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Suresh Chandra Agrawal: सभी कृष्ण भक्तों को सादर दंडवत प्रणाम 🙏🌹 सदा जपिये हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे I हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे और हमेशा खुश रहिये Ii हमेशा प्रसन्न रहो 🌹🙏🏾 *Bhagavad Gita App* *Chapter:* 2 *श्लोक:* 8 *श्लोक:* न हि प्रपश्यामि ममापनुद्याद् - यच्छोकमुच्छोषणमिन्द्रियाणाम् । अवाप्य भूभावसपत्‍नमृद्धं राज्यं सुराणामपि चाधिपत्यम् ॥ ८ ॥ *अनुवाद:* मुझे ऐसा कोई साधन नहीं दिखता जो मेरी इन्द्रियों को सुखाने वाले इस शोक को दूर कर सके। स्वर्ग पर देवताओं के आधिपत्य की तरह इस धनधान्य-सम्पन्न सारी पृथ्वी पर निष्कंटक राज्य प्राप्त करके भी मैं इस शोक को दूर नहीं कर सकूँगा। *तात्पर्य:* यद्यपि अर्जुन धर्म तथा सदाचार के नियमों पर आधारित अनेक तर्क प्रस्तुत करता है, किन्तु ऐसा प्रतीत होता है कि वह अपने गुरु भगवान् श्रीकृष्ण की सहायता के बिना अपनी असली समस्या को हल नहीं कर पा रहा। वह समझ गया था कि उसका तथाकथित ज्ञान उसकी उन समस्याओं को दूर करने में व्यर्थ है जो उसके सारे अस्तित्व (शरीर) को सुखाये दे रही थीं। उसे इन उलझनों को भगवान् कृष्ण जैसे आध्यात्मिक गुरु की सहायता के बिना हल कर पाना असम्भव लग रहा था। शैक्षिक ज्ञान, विद्वत्ता, उच्च पद—ये सब जीवन की समस्याओं का हल करने में व्यर्थ हैं। यदि कोई इसमें सहायता कर सकता है, तो वह है एकमात्र गुरु। अत: निष्कर्ष यह निकला कि गुरु जो शत-प्रतिशत कृष्णभावनाभावित होता है, वही एकमात्र प्रामाणिक गुरु है और वही जीवन की समस्याओं को हल कर सकता है। भगवान् चैतन्य ने कहा है कि जो कृष्णभावनामृत के विज्ञान में दक्ष हो, कृष्णतत्त्ववेत्ता हो, चाहे वह जिस किसी जाति का हो, वही वास्तविक गुरु है— किबा विप्र, किबा न्यासी, शूद्र केने नय । य़ेइ कृष्णतत्त्ववेत्ता, सेइ ‘गुरु’ हय ॥ “कोई व्यक्ति चाहे वह विप्र (वैदिक ज्ञान में दक्ष) हो, निम्न जाति में जन्मा शूद्र हो या कि संन्यासी, यदि वह कृष्ण के विज्ञान में दक्ष (कृष्णतत्त्ववेत्ता) है तो वह यथार्थ प्रामाणिक गुरु है।” (चैतन्य- चरितामृत, मध्य ८.१२८)। अत: कृष्णतत्त्ववेत्ता हुए बिना कोई भी प्रामाणिक गुरु नहीं हो सकता। वैदिक साहित्य में भी कहा गया है— षट्कर्मनिपुणो विप्रो मन्त्रतन्त्रविशारद:। अवैष्णवो गुरुर्न स्याद् वैष्णव: श्वपचो गुरु: ॥ “विद्वान् ब्राह्मण, भले ही वह सम्पूर्ण वैदिक ज्ञान में पारंगत क्यों न हो, यदि वह वैष्णव नहीं है या कृष्णभावनामृत में दक्ष नहीं है तो गुरु बनने का पात्र नहीं है। किन्तु शूद्र, यदि वह वैष्णव या कृष्णभक्त है तो गुरु बन सकता है।” (पद्मपुराण) संसार की समस्याओं—जन्म, जरा, व्याधि तथा मृत्यु—की निवृत्ति धन-संचय तथा आर्थिक विकास से सम्भव नहीं है। विश्व के विभिन्न भागों में ऐसे राज्य हैं जो जीवन की सारी सुविधाओं से तथा