के बीच घर के बाहर बैठने को लेकर विवाद और मारपीट हो गई। यह घटना 26 मई 2026 की रात करीब 11 बजे बिजली गुल होने के बाद हुई, जब दोनों पक्ष अपने-अपने घरों के बाहर बैठे थे। इसी दौरान कहासुनी शुरू हुई जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। इस विवाद में प्रथम पक्ष से शकील अहमद पुत्र इमदाद हुसैन और द्वितीय पक्ष से तौहीद तथा फैसल पुत्रगण गुड्डू आदि शामिल थे। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और घायलों का मेडिकल परीक्षण भी कराया। पुलिस ने वादी शकील अहमद की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मामले में लगाए गए अन्य आरोपों की जांच की गई, लेकिन उनकी पुष्टि नहीं हो सकी। क्षेत्राधिकारी संडीला संतोष सिंह ने बताया कि मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में समाजवादी पार्टी के नेता रामज्ञान गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी एक सोशल मीडिया मामले के संबंध में हुई है।1
- ईदुल अजहा के आगामी त्यौहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से, हरदोई में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधीक्षक हरदोई अशोक कुमार मीणा ने पहल की। उन्होंने पर्याप्त पुलिस बल के साथ थाना कोतवाली शहर में एक फ्लैग मार्च का नेतृत्व किया।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई में समाजवादी पार्टी के नेताओं अखिलेश यादव और आजम खान के 'विवादित' पोस्टर सड़कों पर दिखने के बाद 'लाल टोपी वालों' और सपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। इन पोस्टरों को देखकर सपाइयों का खून खौल उठा, जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। उन्होंने तत्काल इस मामले में केस दर्ज करने की मांग की है।1