सम्पत्ति एवं आर्थिक विकास से पूरित हैं, किन्तु फिर भी उनके सांसारिक जीवन की समस्याएँ ज्यों की त्यों बनी हुई हैं। वे विभिन्न साधनों से शान्ति खोजते हैं, किन्तु वास्तविक सुख उन्हें तभी मिल पाता है जब वे कृष्णभावनामृत से युक्त कृष्ण के प्रामाणिक प्रतिनिधि के माध्यम से कृष्ण अथवा कृष्णतत्त्वपूरक भगवद्गीता तथा श्रीमद्भागवत के परामर्श को ग्रहण करते हैं। यदि आर्थिक विकास तथा भौतिक सुख किसी के पारिवारिक, सामाजिक, राष्ट्रीय या अन्तर्राष्ट्रीय अव्यवस्था से उत्पन्न हुए शोकों को दूर कर पाते, तो अर्जुन यह न कहता कि पृथ्वी का अप्रतिम राज्य या स्वर्गलोक में देवताओं की सर्वोच्चता भी उसके शोकों को दूर नहीं कर सकती। इसीलिए उसने कृष्णभावनामृत का ही आश्रय ग्रहण किया और यही शान्ति तथा समरसता का उचित मार्ग है। आर्थिक विकास या विश्व आधिपत्य प्राकृतिक प्रलय द्वारा किसी भी क्षण समाप्त हो सकता है। यहाँ तक कि चन्द्रलोक जैसे उच्च लोकों की यात्रा भी, जिसके लिए मनुष्य प्रयत्नशील हैं, एक झटके में समाप्त हो सकती है। भगवद्गीता इसकी पुष्टि करती है—क्षीणे पुण्ये मर्त्यलोकं विशन्ति— जब पुण्यकर्मों के फल समाप्त हो जाते हैं तो मनुष्य सुख के शिखर से जीवन के निम्नतम स्तर पर गिर जाता है। इस तरह से विश्व के अनेक राजनीतिज्ञों का पतन हुआ है। ऐसा अध:पतन शोक का कारण बनता है। अत: यदि हम सदा के लिए शोक का निवारण चाहते हैं तो हमें कृष्ण की शरण ग्रहण करनी होगी, जिस तरह अर्जुन ने की। अर्जुन ने कृष्ण से प्रार्थना की कि वे उसकी समस्या का निश्चित समाधान कर दें और यही कृष्णभावनामृत की विधि है। जय श्री कृष्ण 🙏🌹 “बातचीत जरूरी है लेकिन ग्रहस्थ जीवन में कभी तर्क नहीं करने चाहिए। क्योंकि जहां तर्क है, वहां नर्क है और जहां समर्पण है, वहां स्वर्ग है” Suresh Chandra Agrawal: ईश्वर कभी भी आपसे यह आग्रह नहीं करेंगे कि उन्हें प्राप्त करने की इच्छा आपके लिए सर्वोपरि हो। क्योंकि वह चाहते हैं कि आप अपनी स्वेच्छा से, बिना अनुबोधन के उन्हें अपना प्रेम प्रदान करें। इस ब्रह्माण्डीय लीला का यही एकमात्र रहस्य है। वे जिन्होंने स्वयं हमारी रचना की है, हमारा प्रेम पाने को आतुर हैं। वे चाहते हैं कि हम अपना प्रेम उन्हें सहज रूप से प्रदान करें, बिना किसी अनुरोध के। क्योंकि हमारा प्रेम ही हमारी एकमात्र वह निजी संपत्ति है, जिसका स्वामित्व ईश्वर के पास नहीं है। जब तक हम स्वेच्छा से अपना प्रेम अर्पित नहीं कर देते। इस प्रकार आप पाएंगे की ईश्वर को भी कुछ अर्जित करना है और वह है हमारा प्रेम और हम भी सहजता से अपने प्रेम को प्रभु चरणों में अर्पण करे बिना परम सुख को प्राप्त नही कर सकते। कभी जब तुम्हे कोई रास्ता दिखाई न दे और हर तरफ अंधेरा ही अंधेरा नजर आए उस समय..... एक बार ध्यान से देखना अपने श्री कृष्णा की तस्वीर की तरफ.... वो तुम्हे मुस्कुराते हुए दिखाई देगें----- और दिल से आवाज आएगी, क्यो घबरा रहे हो पागल तेरी परीक्षा जब में खुद ले रहा हूं किसी की क्या मजाल जो मेरे भक्त को परेशान कर सकें...!! खुश रहो मैं तुम्हारे साथ हुँ कृष्ण हरे कृष्णा *गजब की गुणकारी है गाजर* 1. गाजर का ज्यूस शरीर में प्रोटीन की कमी को भी पूरा करने के साथ साथ शरीर को पर्याप्त मात्रा में केल्सियम भी प्रदान करके हड्डियों को मजबूती देता है। 2.गाजर का ज्यूस बच्चे के गर्भावस्था के लिए खास तौर पर लाभकारी है। इसके उपयोग से बच्चे और मां दोनों के स्वास्थ्य में सुधार आता है। 3.गाजर के ज्यूस से मां के दूध की गुणवत्ता बढ़ जाती है। 4.गाजर का ज्यूस गर्भ में पल रहे बच्चे को इन्फेक्शंस से बचाए रखता है। 5.दिमाग को मजबूत बनाने के लिए गाजर का मुरब्बा प्रतिदिन सुबह लें। 6.निम्न रक्तचाप के रोगियों को गाजर के रस में शहद मिलाकर लेना चाहिए। रक्तचाप सामान्य होने लगेगा। 7.गाजर का रस, टमाटर का रस, संतरे का रस और चुकंदर का रस लगभग पच्चीस ग्राम की मात्रा में रोजाना दो माह तक लेने से चेहरे के मुंहासे, दाग, झाइयां आदि मिट जाते हैं। जय जय श्री राधे 🙏🌹

5 hrs ago
user_Suresh Chandra Agrawal
Suresh Chandra Agrawal
चौमू, जयपुर, राजस्थान•
5 hrs ago

Suresh Chandra Agrawal: सभी कृष्ण भक्तों को सादर दंडवत प्रणाम 🙏🌹 सदा जपिये हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे I हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे और हमेशा खुश रहिये Ii हमेशा प्रसन्न रहो 🌹🙏🏾 *Bhagavad Gita App* *Chapter:* 2 *श्लोक:* 8 *श्लोक:* न हि प्रपश्यामि ममापनुद्याद् - यच्छोकमुच्छोषणमिन्द्रियाणाम् । अवाप्य भूभावसपत्‍नमृद्धं राज्यं सुराणामपि चाधिपत्यम् ॥ ८ ॥ *अनुवाद:* मुझे ऐसा कोई साधन नहीं दिखता जो मेरी इन्द्रियों को सुखाने वाले इस शोक को दूर कर सके। स्वर्ग पर देवताओं के आधिपत्य की तरह इस धनधान्य-सम्पन्न सारी पृथ्वी पर निष्कंटक राज्य प्राप्त करके भी मैं इस शोक को दूर नहीं कर सकूँगा। *तात्पर्य:* यद्यपि अर्जुन धर्म तथा सदाचार के नियमों पर आधारित अनेक तर्क प्रस्तुत करता है, किन्तु ऐसा प्रतीत होता है कि वह अपने गुरु भगवान् श्रीकृष्ण की सहायता के बिना अपनी असली समस्या को हल नहीं कर पा रहा। वह समझ गया था कि उसका तथाकथित ज्ञान उसकी उन समस्याओं को दूर करने में व्यर्थ है जो उसके सारे अस्तित्व (शरीर) को सुखाये दे रही थीं। उसे इन उलझनों को भगवान् कृष्ण जैसे आध्यात्मिक गुरु की सहायता के बिना हल कर पाना असम्भव लग रहा था। शैक्षिक ज्ञान, विद्वत्ता, उच्च पद—ये सब जीवन की समस्याओं का हल करने में व्यर्थ हैं। यदि कोई इसमें सहायता कर सकता है, तो वह है एकमात्र गुरु। अत: निष्कर्ष यह निकला कि गुरु जो शत-प्रतिशत कृष्णभावनाभावित होता है, वही एकमात्र प्रामाणिक गुरु है और वही जीवन की समस्याओं को हल कर सकता है। भगवान् चैतन्य ने कहा है कि जो कृष्णभावनामृत के विज्ञान में दक्ष हो, कृष्णतत्त्ववेत्ता हो, चाहे वह जिस किसी जाति का हो, वही वास्तविक गुरु है— किबा विप्र, किबा न्यासी, शूद्र केने नय । य़ेइ कृष्णतत्त्ववेत्ता, सेइ ‘गुरु’ हय ॥ “कोई व्यक्ति चाहे वह विप्र (वैदिक ज्ञान में दक्ष) हो, निम्न जाति में जन्मा शूद्र हो या कि संन्यासी, यदि वह कृष्ण के विज्ञान में दक्ष (कृष्णतत्त्ववेत्ता) है तो वह यथार्थ प्रामाणिक गुरु है।” (चैतन्य- चरितामृत, मध्य ८.१२८)। अत: कृष्णतत्त्ववेत्ता हुए बिना कोई भी प्रामाणिक गुरु नहीं हो सकता। वैदिक साहित्य में भी कहा गया है— षट्कर्मनिपुणो विप्रो मन्त्रतन्त्रविशारद:। अवैष्णवो गुरुर्न स्याद् वैष्णव: श्वपचो गुरु: ॥ “विद्वान् ब्राह्मण, भले ही वह सम्पूर्ण वैदिक ज्ञान में पारंगत क्यों न हो, यदि वह वैष्णव नहीं है या कृष्णभावनामृत में दक्ष नहीं है तो गुरु बनने का पात्र नहीं है। किन्तु शूद्र, यदि वह वैष्णव या कृष्णभक्त है तो गुरु बन सकता है।” (पद्मपुराण) संसार की समस्याओं—जन्म, जरा, व्याधि तथा मृत्यु—की निवृत्ति धन-संचय तथा आर्थिक विकास से सम्भव नहीं है। विश्व के विभिन्न भागों में ऐसे राज्य हैं जो जीवन की सारी सुविधाओं से तथा सम्पत्ति एवं आर्थिक विकास से पूरित हैं, किन्तु फिर भी उनके सांसारिक जीवन की समस्याएँ ज्यों की त्यों बनी हुई हैं। वे विभिन्न साधनों से शान्ति खोजते हैं, किन्तु वास्तविक सुख उन्हें तभी मिल पाता है जब वे कृष्णभावनामृत से युक्त कृष्ण के प्रामाणिक प्रतिनिधि के माध्यम से कृष्ण अथवा कृष्णतत्त्वपूरक भगवद्गीता तथा श्रीमद्भागवत के परामर्श को ग्रहण करते हैं। यदि आर्थिक विकास तथा भौतिक सुख किसी के पारिवारिक, सामाजिक, राष्ट्रीय या अन्तर्राष्ट्रीय अव्यवस्था से उत्पन्न हुए शोकों को दूर कर पाते, तो अर्जुन यह न कहता कि पृथ्वी का अप्रतिम राज्य या स्वर्गलोक में देवताओं की सर्वोच्चता भी उसके शोकों को दूर नहीं कर सकती। इसीलिए उसने कृष्णभावनामृत का ही आश्रय ग्रहण किया और यही शान्ति तथा समरसता का उचित मार्ग है। आर्थिक विकास या विश्व आधिपत्य प्राकृतिक प्रलय द्वारा किसी भी क्षण समाप्त हो सकता है। यहाँ तक कि चन्द्रलोक जैसे उच्च लोकों की यात्रा भी, जिसके लिए मनुष्य प्रयत्नशील हैं, एक झटके में समाप्त हो सकती है। भगवद्गीता इसकी पुष्टि करती है—क्षीणे पुण्ये मर्त्यलोकं विशन्ति— जब पुण्यकर्मों के फल समाप्त हो जाते हैं तो मनुष्य सुख के शिखर से जीवन के निम्नतम स्तर पर गिर जाता है। इस तरह से विश्व के अनेक राजनीतिज्ञों का पतन हुआ है। ऐसा अध:पतन शोक का कारण बनता है। अत: यदि हम सदा के लिए शोक का निवारण चाहते हैं तो हमें कृष्ण की शरण ग्रहण करनी होगी, जिस तरह अर्जुन ने की। अर्जुन ने कृष्ण से प्रार्थना की कि वे उसकी समस्या का निश्चित समाधान कर दें और यही कृष्णभावनामृत की विधि है। जय श्री कृष्ण 🙏🌹 “बातचीत जरूरी है लेकिन ग्रहस्थ जीवन में कभी तर्क नहीं करने चाहिए। क्योंकि जहां तर्क है, वहां नर्क है और जहां समर्पण है, वहां स्वर्ग है” Suresh Chandra Agrawal: ईश्वर कभी भी आपसे यह आग्रह नहीं करेंगे कि उन्हें प्राप्त करने की इच्छा आपके लिए सर्वोपरि हो। क्योंकि वह चाहते हैं कि आप अपनी स्वेच्छा से, बिना अनुबोधन के उन्हें अपना प्रेम प्रदान करें। इस ब्रह्माण्डीय लीला का यही एकमात्र रहस्य है। वे जिन्होंने स्वयं हमारी रचना की है, हमारा प्रेम पाने को आतुर हैं। वे चाहते हैं कि हम अपना प्रेम उन्हें सहज रूप से प्रदान करें, बिना किसी अनुरोध के। क्योंकि हमारा प्रेम ही हमारी एकमात्र वह निजी संपत्ति है, जिसका स्वामित्व ईश्वर के पास नहीं है। जब तक हम स्वेच्छा से अपना प्रेम अर्पित नहीं कर देते। इस प्रकार आप पाएंगे की ईश्वर को भी कुछ अर्जित करना है और वह है हमारा प्रेम और हम भी सहजता से अपने प्रेम को प्रभु चरणों में अर्पण करे बिना परम सुख को प्राप्त नही कर सकते। कभी जब तुम्हे कोई रास्ता दिखाई न दे और हर तरफ अंधेरा ही अंधेरा नजर आए उस समय..... एक बार ध्यान से देखना अपने श्री कृष्णा की तस्वीर की तरफ.... वो तुम्हे मुस्कुराते हुए दिखाई देगें----- और दिल से आवाज आएगी, क्यो घबरा रहे हो पागल तेरी परीक्षा जब में खुद ले रहा हूं किसी की क्या मजाल जो मेरे भक्त को परेशान कर सकें...!! खुश रहो मैं तुम्हारे साथ हुँ कृष्ण हरे कृष्णा *गजब की गुणकारी है गाजर* 1. गाजर का ज्यूस शरीर में प्रोटीन की कमी को भी पूरा करने के साथ साथ शरीर को पर्याप्त मात्रा में केल्सियम भी प्रदान करके हड्डियों को मजबूती देता है। 2.गाजर का ज्यूस बच्चे के गर्भावस्था के लिए खास तौर पर लाभकारी है। इसके उपयोग से बच्चे और मां दोनों के स्वास्थ्य में सुधार आता है। 3.गाजर के ज्यूस से मां के दूध की गुणवत्ता बढ़ जाती है। 4.गाजर का ज्यूस गर्भ में पल रहे बच्चे को इन्फेक्शंस से बचाए रखता है। 5.दिमाग को मजबूत बनाने के लिए गाजर का मुरब्बा प्रतिदिन सुबह लें। 6.निम्न रक्तचाप के रोगियों को गाजर के रस में शहद मिलाकर लेना चाहिए। रक्तचाप सामान्य होने लगेगा। 7.गाजर का रस, टमाटर का रस, संतरे का रस और चुकंदर का रस लगभग पच्चीस ग्राम की मात्रा में रोजाना दो माह तक लेने से चेहरे के मुंहासे, दाग, झाइयां आदि मिट जाते हैं। जय जय श्री राधे 🙏🌹

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  • Post by Virendra,Singh,Rathore,(,thirpali,badi,churu)
    1
    Post by Virendra,Singh,Rathore,(,thirpali,badi,churu)
    user_Virendra,Singh,Rathore,(,thirpali,badi,churu)
    Virendra,Singh,Rathore,(,thirpali,badi,churu)
    पत्रकार कालवाड़, जयपुर, राजस्थान•
    29 min ago
  • प्रदेश की राजधानी जयपुर में मौसम में बदला मिजाज , जयपुर सहित ग्रामीण इलाकों में रुक-रुक कर हो रही तेजबारिश , जयपुर के ग्रैंड इलाकों में कहीं तेज बारिश तो कहीं ओलावृष्टि , ओलावृष्टि से किसानों की बड़ी चिंता
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    प्रदेश की राजधानी जयपुर में मौसम में बदला मिजाज , जयपुर सहित ग्रामीण इलाकों में रुक-रुक कर हो रही तेजबारिश , जयपुर के ग्रैंड इलाकों में कहीं तेज बारिश तो कहीं ओलावृष्टि , ओलावृष्टि से किसानों की बड़ी चिंता
    user_पुरुषोत्तम तिवाड़ी
    पुरुषोत्तम तिवाड़ी
    रिपोर्टर जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    48 min ago
  • Post by Amit Kumar Basetiya
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    Post by Amit Kumar Basetiya
    user_Amit Kumar Basetiya
    Amit Kumar Basetiya
    जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • जयपुर में शिफू के बाहर नर्सिंग भर्ती 2023 के अभ्यर्थियों का धरना प्रदर्शन 48 दिन से चल रहा है। अभियार्थी पी वी लास्ट में शामिल होने के बाद भी रोजगार से वंचित हैं। राजस्थान सरकार युवाओ को रोजगार देने में विफल नज़र आ रही है। महिलाओं के परिवार के लोग, बच्चे सभी लगातार धरने पर मौजूद है। विधानसभा में भी किसी विधायक द्वारा बात नहीं रखी गई।
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    जयपुर में शिफू के बाहर नर्सिंग भर्ती 2023 के अभ्यर्थियों का धरना प्रदर्शन 48 दिन से चल रहा है। अभियार्थी पी वी लास्ट में शामिल होने के बाद भी रोजगार से वंचित हैं। राजस्थान सरकार युवाओ को रोजगार देने में विफल नज़र आ रही है। महिलाओं के परिवार के लोग, बच्चे सभी लगातार धरने पर मौजूद है। विधानसभा में भी किसी विधायक द्वारा बात नहीं रखी गई।
    user_Isha sharma
    Isha sharma
    Jaipur, Rajasthan•
    2 hrs ago
  • भिवाड़ी में बारूद पर वार! दो अवैध पटाखा फैक्ट्रियां सीज, मालिक फरार रिपोर्टर – मुकेश मीना खैरथल-तिजारा। भिवाड़ी के रीको औद्योगिक क्षेत्र में आगजनी की घटना के बाद प्रशासन ने सख्ती की ऐसी लकीर खींची कि अवैध पटाखा कारोबारियों में हड़कंप मच गया। मंगलवार को संयुक्त जांच दल ने दो फैक्ट्रियों पर छापा मारकर उन्हें सीज कर दिया। कागजों में ये इकाइयाँ मैसर्स कात्याल लॉजिस्टिक और मैसर्स लक्ष्मी अलॉयज के नाम पर थीं, लेकिन अंदर चल रहा था बारूद का खेल। सीज प्लॉट का मौके पर निरीक्षण एच.जी. राघवेंद्र सुहास (आईजी, जयपुर रेंज) ने किया और स्पष्ट निर्देश दिए—जब्ती की हर प्रक्रिया कानून के तहत पूरी हो, कोई ढिलाई नहीं। 🚨 ताले तोड़े, अंदर मिला विस्फोटक जखीरा जांच टीम जब प्लॉट G1-682 और G1-538A पर पहुंची तो दोनों फैक्ट्रियां बंद मिलीं। मालिक गायब। बार-बार संपर्क के बावजूद जब कोई सामने नहीं आया तो प्रशासन ने पुलिस की मौजूदगी में ताले तुड़वाए। अंदर जो मिला, वह चौंकाने वाला था— भारी मात्रा में तैयार पटाखे नाइट्रिक एसिड सहित रासायनिक पदार्थ जिप्सम, सिलिका सैंड और मशीनरी निर्माण व भंडारण का पूरा सेटअप प्रथम दृष्टया साफ हुआ कि यहां बिना वैध अनुमति के विस्फोटक सामग्री का निर्माण और स्टोरेज हो रहा था—जो किसी भी समय बड़े हादसे में बदल सकता था। ⚖️ नियमों की खुलेआम धज्जियां जांच में सामने आया कि दोनों भूखंड बिना रीको अनुमति के किराये पर दिए गए थे। यह रीको भू-निपटान नियम 1979 और लीज शर्तों का सीधा उल्लंघन है। एक प्लॉट को 45 दिन का कारण बताओ नोटिस दूसरे को 90 दिन का नोटिस निरस्तीकरण प्रक्रिया शुरू बिजली कनेक्शन तत्काल काटा गया विस्फोटक अधिनियम में FIR की तैयारी 🔎 315 इकाइयों की जांच, अभियान जारी मंगलवार को कुल 315 औद्योगिक इकाइयों की जांच की गई। प्रशासन ने साफ कर दिया है—भिवाड़ी, खुशखेड़ा, टपूकड़ा, चौपानकी और फेज-3 में अब औचक निरीक्षण लगातार होंगे। ⚠️ साफ संदेश: “बारूद के कारोबारियों के लिए कोई राहत नहीं” हालिया आगजनी के बाद प्रशासन अब जोखिम लेने के मूड में नहीं है। अवैध फैक्ट्रियों पर सीधा ताला और कानूनी शिकंजा—यही नई रणनीति है। औद्योगिक क्षेत्र में अगर नियमों से खिलवाड़ हुआ, तो अगली बारी किसकी होगी… यह तय करना अब प्रशासन के हाथ में है।
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    भिवाड़ी में बारूद पर वार! दो अवैध पटाखा फैक्ट्रियां सीज, मालिक फरार
रिपोर्टर – मुकेश मीना
खैरथल-तिजारा।
भिवाड़ी के रीको औद्योगिक क्षेत्र में आगजनी की घटना के बाद प्रशासन ने सख्ती की ऐसी लकीर खींची कि अवैध पटाखा कारोबारियों में हड़कंप मच गया। मंगलवार को संयुक्त जांच दल ने दो फैक्ट्रियों पर छापा मारकर उन्हें सीज कर दिया। कागजों में ये इकाइयाँ मैसर्स कात्याल लॉजिस्टिक और मैसर्स लक्ष्मी अलॉयज के नाम पर थीं, लेकिन अंदर चल रहा था बारूद का खेल।
सीज प्लॉट का मौके पर निरीक्षण एच.जी. राघवेंद्र सुहास (आईजी, जयपुर रेंज) ने किया और स्पष्ट निर्देश दिए—जब्ती की हर प्रक्रिया कानून के तहत पूरी हो, कोई ढिलाई नहीं।
🚨 ताले तोड़े, अंदर मिला विस्फोटक जखीरा
जांच टीम जब प्लॉट G1-682 और G1-538A पर पहुंची तो दोनों फैक्ट्रियां बंद मिलीं। मालिक गायब। बार-बार संपर्क के बावजूद जब कोई सामने नहीं आया तो प्रशासन ने पुलिस की मौजूदगी में ताले तुड़वाए।
अंदर जो मिला, वह चौंकाने वाला था—
भारी मात्रा में तैयार पटाखे
नाइट्रिक एसिड सहित रासायनिक पदार्थ
जिप्सम, सिलिका सैंड और मशीनरी
निर्माण व भंडारण का पूरा सेटअप
प्रथम दृष्टया साफ हुआ कि यहां बिना वैध अनुमति के विस्फोटक सामग्री का निर्माण और स्टोरेज हो रहा था—जो किसी भी समय बड़े हादसे में बदल सकता था।
⚖️ नियमों की खुलेआम धज्जियां
जांच में सामने आया कि दोनों भूखंड बिना रीको अनुमति के किराये पर दिए गए थे। यह रीको भू-निपटान नियम 1979 और लीज शर्तों का सीधा उल्लंघन है।
एक प्लॉट को 45 दिन का कारण बताओ नोटिस
दूसरे को 90 दिन का नोटिस
निरस्तीकरण प्रक्रिया शुरू
बिजली कनेक्शन तत्काल काटा गया
विस्फोटक अधिनियम में FIR की तैयारी
🔎 315 इकाइयों की जांच, अभियान जारी
मंगलवार को कुल 315 औद्योगिक इकाइयों की जांच की गई। प्रशासन ने साफ कर दिया है—भिवाड़ी, खुशखेड़ा, टपूकड़ा, चौपानकी और फेज-3 में अब औचक निरीक्षण लगातार होंगे।
⚠️ साफ संदेश: “बारूद के कारोबारियों के लिए कोई राहत नहीं”
हालिया आगजनी के बाद प्रशासन अब जोखिम लेने के मूड में नहीं है। अवैध फैक्ट्रियों पर सीधा ताला और कानूनी शिकंजा—यही नई रणनीति है।
औद्योगिक क्षेत्र में अगर नियमों से खिलवाड़ हुआ, तो अगली बारी किसकी होगी… यह तय करना अब प्रशासन के हाथ में है।
    user_तीसरी आंख न्यूज पोर्टल हरिओम
    तीसरी आंख न्यूज पोर्टल हरिओम
    Media company आंधी, जयपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • Post by Neha Chaturvedi
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    Post by Neha Chaturvedi
    user_Neha Chaturvedi
    Neha Chaturvedi
    Local News Reporter Aandhi, Jaipur•
    7 hrs ago
  • 🚨 जरूरी सूचना – जयपुर त्रिवेणी पुलिया पर मिला ऑटो 🚨 आज सुबह जयपुर के त्रिवेणी पुलिया क्षेत्र में एक ऑटो खड़ा मिला है। जिस किसी ड्राइवर भाई का यह ऑटो है, वह जल्द से जल्द मौके पर पहुंचकर अपना ऑटो पहचान कर ले सकता है। 👉 कृपया अपने डॉक्यूमेंट साथ लेकर ही पहुंचे ताकि पहचान में किसी प्रकार की समस्या न हो। सभी ड्राइवर भाइयों से अनुरोध है इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि सही मालिक तक सूचना पहुंच सके। 📢 सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और एक-दूसरे की मदद करें।
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    🚨 जरूरी सूचना – जयपुर त्रिवेणी पुलिया पर मिला ऑटो 🚨
आज सुबह जयपुर के त्रिवेणी पुलिया क्षेत्र में एक ऑटो खड़ा मिला है।
जिस किसी ड्राइवर भाई का यह ऑटो है, वह जल्द से जल्द मौके पर पहुंचकर अपना ऑटो पहचान कर ले सकता है।
👉 कृपया अपने डॉक्यूमेंट साथ लेकर ही पहुंचे ताकि पहचान में किसी प्रकार की समस्या न हो।
सभी ड्राइवर भाइयों से अनुरोध है इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि सही मालिक तक सूचना पहुंच सके।
📢 सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और एक-दूसरे की मदद करें।
    user_Just Jaipur Live
    Just Jaipur Live
    Journalist जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • राजधानी जयपुर में मौसम ने खाया पलटा आसमान में छाए घने काले बादल जबरदस्त बारिश का दौर शुरू बारिश से क्षेत्र में सर्दी ने दी दस्तक
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    राजधानी जयपुर में मौसम ने खाया पलटा
आसमान में छाए घने काले बादल
जबरदस्त बारिश का दौर शुरू
बारिश से क्षेत्र में सर्दी ने दी दस्तक
    user_पुरुषोत्तम तिवाड़ी
    पुरुषोत्तम तिवाड़ी
    रिपोर्टर जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
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